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  • समान नागरिक संहिता की ओर बड़ा कदम, असम में शादी, तलाक और लिव-इन नियमों में सख्त प्रावधान मंजूर

    समान नागरिक संहिता की ओर बड़ा कदम, असम में शादी, तलाक और लिव-इन नियमों में सख्त प्रावधान मंजूर


    नई दिल्ली ।
    असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी बिल के पास होने के साथ ही राज्य में पारिवारिक और विवाह संबंधी कानूनों में बड़े बदलाव का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सभी धर्मों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक नियमों को एक समान कानूनी ढांचे में लाना बताया गया है, हालांकि अनुसूचित जनजाति समुदायों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। इस कदम को राज्य में सामाजिक और कानूनी व्यवस्था में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर अलग-अलग वर्गों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

    नए प्रावधानों के अनुसार बहुविवाह और द्विविवाह को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक विवाह करता है, तो उसे सात साल तक की कैद का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही विवाह को कानूनी रूप से एकविवाही व्यवस्था के तहत अनिवार्य किया गया है, जिससे एक से अधिक विवाह पर रोक सुनिश्चित की जा सके। शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, जिसके तहत पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष की सीमा निर्धारित की गई है।

    कानून के अनुसार सभी विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यदि कोई दंपति 60 दिनों के भीतर अपने विवाह या तलाक का पंजीकरण नहीं कराता है, तो उस पर जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके अलावा गलत या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर सख्त दंड और कारावास की सजा का भी उल्लेख किया गया है।

    लिव-इन रिलेशनशिप को भी इस कानून के दायरे में लाया गया है, जिसके तहत ऐसे संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण न कराने या जानकारी छिपाने की स्थिति में जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान रखा गया है। वहीं तलाक के लिए भी समान आधार तय किए गए हैं, जिसमें क्रूरता, परित्याग और आपसी सहमति जैसे कारण शामिल हैं। छोटे बच्चों की कस्टडी को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है, जिसके तहत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की अभिरक्षा सामान्यतः माता को दी जाएगी।

    उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारे को लेकर भी समान नियम लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें पति, पत्नी, बच्चे और माता-पिता को बराबरी का अधिकार देने की बात कही गई है। वसीयत बनाने के लिए किसी भी वयस्क व्यक्ति को गवाहों की उपस्थिति में लिखित रूप से संपत्ति का बंटवारा करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए विवाह विभिन्न रीति-रिवाजों जैसे वैदिक, निकाह और अन्य पारंपरिक तरीकों से किए जा सकते हैं।

    सरकार का दावा है कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय को मजबूत करेगा, जबकि कुछ वर्ग इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है और आने वाले समय में इसके प्रभाव को लेकर और चर्चाएं होने की संभावना है।

  • मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक

    मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक




    नई दिल्ली। होशियारपुर के रहने वाले मानव की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस सनसनीखेज केस की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच चुकी है और पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में ट्रांसपोर्टर और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े पहलू सामने आने के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानव का दिल्ली में एक महिला के साथ कथित तौर पर संबंध था। बताया जा रहा है कि महिला के ट्रांसपोर्टर पति को इस संबंध की जानकारी मिल गई थी। सूत्रों का दावा है कि 15 मई को मानव उसी महिला से मिलने वाला था, लेकिन इससे पहले ही उसे होटल के बाहर से उठा लिया गया। आशंका जताई जा रही है कि बाद में उसकी हत्या कर शव को करनाल में झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    इस बीच मानव की मां मंजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि मानव ने अभी तक शादी नहीं की थी और वह रेशमी के साथ पिछले कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों मलेशिया में रहते थे और जल्द ही कोर्ट मैरिज करने वाले थे। मंजू ने एजेंट ‘हैप्पी’ पर भी शक जताया है। उनका कहना है कि हैप्पी लगातार मानव को बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रहा था।

    मंजू के अनुसार, 15 मई की शाम दो युवक होटल पहुंचे थे, जिनमें एक सरदार था। दोनों ने खुद को एजेंट के भेजे हुए लोग बताया और दस्तावेजों पर साइन कराने की बात कहकर मानव को अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा था कि 10-15 मिनट में वापस छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद मानव लौटकर नहीं आया।

    परिजनों के मुताबिक, रात करीब 1:40 बजे तक मानव का मोबाइल चालू था और उसकी मां से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। अगले दिन 16 मई की सुबह करनाल में झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद हुआ। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में हाथ पर बने टैटू और कड़े के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई।

    परिवार का आरोप है कि शव के पास से मानव का आईफोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज गायब थे। जेब में केवल 3 हजार रुपए मिले, जिससे लूट की आशंका भी जताई जा रही है।

    मानव की पार्टनर रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव उन्हें और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़कर होटल लौट गया था। रात करीब 11:50 बजे तक दोनों की बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सूचना मिलने पर वह बच्चों के साथ भारत लौट आई।

    बताया जा रहा है कि मानव पिछले करीब 10 वर्षों से मलेशिया में रह रहा था और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात रेशमी से हुई थी, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। उनके जुड़वां बेटे भी हैं।

    मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। राजीव कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की भूमिका और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

    फिलहाल यह मामला रहस्य, रिश्तों और साजिशों के कई सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

  • प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला

    प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्किन केयर सिर्फ सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हेल्थ का अहम हिस्सा बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण लोगों की त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी हो गई है।
    सनस्क्रीन से आयुर्वेद तक बढ़ा ट्रेंड
    भारत में स्किन केयर ट्रेंड तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां लोग सिर्फ फेस वॉश या क्रीम तक सीमित रहते थे, वहीं अब सनस्क्रीन, सीरम और नैचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। खासतौर पर UV किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन को डेली रूटीन का जरूरी हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा आयुर्वेदिक और हर्बल प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, हल्दी और चंदन भी फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।
    लाइफस्टाइल का सीधा असर त्वचा पर
    स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन है। देर रात तक जागना, जंक फूड खाना और पानी कम पीना त्वचा को डल और बेजान बना देता है। वहीं नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं।
    हाइड्रेशन और डाइट का रखें ध्यान
    त्वचा को हेल्दी रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा फलों और हरी सब्जियों का सेवन स्किन को जरूरी पोषण देता है। विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट स्किन को चमकदार बनाए रखने में मदद करती है।
    बेसिक स्किन केयर रूटीन अपनाएं
    एक अच्छा स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। इसमें क्लेंज़िंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन शामिल होना चाहिए। हफ्ते में 1-2 बार स्क्रब और फेस मास्क का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है।
    नेचुरल उपाय भी कारगर
    घरेलू उपाय भी स्किन केयर में काफी असरदार साबित होते हैं। जैसे दही, बेसन, शहद और गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट या उपाय को अपनाने से पहले स्किन टाइप को समझना जरूरी है।