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  • LPG Supply Update: ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची, देशभर में गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य

    LPG Supply Update: ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुंची, देशभर में गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और खासकर पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी हिस्से में गैस की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

    रविवार को घरेलू गैस की ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो डिजिटल सिस्टम की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। खास बात यह है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर गैस खत्म होने यानी ‘ड्राई-आउट’ की स्थिति सामने नहीं आई।

    डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता, कालाबाजारी पर लगाम

    सरकार के अनुसार, अब एलपीजी डिलीवरी में ऑथेंटिकेशन कोड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। करीब 94 प्रतिशत डिलीवरी उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए कोड के जरिए हो रही है। इससे गैस की कालाबाजारी और गलत वितरण (डायवर्जन) पर काफी हद तक रोक लगी है।

     छोटे सिलेंडर की बढ़ी मांग, लाखों में बिक्री

    1 अप्रैल से अब तक 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की 23.58 लाख से ज्यादा बिक्री हो चुकी है। ये सिलेंडर खासकर प्रवासी मजदूरों और अस्थायी उपयोग के लिए काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

     PNG कनेक्शन और नए उपभोक्ताओं में तेजी

    सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देते हुए अब तक करीब 6.12 लाख कनेक्शनों में सप्लाई शुरू कर दी है, जबकि 2.67 लाख नए कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। मार्च से अब तक 6.79 लाख नए उपभोक्ताओं ने गैस कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

    पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, स्टॉक भरपूर

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

     कालाबाजारी पर सख्ती: छापेमारी और कार्रवाई जारी

    एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। रविवार को 1,570 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें 349 डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया और 74 को निलंबित कर दिया गया।

     सरकार की अपील: अफवाहों से बचें, घबराकर खरीदारी न करें

    सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

  • देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.

    देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.


    नई दिल्ली।
    एलपीजी बुकिंग (LPG Booking) को लेकर अबतक की सबसे अच्छी खबर आई है। जब से युद्ध शुरू हुआ है उसके बाद से ही एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। लेकिन सरकार के नए आकंड़े राहत दे रहे हैं। सरकार की तरफ से दी जानकारी में बताया गया है कि एलपीजी की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं, सप्लाई नॉर्मल हो गई है। इसके अलावा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स की तरफ से एक बार फिर से गावों में होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। जोकि ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है।

    सरकार ने एलपीजी बुकिंग पर क्या कुछ बताया? (LPG booking Status)
    शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने बताया है कि एलपीजी बुकिंग गिरकर 46 लाख से 50 लाख के बीच आ गया है। इसके पहले 50 लाख से अधिक एलपीजी बुकिंग हो रही थी। सुजाता शर्मा का कहना है कि इस गर्मियों के सीजन में डिमांड मध्यम स्तर पर रह सकता है।


    पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर

    सुजाता शर्मा ने दी जानकारी में कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कमी कोई खबर नहीं आई है। डिलीवरी पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने कहा, “हमारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की तरफ से सामान्य है। कहीं से भी कमी की कोई खबर नहीं आई है।”


    किन राज्यों में एलपीजी की बिक्री में हुआ इजाफा (LPG demand in States)

    सुजाता शर्मा ने कहा कि फरवरी के महीने में प्रतिदिन कंपनियां 177 टन एलपीजी बेचती थी। जोकि अप्रैल के महीने में 296 टन प्रति दिन पहुंच गया है। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एलपीजी की बिक्री बढ़ी है।

    एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम क्या हैं? (LPG Cylinder booking new rule)
    सरकार ने एलपीजी बुकिंग के लिए नियम लगा दिए हैं। शहरों में एलपीजी बुकिंग 25 दिन में ही की जा सकती है। वहीं, गावों में एलपीजी की बुकिंग कम से कम 45 दिन में ही की जा सकती है।

    ओटीपी के जरिए ही होगी एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग (LPG cylinder Booking OTP Rule)
    सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित नियम लगाया है। ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसी आधार पर उन्हें गैस सिलेंडर मिलेगा। सरकार इस महीने अबतक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया है।

  • बड़े पैमाने पर नए पीएनजी कनेक्शनों से गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार और ऊर्जा बदलाव को बढ़ावा

    बड़े पैमाने पर नए पीएनजी कनेक्शनों से गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार और ऊर्जा बदलाव को बढ़ावा

    नई दिल्ली: वैश्विक तनावों और आपूर्ति संबंधी आशंकाओं के बीच देश में घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और वितरण प्रणाली बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से काम कर रही है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार देशभर में गैस की उपलब्धता स्थिर है और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी या एजेंसियों पर आपूर्ति रुकने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, जिससे उपभोक्ताओं में भरोसा बना हुआ है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग के मुकाबले डिलीवरी दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यह अब लगभग पूर्ण स्तर के करीब पहुंच चुकी है। डिजिटल सत्यापन प्रणाली के उपयोग से डिलीवरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हुई है, जिससे गैस के गलत इस्तेमाल और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। इससे उपभोक्ताओं को सीधे और समय पर सेवा मिल रही है और आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत हुई है।

    सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन के विस्तार पर भी तेजी से काम किया है और लाखों नए कनेक्शनों को सक्रिय किया गया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता पारंपरिक एलपीजी से पाइप्ड गैस की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं, जिससे शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार और मजबूत हो रहा है। यह बदलाव ऊर्जा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित रखा गया है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है ताकि उत्पादन और सेवाओं पर कोई असर न पड़े।

    सरकार ने छोटे उपभोक्ताओं और प्रवासी श्रमिकों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है जिसके तहत छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई गई है। इससे उन वर्गों को राहत मिली है जो सीमित संसाधनों में दैनिक उपयोग के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। साथ ही डिजिटल बुकिंग प्रणाली को बढ़ावा देकर वितरण को अधिक सहज और संपर्क रहित बनाया गया है।

    इस अवधि में एलपीजी की खपत और बिक्री के आंकड़ों में भी वृद्धि दर्ज की गई है जो यह दर्शाता है कि मांग के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था मजबूत बनी हुई है। सरकार का दावा है कि बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन और वितरण क्षमता दोनों को लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कमी न हो।

    इसके साथ ही बाजार में जमाखोरी और अवैध वितरण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण और छापेमारी की गतिविधियों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं तक उचित दर पर गैस पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

    ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को भी बढ़ावा दिया है जिससे एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके। साथ ही कोयला और अन्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की आपूर्ति बढ़ाकर समग्र ऊर्जा संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा कदमों से देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली अधिक स्थिर और लचीली हुई है जिससे किसी भी वैश्विक संकट का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर सीमित रह जाता है।

  • उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग

    उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में रेस्टोरेंट संचालकों और व्यवसायियों के लिए गैस संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के चलते पूरे देश में एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उज्जैन सहित प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे रेस्टोरेंट संचालकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शहर के लगभग 700 रेस्टोरेंट प्रतिदिन सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं।

    गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल और लकड़ी की भट्टियों का विकल्प तलाशने लगे हैं। हालांकि फैक्ट्री संचालकों के पास अचानक इतनी डिमांड बढ़ गई कि डिलीवरी में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। ढांचा भवन अवंतीपूरा कोयला फाटक और ढाबा रोड पर स्थित कई फैक्ट्री में डीजल भट्टियां 20–22 हजार रुपये में बन रही हैं जबकि लकड़ी की भट्टियां 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक में मिल रही हैं।

    राजेश शर्मा जो ढांचा भवन स्थित डायमंड फैक्ट्री के संचालक हैं ने बताया कि गैस की दिक्कत आने के बाद दो दिन में बड़ी संख्या में लोग डीजल भट्टियों के लिए पूछताछ करने आ रहे हैं। पहले महीने में एक या दो लोग ही आते थे अब रोजाना 10–15 लोग भट्टियों की जानकारी लेने आते हैं। हमारी क्षमता सीमित है इसलिए डिलीवरी में 10 दिन तक का समय लग रहा है उन्होंने कहा।

    रेस्टोरेंट संचालक महावीर जैन ने बताया कि उनके अस्पताल की कैंटीन में प्रतिदिन 6 सिलेंडर लगते हैं। सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने दो ड्रम की भट्टियां और 1.40 हजार रुपये कीमत वाली ब्लोवर वाली भट्टियों की बुकिंग करवाई है। आर्डर के तीन दिन बाद भी हमें भट्टी सप्लाई नहीं हो पा रही है। लेकिन खाना बनाना जरूरी है इसलिए विकल्प अपनाना पड़ रहा है उन्होंने कहा।

    इसी तरह लकड़ी भट्टियों का विकल्प चुनने वालों में लोकेश भाकचंदानी शामिल हैं। उन्होंने कहा एलपीजी मिल नहीं रही लेकिन रेस्टोरेंट बंद नहीं कर सकते। इसलिए जो विकल्प मिलेगा वही करेंगे।

    इसके अलावा शहर में इंडेक्शन कुकर की बिक्री भी बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पहले रोजाना 3–5 इंडेक्शन बिकते थे लेकिन अब 20–25 इंडेक्शन रोजाना बिक रहे हैं। उज्जैन में प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं और उनमें से लगभग एक लाख बाहर से आए लोग विभिन्न रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। इस वजह से गैस की किल्लत का असर पूरे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ा है।

    प्रदेश में एलपीजी गैस की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी सही ढंग से काम नहीं कर रही है। कई जगह वेटिंग 7–8 दिन तक पहुंच गई है और कई बार बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इससे उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों ही परेशान हैं।

  • घरेलू LPG आपूर्ति को बनाए रखने रिलायंस ने बढ़ाया उत्पादन, सरकार के साथ मिलकर कर रही काम

    घरेलू LPG आपूर्ति को बनाए रखने रिलायंस ने बढ़ाया उत्पादन, सरकार के साथ मिलकर कर रही काम


    नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चल रही उथल-पुथल को देखते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने घरेलू ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने कहा है कि घरेलू बाजार में जरूरी ईंधन की लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति उनकी प्राथमिकता है। इस दिशा में जामनगर स्थित रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। जामनगर को दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब माना जाता है और यहां की टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि घरेलू गैस आपूर्ति स्थिर बनी रहे। यह कदम भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उठाया गया है।

    केजी-डी6 बेसिन की गैस प्राथमिक क्षेत्रों को जाएगी
    रिलायंस ने यह भी घोषणा की कि केजी-डी6 बेसिन से निकलने वाली प्राकृतिक गैस अब प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर भेजी जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय ऊर्जा प्राथमिकताओं और देश के नागरिकों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और करोड़ों भारतीय परिवारों की भलाई उनकी सबसे बड़ी चिंता है।

    सरकार के साथ सहयोग और नियमों का पालन
    रिलायंस ने बताया कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और सभी राष्ट्रीय नियमों तथा आवंटन प्राथमिकताओं का पूरा पालन कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऊर्जा की आपूर्ति उन क्षेत्रों और समुदायों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

    वैश्विक अनिश्चितता के बीच भरोसेमंद कदम
    कंपनी ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और अनिश्चितता के इस समय में वे देश के साथ मजबूती से खड़े हैं। रिलायंस हर संभव प्रयास कर रही है ताकि देश के लिए आवश्यक ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और घरेलू बाजार में LPG आपूर्ति में कोई कमी न आए।

  • मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, सरकार ने की निगरानी बढ़ाने की घोषणा

    मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, सरकार ने की निगरानी बढ़ाने की घोषणा


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की स्थिति को लेकर स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप और पेट्रोलियम मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सप्लाई की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।

    मंत्री का बयान: आपूर्ति सामान्य, कोई परेशानी नहीं
    मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है। घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी लगातार हो रही है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार अस्थायी रोक लगी है। यह निर्णय खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए लागू किया गया है।

    डीलर एसोसिएशन की चेतावनी: सोशल मीडिया से पैनिक फैल सकता है
    भोपाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि फिलहाल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है। ऑर्डर देने पर नियमित आपूर्ति मिल रही है।

    हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाकर लोगों में पैनिक की स्थिति बनाई जा सकती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पर सख्त निगरानी रखने की अपील की।

    प्रदेश में खपत और स्टॉक की स्थिति
    अजय सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में सालाना पेट्रोल की खपत 1200 मीट्रिक लीटर और डीजल की खपत 1600 मीट्रिक लीटर के करीब है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल को स्टॉक करना संभव है, लेकिन घरेलू रसोई गैस के लिए यह कठिन है। इसलिए गैस पर विशेष निगरानी जरूरी है।

    घरेलू गैस की आपूर्ति निरंतर
    रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आर.के. गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी फिलहाल बंद है, लेकिन घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है।उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम भोपाल जिला प्रशासन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्थिति की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

  • एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका

    एमपी में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, मंत्री ने निगरानी के निर्देश दिए सोशल मीडिया अफवाहों से पैनिक फैलने की आशंका



    भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस मसले पर चर्चा के बाद पेट्रोलियम विभाग के मंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की आपूर्ति की लगातार निगरानी की जाए। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।

    मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राज्य में सोमवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक पर्याप्त हैं और प्रदेश में किसी प्रकार का गंभीर असर नहीं होगा।

    भोपाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि फिलहाल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है और डीलरों के ऑर्डर नियमित रूप से पूरे किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा सकते हैं, जिससे पैनिक की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को सोशल मीडिया पर निगरानी रखनी चाहिए ताकि अफवाहें न फैलें।

    अजय सिंह के अनुसार, मध्यप्रदेश में सालाना लगभग 1200 मीट्रिक लीटर पेट्रोल और 1600 मीट्रिक लीटर डीजल की खपत होती है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल-डीजल को स्टॉक किया जा सकता है, लेकिन घरेलू रसोई गैस के मामले में स्टॉकिंग संभव नहीं है, इसलिए उसकी लगातार आपूर्ति और निगरानी जरूरी है।

    इधर, रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आरके गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद है, लेकिन घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे भोपाल जिला प्रशासन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्थिति की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

    राज्य सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी अफवाह या पैनिक की स्थिति से बचने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की निगरानी लगातार की जा रही है और आम जनता को भरोसा दिया गया है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी का कोई सवाल नहीं है।