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  • ईंधन की कीमतें स्थिर, LPG की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार के सभी प्रयास जारी

    ईंधन की कीमतें स्थिर, LPG की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार के सभी प्रयास जारी


    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को साफ किया कि आम आदमी के लिए इस्तेमाल होने वाले आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए हैं, जो कुल बिक्री का सिर्फ 3-4 परसेंट हिस्सा बनता है।

    सरकार की ब्रीफिंग

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने डेली ब्रीफिंग में बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कंट्रोल फ्री (डीरेगुलेटेड) हैं और इन्हें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ा दिए हैं।

    एलपीजी सप्लाई बनी रहेगी

    सुश्री शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति नहीं है। उत्पादन बढ़ाया गया है ताकि सप्लाई बेकार बनी रहे। हालांकि, उन्होंने माना कि भारत पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर नहीं है और अभी भी आयात पर निर्भर है।

    स्थिति संभालने के लिए 13,700 से ज़्यादा पन्नों के कनेक्शन दिए गए हैं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके। पिछले एक हफ़्ते में 11,300 टन कोयले की सप्लाई एलपीजी की सप्लाई की गई है। इसके अलावा, करीब 7,500 कंज्यूमर एलपीजी से पन्नों की ओर शिफ्ट हो चुके हैं।

    उन्होंने बताया कि घबराहट में गैस बुकिंग में कमी आई है और एक दिन में लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग हुई हैं। सरकार लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नए सोर्स तलाश रही है और राज्यों से सख्त निगरानी और डिस्ट्रीब्यूशन में बाधा न आने की अपील की गई है।

    ईरान से तेल खरीद और समुद्री सुरक्षा

    सुश्री शर्मा ने ईरान से तेल खरीदने के सवाल पर कहा कि इस पर इंतज़ार कुछ भी कहना मुश्किल है। वहीं, पट्टन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोई समुद्री घटना नहीं हुई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास मौजूद 22 भारतीय जहाज और सभी नाविक सुरक्षित हैं।

    अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू स्थिति

    पश्चिम एशिया में तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने यह संदेश दिया है कि साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखीं। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल पर हुई मामूली बढ़ोतरी केवल उच्च ऑक्टेन वाले महंगाई पर असर डाल सकती है। सरकार के प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी रहे और घरेलू बाजार में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न आए।

  • भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल

    भोपाल: घरेलू गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने कलेक्टर ने गठित किया विशेष जांच दल


    भोपाल । राजधानी में घरेलू रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और इसकी कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल द्वारा जारी एक ताज़ा आदेश के अनुसार, जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों और गोदामों के निरीक्षण के लिए 23 जिला स्तरीय अधिकारियों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है ।

    आयात में रुकावट के चलते कड़ा फैसला
    प्रशासन ने यह कदम केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के उन निर्देशों के बाद उठाया है, जिनमें वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के कारण आयात में हुई बाधा का हवाला दिया गया है । सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही की जाए ।

    आदेश के तहत अब अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य किसी भी वाणिज्यिक श्रेणी जैसे होटल, मॉल या फैक्ट्रियों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी ।

    निरीक्षण के लिए तैनात अधिकारीघरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध अंतरण और व्यवसायिक उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। प्रमुख नियुक्तियों में शामिल हैं:

    कृषि विभाग से सुरेन्द्र अमरूते और अमित सिंह ।
    महिला एवं बाल विकास विभाग से सुनील सोलंकी ।
    परिवहन विभाग से क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जीतेन्द्र शर्मा ।
    शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ।
    इसके अलावा जल संसाधन, मत्स्य, और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है ।

    प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट
    कलेक्टर के निर्देशानुसार, नियुक्त किए गए सभी अधिकारी आवंटित गैस एजेंसियों और गोदामों का प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे । वे अपनी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को सौंपेंगे । यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गैस की कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं ।यह व्यवस्था जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की एजेंसियों (IOCL, BPCL, HPCL) पर समान रूप से लागू होगी ।