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  • यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट

    यूपी में मानसून का कहर: 30 शहरों में मूसलाधार बारिश, नहर टूटी, कब्रिस्तान से बाहर आए शव; 49 जिलों में अलर्ट


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और इसकी पहली बड़ी मार प्रदेश के कई जिलों पर साफ दिखाई देने लगी है। शुक्रवार सुबह से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, सहारनपुर, बांदा, हापुड़, बिजनौर, प्रतापगढ़ समेत करीब 30 शहरों में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गई हैं, निचले क्षेत्रों में पानी घरों तक पहुंच गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

    सहारनपुर में भारी बारिश ने बेहद संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी। कब्रिस्तान की मिट्टी बह जाने से कई पुराने शवों के अवशेष बाहर आ गए, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया। वहीं मुजफ्फरनगर में नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और किसानों की फसलें प्रभावित होने लगीं।

    बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में सरकारी जूनियर हाईस्कूल की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वाराणसी और प्रतापगढ़ में गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि प्रयागराज में जलभराव के कारण एक कार नाले में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    हापुड़ के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है, जबकि बांदा में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ में पूरी रात बारिश होने के बाद सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

    खराब मौसम को देखते हुए मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद समेत 13 जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

    बारिश से जुड़े हादसों में पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में 13 लोगों की जान जा चुकी है। संभल में सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर और बदायूं में कच्चे मकानों की दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई थी। बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो 1952 के बाद चौथी सबसे अधिक और जुलाई महीने की तीसरी सबसे बड़ी बारिश मानी गई है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

  • यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न

    यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न


    लखनऊ । यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और बुधवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी लखनऊ में दोपहर के समय ही आसमान पर घने बादल छा गए और दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हो गया।

    राज्य के कई अन्य शहरों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, उन्नाव, औरैया और चित्रकूट सहित करीब 40 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। नोएडा में कई इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    आगरा में लगातार बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में एक महिला समेत पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा।

    हाथरस में हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। सदर कोतवाली परिसर तक में पानी भर गया, जबकि कई सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें और मोटरसाइकिलें बहने लगीं। मथुरा में भी जलभराव की स्थिति बनी रही और कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए। मंगलवार को एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत नाले के तेज बहाव में फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

    भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश सोनभद्र जिले में दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 195 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकती है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।