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  • अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ

    अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, LDA के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों से होगी पूछताछ


    लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 100 से अधिक वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। वर्ष 2014 से 2026 तक इस भवन से जुड़े अधिकारियों का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है और सूची तैयार कर एसआईटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

    22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला कोचिंग कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर खामियां
    जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार भवन में निर्धारित मानकों से अधिक निर्माण किया गया था। इसके अलावा आने-जाने का रास्ता बेहद संकरा था, जबकि आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी और बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। प्रारंभिक जांच में इन्हीं कमियों को हादसे की प्रमुख वजह माना गया है।

    अब एसआईटी यह जांच करेगी कि भवन निर्माण की स्वीकृति, निरीक्षण और मानकों के पालन में किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही और कहीं प्रशासनिक लापरवाही तो नहीं हुई।

    हादसे का घटनाक्रम
    22 जून को दोपहर करीब 2:15 बजे अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। दोपहर 2:30 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे पहली दमकल मौके पर पहुंची और आग की गंभीरता को देखते हुए कुल 13 दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 6:30 बजे आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 युवाओं की मौत हो गई।

    कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई
    हादसे के बाद प्रशासन ने शहर के प्रमुख कोचिंग हब काकादेव में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। जांच के दौरान भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    अब सभी की नजर एसआईटी जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

  • अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, बोले- संवेदनहीनता का चेहरा सामने आया, जनता सब समझ चुकी है

    अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, बोले- संवेदनहीनता का चेहरा सामने आया, जनता सब समझ चुकी है


    लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता अब भाजपा नेताओं के भाषण सुनने के मूड में नहीं है, बल्कि जवाब चाहती है। अपने बयान में उन्होंने एक कथित वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि उससे भाजपा नेताओं की वास्तविक कार्यशैली और व्यवहार लोगों के सामने आ गया है।

    अखिलेश यादव ने कहा कि अहंकार इंसान का विवेक छीन लेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने किसी नेता को ईमानदारी, सादगी और जनसेवा का प्रतीक मान रखा था, उनका भ्रम अब टूट चुका है। उनके अनुसार हाल ही में सामने आए एक कथित वीडियो ने उस बनाई गई छवि को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

    सपा प्रमुख ने कहा कि किसी परिवार पर दुख का पहाड़ टूटने के समय संवेदना और सहानुभूति दिखाने के बजाय यदि कोई सार्वजनिक रूप से कठोर भाषा और व्यवहार अपनाता है, तो यह उसकी संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद लोगों के सामने उस नेता का वास्तविक चेहरा उजागर हो गया है और कथित नायकत्व का मायाजाल बिखर गया है।

    अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस घटना से सबसे अधिक निराश वे समर्थक हुए हैं, जो अब तक संबंधित नेता की छवि का प्रचार करते रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग अब यह सोचने को मजबूर हैं कि यदि ऐसी घटना उनके अपने परिवार के साथ होती, तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होती। उनके अनुसार इस घटना ने समाज में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी पत्रकारों और अधिकारियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार के मामले सामने आ चुके हैं। उनका कहना था कि जिसके सार्वजनिक व्यवहार में संयम नहीं होता, उसके नेतृत्व पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

    सपा अध्यक्ष ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब यह भी कहा जा सकता है कि वायरल वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से बनाया गया है, लेकिन जनता सब समझती है। उन्होंने दावा किया कि लोग वास्तविकता और दिखावे के बीच का अंतर पहचान चुके हैं।

    अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ी किसी भी घटना को समाज गंभीरता से लेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण से भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा है और महिलाओं के बीच इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा।

  • लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां चौक थाना क्षेत्र में स्थित केजीएमयू के बाहर बीच सड़क एक युवक के साथ दबंगों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवक मिलकर एक व्यक्ति को घेरकर बेल्ट और डंडों से लगातार पीट रहे हैं। मारपीट इतनी बेरहमी से की जा रही है कि वहां से गुजरने वाले लोग भी कुछ देर के लिए ठहर जाते हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है और केजीएमयू परिसर के बाहर हुई थी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे क्या कारण था। न ही अब तक यह जानकारी सामने आई है कि पीड़ित युवक की ओर से किसी तरह की शिकायत पुलिस को दी गई है या नहीं। घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और पुलिस जांच का इंतजार किया जा रहा है।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक हिंसा बेहद चिंताजनक है और पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

    स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की खुलेआम गुंडई से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा

    ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने एक मजेदार लेकिन गंभीर उदाहरण देते हुए बताया कि लोग महंगी कारों में घूमते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा लगाए गए 45 रुपये के गमले तक चोरी कर ले जाते हैं। सीएम योगी की यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।

    दरअसल, मुख्यमंत्री लखनऊ नगर निगम के “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 413 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ-सफाई और शहर की सुंदरता बनाए रखने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।

    सीएम योगी ने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना सिर्फ नगर निगम, महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, नालियों में कचरा न फेंकें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गमलों को लोग चोरी कर ले जाते हैं। उन्होंने बताया, “हमने देखा कि एक बहुत महंगी कार आई और उसमें बैठे लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। सीसीटीवी कैमरों में सब रिकॉर्ड हो गया। जितना पैसा उस कार में तेल भराने में लग रहा होगा, उतने में कई नए गमले आ जाते।”

    मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि एक समय उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए, ताकि लोगों को समझ में आए कि छोटी लालच की वजह से शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो पैसा विकास कार्यों पर खर्च करती है, वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता का पैसा होता है। इसलिए उसकी रक्षा करना और सही उपयोग सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुसार जनता का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है और इसी वजह से प्रदेश में विकास साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां लोग इसे मजेदार अंदाज में साझा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर संदेश भी बता रहे हैं।

  • लखनऊ पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिवसीय दौरे में संगठन और सरकार के कामकाज की होगी समीक्षा

    लखनऊ पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, तीन दिवसीय दौरे में संगठन और सरकार के कामकाज की होगी समीक्षा

    नई दिल्ली। मोहन भागवत रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे, जहां वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान संघ के संगठनात्मक कामकाज, अभियान और आगामी रणनीति पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक, भागवत का यह दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संघ की तैयारियों की समीक्षा करेंगे और जमीनी स्तर पर काम कर रहे प्रचारकों से सीधा फीडबैक लेंगे।

    लखनऊ प्रवास के दौरान संघ प्रमुख विभिन्न आयामों से जुड़े पदाधिकारियों और प्रचारकों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन के विस्तार, सामाजिक अभियानों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर चर्चा होगी। साथ ही प्रदेश में चल रही गतिविधियों और उनके प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा।

    जानकारी के अनुसार, इस दौरे में सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हो सकती है। संघ नेतृत्व प्रदेश सरकार के कामकाज और संगठन की सक्रियता को लेकर फीडबैक जुटाएगा, ताकि आगे की रणनीति को और मजबूत बनाया जा सके।

    संघ के प्रचारकों से मिलने वाले सुझावों और अनुभवों के आधार पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। संगठन की कोशिश जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और प्रभाव को और मजबूत करने की है।

    गौरतलब है कि मोहन भागवत इससे पहले फरवरी में भी लखनऊ आए थे। उस दौरान भी उन्होंने कई संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लिया था। मौजूदा दौरे को उसी सिलसिले का विस्तार माना जा रहा है, जिसमें संघ लगातार अपने नेटवर्क और रणनीति की समीक्षा कर रहा है।

  • लखनऊ मेयर विवाद: हाई कोर्ट के आदेश के बाद सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को दिलाई गई शपथ, मेयर के अधिकार पहले ही सीज

    लखनऊ मेयर विवाद: हाई कोर्ट के आदेश के बाद सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को दिलाई गई शपथ, मेयर के अधिकार पहले ही सीज




    नई दिल्ली(New Delhi)।
    लखनऊ नगर निगम में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आखिरकार सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिला दी गई। यह शपथ मेयर सुषमा खर्कवाल द्वारा हाई कोर्ट के आदेश के बाद कराई गई, क्योंकि अदालत ने समय सीमा तय करते हुए शपथ न दिलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

    दरअसल, पार्षद निर्वाचित होने के करीब 5 महीने बाद भी ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई गई थी। मामला लगातार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया था कि 29 मई तक हर हाल में शपथ दिलाई जाए, अन्यथा मेयर को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और व्यक्तिगत हलफनामा देना होगा।

    कोर्ट ने इस मामले में मेयर सुषमा खर्कवाल के अधिकार भी सीज कर दिए थे, जिससे प्रशासनिक स्तर पर दबाव और बढ़ गया था। गुरुवार को आए आदेश के बाद मामला और तेज हो गया और रविवार को मेयर ने स्वयं सपा पार्षद को शपथ दिलाई।

    जानकारी के अनुसार, मेयर ने पहले अपनी तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी थी, लेकिन शनिवार को डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने शपथ प्रक्रिया पूरी करने की पुष्टि की।

    यह पूरा विवाद 2023 के नगर निकाय चुनाव से जुड़ा है। वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज-3 में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला ने सपा प्रत्याशी ललित किशोर तिवारी को हराया था। बाद में सपा प्रत्याशी ने भाजपा उम्मीदवार पर शपथ पत्र में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।

    सुनवाई के बाद कोर्ट ने भाजपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द करते हुए ललित किशोर तिवारी को विजेता घोषित किया था। इसके बावजूद शपथ न दिलाए जाने को लेकर मामला लगातार विवादों में रहा, जो अब जाकर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुआ।

  • हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम

    हरिद्वार में होगा प्रतीक यादव का अस्थि विसर्जन, अपर्णा यादव परिवार संग होंगी रवाना; यादव परिवार में पसरा मातम



    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद अब परिवार हरिद्वार में अस्थि विसर्जन की तैयारी में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी अपर्णा यादव जल्द ही पूरे परिवार के साथ हरिद्वार रवाना होंगी, जहां गंगा घाट पर विधि-विधान के साथ अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।

    प्रतीक यादव का बुधवार तड़के निधन हो गया था। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को लखनऊ के भैंसाकुंड धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शुक्रवार को फूल चुनने की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद अब परिवार हरिद्वार जाकर गंगा में अस्थि विसर्जन करेगा।

    सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही थी और कुछ समय पहले उनका इलाज मेदांता अस्पताल में भी चला था। वहीं, पोस्टमॉर्टम से पहले उनके शरीर पर चोट के निशान मिलने की चर्चा भी सामने आई, जिसके बाद मामले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    बताया जा रहा है कि घटना के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं। वह असम के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ लौट आईं।

    प्रतीक और अपर्णा यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। दोनों एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और बाद में यह दोस्ती रिश्ते में बदल गई। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, दोनों के बीच गहरी समझ और मजबूत रिश्ता था। अब प्रतीक यादव के निधन से परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

  • लखनऊ में राजनीतिक तनाव: लखनऊ में बीजेपी और सपा समर्थकों के बीच बढ़ा टकराव

    लखनऊ में राजनीतिक तनाव: लखनऊ में बीजेपी और सपा समर्थकों के बीच बढ़ा टकराव

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब सरोजनी नगर से बीजेपी विधायक Rajeshwar Singh के समर्थक सड़क पर उतर आए और सपा सांसद R.K. Chaudhary के आवास का घेराव कर दिया।

    प्रदर्शनकारियों ने 1090 चौराहे से जुलूस निकालते हुए मुंशी पुलिया स्थित सांसद आवास तक पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान “अखिलेश यादव मुर्दाबाद”, “राहुल गांधी मुर्दाबाद” और “प्रियंका गांधी होश में आओ” जैसे नारे लगाए गए, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

    महिला आरक्षण मुद्दा बना प्रदर्शन की वजह
    प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि नारी वंदन अधिनियम और महिला आरक्षण को लेकर सपा सांसद के बयान आपत्तिजनक हैं। इसी के विरोध में यह घेराव किया गया। महिला समर्थकों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और “आरके चौधरी शर्म करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर विपक्षी दलों का रवैया गलत है।

    सांसद के आवास पर मौजूदगी और प्रतिक्रिया
    विवाद के बीच सपा सांसद अपने आवास पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शन करने आए लोगों का सम्मान करेंगे और सरोजनी नगर उनका क्षेत्र है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता है, चाहे वे किसी भी दल से हों।

    सांसद ने नारी वंदन अधिनियम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसे लागू करने में सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं और महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं हो रहा है।

    प्रदर्शन में बढ़ा राजनीतिक टकराव
    प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने गाड़ियों के काफिले के साथ 1090 चौराहे से मुंशी पुलिया तक मार्च किया। कई जगहों पर नारेबाजी और भीड़ के कारण तनाव की स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों को जवाब देना होगा।

    दोनों पक्षों की सियासी बयानबाजी तेज
    बीजेपी समर्थकों का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ दिए गए बयानों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि सपा सांसद ने इसे राजनीतिक विरोध बताया है।

  • विधानसभा सत्र के कारण लखनऊ में ट्रैफिक डायवर्जन, 24 दिसंबर तक कई प्रमुख रास्ते रहेंगे बंद

    विधानसभा सत्र के कारण लखनऊ में ट्रैफिक डायवर्जन, 24 दिसंबर तक कई प्रमुख रास्ते रहेंगे बंद


    नई दिल्ली।लखनऊ /उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के मद्देनज़र राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। शुक्रवार 19 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है जो 24 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले बदले हुए रूट की जानकारी जरूर लें ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने जानकारी दी कि विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों विधान परिषद सदस्यों और अन्य विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सत्र के चलते विधानसभा भवन और उसके आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी।

    ट्रैफिक पुलिस के अनुसार बंदरियाबाग चौराहे से राजभवन डीएसओ चौराहा हजरतगंज चौराहा जीपीओ मोड़ और विधानसभा की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन मार्गों की ओर जाने वाले वाहन अब लालबत्ती चौराहा कैंट रोड गोल्फ क्लब चौराहा और 1090 चौराहे के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।इसी तरह डीएसओ चौराहे से हजरतगंज जीपीओ पार्क और विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों को भी बंद रखा जाएगा। इस रूट पर चलने वाले वाहनों को पार्क रोड और मेफेयर तिराहे से होकर जाने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इन वैकल्पिक मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    इसके अलावा रॉयल होटल चौराहे से विधानसभा के सामने होकर हजरतगंज चौराहे की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से बंद रहेगा। इस रास्ते से गुजरने वाले वाहनों को कैसरबाग चौराहा परिवर्तन चौक सुभाष चौराहा चिरैया झील या बर्लिंगटन चौराहा सदर ओवरब्रिज और कैंट रोड के जरिए डायवर्ट किया जाएगा।विधानसभा सत्र का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ेगा। रोडवेज और सिटी बसों के कई रूट में बदलाव किया गया है। संकल्प वाटिका पुल के नीचे स्थित तिराहे से महानगर की ओर से आने वाली बसें अब सिकंदरबाग हजरतगंज और विधानसभा मार्ग से नहीं गुजरेंगी। इन बसों को बैकुंठ धाम 1090 गांधी सेतु बंदरियाबाग लालबत्ती चौराहा और कैंट के रास्ते संचालित किया जाएगा।

    गौरतलब है कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक प्रस्तावित है। हालांकि 20 और 21 दिसंबर को अवकाश रहेगा लेकिन इसके बावजूद 22 23 और 24 दिसंबर को भी ट्रैफिक डायवर्जन की यही व्यवस्था लागू रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से समय से निकलने ट्रैफिक नियमों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी ट्रैफिक कर्मियों से सहायता लेने की अपील की है