सलमान खान फिल्म्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन को लेकर सामने आ रही सभी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। निर्माण कंपनी ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक प्रमाणन के लिए CBFC के पास प्रस्तुत ही नहीं किया गया है। ऐसे में सर्टिफिकेट रोके जाने या प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा आने की खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
निर्माताओं ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में मीडिया और दर्शकों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही यह भी कहा गया कि फिल्म से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी, रिलीज अपडेट या अन्य आधिकारिक घोषणा केवल सलमान खान फिल्म्स के अधिकृत माध्यमों से ही साझा की जाएगी। इस स्पष्टीकरण के बाद फिल्म के भविष्य को लेकर चल रही कई अटकलों पर विराम लग गया है।
इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म की संभावित रिलीज अगस्त में हो सकती है, लेकिन कथित सेंसर संबंधी कारणों से इसमें देरी होने की संभावना है। हालांकि निर्माताओं के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रिलीज में देरी को लेकर सामने आए दावों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। फिल्म की रिलीज तिथि का भी अभी औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि इस फिल्म की शुरुआत एक अलग शीर्षक के साथ हुई थी। प्रारंभिक चरण में इसे ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से विकसित किया जा रहा था। बाद में निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया। इसके साथ ही कहानी और प्रस्तुति में भी कुछ बदलाव किए गए, जिससे फिल्म का स्वरूप पहले की तुलना में अलग हो गया।
उद्योग से जुड़ी चर्चाओं के अनुसार फिल्म की शुरुआती अवधारणा वास्तविक घटनाओं से प्रेरित थी, लेकिन बाद में पटकथा और शीर्षक दोनों में संशोधन किए गए। इसके बाद कथित तौर पर कुछ प्रत्यक्ष संदर्भों को भी बदला गया, जिससे फिल्म की कहानी को व्यापक और अलग रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है और अब आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद प्रशंसकों की निगाहें इसके टीजर, ट्रेलर और रिलीज डेट की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि फिल्म के सर्टिफिकेशन को लेकर प्रसारित की जा रही खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत घोषणाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
