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  • देशभर में LPG उपभोक्ताओं को राहत जारी, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च स्तर पर बरकरार, कल हो सकता है बड़ा फैसला

    देशभर में LPG उपभोक्ताओं को राहत जारी, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च स्तर पर बरकरार, कल हो सकता है बड़ा फैसला

    नई दिल्ली । देशभर में घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 31 मई को जारी ताजा अपडेट में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों की मासिक समीक्षा के बाद यह स्थिति सामने आई है कि फिलहाल घरेलू गैस की दरें मार्च माह के स्तर पर ही स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बदलाव को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है।

    देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये दर्ज की गई है, जबकि मुंबई में यह 912.50 रुपये पर उपलब्ध है। कोलकाता में उपभोक्ताओं को 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये की दर पर सिलेंडर मिल रहा है। इसी तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू सिलेंडर की कीमत 918.50 रुपये पर स्थिर बनी हुई है, जो राज्य के उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की स्थिति को दर्शाती है। लखनऊ, पटना और अन्य प्रमुख शहरों में भी दरों में स्थिरता देखी गई है, हालांकि कुछ शहरों में कीमतें 950 रुपये से अधिक के स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे क्षेत्रीय अंतर साफ नजर आता है।

    कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हाल के दिनों में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन घरेलू उपयोग वाले सिलेंडर में स्थिरता बनाए रखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाएं भविष्य में LPG कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को दरों की समीक्षा करती हैं, और इसी क्रम में कल यानी 1 जून को एक नई समीक्षा की संभावना है, जो उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    पिछले कुछ महीनों में घरेलू LPG की कीमतों में सीमित बदलाव ही देखने को मिला है, जिसमें मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बाद से अब तक दरें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे आने वाले समय में घरेलू गैस की कीमतों पर दबाव बन सकता है।

    उपभोक्ताओं की नजर अब 1 जून की समीक्षा पर टिकी हुई है, क्योंकि हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां नए रेट जारी करती हैं। यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता जारी रहती है तो घरेलू LPG कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल स्थिति यह है कि देशभर में रसोई गैस की कीमतें स्थिर हैं और उपभोक्ताओं को किसी तात्कालिक बढ़ोतरी से राहत मिली हुई है।

  • संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    संसद के बाहर नारेबाजी, ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’; LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब

    नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष के सांसदों ने LPG संकट को लेकर हंगामा किया। संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर चुके हैं और देश को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज सदन में जवाब देंगे, जबकि बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे।

    लोकसभा में ग्रांट्स डिमांड्स पर दो घंटे से चर्चा जारी रही। तमिलनाडु से आईयूएमएल सांसद नवासकनी तमिल भाषा में बोलते नजर आए। सांसदों ने LPG की बढ़ती कीमतों, सप्लाई की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

    सागरिका घोष (ShTMc सांसद) ने कहा कि LPG महंगा हुआ और सरकार लंबे समय तक इनकार करती रही। उन्होंने पूछा कि सरकार ने LPG का स्टॉक पहले क्यों नहीं बढ़ाया या सप्लाई के दूसरे स्रोत क्यों नहीं तलाशे। उनका कहना था कि आम नागरिक इस संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं।

    सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी सांसद) ने कहा कि आयातित अमोनिया की जगह ग्रीन अमोनिया लाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए।

    राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद परेशान लग रहे हैं। एप्स्टीन-अदाणी केस और अन्य मुद्दों को लेकर चिंता साफ दिख रही है।”

    इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हालिया हमले का मुद्दा उठाया।

    स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में चर्चा चल रही है। विपक्ष लगातार सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि देश में LPG संकट गंभीर है, आम जनता को राहत मिलनी चाहिए और सप्लाई चैन मजबूत करना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में उठाए गए ये सवाल सरकार के लिए दबाव पैदा करेंगे। LPG और गैस संकट के मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और मीडिया में बहस तेज होने की संभावना है।