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  • ब्रिटिश महिला के दिमाग में मिले 38 परजीवी सिस्ट; 19 साल पुराने भारत दौरे पर मढ़ा आरोप, तो सोशल मीडिया पर भड़के भारतीय यूजर्स

    ब्रिटिश महिला के दिमाग में मिले 38 परजीवी सिस्ट; 19 साल पुराने भारत दौरे पर मढ़ा आरोप, तो सोशल मीडिया पर भड़के भारतीय यूजर्स

    नई दिल्ली । पश्चिमी मीडिया में हाल ही में सुर्खियां बटोरने वाली एक खबर को लेकर भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स और इंटरनेट जगत में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दरअसल, एक 42 वर्षीय ब्रिटिश महिला लोरी डेनमैन के मस्तिष्क में 38 परजीवी सिस्ट पाए गए हैं। महिला और कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों का दावा है कि साल 2007 में अपनी दो महीने की भारत यात्रा के दौरान वे सूअर के फीताकृमि से होने वाले एक दुर्लभ संक्रमण ‘न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस’ का शिकार हुई थीं। इस दावे के सामने आते ही भारतीय नेटिजन्स ने इसे पूरी तरह से एक ‘भारत विरोधी एजेंडा’ और देश की वैश्विक छवि को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास करार दिया है।

    भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स इस बात को लेकर बेहद हैरान और क्रोधित हैं कि करीब 19 वर्ष पहले की गई एक संक्षिप्त यात्रा को बिना किसी पुख्ता वैज्ञानिक और प्रयोगशाला साक्ष्यों के इस तरह वैश्विक मंचों पर उछाला जा रहा है। इंटरनेट पर लोगों का आरोप है कि विदेशी मीडिया संस्थान अक्सर भारत को एक अस्वच्छ और असुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में चित्रित करने की फिराक में रहते हैं। यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि इतने लंबे अंतराल के बाद अचानक इस मामले को तूल देकर वैश्विक पर्यटकों के मन में भारत के प्रति भय पैदा करने का एक प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है, जो पूरी तरह से तर्कहीन है।

    इस गंभीर विवाद के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखे तंज और मीम्स की भी बाढ़ आ गई है। भारतीय यूजर्स ब्रिटिश महिला के इस दावे के वैज्ञानिक तर्क पर सवाल उठाते हुए ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का उदाहरण दे रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि महारानी एलिजाबेथ भी वर्ष 1997 में भारत दौरे पर आई थीं और उनका निधन वर्ष 2022 में हुआ, तो क्या अब उनके निधन का उत्तरदायित्व भी उनके दशकों पुराने भारत दौरे पर मढ़ दिया जाएगा। यूजर्स का कहना है कि 2007 से लेकर अब तक के लंबे समय में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने, खाने-पीने और यात्रा करने के बाद किसी भी बीमारी के लिए केवल भारत को दोष देना पूरी तरह से हास्यास्पद और बेतुका है।

    चिकित्सीय इतिहास के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भारत से लौटने के चार वर्ष बाद यानी 2011 में लोरी डेनमैन को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताओं का अहसास हुआ। चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उनके शरीर से एक मीटर लंबा टेपवर्म प्राप्त हुआ, जिसके बाद कराए गए एमआरआई स्कैन में उनके मस्तिष्क के भीतर 38 परजीवी सिस्ट होने की पुष्टि हुई। ‘न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस’ नामक यह दुर्लभ बीमारी सूअर के फीताकृमि ‘टीनिया सोलियम’ के कारण होती है, जो मानव के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करती है और दुनिया भर में मिर्गी के दौरों का एक प्रमुख कारण मानी जाती है। इस संक्रमण के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए महिला को अब जीवन भर चिकित्सीय दवाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुरक्षा मानकों के अनुसार, यह संक्रमण केवल दूषित या अधपके सूअर का मांस खाने से ही नहीं, बल्कि दूषित पानी और संक्रमित व्यक्ति द्वारा बिना स्वच्छता के छुए गए कच्चे फलों तथा सब्जियों के सेवन से भी इंसानी शरीर में प्रवेश कर सकता है। पेट में जाने के बाद ये सूक्ष्म अंडे लार्वा का रूप ले लेते हैं और रक्त प्रवाह के माध्यम से मस्तिष्क की मांसपेशियों तक पहुंच जाते हैं। हालांकि, ब्रिटेन के संक्रामक रोग विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि ब्रिटेन में सख्त खाद्य सुरक्षा कानूनों के कारण इसके मामले अत्यंत दुर्लभ हैं और भारत में इसके मरीजों की संख्या अधिक है, इसलिए मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री को आधार बनाकर ही इस तरह की चिकित्सकीय संभावना व्यक्त की गई है, क्योंकि यह परजीवी बिना कोई लक्षण दिखाए वर्षों तक मस्तिष्क में निष्क्रिय पड़ा रह सकता है।

  • भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार, CETA लागू होने से व्यापार, निवेश और इनोवेशन के खुलेंगे बड़े अवसर: पीयूष गोयल

    भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार, CETA लागू होने से व्यापार, निवेश और इनोवेशन के खुलेंगे बड़े अवसर: पीयूष गोयल

    नई दिल्ली । भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में दोनों देश लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देश ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो व्यापार, निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करे। उनका कहना है कि आगामी समय में लागू होने वाला व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाएगा।

    लंदन दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने यूके के बिजनेस एवं ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और गहरा बनाने, निवेश बढ़ाने तथा नई व्यापारिक संभावनाओं पर विचार किया गया। गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, पारदर्शिता और भविष्य की साझा सोच लगातार मजबूत हो रही है, जो इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है।

    उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2026 से भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) लागू होने के बाद दोनों देशों के उद्योगों, निवेशकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, निवेश को प्रोत्साहन देना और आर्थिक सहयोग को व्यापक आधार प्रदान करना है।

    अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देशों में रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगा। उन्होंने कारोबारी समुदाय से आग्रह किया कि वे इस समझौते के माध्यम से उपलब्ध होने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं।

    गोयल ने कहा कि भारत और यूके के बीच संबंध अब पारंपरिक व्यापारिक दायरे से कहीं आगे निकल चुके हैं। दोनों देश तकनीक, नवाचार, निवेश, रक्षा, उन्नत विनिर्माण, आवश्यक खनिजों और रणनीतिक क्षेत्रों में भी तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं। इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी दोनों देशों की भूमिका मजबूत होगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि यूनाइटेड किंगडम वैश्विक वित्त, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में नई संभावनाएं पैदा कर सकती है। मजबूत आर्थिक सहयोग से उद्योगों के लिए बाजार का विस्तार होगा और निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

    पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता भारत और यूके के संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाएगा। उनका कहना है कि दोनों देश साझा हितों और दीर्घकालिक विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी तथा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले विवादों में घिरा इंग्लैंड क्रिकेट, नाइटक्लब कांड में कप्तान बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के खिलाफ जांच शुरू

    न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले विवादों में घिरा इंग्लैंड क्रिकेट, नाइटक्लब कांड में कप्तान बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन के खिलाफ जांच शुरू

    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पटल पर शानदार प्रदर्शन कर रही इंग्लैंड की टेस्ट टीम दूसरे मुकाबले से ठीक पहले एक गंभीर अनुशासनात्मक विवाद की चपेट में आ गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के बीच इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और स्टार तेज गेंदबाज गस एटकिंसन पर टीम के कड़े प्रोटोकॉल्स और मर्यादाओं को तोड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि सोमवार तड़के लंदन के एक नाइटक्लब में हुई एक कथित घटना के दौरान ये दोनों खिलाड़ी वहां मौजूद थे, जिसके बाद क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय आंतरिक जांच बिठा दी है।

    यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इंग्लिश टीम ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड को 115 रनों के बड़े अंतर से मात देकर श्रृंखला में बढ़त बनाई थी। शानदार जीत के ठीक बाद सोमवार की सुबह एक नाइटक्लब में घटी इस अनपेक्षित घटना ने क्रिकेट प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। ईसीबी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बोर्ड इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के समापन के बाद खिलाड़ियों द्वारा किए गए टीम प्रोटोकॉल के उल्लंघन की गहनता से पड़ताल कर रहा है।

    क्रिकेट बोर्ड ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र जांच के लिए क्रिकेट रेगुलेटर्स को भी पूरी तरह सूचित कर दिया है। ईसीबी के अधिकारियों का कहना है कि वे इस घटना से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटा रहे हैं और पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही अनुशासनात्मक समिति कोई सख्त कदम उठाएगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि दूसरे टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की अंतिम टीम का एलान इस मामले के तथ्यों की समीक्षा करने के बाद ही सही समय पर किया जाएगा, जिससे दोनों खिलाड़ियों के खेलने पर संशय गहरा गया है।

    यह अप्रत्याशित विवाद इंग्लैंड की टीम के लिए एक बड़ा और अनचाहा झटका साबित हो सकता है, विशेषकर इसलिए क्योंकि बेन स्टोक्स न केवल टीम के कप्तान हैं बल्कि उनके नेतृत्व में टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। वहीं दूसरी ओर, ऑलराउंडर और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच में कुल 7 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी थी और इंग्लैंड की जीत के मुख्य सूत्रधार बने थे। ऐसे में टीम के दो सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों के खिलाफ जांच बैठना आगामी मैच की रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।

    फिलहाल ईसीबी ने नाइटक्लब के भीतर हुई वास्तविक घटना के विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है और जांच पूरी होने तक गोपनीयता बनाए रखने की बात कही है। दोनों देशों के बीच श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच 17 जून से लंदन के द ओवल मैदान पर खेला जाना निर्धारित है। खेल प्रेमियों और विश्लेषकों की नजरें अब ईसीबी के अगले कदम और टीम चयन पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कप्तान पर होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई का सीधा असर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका और टीम के मनोबल पर पड़ना तय है।

  • महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    महिला क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बजा: इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होगा महिला टी20 विश्व कप, आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने टीमों को दीं शुभकामनाएं

    नई दिल्ली । महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करने के उद्देश्य से आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का बिगुल बज चुका है। इंग्लैंड और वेल्स के ऐतिहासिक मैदानों पर आयोजित होने जा रहे क्रिकेट के इस सबसे बड़े महाकुंभ की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। रविवार को टूर्नामेंट के आधिकारिक उद्घाटन के सिलसिले में एक भव्य ‘कैप्टंस मीट’ का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर सभी 12 प्रतिभागी देशों के कप्तानों का हौसला बढ़ाया और उन्हें खेल भावना के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

    आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से इस आगामी संस्करण को महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे भव्य और क्रांतिकारी टूर्नामेंट करार दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंग्लैंड और वेल्स के प्रतिष्ठित क्रिकेट स्टेडियमों में इस बार रिकॉर्ड संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचेंगे, जिससे महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को एक नया आयाम मिलेगा। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक प्रसारण नेटवर्क के व्यापक विस्तार के कारण दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमी इस बार अपनी पसंदीदा महिला क्रिकेट टीमों और खिलाड़ियों को लाइव एक्शन में देख सकेंगे।

    प्रशासनिक और तकनीकी दृष्टिकोण से इस बार का टूर्नामेंट कई मायनों में अनूठा होने जा रहा है क्योंकि महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार 12 टीमें खिताब की दौड़ में शामिल हो रही हैं। टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज 12 जून को पहले ग्रुप मुकाबले के साथ होगा। यह इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता का 10वां संस्करण है और साल 2009 में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र के बाद यह पहला मौका है जब इंग्लैंड इसकी पूर्ण रूप से मेजबानी कर रहा है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन इंग्लैंड और वेल्स के सात सबसे प्रमुख क्रिकेट मैदानों पर किया जाएगा।

    टूर्नामेंट के समीकरणों पर नजर डालें तो सभी 12 टीमों को दो अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-A में छह बार की सर्वाधिक सफल चैंपियन टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और पहली बार इस वैश्विक मंच पर पदार्पण कर रही नीदरलैंड्स की टीम को जगह मिली है। वहीं दूसरी ओर ग्रुप-B में मेजबान इंग्लैंड के साथ गत विजेता न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें शामिल हैं। लीग चरण के दौरान प्रत्येक टीम कुल पांच-पांच मुकाबले खेलेगी और दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें नॉकआउट चरण अर्थात सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, जहां न्यूजीलैंड की टीम अपने मौजूदा चैंपियन के खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं छह बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम का दबदबा बरकरार रखने की चुनौती होगी। मेजबान इंग्लैंड भी अपनी पूर्व कप्तान और वर्तमान मुख्य कोच शार्लोट एडवर्ड्स के मार्गदर्शन में साल 2009 की खिताबी सफलता को अपनी घरेलू धरती पर दोहराना चाहेगी। टूर्नामेंट के वार्म-अप मैचों की प्रक्रिया छह जून से डर्बी, लॉफबोरो और कार्डिफ में पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य चरण के बाद दोनों महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले क्रमशः 30 जून और 2 जुलाई को लंदन के द ओवल मैदान पर खेले जाएंगे, जबकि विश्व विजेता का फैसला करने वाला ऐतिहासिक फाइनल महामुकाबला 5 जुलाई को मक्का ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।

  • बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात

    बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात




    बहराइच। बहराइच जिले के रिसिया ब्लॉक के पटेल नगर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय नैना ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ‘द किंग्स ट्रस्ट सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इस सम्मान समारोह के दौरान नैना को ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला से मिलने का भी अवसर मिला। यह उपलब्धि उनके जीवन की कठिन यात्रा और सामाजिक बदलाव के लिए किए गए कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।

    नैना का बचपन संघर्षों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेतों में काम करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया और गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी शिक्षा का खर्च निकाला।

    बाद में आगा खान फाउंडेशन और द किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल की संयुक्त पहल ‘प्रोजेक्ट लहर’ ने उनकी मदद की, जिसके जरिए वे दोबारा स्कूल लौटीं, स्कॉलरशिप हासिल की और अपनी पढ़ाई पूरी की।

    वर्तमान में नैना किशोर लड़कियों के लिए लाइफ स्किल्स कोच के रूप में काम कर रही हैं। वह बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए लगातार जागरूकता फैला रही हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

    पुरस्कार मिलने के बाद नैना ने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्होंने यह सम्मान सभी युवतियों को समर्पित करते हुए कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए और अपने जीवन की सफलता की कहानी खुद लिखनी चाहिए।

    नैना की यह उपलब्धि न केवल बहराइच बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

  • लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली

    लंदन में नीलामी के लिए तैयार जयपुर राजघराने का ‘सुपरकंप्यूटर’, 25 करोड़ तक लग सकती है बोली


    जयपुर। राजस्थान के शाही इतिहास और वैज्ञानिक विरासत से जुड़ा एक दुर्लभ खगोलीय यंत्र ‘एस्ट्रोलेब’ अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 17वीं सदी का यह ऐतिहासिक उपकरण 29 अप्रैल को लंदन में नीलामी के लिए पेश किया जाएगा। विशेषज्ञ इसे उस दौर का ‘सुपरकंप्यूटर’ और ‘प्राचीन स्मार्ट डिवाइस’ बता रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह यंत्र कभी जयपुर राजघराने के शाही संग्रह का हिस्सा था। सवाई मानसिंह द्वितीय के निधन के बाद यह महारानी गायत्री देवी के पास रहा और बाद में निजी संग्रह में शामिल हो गया। अब पहली बार इसे सार्वजनिक नीलामी में उतारा जा रहा है।

    आकार, बनावट और कीमत खास

    पीतल से निर्मित यह एस्ट्रोलेब आकार और उपयोगिता दोनों में विशेष माना जा रहा है। इसका वजन करीब 8.2 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 46 सेंटीमीटर है, जो सामान्य यंत्रों की तुलना में काफी बड़ा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार इसकी दुर्लभता और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसकी कीमत 1.5 से 2.5 मिलियन पाउंड (करीब 15 से 25 करोड़ रुपये) तक जा सकती है।

    17वीं सदी का बहुउपयोगी यंत्र

    जानकारों के मुताबिक, यह यंत्र अपने समय में कई जटिल गणनाओं के लिए उपयोग किया जाता था। इसके माध्यम से सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तारों की स्थिति, इमारतों की ऊंचाई तथा कुओं की गहराई तक मापी जा सकती थी।

    इसके अलावा धार्मिक दिशा निर्धारण और पंचांग आधारित ज्योतिषीय गणनाओं में भी इसका उपयोग होता था।

    मुगलकालीन विरासत की झलक

    यह एस्ट्रोलेब 17वीं सदी की शुरुआत में लाहौर के प्रसिद्ध कारीगर कायम मुहम्मद और मुहम्मद मुकीम द्वारा तैयार किया गया था। इसकी विशेषता यह है कि इसमें तारों के नाम फारसी भाषा तथा उनके संस्कृत समकक्ष देवनागरी लिपि में अंकित हैं, जो उस दौर में विज्ञान और संस्कृति के अद्भुत संगम को दर्शाते हैं।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ी दिलचस्पी

    इस यंत्र में 94 शहरों के अक्षांश-देशांतर और 38 तारों के संकेतक अंकित हैं, जिन्हें आज भी काफी सटीक माना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के संग्रहालयों और निजी कलेक्टरों में इसे लेकर खास रुचि देखी जा रही है।

  • लंदन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर एम्बुलेंस में आग, पुलिस ने माना घृणा अपराध

    लंदन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर एम्बुलेंस में आग, पुलिस ने माना घृणा अपराध

    लंदन। लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर कथित तौर पर बड़ा हमला हुआ है। उत्तरी लंदन के इलाके गोल्डर्स ग्रीन में एक यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर खड़ी कई एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। घटना के बाद रात के आसमान में लपटें और काला धुआं दिखाई दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मामले को यहूदी-विरोधी घृणा अपराध के तौर पर जांचा जा रहा है। एहतियातन आसपास के कुछ निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

    चार एम्बुलेंस जलकर खाक
    जानकारी के मुताबिक यह एम्बुलेंस यहूदी स्वयंसेवी बचाव समूह Hatzola North West से जुड़ी थीं। संगठन के अध्यक्ष Shloimy Richman ने बताया कि छह में से चार एम्बुलेंस पूरी तरह नष्ट हो गईं। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई आगजनी बताते हुए कहा कि यह यहूदी समुदाय पर सीधा हमला है।

    सीसीटीवी में दिखे नकाबपोश संदिग्ध
    सुरक्षा फुटेज में तीन नकाबपोश व्यक्ति एक एम्बुलेंस के पास जाते और उसमें आग लगाते दिखाई दिए।

    वीडियो में तड़के करीब 1:36 बजे का समय दर्ज है और स्थान Machzikei Hadath के पास बताया गया है, जो पास के आराधनालय से मेल खाता है। पुलिस ने कहा है कि तीन संदिग्धों की तलाश जारी है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    धमाकों से जागे लोग
    स्थानीय निवासी Charlie Richards ने बताया कि उन्होंने देर रात कई धमाकों की आवाज सुनी। उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक बड़ा नारंगी विस्फोट और आसमान में उठता घना धुआं दिखाई दे रहा है।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संभावित घृणा अपराध के एंगल से जांच कर रही है। समुदाय के लोग इस हमले से सदमे में हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • London में पाकिस्तानियों के हमले से परेशान भारतीय मूल का रेस्टोरेंट मालिक…कारोबार बंद करने को मजबूर

    London में पाकिस्तानियों के हमले से परेशान भारतीय मूल का रेस्टोरेंट मालिक…कारोबार बंद करने को मजबूर


    लंदन।
    ब्रिटेन (Britain) की राजधानी लंदन (London) में भारतीय मूल (Indian-origin) के एक रेस्टोरेंट मालिक (Restaurant Owne) ने 16 वर्षों तक रेस्टोरेंट के सफल संचालन के बाद अब अपना कारोबार बंद करने का ऐलान लिया है। बड़ी बात यह है कि रेस्टोरेंट बंद करने के पीछे की वजह पाकिस्तानी हैं। लंदन के हैमरस्मिथ में ‘रंगरेज’ नामक इस रेस्टोरेंट के मालिक हरमन सिंह कपूर (Harman Singh Kapoor) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी उन पर कथित तौर पर लगातार हमले कर रहे हैं। कपूर ने कहा कि वह अगले महीने इंडियन रेस्टोरेंट बंद कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार परेशानियों, ऑनलाइन उत्पीड़न और कथित हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है।

    कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बढ़ती लागत, ऑनलाइन ट्रोलिंग, बार-बार होने वाली अशांति और कथित तौर पर पाकिस्तानी समूहों द्वारा किए गए हमले, साथ ही लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलना—इन सभी कारणों ने उन्हें यह फैसला लेने पर मजबूर किया। कपूर ने यह भी कहा कि अब वह पूरी तरह से सामाजिक और वैचारिक सक्रियता (एक्टिविज़्म) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनके व्यवसाय को भले ही बाधित किया गया हो, लेकिन उनके इरादों को कमजोर नहीं किया जा सकता।


    खालिस्तानियों से जुड़ा है विवाद

    इस पूरे विवाद की जड़ मार्च 2023 की एक घटना से जुड़ी बताई जा रही है, जब कपूर ने आरोप लगाया था कि उनके रेस्टोरेंट पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हमला किया गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने खालिस्तान मूवमेंट की आलोचना करते हुए वीडियो पोस्ट किए थे। इन वीडियो में उन्होंने खालिस्तान के नाम पर चल रही गतिविधियों पर सवाल उठाए थे।

    कपूर ने अपने वीडियो में अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों का भी मजाक उड़ाया था, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। एक वायरल वीडियो में उनके एक सहयोगी को पुलिस से बचते हुए “पुलिस आ गई” कहते हुए सुना गया था, जिस पर कपूर ने टिप्पणी की थी। फिलहाल, ‘रंगरेज’ के बंद होने की खबर से स्थानीय भारतीय समुदाय में निराशा है, वहीं इस मामले ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।