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  • यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे

    यूपी में बारिश का कहर! लखनऊ समेत 30 शहरों में झमाझम बारिश, 10 जिलों में स्कूल बंद; काशी के घाट-मंदिर डूबे


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से लखनऊ समेत प्रदेश के 30 से ज्यादा शहरों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में सुबह से ही आसमान घने काले बादलों से ढका रहा और दिन निकलने के बावजूद अंधेरा छाया रहा। लगातार बारिश के कारण शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। कहीं सड़कें तालाब बन गई हैं तो कहीं पुलिस थाने और सरकारी अस्पताल तक पानी में घिर गए हैं। हालात को देखते हुए प्रदेश के करीब 10 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

    संभल में तेज बारिश के बाद रोडवेज बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गया। सरकारी अस्पताल में भी बारिश का पानी घुस गया। प्रतापगढ़ के लालगंज इलाके में स्थिति और ज्यादा खराब नजर आई। यहां तहसील परिसर के साथ कोतवाली पुलिस स्टेशन प्राइमरी स्कूल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब दो फीट तक पानी भर गया। पुलिस की गाड़ियों के पहिए तक पानी में डूब गए। निचले इलाकों में कई घरों के भीतर भी बारिश का पानी पहुंच गया है।

    भदोही और कौशांबी में भी भारी जलभराव देखने को मिला। कई प्रमुख सड़कों पर करीब एक फीट तक पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। प्रतापगढ़ में रातभर हुई बारिश के कारण मंदिरों और रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं। जलभराव के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी कर दी गई।

    भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रयागराज प्रतापगढ़ मिर्जापुर कौशांबी भदोही हरदोई अमेठी और जौनपुर समेत करीब 10 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और नदियों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

    काशी में गंगा का बढ़ा जलस्तर

    बारिश के साथ गंगा और यमुना समेत उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों से ऊपर पहुंच गया है। घाट किनारे बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी से घिर गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर और दशाश्वमेध घाट का ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर काफी हिस्से तक पानी में डूब गया है। कई जगह मंदिरों का केवल ऊपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा है।

    नमो घाट की सीढ़ियों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों से घाटों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती अब छत के ऊपर कराई जा रही है।

    मणिकर्णिका घाट पर बदली अंतिम संस्कार की जगह

    गंगा का जलस्तर बढ़ने से मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थलों तक भी पानी पहुंच गया है। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए ऊपरी सीढ़ियों वाले हिस्से का इस्तेमाल किया जा रहा है। घाटों पर मौजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

    कानपुर और उन्नाव में भी गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। कई सौ घरों में पानी पहुंचने के कारण प्रभावित परिवारों को छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट की कई सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।

    23 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून

    लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक हवा में कम दबाव का क्षेत्र बनने मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा में खिसकने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण मानसून सक्रिय हुआ है। 19 से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के सिस्टम का असर भी उत्तर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है। खास तौर पर 20 और 21 अगस्त को कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और नदी तथा घाटों के आसपास जाने में विशेष सावधानी बरतें।

  • यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार

    यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव फिलहाल थम गया है और रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा। तेज धूप के साथ दिन में गर्मी का असर बढ़ा है, हालांकि हल्की हवाओं के चलते फिलहाल गर्मी थोड़ी संतुलित बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

    मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि झांसी सबसे गर्म जिला रहा। वहीं पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश दर्ज नहीं की गई। तापमान में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में फिर से मौसम बदल जाएगा। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने के साथ आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। 13 और 14 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 15 मई तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

    लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में हो रहे मौसम बदलाव का सीधा असर यूपी पर पड़ रहा है, जिससे लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, खासकर तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

  • कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल

    कोहरा, धुंध और जहरीली हवा की मार: IND vs SA चौथा T20I रद्द, BCCI की प्लानिंग पर उठे सवाल


    नई दिल्ली ।लखनऊ/भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाने वाला चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बुधवार, 17 दिसंबर को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होना था, लेकिन खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता के कारण मैच को रद्द करना पड़ा। घने कोहरे, धुंध और खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके वायु प्रदूषण ने मैदान को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया था। कई बार निरीक्षण के बावजूद मैच शुरू नहीं हो सका, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI की मैच शेड्यूलिंग नीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह मुकाबला आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण रद्द किया गया, लेकिन वास्तविकता यह थी कि लखनऊ में प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत ने पूरे स्टेडियम को ढक लिया था। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI 400 के पार पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ से भी ऊपर की खतरनाक श्रेणी में आता है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चिंताएं स्वाभाविक रूप से बढ़ गईं।मैच शाम सात बजे शुरू होना था, लेकिन टॉस तक नहीं हो पाया। अंपायरों ने कुल छह बार मैदान और परिस्थितियों का निरीक्षण किया। हर बार दृश्यता इतनी कम पाई गई कि खेल कराना संभव नहीं था। अंततः रात करीब साढ़े नौ बजे मैच को औपचारिक रूप से रद्द करने का फैसला लिया गया। तब तक यह लगभग तय हो चुका था कि जैसे-जैसे रात बढ़ेगी, कोहरा और घना होता जाएगा।

    खराब हवा का असर खिलाड़ियों पर भी साफ दिखा। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को वार्मअप के दौरान सर्जिकल मास्क पहने देखा गया, जो इस बात का संकेत था कि प्रदूषण का स्तर कितना गंभीर था। खिलाड़ी शाम साढ़े सात बजे तक वार्मअप कर चुके थे और उसके बाद ड्रेसिंग रूम लौट गए। ठंड और धुंध के चलते दर्शकों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होने लगी।निरीक्षण के दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के वरिष्ठ अधिकारी राजीव शुक्ला भी मैदान पर मौजूद थे। उन्होंने मैच अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन उनकी निराशा उनके हाव-भाव से साफ झलक रही थी। मैदान और मौसम की हालत ऐसी थी कि किसी भी तरह का जोखिम लेना उचित नहीं माना गया।

    इस पूरी स्थिति ने बीसीसीआई की सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में अंतरराष्ट्रीय मैच कराने की योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए जिन शहरों को आयोजन स्थल चुना गया था, उनमें लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे स्थान शामिल थे। यह वे इलाके हैं जहां नवंबर-दिसंबर के महीनों में प्रदूषण और कोहरे की समस्या आम तौर पर सबसे ज्यादा रहती है।इससे पहले धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया था। उस मैच के बाद भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी स्वीकार किया था कि इतनी ठंड में खेलना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले कभी इतने ठंडे हालात में क्रिकेट नहीं खेला।

    अब सीरीज का आखिरी टी20 मुकाबला शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा। कोई रिजर्व डे नहीं होने के कारण लखनऊ वाला मैच दोबारा नहीं कराया जाएगा। फिलहाल भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। माना जा रहा है कि बीसीसीआई आने वाली न्यूजीलैंड सीरीज के लिए आयोजन स्थलों में बदलाव पर दोबारा विचार कर सकता है, ताकि खिलाड़ियों को मौसम और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की योजना बनाते समय मौसम और पर्यावरणीय हालात को प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं।