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  • कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग

    कटनी में कलेक्टोरेट गेट पर चक्काजाम, शराब दुकान हटाने की मांग


    कटनी मध्य प्रदेश के कटनी जिले में घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में अब बजरंग दल ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट के सामने चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के ठीक सामने शराब दुकान का संचालन आस्था और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    कलेक्ट्रेट गेट पर चक्काजाम और जमकर नारेबाजी
    प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और वहीं सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान माहौल काफी गर्म हो गया और कार्यकर्ताओं ने आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चक्काजाम के कारण कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर यातायात भी प्रभावित हुआ।

    हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध
    विरोध प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अनोखा तरीका अपनाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के पास बैनर लगाकर धरना दिया और वहीं बैठकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक शराब दुकान को मंदिर के सामने से हटाने की कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    पुलिस बल रहा तैनात, स्थिति पर रखी गई नजर
    प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही माधव नगर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन भारी भीड़ और चक्काजाम के कारण प्रशासनिक गतिविधियों पर असर देखने को मिला।

    प्रशासन से कार्रवाई की मांग पर अड़े कार्यकर्ता
    बजरंग दल की मुख्य मांग स्पष्ट है कि घंटाघर स्थित हनुमान मंदिर के सामने चल रही शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास इस तरह की दुकानों का संचालन समाज की भावनाओं को आहत करता है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द कोई निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

    कटनी में हुआ यह प्रदर्शन अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर धार्मिक भावनाओं का मुद्दा है, तो दूसरी ओर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी। ऐसे में देखना होगा कि जिला प्रशासन इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाता है या नहीं।

  • बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी

    बीना रेलवे फाटक ओवरब्रिज पर गड्ढों से खतरा, विधायक निर्मला सप्रे ने दी आंदोलन की चेतावनी


    बीना /सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में बीना शहर के झांसी फाटक ओवरब्रिज पर सड़क की बिगड़ती हालत ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ओवरब्रिज के निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही खतरे में है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस मामले में विधायक निर्मला सप्रे ने रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो वह और उनके पार्टी कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।

    मरम्मत कार्य नाममात्र ही हुआ

    स्थानीय लोगों और पार्षद बीडी रजक के अनुसार, ओवरब्रिज कई वर्षों के संघर्ष और दोनों विभागों की सहयोगी प्रक्रिया के बाद बना था। निर्माण पूरा होने के कुछ महीनों में ही सड़क पर गहरे गड्ढे पड़ने लगे। स्थानीय वाहन चालक कई बार दुर्घटनाओं का शिकार हुए। गड्ढों के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पार्षद और नागरिकों ने कई बार धरना प्रदर्शन और शिकायत के माध्यम से मरम्मत की मांग की, लेकिन विभागीय कार्रवाई नाममात्र ही हुई। इससे लोगों में भारी आक्रोश है।

    विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण

    विधायक निर्मला सप्रे का कहना है कि उन्होंने कई अवसरों पर रेलवे और सेतु विभाग के अधिकारियों से गड्ढों की समस्या के बारे में बात की, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। उनका कहना है कि “किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली, जिसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वह मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन करेंगे और जनता की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएंगे। विधायक ने बताया कि झांसी फाटक ओवरब्रिज का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पहले रेलवे क्रॉसिंग की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा था। ओवरब्रिज बनने के बाद भी गड्ढों के कारण यही जोखिम कायम है। उन्होंने विभागों से अपील की कि तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए और सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

    स्थानीय लोगों की परेशानियां

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए यह सड़क रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे अधिक इस्तेमाल होती है। सड़क की खस्ता हालत ने लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया है। पार्षद बीडी रजक ने भी कहा कि लंबे समय से विभागीय लापरवाही और अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि बिना विलंब किए मरम्मत कार्य पूरा किया जाए और जनता को राहत मिले। वर्तमान में यह मामला विभागीय समन्वय की कमी और जनप्रतिनिधियों की चेतावनी को गंभीरता से न लेने का उदाहरण बन गया है। विधायक निर्मला सप्रे का आंदोलन की चेतावनी देने का निर्णय इस बात का संकेत है कि स्थानीय लोग अब इंतजार करने को तैयार नहीं हैं।

  • पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

    पराशरी श्मशान घाट के पास नवजात का शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच


    विदिशा।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से रविवार को एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। पराशरी श्मशान घाट के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां मौजूद लोगों ने एक आवारा कुत्ते को नवजात शिशु का शव लेकर घूमते हुए देखा। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।यह घटना 28 दिसंबर की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय कुछ लोग पराशरी श्मशान घाट में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर आसपास घूम रहे एक कुत्ते पर पड़ी। पहले तो किसी को स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, लेकिन जब लोगों ने ध्यान से देखा तो उन्हें समझ आया कि कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस ने संभाली स्थिति

    सूचना मिलने के बाद गंज बासौदा देहात थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सावधानीपूर्वक शव को अपने कब्जे में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटना की खबर फैलते ही इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।

    प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

    गंज बासौदा देहात थाना प्रभारी मनोज दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नवजात की उम्र करीब चार से पांच महीने के आसपास प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया कि कई बार सामाजिक दबाव, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से नवजात शिशुओं को श्मशान घाट या आसपास के इलाकों में अस्थायी रूप से दफना दिया जाता है। बाद में जानवरों द्वारा जमीन खोदने पर ऐसे मामले सामने आ जाते हैं।हालांकि पुलिस इस घटना को केवल लापरवाही मानकर नहीं चल रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि शव वहां किस परिस्थिति में पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक कृत्य जुड़ा हुआ है।

    जांच के दायरे में कई पहलू

    पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और हाल के दिनों में हुए किसी संदिग्ध प्रसव या नवजात से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह मामला अवैध दफन या किसी सामाजिक अपराध से जुड़ा हो सकता है।पुलिस ने नवजात के शव का विधि-विधान और कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी

    इस घटना ने समाज में संवेदनशील मुद्दों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।