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  • हिटमैन का ऐतिहासिक शतक बेकार इंग्लैंड में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड लेकिन भारत 27 रन से हारा और सीरीज गंवाई

    हिटमैन का ऐतिहासिक शतक बेकार इंग्लैंड में तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड लेकिन भारत 27 रन से हारा और सीरीज गंवाई


    नई दिल्ली। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया जिसने एक बार फिर उनकी क्लास और अनुभव की झलक दुनिया को दिखा दी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रोहित ने 138 रन की शानदार शतकीय पारी खेलते हुए न सिर्फ अपनी फॉर्म में दमदार वापसी की बल्कि आठ साल पुराना अपना ही रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। हालांकि उनकी यह यादगार पारी भारत को जीत नहीं दिला सकी और टीम को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से गंवा दी जबकि इससे पहले टी20 सीरीज भी इंग्लैंड के नाम रही थी।

    रोहित शर्मा ने अपनी पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 17 चौके और 5 छक्के लगाए। शुरुआत से ही उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। इस पारी के साथ रोहित इंग्लैंड की धरती पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई द्विपक्षीय वनडे सीरीज में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने वर्ष 2017 में ट्रेंट ब्रिज में खेली गई अपनी 137 रन की नाबाद पारी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और नया इतिहास रच दिया।

    भारतीय पारी की शुरुआत भी शानदार रही। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रन की मजबूत साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। गिल ने 77 रन की शानदार पारी खेली और रोहित का अच्छा साथ निभाया। गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली ने भी जिम्मेदारी संभाली और रोहित के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाते हुए लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को जिंदा रखा।

    पहले दो वनडे मुकाबलों में रोहित शर्मा का बल्ला खामोश रहा था जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। आलोचकों ने उनकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े किए थे लेकिन तीसरे मुकाबले में उन्होंने अपने अनुभव और क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया और हर शॉट में पुरानी लय दिखाई दी।

    हालांकि रोहित की शानदार पारी के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट पर 360 रन ही बना सका। रोहित गिल और कोहली के अलावा अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। ईशान किशन 14 रन बनाकर आउट हो गए जबकि श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। केएल राहुल केवल 12 रन ही बना सके और अक्षर पटेल भी 2 रन बनाकर सस्ते में आउट हो गए। मध्यक्रम की यही नाकामी भारत की हार की सबसे बड़ी वजह बनी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। बेन डकेट ने 141 रन की शानदार पारी खेली जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने नाबाद 74 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और अंत में जोस बटलर ने सिर्फ 13 गेंदों में 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत के सामने बेहद कठिन लक्ष्य खड़ा कर दिया।

    भले ही भारत सीरीज हार गया हो लेकिन रोहित शर्मा की रिकॉर्डतोड़ पारी भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी। बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता एक बार फिर साबित हुई है और आने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले उनका फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए राहत की खबर है।

  • लॉर्ड्स में हरमनप्रीत का धमाका आखिरी ओवर में बरसे छक्के भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 171 रन का लक्ष्य

    लॉर्ड्स में हरमनप्रीत का धमाका आखिरी ओवर में बरसे छक्के भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 171 रन का लक्ष्य


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए ग्रुप ए के बेहद अहम मुकाबले में भारतीय टीम ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर मजबूत स्कोर खड़ा किया। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 171 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए भारत के लिए यह मुकाबला किसी करो या मरो की स्थिति जैसा था और बल्लेबाजों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया।

    भारत को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया। हालांकि टी20 क्रिकेट के लिहाज से यह साझेदारी अपेक्षाकृत धीमी रही लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने विकेट संभालते हुए बड़े स्कोर की नींव रखी। शेफाली वर्मा ने 26 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। वह टीम के 66 रन के स्कोर पर पहला विकेट बनकर पवेलियन लौटीं।

    शेफाली के आउट होने के बाद स्मृति मंधाना भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं। उन्होंने 37 गेंदों पर 38 रन की संयमित पारी खेली और भारत का दूसरा विकेट 83 रन के स्कोर पर गिरा। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिगेज ने पारी को मजबूती दी और रन गति को भी बनाए रखा।

    जेमिमा रोड्रिगेज ने 28 गेंदों पर 34 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक चौका और एक छक्का लगाया। बल्लेबाजी के दौरान असहज महसूस होने के कारण वह रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चली गईं। इसके बाद पूरी जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने कंधों पर उठा ली।

    हरमनप्रीत ने एक बार फिर बड़े मैच की खिलाड़ी होने का परिचय दिया। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों पर 56 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस विस्फोटक पारी में छह चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। खास तौर पर अंतिम ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर उन्होंने भारतीय स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचा दिया। आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर वह आउट हुईं लेकिन तब तक भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर चुका था।

    पारी के अंत में दीप्ति शर्मा ने एक गेंद पर चार रन बनाए जबकि ऋचा घोष एक रन बनाकर नाबाद रहीं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनक्स सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने दो विकेट हासिल किए।

    यह मुकाबला दोनों टीमों का ग्रुप चरण का अंतिम मैच था। ऑस्ट्रेलिया लगातार चार जीत के साथ पहले ही मजबूत स्थिति में था जबकि भारत तीन जीत और एक हार के साथ सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ था। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 171 रन का कठिन लक्ष्य देकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।