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  • T20 World Cup में फिर भारत के आगे फुस्स हुई पाकिस्तानी टीम… आखिरी मैच हारी तो टूर्नामेंट से बाहर

    T20 World Cup में फिर भारत के आगे फुस्स हुई पाकिस्तानी टीम… आखिरी मैच हारी तो टूर्नामेंट से बाहर

    Pakistan

    नई दिल्ली। टी-20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में लगातार दो मैच ग्रुप फेज में जीतने के बाद पाकिस्तान की टीम (Pakistan Team) अपने तीसरे मैच में भारत (India) के सामने खड़ी थी। कोलंबो (Colombo.) के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार 14 फरवरी को ब्लॉकबस्टर मैच की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, पाकिस्तान की टीम इस मैच में फुस्स हो गई। पाकिस्तान को भारतीय टीम ने बुरी तरह से हराया। इसी हार की वजह से पाकिस्तान की टीम पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

    दरअसल, पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए में है। पाकिस्तान के अलावा ग्रुप में चार और टीमें भी हैं। पांच में से कोई दो टीमें ही सुपर 8 के लिए क्वालीफाई करेंगी। अगले फेज के लिए भारतीय टीम ने क्वालीफाई कर लिया है। इसके अलावा एक टीम इस ग्रुप से एलिमिनेट हो गई है। ऐसे में तीन टीमों के बीच अब एक पायदान के लिए जंग होने वाली है और इस जंग में अगर पाकिस्तान की टीम मात खा जाए तो वह टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगी।

    ग्रुप ए में इस समय 3 मैचों में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम शीर्ष पर है और सुपर 8 में पहुंच गई है। दूसरे नंबर पर ग्रुप में यूएसए की टीम है, जो 4 में से दो मैच जीत चुकी है और दो मैच हारी है। सभी लीग मैच यूएसए के समाप्त हो चुके हैं। हालांकि, नेट रन रेट यूएसए का पाकिस्तान से बेहतर है, क्योंकि 3 मैचों के बाद 4 अंक हासिल कर चुकी पाकिस्तान की टीम तीसरे स्थान पर है। यूएसए का नेट रन रेट प्लस में है, जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस में है।

    नीदरलैंड 3 में से एक मैच जीतने के बाद चौथे स्थान पर है और नामीबिया की टीम 3 मैच हार चुकी है और सबसे आखिरी पायदान पर है, जो एलिमिनेट हो गई है। हालांकि, यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड इस ग्रुप से सुपर 8 में जाने की रेस में हैं। अब सिनेरियो ये कहता है कि अगर पाकिस्तान की टीम अपने आखिरी मैच में नामीबिया से हार जाती है तो फिर पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी, क्योंकि नेट रन रेट यूएसए का बेहतर है।

    थोड़े बहुत ही सही, लेकिन उम्मीद नीदरलैंड के भी सुपर 8 में जाने की हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पहले तो भारत को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान की टीम को नामीबिया से हार मिल जाए। इसके अलावा उनका नेट रन रेट इतना बेहतर हो जाए कि यूएसए के नेट रन रेट को पीछे छोड़ दें, क्योंकि यूएसए के चार अंक हो चुके हैं और सभी मुकाबले उनके खेले जा चुके हैं। अगर पाकिस्तान की टीम नामीबिया को भले ही एक रन से ही क्यों न हराए, वह सुपर 8 में 6 अंकों के साथ क्वालीफाई कर जाएगी।

  • Russia-Ukraine War: दोनों देशों ने खोए हजारों सैनिक और नागरिक, अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट

    Russia-Ukraine War: दोनों देशों ने खोए हजारों सैनिक और नागरिक, अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) के कुछ ही हफ्तों में 4 साल पूरे हो जाएंगे। इन सालों में दोनों देशों ने अपने हजारों सैनिकों और नागरिकों को खो दिया है। वहीं अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट (Billions dollars worth Infrastructure destroyed) हो चुके हैं। अब इस युद्ध को लेकर विशेषज्ञों ने रूस को आगाह किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक रूस को यूक्रेन पर हमले की भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। यह भी कहा गया है कि भले ही युद्ध आज ही खत्म क्यों न हो जाए, रूस को इससे उबरने में कई साल लग जाएंगे।

    विश्लेषकों ने कहा है कि बढ़ते सैन्य खर्च और घटती आमदनी की वजह से पुतिन की सरकार की कर्ज पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। बुधवार को रूसी सरकार ने करीब बॉन्ड बेचकर करीब 108.9 अरब रूबल का कर्ज लिया। इसके साथ ही 2025 में अब तक कुल कर्ज जारी करने का आंकड़ा 7.9 ट्रिलियन रूबल पहुंच गया है।


    रूस के पास नहीं बचे विकल्प

    वहीं कर्ज लेने के रूस के पास बॉन्ड बेचने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। देश का रेनिडे रिजर्व यानी आपातकालीन बचत का आधे से ज्यादा हिस्सा खत्म हो चुका है। वहीं बजट घाटा भी बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह सैन्य खर्च में 30 से 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी है। वहीं अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद तेल और गैस जैसी कमोडिटी से होने वाली कमाई में भी गिरावट आई है।

    आने वाले सालों में रूस के सामने कई मुसीबतें हैं। तेल की कीमतें बढ़ने, रूबल के मजबूत होने, आर्थिक ग्रोथ अनुमान से कम रहने और सैन्य खर्च बढ़ने की वजह से रूस की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। अगर ब्याज दरें ऊंची बनी रहीं और तेल-गैस से कमाई घटी, तो रूस के सामने तीन ही रास्ते होंगे। या तो टैक्स बढ़ाए जाएं, या दूसरे जरूरी खर्चों में कटौती हो, या फिर और ज्यादा कर्ज लिया जाए।