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  • पाकिस्तान में LPG सिलेंडर 8,200 रुपये तक पहुंचा, भारत में घरेलू गैस के दाम स्थिर

    पाकिस्तान में LPG सिलेंडर 8,200 रुपये तक पहुंचा, भारत में घरेलू गैस के दाम स्थिर

    नई दिल्ली। पाकिस्तान में ईरान से गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी आने की खबर है। वहां 12 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत कुछ ही दिनों में 4,500 पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर लाहौर में करीब 7,500 रुपये और स्कर्दू में 8,200 रुपये तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, भारत में 26 अक्टूबर को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है।

    दिए गए विनिमय दर के अनुसार, एक भारतीय रुपया करीब 2.91 पाकिस्तानी रुपये के बराबर है। इस हिसाब से दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग 2,740 पाकिस्तानी रुपये होती है। हालांकि, दोनों देशों में सिलेंडर का वजन, मूल्य निर्धारण और बाजार की परिस्थितियां अलग-अलग हैं।

    ईरान से आपूर्ति प्रभावित होने के बीच पाकिस्तान में गैस संकट

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी की एक प्रमुख वजह ईरान से होने वाली गैस आपूर्ति में रुकावट है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और ईरान के बीच दो अहम सीमा चौकियां 17 अक्टूबर से बंद हैं।

    सीमा चौकियां बंद होने के कारणों को लेकर दोनों देशों ने अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए हैं। पाकिस्तान ने सुरक्षा चिंताओं और तस्करी पर रोक लगाने को इसकी वजह बताया है, जबकि ईरान ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है।

    आपूर्ति प्रभावित होने के बीच पाकिस्तान के कुछ इलाकों में एलपीजी सिलेंडर महंगे हो गए हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं पर खर्च का दबाव बढ़ने की आशंका है।

    सरकारी कीमत 3,296 रुपये, बाजार में इससे ज्यादा दाम

    पाकिस्तान के तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने 11.8 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,296 पाकिस्तानी रुपये निर्धारित की है। इसके बावजूद बाजार में सिलेंडर इससे काफी अधिक कीमत पर बेचे जाने की खबरें हैं।

    लाहौर में 12 किलोग्राम के सिलेंडर का दाम करीब 7,500 पाकिस्तानी रुपये और स्कर्दू में लगभग 8,200 रुपये बताया गया है। इस तरह कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत से दोगुने से भी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

    भारत के चार शहरों में LPG सिलेंडर के रेट

    26 अक्टूबर को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख शहरों में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं।

    शहर घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
    दिल्ली ₹942 ₹2,810
    मुंबई ₹941.50 ₹2,764
    चेन्नई ₹957.50 ₹2,983
    अहमदाबाद ₹949 ₹2,831.50

    ये कीमतें उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। उपभोक्ता अपने शहर में लागू दर की पुष्टि संबंधित गैस वितरक से कर सकते हैं।

    घरेलू सिलेंडर के दाम 7 जून से स्थिर

    इंडियन ऑयल के मुताबिक, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बदलाव 1 अक्टूबर को हुआ था। उस समय दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़ाई गई थी।

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 7 जून से स्थिर बताए गए हैं। इस वजह से फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है।

    गैस वितरकों के कमीशन में बढ़ोतरी की उम्मीद

    इस बीच, एलपीजी वितरकों के लिए कमीशन में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की संयुक्त सिफारिश करने पर सहमति जताई है। यह फैसला 21 अक्टूबर को मुंबई में हुई बैठक में लिया गया।

    वितरकों के कमीशन में नियमित बढ़ोतरी के प्रस्ताव पहले ही पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

    पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में उछाल के बीच भारत में घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, पाकिस्तान में आपूर्ति संबंधी व्यवधान और वहां के बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों पर नजर बनी हुई है।

  • बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे

    बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे


    नई दिल्ली:
    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में शनिवार सुबह LPG गैस लीक होने के बाद किराए के मकान में आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के छह लोग झुलस गए, जिनमें चार छोटे बच्चे शामिल हैं। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में खाना बना रहे थे। आग अचानक भड़कने के बाद परिवार के सभी छह सदस्य इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से रायचूर का रहने वाला है और बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह परिवार खाना बना रहा था। इसी दौरान LPG सिलिंडर से गैस लीक होने की आशंका है। गैस के लीक होने के बाद अचानक आग भड़क गई और देखते ही देखते घर में मौजूद परिवार के छह सदस्य झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    हादसे में 40 वर्षीय करिलिंगप्पा, उनकी 42 वर्षीय पत्नी लक्ष्मम्मा और उनके चार बच्चे झुलस गए। घायलों में 11 वर्षीय चैत्र, 9 वर्षीय बसवा और तीन वर्षीय जुड़वां बच्चे गीता और गिरिजा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल सभी छह घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    डॉक्टरों ने सभी छह घायलों की स्थिति को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में LPG गैस लीक होने की आशंका सामने आई है, लेकिन हादसे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल परिवार के सभी घायल सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।

  • अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का असर, गैस सिलेंडर से लेकर हवाई सफर तक बढ़ा खर्च

    अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का असर, गैस सिलेंडर से लेकर हवाई सफर तक बढ़ा खर्च

    नई दिल्ली: अक्टूबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का असर बढ़ाने वाले कई बदलाव लेकर आई है। त्योहारों के सीजन में जहां लोग खरीदारी, यात्रा और अन्य जरूरी खर्चों की तैयारी कर रहे हैं, वहीं कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और पासपोर्ट सेवाओं की लागत बढ़ गई है। इन बदलावों का असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग, हवाई यात्रा और घरेलू खरीदारी के बजट पर पड़ सकता है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 2,810 रुपए और मुंबई में 2,764 रुपए हो गई है। पटना में कीमत में सबसे अधिक 71.50 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है।

    कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्तरां, ढाबा और कैटरिंग उद्योग की लागत बढ़ सकती है। अक्टूबर और नवंबर में त्योहारों तथा शादी-विवाह के कारण खाद्य सेवाओं की मांग बढ़ने के बीच कारोबारियों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव पड़ सकता है। इसका असर आगे उपभोक्ताओं तक भी पहुंचने की संभावना है। इसी तरह अक्टूबर से एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन की कीमत में प्रति लीटर 16 रुपए तक का इजाफा किया है। विमानन उद्योग में ईंधन कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, इसलिए एटीएफ महंगा होने से एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी। दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की मांग बढ़ने पर एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं।

    त्योहारी खरीदारी के बीच घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी भी उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित कर सकती है। वैश्विक बाजार में कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ने के कारण कंपनियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट टीवी, स्प्लिट एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुओं की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। इससे उत्पाद के अनुसार ग्राहकों को करीब 1,200 रुपए से 3,500 रुपए तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। त्योहारी ऑफर्स और डिस्काउंट उपलब्ध होने के बावजूद कीमतों में हुई यह वृद्धि खरीदारी के कुल बजट पर असर डाल सकती है।

    पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं की लागत बढ़ना भी उन लोगों के लिए अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है, जो नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं। सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट आवेदन शुल्क में वृद्धि की गई है। नई व्यवस्था के तहत पासपोर्ट बनवाने की लागत में 1,000 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर विदेश यात्रा, शिक्षा या रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों की कुल लागत पर पड़ सकता है। अक्टूबर और नवंबर का समय त्योहारों, शादी-विवाह और यात्रा के लिहाज से व्यस्त माना जाता है, इसलिए इस दौरान बढ़ी हुई लागत का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है।

    कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत में गैस सिलेंडर, हवाई ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और पासपोर्ट सेवाओं से जुड़े खर्च बढ़े हैं। कच्चे माल और ऊर्जा की लागत ऊंची बनी रहने पर आने वाले समय में अन्य उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की बात विशेषज्ञों ने कही है। ऐसे में त्योहारों के दौरान खरीदारी और यात्रा की योजना बना रहे लोगों को बढ़ी हुई लागत को ध्यान में रखना होगा। कारोबारियों के लिए भी ईंधन और अन्य परिचालन खर्च में बढ़ोतरी अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकती है।

  • महीने की पहली तारीख पर बदलेंगे गैस सिलेंडर के रेट जानिए कम होंगे दाम या फिर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

    महीने की पहली तारीख पर बदलेंगे गैस सिलेंडर के रेट जानिए कम होंगे दाम या फिर बढ़ेगा महंगाई का बोझ


    नई दिल्ली। हर महीने की पहली तारीख देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसी दिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियां गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं। एक अगस्त से भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव होने की संभावना है। ऐसे में करोड़ों परिवारों की नजर इस बात पर टिकी है कि इस बार रसोई गैस सस्ती होगी या फिर महंगाई का बोझ और बढ़ेगा। हालांकि अंतिम फैसला तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखते हुए लेंगी।

    एलपीजी सिलेंडर की कीमतें हर महीने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों विदेशी मुद्रा विनिमय दर और आयात लागत के आधार पर तय की जाती हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में गिरावट आती है तो घरेलू बाजार में राहत मिलने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ती हैं या डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आती है तो गैस सिलेंडर महंगा भी हो सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार चढ़ाव बना हुआ है। इसी कारण तेल कंपनियां बाजार की स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं। ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे। हालांकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की संभावना अधिक मानी जा रही है क्योंकि इस श्रेणी में कीमतों में अक्सर तेजी से संशोधन किया जाता है।

    देश में घरेलू उपयोग के लिए 14 दशमलव 2 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर और व्यावसायिक उपयोग के लिए 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल किया जाता है। होटल रेस्टोरेंट ढाबे और छोटे कारोबारी कमर्शियल सिलेंडर पर अधिक निर्भर रहते हैं। इसलिए इस श्रेणी में कीमतों में बदलाव का सीधा असर खाद्य पदार्थों और अन्य सेवाओं की लागत पर भी पड़ सकता है।

    यदि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी होती है तो इसका सबसे बड़ा फायदा आम परिवारों को मिलेगा। वहीं यदि कीमतें बढ़ती हैं तो मासिक घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई गैस की कीमतें घरेलू खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे नई कीमतों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही किसी भी जानकारी पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावों या अफवाहों से बचना चाहिए क्योंकि वास्तविक कीमतें केवल तेल विपणन कंपनियों की ओर से जारी सूची के अनुसार ही लागू होती हैं। नई दरें देश के अलग अलग शहरों में टैक्स और परिवहन लागत के कारण थोड़ी अलग हो सकती हैं।

    हर महीने की तरह इस बार भी एक अगस्त को इंडियन ऑयल भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम नई एलपीजी दरें जारी करेंगी। यदि वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। वहीं विपरीत परिस्थितियों में कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार भी नहीं किया जा सकता। इसलिए सभी की नजर अब पहली अगस्त को जारी होने वाली नई एलपीजी मूल्य सूची पर टिकी हुई है।

  • क्‍या LPG गैस की होने वाली है किल्लत ? जाने 10 जुलाई के रेट, सप्लाई और बुकिंग स्थिति

    क्‍या LPG गैस की होने वाली है किल्लत ? जाने 10 जुलाई के रेट, सप्लाई और बुकिंग स्थिति


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फिर से बढ़ी हलचल के बीच देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होगी? क्या सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं? और क्या बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव होगा? फिलहाल इन सभी सवालों का जवाब राहत देने वाला है।

    होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संघर्ष विराम को लेकर दिए गए बयानों के बाद होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में एक बार फिर गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। इससे दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में शामिल इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

    भारत की एलपीजी सप्लाई पर कितना असर?
    भारत की करीब 60 प्रतिशत एलपीजी सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर आती है। संघर्ष के दौरान इस मार्ग पर संकट की स्थिति बनी थी, लेकिन भारत ने सप्लाई प्रबंधन और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए घरेलू उपभोक्ताओं तक रसोई गैस की आपूर्ति जारी रखी।

    फिलहाल किल्लत के आसार नहीं
    केप्लर के एनालिस्ट सुमित रितोलिया के मुताबिक, मौजूदा हालात का भारत के कच्चे तेल आयात पर फिलहाल बड़ा असर नहीं पड़ा है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रिफाइनरियों ने अपने आयात स्रोतों में विविधता लाई है, जिससे किसी एक मार्ग पर निर्भरता कम हुई है।

    कच्चे तेल की सप्लाई बनी हुई है सामान्य
    रितोलिया के अनुसार, पिछले 100 दिनों में भारत के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति लगभग सामान्य रही है। रूस से बड़ी मात्रा में आयात के अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से वैकल्पिक मार्गों के जरिए भी सप्लाई जारी है। वहीं पश्चिमी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से आयात ने भी आपूर्ति को संतुलित बनाए रखा है।

    रूस बना सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता
    जून महीने में भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 4.93 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया। इसमें रूस से करीब 2.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन आयात हुआ, जो कुल आयात का आधे से अधिक हिस्सा रहा। इसके साथ ही रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

    शिपिंग और बीमा लागत बढ़ने की आशंका
    विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। हालांकि, यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो मालभाड़ा और बीमा लागत बढ़ सकती है। वहीं अमेरिकी प्रतिबंधों और कारोबारी जोखिमों के कारण भारतीय रिफाइनरियों के ईरान से तेल आयात बढ़ाने की संभावना फिलहाल नहीं है।

    10 जुलाई को LPG रेट में कोई बदलाव नहीं
    10 जुलाई के ताजा रेट के अनुसार घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इंडियन ऑयल की कीमतों के मुताबिक, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर 2930 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3081.50 रुपये का है।

    जयपुर में घरेलू सिलेंडर 945.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2957.50 रुपये में उपलब्ध है। वहीं चेन्नई में घरेलू सिलेंडर की कीमत 957.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3106 रुपये है।

    बुकिंग और सप्लाई पहले की तरह सामान्य
    फिलहाल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को किसी तरह की किल्लत या घबराहट में खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।

  • अमेरिका-ईरान तनाव का असर: एक महीने में पेट्रोल-डीजल 7.5 रुपए तक महंगा, एलपीजी भी उछला

    अमेरिका-ईरान तनाव का असर: एक महीने में पेट्रोल-डीजल 7.5 रुपए तक महंगा, एलपीजी भी उछला

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले एक महीने के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हो गया है। ऊर्जा बाजार में बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ईंधन लागत लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर परिवहन, व्यापार और दैनिक जीवन पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    राजधानी दिल्ली में बीते एक महीने के दौरान पेट्रोल की कीमत में कुल 7.35 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इसके बाद पेट्रोल का दाम 94.77 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 102.12 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। इस अवधि में सरकार ने चार अलग-अलग चरणों में ईंधन कीमतों में संशोधन किया। 15 मई को पेट्रोल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई, जबकि 19 और 23 मई को 0.87-0.87 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 25 मई को फिर 2.61 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया। लगातार हुई इन बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।

    डीजल की कीमतों में भी लगभग इसी तरह की वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली में डीजल का दाम 87.67 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 95.20 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कुल मिलाकर डीजल 7.53 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। 15 मई को इसमें 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 19 और 23 मई को 0.91-0.91 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद 25 मई को डीजल के दाम में 2.71 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया। डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का असर माल ढुलाई, कृषि गतिविधियों और सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है, जिससे कई वस्तुओं की लागत बढ़ने की संभावना है।

    ईंधन के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हुआ है। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,113.50 रुपए तक पहुंच गई है। एक जून को सिलेंडर के दाम में 42 रुपए की नई बढ़ोतरी की गई। खास बात यह है कि जनवरी से अब तक कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1,400 रुपए से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। वर्ष की शुरुआत में इसकी कीमत 1,691.50 रुपए थी, जो अब दोगुने के करीब पहुंच चुकी है। इसका असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और छोटे व्यवसायों की लागत पर पड़ सकता है।

    हालांकि घरेलू बाजार में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत अभी भी कई देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध करा रहा है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल की खुदरा कीमतें 150 रुपए प्रति लीटर से ऊपर बताई जा रही हैं, जबकि कई देशों में यह 180 रुपए प्रति लीटर से भी अधिक है। यूरोपीय संघ के देशों में पेट्रोल और डीजल दोनों की औसत कीमत भारत की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में भी पेट्रोल की कीमतें भारतीय स्तर से ऊपर बनी हुई हैं।

    वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता का असर भारत के ईंधन बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो आने वाले महीनों में परिवहन लागत और महंगाई पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।

  • दो दिन में 97 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर की डिलीवरी, ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची: सरकार

    दो दिन में 97 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर की डिलीवरी, ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची: सरकार


    नई दिल्ली।  पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य और सुचारू बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो दिनों में करीब 87.66 लाख सिलेंडर की बुकिंग के मुकाबले 97 लाख से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी की गई है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग का स्तर बढ़कर लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो डिजिटल प्रणाली की ओर बढ़ते उपभोक्ता व्यवहार को दर्शाता है। मंत्रालय ने बताया कि उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ऑथेंटिकेशन कोड के आधार पर लगभग 95 प्रतिशत डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या हेराफेरी को रोका जा सके।

    पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बावजूद देश में एलपीजी सप्लाई पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और किसी भी रिटेल गैस एजेंसी पर स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति नहीं देखी गई है।

    इसके अलावा, पिछले दो दिनों में 1.11 लाख छोटे 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की भी बिक्री हुई है। सरकार के अनुसार, यह छोटे सिलेंडर खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों और छोटे उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं।

    सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम लगातार एलपीजी वितरण व्यवस्था को मजबूत करने में लगी हुई हैं। साथ ही कमर्शियल एलपीजी की बिक्री भी पिछले दो दिनों में 15,493 मीट्रिक टन से अधिक दर्ज की गई, जो लगभग 8.15 लाख 19 किलो वाले सिलेंडरों के बराबर है।

    मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार तेजी से हो रहा है। अब तक करीब 6.5 लाख कनेक्शनों में गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है, जबकि कुल कनेक्शन संख्या 9.16 लाख तक पहुंच गई है। इसके अलावा, 7.08 लाख नए उपभोक्ताओं ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।

    सरकार ने बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए देशभर में सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में 2,000 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 378 डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया और 76 एजेंसियों को निलंबित किया गया।

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। सभी सरकारी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

    सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें। साथ ही उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से बुकिंग करने और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ से बचने की सलाह दी गई है।

  • आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव

    आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव


    नई दिल्ली।
    एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज 1 मई से नियमों में कई बदलाव (Many changes Rules) हो गए हैं। जिसकी वजह से अब एलपीजी सिलेंडर बिना डॉक्यूमेंट के लेना और कठिन हो जाएगा। बता दें, इस बीच कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial gas cylinder) की कीमतों में आज भारी इजाफा किया गया है।

    1 मई से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में हुआ बदलाव? (LPG Booking rules changed)
    अभी तक आप अपना एलपीजी बुकिंग पासबुक के जरिए भी सिलेंडर पा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बिना ओटीपी के एक भी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। डिस्ट्रीब्यूटर्स DAC नंबर के बिना एलपीजी सिलेंडर नहीं दे पाएंगे। इस नियम को आज से और कड़ा कर दिया गया है।


    एलपीजी बुकिंग कितने दिन में? (LPG booking time)

    1 मई यानी आज से शहरी क्षेत्रों में 21 दिन की जगह 25 दिन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करवाई जा सकती है। वहीं, गांव में पहले से ही 45 दिन के अंतराल पर एलपीजी सिलेंडर बुक किया जा सकता है। सप्लाई को बेहतर बनाने और गलत उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह नियम बनाए हैं।


    98% बुकिंग हो रही है ऑनलाइन

    मौजूदा समय में 98% सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है। जबकि 94 प्रतिशत डिलीवरी कोड्स के जरिए हो रहा है। इससे कालाबाजारी पर नकेल कसी गई है।


    eKYC हुई एलपीजी सिलेंडर के लिए जरूरी (LPG booking ekyc details)

    अगर आपने अपने एलपीजी पासबुक का eKYC नहीं करवाया है तो ऐसी स्थिति में सिलेंडर नहीं मिलेगा। अब आधार आधारित eKYC करवाना जरूरी हो गया है। बता दें, जिन ग्राहकों ने eKYC नहीं करवाई है उन्हें एलपीजी सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


    1 मई को बढ़ गए कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट (LPG price today)

    आज दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 993 रुपये बढ़ गया है। जिसके बाद 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आज कोई भी इजाफा नहीं किया है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट मार्च में बढ़ाया गया था। उसके बाद से ही दाम स्थिर है।

    युद्ध के बाद एलपीजी की शुरू हुई किल्लत (LPG latest News)
    भारत अपनी एलपीजी जरूरत के लिए पूरी तरह से खाड़ी देशों पर निर्भर था। लेकिन युद्ध ने आपूर्ति पर बुरा असर डाला है। जिसकी वजह से सप्लाई लगभग रुक गई है। सरकार ने घरेलू कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट से भी एलपीजी मंगवाया जा रहा है। हालांकि, भारत को इसके लिए और पैसे खर्च करने होंगे।

  • UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


    आगरा।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में रसोई गैस सिलिंडर (LPG cylinders) के बुकिंग अंतराल (Booking Interval.) में तेल कंपनियों ने मंगलवार को बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग तय कर दी गई है।

    अब 5 किलो का ‘छोटू’ सिलिंडर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 16 दिन में, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को 9 दिन में मिल सकेगा। गैस की कालाबाजारी रोकने और खपत के सटीक आकलन के लिए जारी इस नई सूची का सबसे बड़ा असर जिले के 3.41 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा।

    नई व्यवस्था के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर की बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। 10 किलो वाले कंपोजिट सिलिंडर 18 दिन में मिलेगा।

    दोहरे कनेक्शन वालों को 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर
    गैस सिलिंडर की किल्लत और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए तेल कंपनियों ने सॉफ्टवेयर में बड़े तकनीकी बदलाव किए हैं। अब दो सिलिंडर वाले ग्राहकों को रिफिल बुक करने के लिए कम से कम 35 दिनों का इंतजार करना होगा। वहीं, एक सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 25 दिन तय की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के मुताबिक, यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।


    गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला

    वहीं, आगरा में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर मचे घमासान के बीच जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सिलिंडर सप्लाई करने वाली ऑयल कंपनियों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ अहम बैठक की। बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने साफ कर दिया कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनके औसत उपभोग का केवल 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित किया जाएगा।

    भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है। अस्पताल, रेलवे और शैक्षणिक संस्थान जैसी अति आवश्यक सेवाओं को उनके पिछले तीन माह के औसत उपभोग का 20 प्रतिशत कोटा मिलेगा।

    वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा जैसी आवश्यक सेवाओं को केवल 10 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलिंडरों की किल्लत के बीच यदि कोई एजेंसी, बिचौलिया या व्यक्ति जमाखोरी या घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि इस नई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।


    डबल सिलिंडर होने पर गैस बुकिंग अब 35 दिन बाद

    – उपभोक्ताओं की रसोई गैस से जुड़ी समस्याएं और बढ़ सकती है। अब दो सिलिंडर वाले उपभोक्ता 35 दिन बाद गैस बुकिंग करा सकेंगे।
    – उज्ज्वला कनेक्शन धारक 45 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे। एकल वाले 25 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे।
    – नए नियम शहरी-ग्रामीण सभी क्षेत्रों में लागू होंगे। तय सीमा से पहले बुकिंग पर सिस्टम स्वतः ब्लॉक कर देगा।
    – 5 किलो घरेलू सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में नौ दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 16 दिन का अंतराल तय किया है।
    – 10 किलो कंपोजिट सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में 18 दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 32 दिन का अंतराल तय किया गया है।