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  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी लड़ाई तेज, आरोपी सिया के वकील ने कोर्ट से जताई उम्मीद, परिवार ने दूसरे वकील से किया किनारा

    नई दिल्ली। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और अब मामले का कानूनी पक्ष भी स्पष्ट होने लगा है। आरोपी सिया गोयल की ओर से अदालत में पेश होने वाले अधिवक्ता ने कहा है कि मामला अभी शुरुआती चरण में है और जांच की दिशा को देखते हुए अदालत में कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस रिमांड से जुड़े मुद्दों पर अदालत में आवश्यक दलीलें प्रस्तुत की जाएंगी।

    मामले में उस समय नया मोड़ आया जब सिया गोयल के परिवार की ओर से एक अन्य अधिवक्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई। सिया के भाई साहिल ने कहा कि जिस वकील के नाम की चर्चा की जा रही है, उन्हें परिवार ने नियुक्त नहीं किया है। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से अधिकृत कानूनी प्रतिनिधित्व अलग अधिवक्ता कर रहे हैं और दूसरे व्यक्ति के दावों से उनका कोई संबंध नहीं है।

    इस बीच सिया गोयल के भाई और उनके अधिवक्ता को पुलिस स्टेशन पहुंचते हुए भी देखा गया, जहां जांच से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों की जांच कर रही है तथा आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

    जांच के दौरान दर्ज एफआईआर से भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। शिकायत के अनुसार, घटना से पहले के दिनों में सिया गोयल का व्यवहार बदला हुआ बताया गया है। परिवार का दावा है कि केतन अग्रवाल ने अपने परिजनों से बातचीत के दौरान बताया था कि दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर विवाद होने लगे थे और व्यवहार में असामान्य परिवर्तन दिखाई दे रहा था।

    एफआईआर के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सिया गोयल ने अपने जन्मदिन का हवाला देते हुए केतन अग्रवाल को यात्रा के लिए राजी किया था। अगले दिन दोनों निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लोहागढ़ किले की ओर रवाना हुए। आरोप है कि वहीं पर कथित रूप से एक सुनियोजित साजिश के तहत केतन अग्रवाल को ऊंची चट्टान से धक्का दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

    दस्तावेजों के मुताबिक, घटना के बाद सिया गोयल ने केतन अग्रवाल के परिवार को फोन कर उनके खाई में गिरने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस अब घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां हर तथ्य का गहन परीक्षण कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

  • सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    नई दिल्ली । पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि लोहागढ़ किले पर हुई घटना महज एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पहले से बनाई गई कथित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी योजना तैयार की थी। पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से तय योजना के अनुसार घटनास्थल पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि एक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद सिया ने कथित रूप से अपने साथी को संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने पीछे से केतन को खाई की ओर धक्का दे दिया। पुलिस का कहना है कि पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित को किसी खतरे का अंदेशा तक नहीं हो सका। घटना के बाद इसे सामान्य हादसा दर्शाने का भी कथित प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बयान कई मामलों में अलग-अलग थे, लेकिन लगातार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के मिलान के बाद घटनाक्रम की कई अहम कड़ियां सामने आईं। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी-अपनी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम को क्रमवार जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत भी मिले हैं कि इससे पहले भी मृतक को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है कि कथित साजिश की योजना कब तैयार हुई, इसकी शुरुआत कैसे हुई और इसमें किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी, जबकि नवंबर में उदयपुर में दोनों का विवाह प्रस्तावित था। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। ऐसे समय में सामने आए घटनाक्रम ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। मृतक के परिजनों के साथ-साथ युवती का परिवार भी इस पूरे मामले से स्तब्ध बताया जा रहा है।

    मामले के बीच सिया गोयल के पिता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि उनकी बेटी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केतन उनके लिए बेटे के समान था और उसकी मौत दोनों परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी के किसी अन्य संबंध या वैवाहिक विवाद की कोई जानकारी नहीं थी और परिवार पूरी निष्ठा से शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और घटनास्थल से जुटाए गए प्रमाणों का विस्तृत मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।