Tag: Lord’s

  • आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    आखिरी मैच में शतक लगा दो यार…', रोहित शर्मा के संभावित संन्यास पर भावुक हुए आकाश चोपड़ा, लॉर्ड्स में यादगार विदाई की जताई उम्मीद

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संभावित वनडे संन्यास को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला के बीच यह अटकलें सामने आई हैं कि तीसरे मुकाबले के बाद रोहित इस प्रारूप को भी अलविदा कह सकते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने रोहित शर्मा को लेकर भावुक टिप्पणी की है।

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला वास्तव में रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच साबित होता है, तो वह चाहेंगे कि भारतीय बल्लेबाज अपने करियर का समापन एक यादगार पारी के साथ करें। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि रोहित को अपने अंतिम मुकाबले में शतक बनाकर उसी अंदाज में विदाई लेनी चाहिए, जिस अंदाज में उन्होंने वर्षों तक वनडे क्रिकेट पर अपनी छाप छोड़ी है।

    पूर्व क्रिकेटर ने हाल के मैचों में रोहित शर्मा की बल्लेबाजी शैली में आए बदलाव की भी चर्चा की। उनके अनुसार पहले रोहित पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाते थे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हालिया मुकाबलों में उनका दृष्टिकोण अलग दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे वनडे में रोहित ने अपेक्षाकृत धीमी बल्लेबाजी की और यह उनकी सामान्य शैली से अलग नजर आया।

    आकाश चोपड़ा का मानना है कि कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा के खेल में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले रोहित शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वह अधिक संयमित बल्लेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार यह बदलाव चर्चा का विषय है और क्रिकेट प्रेमियों ने भी इसे महसूस किया है।

    उन्होंने चयन प्रक्रिया पर भी अपनी राय रखी। आकाश चोपड़ा का कहना था कि यदि टीम प्रबंधन भविष्य की योजना बना रहा है, तब भी अनुभवी खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार अगले बड़े वैश्विक टूर्नामेंट में अभी समय बाकी है और ऐसे में रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी को कुछ और मौके दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता था। उनका मानना है कि अनुभव और निरंतर प्रदर्शन किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

    रोहित शर्मा पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। ऐसे में यदि वह वनडे क्रिकेट से भी विदाई लेते हैं तो भारतीय क्रिकेट का एक सफल अध्याय समाप्त होगा। अपने लंबे करियर में रोहित ने कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अनेक रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

    फिलहाल सभी की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर टिकी हैं। यदि संन्यास की चर्चाएं सही साबित होती हैं तो क्रिकेट प्रेमी रोहित शर्मा को एक यादगार पारी खेलते हुए देखना चाहेंगे। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है, तो भी उनके भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा। क्रिकेट जगत में आकाश चोपड़ा की भावुक प्रतिक्रिया ने इन चर्चाओं को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।

  • रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआती दो मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बाद उनके प्रदर्शन और भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। उनका कहना है कि रोहित जैसे अनुभवी और सफल खिलाड़ी पर किसी भी तरह का दबाव होने की बात सही नहीं है और कुछ मैचों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करना उचित नहीं होगा।

    कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने माना कि पिछले दो मैचों में रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन इससे उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोटक के अनुसार, दूसरे वनडे में भी रोहित अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन एक गलती के कारण उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन इस स्थिति को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं कर रहा है।

    इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए। वह शुरुआत में संभलकर खेलते नजर आए, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। मौजूदा वर्ष में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने इस साल खेले गए आठ मुकाबलों में 241 रन बनाए हैं, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है। यही कारण है कि उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता अब वनडे टीम के लिए लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में यह भी दावा किया गया है कि युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई घोषणा नहीं की गई है और टीम प्रबंधन की ओर से भी कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    चयन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। घरेलू और सीमित अवसरों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वनडे टीम में नियमित मौका नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि भविष्य की टीम तैयार करने की रणनीति के तहत चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चयन समिति और टीम प्रबंधन की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।

    फिलहाल भारतीय टीम की पूरी प्राथमिकता इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर है। ऐसे में टीम प्रबंधन का मानना है कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का अनुभव और नेतृत्व अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। आगामी मुकाबलों में सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि रोहित अपनी फॉर्म में वापसी कर आलोचनाओं का जवाब बल्ले से देते हैं या नहीं। साथ ही चयन और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी आने वाले दिनों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

  • इंग्लैंड को लॉर्ड्स में हराकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला टीम को सीएम मोहन यादव की बधाई, क्रांति गौड़ के शानदार प्रदर्शन को बताया जीत की सबसे बड़ी ताकत

    इंग्लैंड को लॉर्ड्स में हराकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला टीम को सीएम मोहन यादव की बधाई, क्रांति गौड़ के शानदार प्रदर्शन को बताया जीत की सबसे बड़ी ताकत


    मध्य प्रदेश।
    इंग्लैंड के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टेस्ट जीत ने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है। इस यादगार उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीम की सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है। उन्होंने इस जीत को भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस आत्मविश्वास, अनुशासन और जुझारूपन के साथ इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को उसके घरेलू मैदान पर हराया है, वह देश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत के दम पर किसी भी चुनौती को सफलता में बदला जा सकता है। इस जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत को भी दुनिया के सामने मजबूती से स्थापित किया है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर मैच की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे मुकाबले में सात विकेट हासिल कर उन्होंने भारतीय टीम की जीत को मजबूत आधार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनका यह प्रदर्शन प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का विषय है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेल के क्षेत्र में महिलाओं की लगातार बढ़ती उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि यदि उन्हें अवसर और उचित मंच मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेगी और विश्व क्रिकेट में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों के समर्पण, टीम भावना और संघर्षशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही गुण किसी भी टीम को बड़ी सफलता तक पहुंचाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश लगातार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रांति गौड़ जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगी। राज्य की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं और खेल जगत में भी उनका प्रदर्शन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं, बल्कि महिला खेलों के बढ़ते आत्मविश्वास और भारत की मजबूत खेल संस्कृति का प्रतीक भी मानी जा रही है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर मिली इस उपलब्धि ने देशभर के खेल प्रेमियों में उत्साह का नया संचार किया है। मुख्यमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि देश को अपनी बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व है और उनकी यह ऐतिहासिक जीत लंबे समय तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

  • एक साल की चोट से वापसी और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक यास्तिका बोलीं यह मेरे जीवन का सबसे गर्व भरा पल

    एक साल की चोट से वापसी और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक यास्तिका बोलीं यह मेरे जीवन का सबसे गर्व भरा पल


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऐसा का रनामा कर दिखाया जिसे भारतीय क्रिकेट लंबे समय तक याद रखेगा। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच में यास्तिका ने शानदार 113 रन की पारी खेलते हुए न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गईं। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि वह करीब एक साल तक चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर लौटी थीं।

    यास्तिका की यह पारी केवल एक शतक नहीं बल्कि संघर्ष धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बनकर सामने आई। लंबे समय तक चोट से जूझने के कारण उन्हें कई बड़े टूर्नामेंट से बाहर रहना पड़ा था। घरेलू वनडे विश्व कप और महिला प्रीमियर लीग जैसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाने का दर्द उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में कई बार उन्हें लगा कि इतनी बड़ी उपलब्धि शायद अब कभी हासिल नहीं हो पाएगी।

    उन्होंने बताया कि चोट के दौरान पुनर्वास का समय मानसिक और शारीरिक दोनों ही रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन परिवार टीम प्रबंधन और सहयोगी खिलाड़ियों ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। यही भरोसा उन्हें दोबारा मैदान तक लेकर आया। उन्होंने कहा कि यदि छह महीने पहले कोई उनसे कहता कि उनका नाम लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज होगा तो शायद वह खुद भी इस बात पर विश्वास नहीं करतीं। आज यह सपना सच होने जैसा महसूस हो रहा है।

    यास्तिका ने अपनी ऐतिहासिक पारी के बाद भावुक होते हुए कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि शतक पूरा होने के बाद उन्होंने जश्न मनाने की अलग योजना बनाई थी लेकिन उस पल भावनाएं इतनी प्रबल थीं कि उन्होंने सिर्फ भारतीय तिरंगे को चूमकर अपनी खुशी जाहिर की। उनके लिए यह सबसे बड़ा सम्मान था कि वह भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए इतिहास का हिस्सा बनीं।

    उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हेलमेट उतारा तो उनकी आंखों के सामने पिछले एक साल का पूरा संघर्ष घूम गया। परिवार की यादें कठिन दौर की चुनौतियां और मैदान पर वापसी की मेहनत सब कुछ एक साथ याद आने लगा। वह पल इतना भावुक था कि खुद को संभालना भी मुश्किल हो गया। उनके अनुसार यह उनके क्रिकेट जीवन का सबसे खास क्षण है।

    यास्तिका ने स्पष्ट किया कि उनका सपना केवल इस शतक तक सीमित नहीं है। वह भारत के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य टीम को विश्व कप जिताना है और देश के लिए लगातार यादगार प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जर्सी पहनकर खेलने से बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता और वह आने वाले वर्षों में टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहती हैं।

    भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाकर यास्तिका ने न केवल नया इतिहास रचा बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए भी नई प्रेरणा तैयार की है। कठिन परिस्थितियों से निकलकर शीर्ष स्तर पर सफलता हासिल करने की उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत धैर्य और विश्वास के दम पर हर सपना पूरा किया जा सकता है।

  • Ind vs Eng Test : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आज इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम

    Ind vs Eng Test : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आज इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम


    लंदन ।
    लॉर्ड्स (Lord’s) के ऐतिहासिक मैदान पर शुक्रवार से भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टेस्ट मुकाबला खेला जाएगा। भारत की कप्तान (India captain) हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने लॉर्ड्स (Lord’s) में इंग्लैंड (England) के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक महिला टेस्ट (Historic Women’s Test) को टीम के लिए टर्निंग प्वाइंट बताया है. उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में जीत T20 वर्ल्ड कप से मिली निराशा को खत्म कर सकती है और टीम का आत्मविश्वास लौटाएगी. कप्तान ने पहली बार लॉर्ड्स में महिला टेस्ट होने, रेड-बॉल क्रिकेट, श्री चरणी और महिला टेस्ट के भविष्य पर भी खुलकर बात की।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि अगर भारत इस मुकाबले में जीत दर्ज करता है तो हालिया T20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से बाहर होने का दर्द काफी हद तक कम हो जाएगा और टीम नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी। हरमनप्रीत ने कहा कि T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. कुछ मुकाबलों में टीम ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाई. यही वजह है कि लॉर्ड्स टेस्ट टीम के लिए नई शुरुआत साबित हो सकता है।

    उन्होंने कहा- अगर हम यह टेस्ट जीतते हैं तो टीम के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी. वर्ल्ड कप के बाद हर खिलाड़ी निराश था, लेकिन इस टेस्ट के जरिए हम अपना आत्मविश्वास वापस हासिल कर सकते हैं. जीत के बाद आपको महसूस होता है कि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल हैं।

    कप्तान ने कहा कि जब परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आते तो खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है. ऐसे समय में टीम का एकजुट रहना सबसे ज्यादा जरूरी होता है. उन्होंने भरोसा जताया कि अगर सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का साथ दें और टीम के लिए खेलें तो यह जीत आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी भारत के लिए फायदेमंद साबित होगी।


    142 साल बाद लॉर्ड्स में पहली बार महिला टेस्ट

    लॉर्ड्स में यह पहला महिला टेस्ट मैच होगा. इस ऐतिहासिक मौके पर हरमनप्रीत ने कहा कि हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह लॉर्ड्स में टेस्ट खेले. उन्हें यह जानकर भी हैरानी हुई कि इस प्रतिष्ठित मैदान पर अब तक महिला टेस्ट आयोजित नहीं हुआ था।

    उन्होंने कहा- जब हमें पता चला कि इतने साल बाद यहां पहला महिला टेस्ट होने जा रहा है तो हम सभी हैरान थे. मुझे पहले इसकी जानकारी नहीं थी. लेकिन मैं यही कहूंगी कि देर हुई है, बहुत ज्यादा देर नहीं हुई. मैं खुश हूं कि अपने करियर में मुझे इस ऐतिहासिक मैच का हिस्सा बनने का मौका मिला।

    उन्होंने बताया कि पूरी भारतीय टीम इस मुकाबले को लेकर बेहद उत्साहित है और सभी खिलाड़ी इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाना चाहते हैं।


    रेड-बॉल क्रिकेट चुनौती भी, मौका भी

    हरमनप्रीत ने माना कि महिला खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते, इसलिए यह फॉर्मेट चुनौतीपूर्ण जरूर है. हालांकि उन्होंने कहा कि टीम ने पिछले कुछ दिनों में कई प्रैक्ट‍िस सेशन किए हैं और खिलाड़ी अच्छी लय में नजर आए। उन्होंने कहा- हम रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के आदी नहीं हैं, लेकिन जब किसी चीज को लेकर उत्साह होता है तो खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं.”


    ज्यादा महिला टेस्ट खेलने की जताई इच्छा

    भारतीय कप्तान ने महिला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के तौर पर वह ज्यादा से ज्यादा टेस्ट मैच खेलना चाहती हैं, लेकिन इसका फैसला ICC और संबंधित क्रिकेट बोर्डों को करना है। हरमनप्रीत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ा है. पिछले साल मार्च में भारत ने टेस्ट खेला था और अब लॉर्ड्स में एक और मौका मिला है. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में महिला टेस्ट मैचों की संख्या और बढ़ेगी।


    इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड से बढ़ा भरोसा

    हरमनप्रीत ने कहा कि भारत ने हाल के टेस्ट मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम का रिकॉर्ड मजबूत रहा है. ऐसे में खिलाड़ियों ने तय किया है कि वे एकजुट होकर मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.


    श्री चरणी पर कप्तान को पूरा भरोसा

    कप्तान ने बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी की जमकर तारीफ की, जो लॉर्ड्स टेस्ट में डेब्यू करने जा रही हैं. T20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे सफल गेंदबाज रहीं चरणी को लेकर हरमनप्रीत ने कहा कि वह टीम की सबसे अहम गेंदबाजों में से एक हैं.

    उन्होंने कहा कि चरणी ने केवल वर्ल्ड कप ही नहीं, उससे पहले भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. जब भी टीम को विकेट की जरूरत होती है, वह कप्तान की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं. ऐसे खिलाड़ी कप्तान का आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं।