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  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, खेत के तालाब में डूबा 14 वर्षीय देव, लापता होने की सूचना पर तलाश में जुटी पुलिस को मिला शव

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, खेत के तालाब में डूबा 14 वर्षीय देव, लापता होने की सूचना पर तलाश में जुटी पुलिस को मिला शव


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव की है जहां बालक गांव के एक खेत में बने तालाब में नहाने के लिए गया था। नहाते समय वह तालाब के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। काफी देर तक बालक के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोग सिरसौद थाने पहुंचे और पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और तालाब के पास से बालक का शव बरामद हुआ।
    जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान देव नामदेव के रूप में हुई है। वह सिरसौद गांव निवासी प्रकाश नामदेव का बेटा था। मंगलवार को देव गांव के ही एक खेत में बने तालाब में नहाने पहुंचा था। बताया गया है कि नहाते समय वह धीरे-धीरे तालाब के गहरे हिस्से में चला गया। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह डूब गया। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी और बालक की जान चली गई।
    दूसरी ओर जब देव काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने पहले आसपास के इलाकों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की। लेकिन बालक का कहीं पता नहीं चलने पर परिवार के लोग सिरसौद पुलिस थाने पहुंचे। वहां उन्होंने देव के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक की तलाश शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने गांव में पूछताछ की और संभावित स्थानों पर खोजबीन की।
    तलाश के दौरान पुलिस खेत में बने तालाब के पास पहुंची। वहां किनारे पर देव के कपड़े मिले। कपड़े मिलने के बाद पुलिस को तालाब में उसके डूबने की आशंका हुई। इसके बाद पानी में तलाश की गई तो बालक का शव तालाब में उतराता हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे। बालक का शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक का माहौल बन गया।
    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कम उम्र में देव की मौत से परिजन सदमे में हैं। गांव के लोग भी इस हादसे से दुखी हैं।
    तालाब और अन्य जलस्रोतों में नहाने के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खासकर खेतों में बने तालाबों में पानी की वास्तविक गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे स्थानों पर नहाने से डूबने का खतरा बढ़ जाता है। शिवपुरी की यह घटना एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बन गई है और ग्रामीण इलाकों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत भी सामने लाती है।
  • सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ

    सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की अवधपुरी कॉलोनी में हुई 32 लाख रुपए की बड़ी चोरी का मामला 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    यह घटना कॉन्ट्रैक्टर दीपक जाधव के घर में हुई, जहां से चोरों ने करीब 7 लाख रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में लगभग 10 लाख रुपए का रानी हार, मंगलसूत्र, सोने की कटोरी, 20 सोने के मोती और चांदी के सिक्के शामिल बताए जा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक जाधव का परिवार महाराष्ट्र गया हुआ था। 27 जून को जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और पूरा घर बिखरा पड़ा था। अलमारी खोलने पर नकदी और कीमती जेवर गायब थे, जिससे परिवार के होश उड़ गए।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी में यह वारदात हुई, उसके आसपास पुलिसकर्मियों के आवास भी स्थित हैं। इसके बावजूद चोरों ने आसानी से घर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
    घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
    थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन 15 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
    इस बड़ी चोरी के मामले में पुलिस की सुस्ती और अब तक कोई सफलता न मिलने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।