Tag: Lucknow Agra Expressway

  • चीखें सुनकर रोकी गाड़ी फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सिपाही ने राइफल से तोड़ा शीशा 5 लोगों की बची जान

    चीखें सुनकर रोकी गाड़ी फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सिपाही ने राइफल से तोड़ा शीशा 5 लोगों की बची जान


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद पुलिस के एक सिपाही दंपति ने जिस तरह समय रहते पांच लोगों की जान बचाई उसकी चर्चा हो रही है। एक्सप्रेसवे पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे के बाद कार में सवार पांच लोग अंदर ही फंस गए। दुर्घटनाग्रस्त वाहन से मदद के लिए चीख पुकार सुनाई दे रही थी लेकिन कार का दरवाजा और शीशा आसानी से नहीं खुल रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह की नजर हादसे पर पड़ी। दोनों ने बिना समय गंवाए अपनी गाड़ी रोकी और लोगों को बचाने के लिए मौके पर पहुंच गए।

    यह घटना लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 171 कट के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सिपाही अमित तेवतिया अपनी पत्नी अर्चना सिंह के साथ सौरिख से कन्नौज की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे पलटी हुई कार देखी। कार के अंदर पांच लोग फंसे हुए थे और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। हादसे की गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया।

    कार के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने में सबसे बड़ी परेशानी शीशा नहीं खुलने की थी। स्थिति को देखते हुए सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी सर्विस राइफल की मदद से कार का शीशा तोड़ा। इसके बाद बचाव का रास्ता बना और पति पत्नी ने मिलकर कार के अंदर फंसे लोगों को एक एक करके बाहर निकालना शुरू किया। दोनों की तत्परता के कारण पांचों लोगों को कार से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में घायल सभी पांच लोगों को इलाज के लिए सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC में भर्ती कराया गया है। वहां उनका उपचार चल रहा है। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल रहा लेकिन पुलिसकर्मी दंपति के तत्काल पहुंचने और रेस्क्यू शुरू करने से घायलों को समय पर कार से बाहर निकाला जा सका।

    इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही दंपति दुर्घटनाग्रस्त कार के पास पहुंचकर लोगों को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बीच दोनों की तत्परता और साहस की लोग तारीफ कर रहे हैं। खास बात यह रही कि सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह ने मौके की गंभीरता को समझते हुए किसी तरह की देरी नहीं की और तुरंत मदद के लिए आगे आए।

    सड़क हादसों में दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे समय पर समय पर मिलने वाली मदद घायल लोगों के लिए अहम साबित हो सकती है। कन्नौज की इस घटना में भी पुलिसकर्मी दंपति की त्वरित कार्रवाई ने पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद दोनों की बहादुरी और मानवीय संवेदना की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।

  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ओपी राजभर का हमला, बोले- भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना, 'सैफई परिवार को मिलेगी सजा

    लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर ओपी राजभर का हमला, बोले- भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना, 'सैफई परिवार को मिलेगी सजा


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना” करार दिया।

    ओपी राजभर ने कहा कि यदि किसी को अखिलेश यादव सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार के उदाहरण देखने हों तो लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा उदाहरण है। उनका आरोप है कि निजी लाभ और धन कमाने की लालसा में एक्सप्रेसवे के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह सड़क हादसों का केंद्र बन गई। उन्होंने दावा किया कि कई लोग इसे “मौत का एक्सप्रेसवे” भी कहने लगे हैं क्योंकि यहां बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं हुई हैं।

    राजभर ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सैफई परिवार और उनके करीबी लोगों ने जनता के धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक जमीन खरीद और मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। उनके मुताबिक पहले औने-पौने दाम पर जमीनें खरीदी गईं, फिर एक्सप्रेसवे का रूट बदला गया और रिकॉर्ड में बदलाव कर जमीनों को आवासीय श्रेणी में दिखाया गया, जिससे भारी मुआवजा हासिल किया जा सके।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद भी कई जमीनों की रजिस्ट्रियां कराई गईं और बाद में उन जमीनों का मुआवजा लिया गया। राजभर का दावा है कि एक्सप्रेसवे का मार्ग इस तरह बदला गया कि सैफई परिवार और उनसे जुड़े लोगों की जमीनों का मूल्य कई गुना बढ़ गया।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मूल रूप से करीब 270 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे निजी हितों के चलते 300 किलोमीटर से अधिक लंबा कर दिया गया। उनका कहना था कि इसका खामियाजा आज भी आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय करने के कारण यात्रियों का समय, ईंधन और पैसा तीनों अधिक खर्च हो रहे हैं।

    ओपी राजभर ने कहा कि इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार की परतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और समय आने पर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों को सजा मिलेगी और कानून अपना काम करेगा।

    राजभर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।