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  • आर्थिक संकट और मानसिक तनाव ने ली दो जिंदगियां इंदौर में मां बेटे की मौत ने झकझोर दिया पूरा शहर

    आर्थिक संकट और मानसिक तनाव ने ली दो जिंदगियां इंदौर में मां बेटे की मौत ने झकझोर दिया पूरा शहर


    इंदौर । इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है जहां आर्थिक तंगी और लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे मां और बेटे ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन इलाज के दौरान पहले बेटे और फिर मां की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य तथा आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस के अनुसार 62 वर्षीय इंदिरा और उनके 35 वर्षीय बेटे संजय मंगलवार दोपहर अपने घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक बगीचे में पहुंचे थे। वहीं दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें बेसुध हालत में देखा और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों को तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान बुधवार शाम संजय ने दम तोड़ दिया जबकि गुरुवार सुबह इंदिरा की भी मौत हो गई।

    परदेशीपुरा थाना पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों ने अपनी इच्छा से जहरीला पदार्थ खाया था। अस्पताल में होश आने पर दिए गए शुरुआती बयान में भी मां और बेटे ने किसी पर आरोप नहीं लगाया और स्वयं जहर खाने की बात स्वीकार की थी। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके।

    परिजनों ने बताया कि इंदिरा के पति का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद वह अपनी बहन और उनके परिवार के साथ रह रही थीं। परिवार ही उनके रहने खाने और अन्य जरूरतों का पूरा खर्च उठाता था। बेटा संजय भी किसी प्रकार का रोजगार नहीं करता था और लंबे समय से घर पर ही रह रहा था। आर्थिक परेशानियों के साथ दोनों मानसिक बीमारी से भी पीड़ित थे जिसके चलते उनका इलाज बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में चल रहा था।

    रिश्तेदारों के अनुसार मंगलवार दोपहर एक परिचित ने सूचना दी कि मां और बेटा घर के पास बने बगीचे में बेहोश पड़े हैं। जब परिवार मौके पर पहुंचा तब दोनों की सांसें चल रही थीं। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और जहरीले पदार्थ के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन सभी तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

    यह घटना समाज के सामने मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक संकट जैसी गंभीर चुनौतियों को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक आर्थिक दबाव और मानसिक बीमारी का समय पर उपचार तथा सामाजिक सहयोग न मिलने पर व्यक्ति गहरे अवसाद में जा सकता है। ऐसे मामलों में परिवार समाज और स्वास्थ्य संस्थाओं की समय पर मदद कई बार बड़ी त्रासदी को टाल सकती है।

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

    माता टेकरी में हादसे की आहट कुमार गंधर्व द्वार से टूटे पत्थर एक श्रद्धालु घायल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


    देवास  देवास की आस्था का प्रमुख केंद्र माता टेकरी शनिवार सुबह उस समय अचानक चर्चा का विषय बन गया जब रपट मार्ग पर स्थित कुमार गंधर्व प्रवेश द्वार से पत्थर टूटकर नीचे गिर पड़े। इस अप्रत्याशित घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया जबकि संयोग से बड़ा हादसा टल गया। जिस समय यह घटना हुई उस दौरान द्वार के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी और कुछ लोग पास में खड़े होकर चाय पी रहे थे। यदि उस समय वहां अधिक भीड़ होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह अचानक प्रवेश द्वार के ऊपरी हिस्से से लाल पत्थरों के कई टुकड़े टूटकर नीचे आ गिरे। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और एक बड़ा पत्थर नीचे खड़े व्यक्ति के पैर पर गिर गया जिससे उसे चोट लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु भयभीत नजर आए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि माता टेकरी देवास का प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों पर यहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में प्रवेश द्वार जैसी महत्वपूर्ण संरचना से पत्थर गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस तरह की संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

    घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रवेश द्वार और रपट मार्ग की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जिन स्थानों पर पत्थर ढीले हैं या संरचना कमजोर हो चुकी है वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी श्रद्धालु की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

    माता टेकरी न केवल देवास बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। फिलहाल इस घटना में केवल एक व्यक्ति घायल हुआ है लेकिन इसे चेतावनी के रूप में देखते हुए प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रवेश द्वार की मजबूती की जांच कराएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय के माता टेकरी के दर्शन कर सकें।

  • मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    मऊगंज में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर ट्रक से टकराईं दो बाइक, 3 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल


    मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लौर थाना क्षेत्र के पन्नी-पथरिया नेशनल हाईवे पर हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर ट्रक से जा टकराईं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तीन युवक पल्सर बाइक से हाईवे पर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे तेज गति में बाइक चलाने के साथ-साथ मोबाइल पर रील भी बना रहे थे। इसी दौरान उनका ध्यान भटक गया और बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पहली दुर्घटना के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक अन्य टीवीएस अपाचे बाइक भी हादसे का शिकार हो गई। दूसरी बाइक का चालक अचानक स्थिति को संभाल नहीं पाया और वह भी उसी ट्रेलर से टकरा गया। इस दूसरी टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को तत्काल मऊगंज के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    थाना प्रभारी रीना सिंह ने बताया कि हादसे में तीन युवकों की मौत हुई है, जिनकी पहचान बेला गांव निवासी उपलक्ष्य कोल (17), अमरीश कोल (22) और हेमराज कोल (17) के रूप में हुई है। वहीं चितई पुरवा पिपरा निवासी प्रशांत द्विवेदी (19) और प्रदीप द्विवेदी (17) गंभीर रूप से घायल हैं।

    पुलिस को मृतकों के पास से एक गन लाइटर भी मिला है। फिलहाल ट्रेलर ट्रक को जब्त कर लिया गया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

  • सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल

    सीधी में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान बवाल, बोलेरो हटाने को लेकर हुए विवाद पर घर में घुसकर हमला, 4 घायल


    सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर निकाली जा रही रैली के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया और नकाबपोश लोगों ने एक घर में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

    यह है मामला

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भीम आर्मी द्वारा अंबेडकर जयंती रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक बोलेरो वाहन खड़ा था, जिसे हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। रैली में शामिल कुछ लोगों ने गाड़ी हटाने को कहा, लेकिन बात बढ़ने पर बोलेरो में तोड़फोड़ कर दी गई।

    इसके बाद मनी शुक्ला ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि करीब 50 नकाबपोश लोग पथराव करते हुए मनी शुक्ला के घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की।

    हमले में 4 लोग घायल

    हमले में मनी शुक्ला (22) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा उनके परिवार के 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आई हैं। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभालने की कोशिश की।

    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    हमले के विरोध में दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को घेरकर मारपीट की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया, कमर्जी, बहरी थाना और सिहावल चौकी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

  • पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत

    पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत


    धार। मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को लगातार तीन धमाके होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    तीन जोरदार विस्फोट हुए
    यह घटना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित तारपुरा इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, कंपनी परिसर में अचानक एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पास के तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में लोगों ने झटके महसूस किए। ग्रामीणों ने बताया कि धमाकों के कारण उनके घरों में रखे बर्तन, टीवी और अन्य सामान तक हिल गए और कई चीजें स्टैंड से नीचे गिर गईं। तेज आवाज से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।

    पुलिस बल मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सीएसपी रवि सोनेर ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने भी बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से भी किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया गया है।

    गौरतलब है कि यह वही कंपनी है, जहां पहले भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान का काम किया गया था। इस कारण यह कंपनी पहले भी चर्चा में रह चुकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कंपनी परिसर में मौजूद है और खबर लिखे जाने तक धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।

  • दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत

    दमोह में दिल दहला देने वाला हादसा: चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में लगी आग, 4 महीने के मासूम की जिंदा जलकर मौत


    मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है जहां एक छोटी-सी लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बांसातारखेड़ा के चिथरयाऊ टोला में खेत पर बनी कच्ची झोपड़ी में आग लगने से चार महीने के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

    खेत में काम कर रहे थे माता-पिता

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बांसातारखेड़ा निवासी जितेंद्र गौंड गांव के ही किसान शैलेंद्र तिवारी के खेत में सिंचाई का ठेका लेकर काम करता था। खेत की देखरेख के लिए उसने वहीं एक अस्थायी झोपड़ी बना रखी थी, जहां वह अपने परिवार के साथ रहता था।शनिवार की रात जितेंद्र अपनी पत्नी धनाबाई के साथ खेत में पानी देने गया हुआ था। इस दौरान उनका चार महीने का बेटा निशांत झोपड़ी के अंदर सो रहा था। झोपड़ी में चूल्हा जल रहा था जिस पर खाना बनाया गया था।

    चूल्हे की चिंगारी बनी काल
    बताया जा रहा है कि रात के समय चूल्हे से निकली एक चिंगारी झोपड़ी में रखे कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते आग भड़क उठी। झोपड़ी कच्ची होने और आसपास सूखी घास व अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। आग लगने के बाद झोपड़ी के अंदर सो रहा मासूम जोर-जोर से रोने लगा। उसकी चीखें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और माता-पिता को सूचना दी।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

    ग्रामीणों की आवाज सुनते ही जितेंद्र और धनाबाई दौड़ते हुए झोपड़ी की ओर पहुंचे। किसी तरह आग की लपटों के बीच से वे अपने झुलसे हुए बच्चे को बाहर निकाल पाए। आनन-फानन में मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में पूरी झोपड़ी जलकर खाक हो गई। परिवार के पास रहने और खाने तक का सामान भी नहीं बचा।

    प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। देर रात एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, दमोह एसडीएम आर.एल. बागरी और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडेय ने बताया कि यह एक दुर्घटनाजन्य मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शव

    मासूम के शव को जिला अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रशासन के अनुसार, रविवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और रात में ही अपने गांव लौट गए थे।

    पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता

    दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली मदद भी सुनिश्चित की जाएगी। देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा ने कहा कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण चूल्हे की चिंगारी ही सामने आया है।

    गांव में शोक का माहौल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। हर कोई इस बात से आहत है कि महज चार महीने का मासूम इस तरह काल का शिकार हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बनी कच्ची झोपड़ियों में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में लोग वहीं रहने को विवश होते हैं।

  • रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती

    रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती


    रतलाम । रतलाम कलेक्ट्रेट (Ratlam Collectorate)में मंगलवार को प्रेमी-प्रेमिका(boyfriend girlfriend) का ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मामला तब शुरू हुआ जब स्टेशन रोड थाना पुलिस एक 19 साल के युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को अपर कलेक्टर(Additional Collector) कोर्ट में लेकर पहुंची. युवती के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस दोनों को ढूंढकर कलेक्ट्रेट लाई.

    कोर्ट में पता चला कि युवक सिर्फ 19 साल का है. प्रेमी-प्रेमिका दोनों ने 2 दिसंबर को लव मैरिज की थी, लेकिन उम्र के कारण कोर्ट ने शादी की वैधता पर सवाल उठाए. युवती की इच्छा जानने के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उसे उज्जैन नारी निकेतन भेजने का आदेश दे दिया.

    प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा
    फैसला सुनते ही युवक और उसके परिजन विरोध में खड़े हो गए. जब नारी निकेतन की गाड़ी युवती को लेने पहुंची, तब भी युवक ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया. वह बार-बार अपनी पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग करता रहा. एक घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, मगर युवक शांत नहीं हुआ.

    लगातार रोने-चिल्लाने और तनाव के चलते अचानक युवक की तबीयत बिगड़ गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया. फिलहाल युवक का इलाज रतलाम के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

    कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा
    युवक के परिजनों का कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और प्रशासन को युवती को नारी निकेतन भेजने की जरूरत नहीं थी. वे चाहते हैं कि उनकी बहू जल्द से जल्द वापस घर आए. अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है और युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा गया है.