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  • खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    नई दिल्ली । महिला टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम का एकछत्र साम्राज्य लगातार जारी है। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड के बीच हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत इस लक्ष्य को महज 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया।

    मध्य प्रदेश । खिताबी मुकाबले में 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वॉल का विकेट गंवा दिया था। शुरुआती झटके के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने मोर्चा संभाला और दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की शानदार मैच जिताऊ साझेदारी कर इंग्लिश गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। लिचफील्ड ने अपनी आक्रामक पारी में 35 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से 48 रन बनाए। वहीं दूसरी छोर पर जमीं बेथ मूनी ने कप्तानी पारी खेलते हुए 49 गेंदों पर 64 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जिसमें 10 शानदार चौके शामिल रहे। मूनी के आउट होने के बाद अनुभवी एलिस पेरी ने नाबाद 13 रन और एश्ले गार्डनर ने नाबाद 3 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से चार्लोट डीन, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सकीं।

    इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम शुरुआत में लड़खड़ा गई थी। एमी जोन्स मात्र 6 रन, डैनी वायट-हॉज 8 रन और हीदर नाइट सिर्फ 2 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प ने पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम को 150 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से नाबाद 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों पर 4 चौके और 1 छक्के की सहायता से नाबाद 44 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक सफलता हासिल की।

    इस टूर्नामेंट में सोफी मोलिनक्स की कप्तानी में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन बेहद असाधारण रहा, जहां पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया और अजेय रहते हुए विश्व विजेता का खिताब चूमा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने वर्ष 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी विश्व कप अपने नाम किया था। क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप के इतिहास में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड की टीमें केवल एक-एक बार ही यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने में सफल रही हैं, जो महिला क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलियाई टीम के बेजोड़ दबदबे को स्पष्ट रूप से बयां करता है।

  • टी20 विश्व कप में कंगारुओं के खिलाफ सात मैचों में पांच हार, करो या मरो के मुकाबले में आज नया इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम

    टी20 विश्व कप में कंगारुओं के खिलाफ सात मैचों में पांच हार, करो या मरो के मुकाबले में आज नया इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम


    नई दिल्ली।
    आईसीसी महिला टी20 विश्व कप अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के ग्रुप-ए के एक बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होने जा रहा है। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाने वाला यह मैच हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली ‘वीमेन इन ब्लू’ के लिए साख और सेमीफाइनल में पहुंचने की अंतिम जंग है। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला पूरी तरह से ‘करो या मरो’ का रूप ले चुका है, जहां एक छोटी सी चूक टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

    भारतीय टीम ने अब तक इस टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन किया है। टीम ने अपने चार मैचों में से तीन में जीत दर्ज की है और वह छह अंकों के साथ ग्रुप-ए की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मौजूद है। दूसरी तरफ, सोफी मोलिनक्स की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सभी चार मैच जीतकर आठ अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। भारत को सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए कंगारू टीम पर हर हाल में एक बड़ी और ठोस जीत की दरकार होगी। यदि भारतीय टीम इस मैच में पीछे रह जाती है, तो उसे दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।

    जब बात महिला टी20 विश्व कप के इतिहास की आती है, तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच का रिकॉर्ड भारतीय प्रशंसकों को डराने वाला रहा है। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कुल सात बार आमने-सामने आ चुकी हैं, जिनमें से भारत को केवल दो मैचों में जीत नसीब हुई है, जबकि पांच बार उसे हार का सामना करना पड़ा है। दोनों के बीच इस टूर्नामेंट में आखिरी भिड़ंत अक्टूबर 2024 में शारजाह में हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत को नौ रनों के करीबी अंतर से मात दी थी। इसके अलावा 2020 के विश्व कप फाइनल और 2023 के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत का दिल तोड़ा था।

    इस बड़े मंच पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का बल्ला हमेशा गरजा है। वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा सात मैच खेलने वाली खिलाड़ी हैं और उनके नाम इन मुकाबलों में सर्वाधिक 197 रन दर्ज हैं। व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर के मामले में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना शीर्ष पर हैं, जिन्होंने साल 2018 में कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ 83 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। वहीं, गेंदबाजी के मोर्चे पर दीप्ति शर्मा और लेग स्पिनर पूनम यादव ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा परेशान करते हुए सात-सात विकेट चटकाए हैं।

    क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय टीम के पास न सिर्फ अपनी पुरानी हार का हिसाब चुकता करने का सुनहरा मौका है, बल्कि इतिहास को बदलकर सीधे सेमीफाइनल में कदम रखने का भी शानदार अवसर है। भारतीय खेल प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि हरमनप्रीत सेना इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड के दबाव को पीछे छोड़कर मैदान पर सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएगी। पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज शाम को होने वाले इस महामुकाबले पर टिकी हुई हैं।