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  • अमेरिकी सैनिक मोबाइल फोन सुरक्षा, अमेरिकी वायु सेना सैनिक, पेंटागन साइबर सुरक्षा, लोकेशन डेटा सुरक्षा, अमेरिकी सैन्य कंप्यूटर

    अमेरिकी सैनिक मोबाइल फोन सुरक्षा, अमेरिकी वायु सेना सैनिक, पेंटागन साइबर सुरक्षा, लोकेशन डेटा सुरक्षा, अमेरिकी सैन्य कंप्यूटर

    नई दिल्ली । अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन और कंप्यूटरों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमेरिकी वायु सेना और अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने अपने कुछ उपकरणों में विज्ञापन पहचानकर्ताओं को बंद कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब व्यावसायिक रूप से उपलब्ध लोकेशन डेटा के संभावित दुरुपयोग से मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की गतिविधियों और सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।

    अमेरिकी सीनेटर रॉन वाइडन की ओर से जारी पत्रों और सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी वायु सेना ने करीब दो महीने पहले अपने कंप्यूटर और मोबाइल फोन में विज्ञापन पहचानकर्ताओं को बंद करने की प्रक्रिया पूरी की। दूसरी ओर, अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने भी अपने विंडोज उपकरणों में ऐसे पहचानकर्ताओं को हाल में निष्क्रिय किया है।

    विज्ञापन पहचानकर्ता ऐसे डिजिटल संकेतक होते हैं जिनका इस्तेमाल आम तौर पर मोबाइल और कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों से संबंधित विज्ञापन और डेटा विश्लेषण के लिए किया जा सकता है। इनसे जुड़े डेटा में स्थान संबंधी जानकारी भी शामिल हो सकती है। सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय यह है कि यदि संवेदनशील स्थानों या सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी गलत हाथों में पहुंचती है तो उसका इस्तेमाल सुरक्षा जोखिम पैदा करने के लिए किया जा सकता है।

    मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों ने इसी खतरे की ओर ध्यान आकर्षित किया है। रिपोर्टों में दावा किया गया था कि व्यावसायिक रूप से उपलब्ध लोकेशन डेटा का इस्तेमाल अमेरिकी सैनिकों की गतिविधियों को ट्रैक करने और संभावित रूप से उन्हें निशाना बनाने के लिए किया गया। हालांकि, ऐसे डेटा के इस्तेमाल और किसी विशेष हमले के बीच सीधा संबंध हर मामले में स्थापित होना अलग जांच का विषय है।

    इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी सांसदों ने सैन्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाली डिजिटल तकनीक से जुड़े सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए हैं। सीनेटर रॉन वाइडन और प्रतिनिधि पैट हैरिगन ने सैन्य अधिकारियों से जुड़े सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए पेंटागन से जांच की मांग की थी। उनका मुख्य concern यह है कि सामान्य व्यावसायिक तकनीक से एकत्र होने वाला डेटा संवेदनशील सैन्य गतिविधियों के बारे में अनजाने में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है।

    अमेरिकी वायु सेना द्वारा विज्ञापन पहचानकर्ताओं को बंद करने का फैसला इसी व्यापक सुरक्षा चिंता से जुड़ा माना जा रहा है। सैन्य उपकरणों पर इस तरह की तकनीकी पाबंदी का उद्देश्य उन डिजिटल संकेतों को कम करना है जिनका उपयोग डिवाइस या उपयोगकर्ता से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है।

    स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने भी अपने विंडोज उपकरणों के संबंध में इसी दिशा में कदम उठाया है। विशेष अभियान चलाने वाले सैन्य बलों के लिए स्थान और संचार से जुड़ी जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ऐसी इकाइयों की गतिविधियां अक्सर संवेदनशील सैन्य अभियानों से जुड़ी होती हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम ने सैन्य क्षेत्र में निजी कंपनियों से मिलने वाले डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस को भी तेज किया है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर और विभिन्न डिजिटल सेवाओं से बड़ी मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है। यदि इस जानकारी तक अनधिकृत लोगों या संगठनों की पहुंच बनती है तो संवेदनशील गतिविधियों की पहचान करने का जोखिम बढ़ सकता है।

    अमेरिकी सैन्य अधिकारियों द्वारा विज्ञापन पहचानकर्ताओं को बंद करना इस खतरे को कम करने की दिशा में उठाया गया एहतियाती कदम माना जा रहा है। हालांकि, केवल एक सेटिंग बंद करने से डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सभी जोखिम समाप्त नहीं होते। सैन्य उपकरणों, नेटवर्क, एप्लीकेशन और डेटा साझाकरण से जुड़े व्यापक सुरक्षा उपाय भी महत्वपूर्ण बने रहते हैं। इस मामले ने यह स्पष्ट किया है कि आधुनिक युद्ध और सैन्य अभियानों में डिजिटल लोकेशन डेटा भी सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है।

  • 'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    'झिलमिल सितारों का आंगन होगा' गीत के फिल्मांकन के समय कगार पर थी दो बड़े सितारों की जान, धर्मेंद्र की सूझबूझ से बची अभिनेत्री राखी

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर की यादें जितनी दिलचस्प हैं, उतनी ही रोमांचित करने वाली उनकी शूटिंग से जुड़ी कहानियां भी हैं। सत्तर के दशक में तकनीकों और विशेष प्रभावों की कमी के कारण अक्सर निर्देशकों को वास्तविक लोकेशंस पर जाकर ही जोखिम भरे दृश्य फिल्माने पड़ते थे। ऐसा ही एक अविस्मरणीय और डरा देने वाला वाकया अभिनेता धर्मेंद्र और दिग्गज अभिनेत्री राखी के साथ घटित हुआ था। दोनों कलाकार अपनी एक बेहद मशहूर फिल्म के रोमांटिक गीत की शूटिंग कर रहे थे, जहां अचानक प्रकृति के एक अनपेक्षित खतरे से उनका आमना-सामना हो गया और सेट पर मौजूद सभी लोगों की जान हलक में आ गई थी।

    यह पूरी घटना निर्देशक राजश्री प्रोडक्शंस की साल 1970 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म जीवन मृत्यु के फिल्मांकन के समय की है। इस फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय और कालजयी गीत झिलमिल सितारों का आंगन होगा दर्शकों के बीच आज भी उतना ही पसंद किया जाता है। आनंद बक्शी के लिखे और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के मधुर संगीत से सजे इस गीत को महान गायक मोहम्मद रफी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी। इस बेहद शांत और रोमांटिक मिजाज के गाने को एक खूबसूरत झील के बीच नाव के ऊपर फिल्माया जा रहा था, जहां दोनों मुख्य कलाकार स्क्रिप्ट के अनुसार एक-दूसरे के आकर्षण में पूरी तरह डूबे हुए थे।

    शेड्यूल के मुताबिक जब कैमरे रोल हो रहे थे और धर्मेंद्र व राखी नाव पर सवार होकर रोमांटिक शॉट दे रहे थे, तभी अचानक पानी में कुछ संदिग्ध हलचल शुरू हुई। किनारे पर खड़े क्रू मेंबर्स और कैमरे के पीछे मौजूद टीम ने जब ध्यान से देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि एक विशालकाय मगरमच्छ तैरता हुआ सीधे कलाकारों की छोटी सी नाव की तरफ बढ़ रहा था। जंगली जानवर को इतने करीब देखकर सेट पर हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मचने की स्थिति पैदा हो गई। नाव बीच पानी में होने के कारण दोनों ही स्टार्स बेहद असुरक्षित स्थिति में थे और जरा सी चूक एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    ऐसी विपरीत और जानलेवा परिस्थिति में अभिनेता धर्मेंद्र ने गजब के साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। मगरमच्छ को नाव के बिल्कुल करीब पाकर उन्होंने घबराने के बजाय सबसे पहले अभिनेत्री राखी को सुरक्षित करने का प्रयास किया। उन्होंने राखी को पकड़कर धीरे से नाव के उस कोने से हटाया जिसके पास मगरमच्छ मंडरा रहा था और उन्हें सुरक्षित छोर पर ले आए। हालांकि इस भयानक घटना से दोनों ही कलाकार अंदर से काफी डर गए थे, लेकिन पेशेवर प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने स्थिति सामान्य होने के बाद अपना काम जारी रखा और उस खूबसूरत गाने की शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

    उल्लेखनीय है कि इसी फिल्म जीवन मृत्यु के जरिए अभिनेत्री राखी ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था और धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। बाद में इस जोड़ी ने ब्लैकमेल और क्षत्रिय जैसी कई अन्य यादगार फिल्मों में भी साथ काम किया, जिनके गाने जैसे पल पल दिल के पास आज भी एवरग्रीन माने जाते हैं। धर्मेंद्र ने खुद कई सालों बाद एक टेलीविजन रियलिटी शो के मंच पर इस मगरमच्छ वाली घटना का जिक्र करते हुए पुरानी यादों को ताजा किया था। यह किस्सा साबित करता है कि परदे पर दिखने वाले खूबसूरत नजारों के पीछे कलाकारों को कितनी कठिन और खतरनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था।