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  • Lohri Upay 2026 : लोहड़ी पर करें इनमें से कोई एक उपाय, तरक्की के खुलेंगे रास्ते, धन-धान्य में होगी वृद्धि

    Lohri Upay 2026 : लोहड़ी पर करें इनमें से कोई एक उपाय, तरक्की के खुलेंगे रास्ते, धन-धान्य में होगी वृद्धि

    नई दिल्ली| लोहड़ी मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। पंजाब और हरियाणा के साथ ही देश के कई हिस्सों में लोहड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन पूजन और अग्नि प्रज्वलित करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। लोहड़ी का त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में भी मनाया जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस दिन कुछ उपायों को करना बेहद असरदार हो सकता है। इससे जीवन में तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं
    और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है। आइए विस्तार से जानें लोहड़ी के उपाय…
    नजर दोष दूर करने का उपाय
    लोहड़ी की अग्नि का बेहद खास महत्व होता है। इस दिन शाम को एक छोटा सा उपाय अवश्य करना चाहिए। लोहड़ी की शाम पूजा के बाद अपने घर-परिवार के छोटे बच्चों को अग्नि का धुआं जरूर लगाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नजर दोष दूर होता है। साथ ही, बच्चों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, परिवार के साथ अग्नि की परिक्रमा भी अवश्य करनी चाहिए और जीवन में सुख-शांति की कामना करें।
    धन-धान्य में वृद्धि का उपाय
    अगर आप कुछ समय से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं या कमाई होने पर भी पैसे नहीं टिक रहे हैं तो लोहड़ी के दिन एक उपाय कर सकते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, लोड़ही पर लाल रंग के साफ वस्त्र में गेहूं बांधकर गरीबों या जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। आप अपने सामर्थ्य अनुसार गेहूं का दान कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन अन्न दान करने से जातक को आर्थिक तंगी और फिजूलखर्ची से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन-धान्य में भी वृद्धि हो सकती है।
    घर में सुख-समृद्धि का उपाय
    ​लोहड़ी की शाम अग्नि प्रज्वलित करने का खास महत्व होता है। इस दिन उपाय के तौर पर शाम को प्रदोष काल में लोहड़ी की अग्नि में तिल, गुड़, गजक, गेहूं आदि जरूर अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने के बाद अग्नि देव और सूर्य देवता को धन्यवाद करना चाहिए। साथ ही, सुख-समृद्धि की कामना करें। लोहड़ी पर उस उपाय को करने से जातक के घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। साथ ही, जीवन में सकारात्मकता आती है और नकारात्मकता दूर होती है।
    जीवन में तरक्की का उपाय
    अगर आपकी तरक्की या जरूरी कार्यों में बार-बार बाधाएं आ रही हैं तो लोहड़ी की शाम एक छोटा सा उपाय आजमा सकते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस दिन जरूरतमंद कन्याओं को रेवड़ी, तिल, गजक आदि अपने सामर्थ्य अनुसार भेंट करना चाहिए। इससे बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस उपाय को करने से कार्यों अथवा व्यवसाय में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। साथ ही, जीवन में तरक्की के द्वार खुलने लगते हैं। लोहड़ी के दिन कई स्थानों पर लड्डू भी बांटा जाता है।

  • Lohri 2026: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, पढ़ें इस दिन का महत्व और खास बातें

    Lohri 2026: 13 जनवरी को मनाई जाएगी लोहड़ी, पढ़ें इस दिन का महत्व और खास बातें

    नई दिल्ली। कई स्थानों पर लोहड़ी (Lohri 2026) को लाल लोई भी कहा जाता है, जो मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन अलाव जलाकर उसमें नए गेहूं और जौ की बालियां अर्पित की जाती है। साथ ही पारंपरिक गीत गाए जाते हैं व नृत्य किया जाता है। लोग एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाई देते हैं और ईश्वर को अच्छी फसल के लिए आभार प्रकट करते हैं।

    लोहड़ी संक्रांति का क्षण (Lohri Sankranti Moment)
    लोहड़ी (Lohri 2026) पर संक्रांति का क्षण बुधवार 14 जनवरी प्रातः 3 बजकर 13 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी।

    लोहड़ी पर्व का महत्व (Lohri Significance)
    लोहड़ी का त्योहार पर्व केवल फसलों से संबंधित नहीं है, बल्कि यह दिन लंबे होने की शुरुआत का भी प्रतीक होता है। यह वह समय है, जब किसान अपनी अच्छी फसल के लिए प्रकृति को धन्यवाद देते हैं और जश्न मनाते हैं। इस पर्व के साथ ही आने वाले साल में खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की जाती है।
    लोहड़ी के विशेष अवसर पर लोग आंगन या खुले चौक में पारंपरिक रूप से अलाव जलाते हैं और भांगड़ा व गिद्दा जैसे पारंपरिक नृत्य करते हैं। आभार के प्रतीक के रूप में आग में अनाज, मिठाइयां, मूंगफली, पॉपकॉर्न जैसी चीजें चढ़ाई जाती हैं। इस दिन सरसों का साग, मक्के के आटे की रोटी, गजक और रेवड़ी जैसे पारंपरिक पकवानों का आनंद लिया जाता है।
    लोहड़ी से जुड़ी कहानी
    लोहड़ी को लेकर अपनी बहादुरी के लिए मशहूर लोक नायक दुल्ला भट्टी (Dulla Bhatti) की कहानी प्रसिद्ध है। लोहड़ी के पारम्परिक गीतों दुल्ला भट्टी का जिक्र भी आता है। इस कहानी के अनुसार, एक समय में मुगल राजा अकबर के काल में दुल्ला भट्टी नामक एक लुटेरा पंजाब में रहता था। वह धनी लोगों को लूटकर उसने मिले सभी धन को गरीब की मदद में लगा देता था। दुल्ला भट्टी पंजाब के रॉबिन हुड नाम से भी प्रसिद्ध है।