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  • गुरुग्राम में प्यार का क्रूर अंत… सनकी पति ने पत्नी और 4 बच्चों को सुलाया मौत की नींद, एक साथ उठी 5 अर्थियां

    गुरुग्राम में प्यार का क्रूर अंत… सनकी पति ने पत्नी और 4 बच्चों को सुलाया मौत की नींद, एक साथ उठी 5 अर्थियां


    गुरुग्राम।
    कहते हैं कि प्यार 7 जन्मों का साथ होता है और पिता बच्चों की ढाल, लेकिन गुरुग्राम (Gurugram) के वजीरपुर इलाके (Wazirpur area) में शनिवार की देर रात एक ऐसा मंजर सामने आया जिसने इंसानियत को शर्मसार (Shame on humanity) कर दिया और सुनने वालों की रूह कंपा दी. यहां कुछ सालों पहले जिस प्यार के लिए वादे और कसमें खाई गई थीं, उसका अंत 5 बेगुनाह जिंदगियों (Innocent lives) की लाशों के साथ हुआ.

    ​दरअसल शनिवार देर रात गुरुग्राम के वजीरपुर में एक मकान के अंदर जब पुलिस दाखिल हुई, तो वहां सन्नाटा पसरा था. कमरे के अंदर चार मासूम बच्चों और उनकी मां के बेजान शरीर पड़े थे. वे बच्चे जिन्होंने अभी दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं था, अपने ही पिता की नफरत या सनक का शिकार हो गए. मौके पर पहुंची पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लिया, वहीं पास में एक टूटा हुआ मोबाइल फोन भी मिला, जो शायद उस खूनी संघर्ष या आखिरी चीख का गवाह रहा होगा.

    आरोपी नाजिम (Nazim) ने दिल्ली की रहने वाली नजमा से प्रेम विवाह किया था. उस वक्त दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं, पर किसे पता था कि अंत इतना वीभत्स होगा. इस घटना में नजमा 35 साल, इकरा 14 साल, सिफा 12 साल, खतिना 10 साल व आयन 8 साल की मौत हो गई, जबकि नजीम को हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया है।


    घटना की जांच में जुटी पुलिस

    एसीपी नवीन शर्मा के मुताबिक आरोपी पति ने पहले अपने चार नाबालिग बच्चों और पत्नी को जहर देकर मौत के घाट उतारा और फिर खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की. घर की वे दीवारें जो कल तक बच्चों की हंसी और शोर से गूंजती थीं, आज वहां सिर्फ मातम और सन्नाटा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है. हमने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है.

    ​इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या एक इंसान इतना पत्थर दिल हो सकता है कि उसे अपने ही खून पर तरस न आए? वह कौन सी मजबूरी या नफरत थी जिसने एक पिता को कसाई बना दिया? फिलहाल आरोपी अस्पताल में है, लेकिन उन चार मासूमों और उनकी मां की मौत का हिसाब शायद कभी पूरा न हो पाए. ​गुरुग्राम पुलिस मामले की जांच में जुटी है और टूटे हुए मोबाइल से कुछ अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

  • रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी

    रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी


    नई दिल्ली । रिश्तों में प्यार और नजदीकी की शुरुआत अक्सर रोमांचक होती है। नए प्यार में लोग सुबह की गुड मॉर्निंगसे लेकर रात की गुड नाइटतक हर पल एक-दूसरे के साथ साझा करना चाहते हैं। घंटों फोन पर बातें करनाहर छोटी-छोटी बात साझा करना शुरू में सुखद अनुभव लगता है। लेकिन समय के साथ यही आदत रिश्ते में बोझ बन सकती है। लगातार संपर्क में रहने से बातचीत की गुणवत्ता गिरती हैरोमांच खत्म होता है और रिश्ते में बोरियत और चिड़चिड़ापन आने लगता है। सोचिए अगर आपको गुलाब जामुन बेहद पसंद हैलेकिन दिन में बार-बार वही परोसा जाएतो कुछ ही दिनों में उसका स्वाद फीका लगने लगेगा। रिश्तों का गणित भी कुछ ऐसा ही है। जरूरत से ज्यादा जुड़े रहने से रिश्ते में भावनात्मक दूरी बन सकती है। जब बातचीत केवल और बताओ या तुम बताओ? जैसे सवालों तक सीमित रह जाएतो समझ लेना चाहिए कि अब रिश्ते में रोमांच नहींबल्कि आदत रह गई है।

    घंटों बात करने के कई नुकसान हैं। लगातार हर छोटी बात साझा करने से मिलने पर कुछ खास बचता ही नहीं। हर समय रिप्लाई देने का दबाव मानसिक थकान और झुंझलाहट पैदा करता है। साथ ही अगर आप अपने शौकदोस्तों और परिवार को छोड़कर पूरी तरह पार्टनर में खो जाएंतो यह स्वस्थ रिश्ते का संकेत नहीं है। रिश्ते में स्पेस देना जरूरी है। स्पेस का मतलब यह नहीं कि प्यार कम हैबल्कि इसका अर्थ है कि दोनों को अपने लिए थोड़ा समय चाहिए। अपनी हॉबीरुचियों और दोस्तों के लिए समय निकालने से व्यक्ति बेहतर बनता है और रिश्ते में लौटने पर बातचीत और मिलन और खास महसूस होता है।

    थोड़ी दूरी पार्टनर की कमी का एहसास कराती है। यही दूरी रिश्ते में ताजगी और गहराई बनाए रखती है। कहावत है दूरी से चाहत बढ़ती है। जब आप अपने लिए समय लेते हैंतो पार्टनर भी आपकी कमी महसूस करता है और मिलने पर बातचीत अधिक रोमांचक और दिलचस्प होती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना इसलिए जरूरी है। प्यार और नजदीकी होनी चाहिएलेकिन लगातार संपर्क में रहने से बचना चाहिए। थोड़ी दूरी रिश्ते को नया उत्साह देती हैबोरियत कम करती है और मानसिक तनाव से राहत दिलाती है। रिश्ते की लंबी उम्र और खुशी के लिए स्पेसएक आवश्यक तत्व है। कुल मिलाकररिश्ते में ताजगी बनाए रखने के लिए जरूरत से ज्यादा बात करने से बचें। पार्टनर को थोड़ा स्पेस देंअपने लिए समय निकालें और बातचीत को खास बनाकर लौटें। यही तरीका रिश्ते को मजबूतस्वस्थ और रोमांचक बनाता है।

  • मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने अपने निजी जीवन और तलाक को लेकर खुलकर बातचीत की। साल 1997 में अरबाज खान से शादी करने वाली मलाइका ने 20 साल बाद तलाक लिया। तलाक के बाद उन्हें सोशल मीडिया और अपने करीबी लोगों से काफी आलोचना झेलनी पड़ी।एक इंटरव्यू में मलाइका ने बताया कि पब्लिक और अपनों के विरोध के बावजूद उन्होंने अपने फैसलों पर अडिग रहते हुए तलाक लिया और अब उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है।
    मलाइका ने कहा कि उस समय उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या होगा, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में खुश रहने को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शादी के कॉन्सेप्ट में विश्वास करती हैं, लेकिन यह उनके लिए हमेशा अनिवार्य नहीं था। तलाक के बाद उन्होंने कई रिश्तों में समय बिताया, लेकिन अब भी उन्हें प्यार और रिश्तों में खुशी पाना पसंद है। मलाइका ने कहा कि वे प्यार पाने और बांटने में यकीन रखती हैं और अगर सही समय पर प्यार उनके दरवाजे पर आएगा तो वे उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

    यह इंटरव्यू मलाइका की सशक्त और आत्मनिर्भर छवि को दर्शाता है, जहां उन्होंने अपने फैसलों के प्रति ईमानदारी और अपनी खुशी को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उनके शब्दों से यह भी जाहिर होता है कि तलाक ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्होंने प्यार और जीवन के प्रति अपनी सोच को और मजबूत किया है।