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  • ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात

    ब्रांड इंडिया' को नई पहचान मिल रही, उद्यमियों से पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि किसी भी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ लिखना केवल एक कारोबारी पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने भारतीय उद्यमियों से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि आज दुनिया में ‘ब्रांड इंडिया’ तेजी से भरोसे और उत्कृष्टता का पर्याय बन रहा है।

    ‘मेड इन इंडिया’ का मतलब सिर्फ उत्पाद नहीं, देश की पहचान
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय उद्यमियों के लिए गुणवत्ता केवल व्यावसायिक मानक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। जब कोई उत्पाद ‘मेड इन इंडिया’ के नाम से वैश्विक बाजार में पहुंचता है, तो वह पूरे देश की छवि को दर्शाता है।

    अंबूर की कंपनी का दिया उदाहरण
    पीयूष गोयल ने तमिलनाडु के अंबूर स्थित फ्लोरेंस शू कंपनी के संस्थापक अकील पनारुना का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि लंदन में आयोजित एक बिजनेस प्लेनरी सेशन के दौरान अकील ने उन्हें एक रोचक अनुभव सुनाया।

    अकील के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक ने काहिरा हवाई अड्डे पर ह्यूगो बॉस ब्रांड का एक प्रीमियम जूता खरीदा। जब उसने जूते का लेबल देखा तो उस पर ‘Made in India’ लिखा था। यह जूता अंबूर स्थित उनकी कंपनी में तैयार किया गया था।

    रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

    गोयल ने कहा कि अकील पनारुना जैसे उद्यमी केवल वैश्विक ब्रांडों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद नहीं बना रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित कर रहे हैं। उन्होंने विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने की भी सराहना की।

    भारत-यूके व्यापार समझौते से बढ़ेंगे अवसर

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के माध्यम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे और ‘ब्रांड इंडिया’ को और मजबूती मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि अकील जैसे उद्यमी दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के मामले में किसी से कम नहीं हैं।

    निवेश और सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

    पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने एशिया हाउस और कई वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारत के मजबूत विनिर्माण तंत्र, निवेश के नए अवसरों और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

    इसके अलावा उन्होंने यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) के सदस्यों के साथ भी संवाद किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार विस्तार और साझा विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

    गोयल ने विश्वास जताया कि भारतीय उद्यमियों की गुणवत्ता और नवाचार की बदौलत ‘मेड इन इंडिया’ आने वाले समय में वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बनाएगा।

  • वनप्लस इंडिया ने परिचालन बंद करने की अफवाहों को किया खारिज, सीईओ बोले- स्थिति सामान्य

    वनप्लस इंडिया ने परिचालन बंद करने की अफवाहों को किया खारिज, सीईओ बोले- स्थिति सामान्य


    नई दिल्ली। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि वनप्लस इंडिया भारत में अपने ऑपरेशन बंद करने जा रही है। इस खबर के सामने आते ही कंपनी ने बुधवार को इसे पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि उनके संचालन पूरी तरह से सामान्य हैं।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वनप्लस के सीईओ रॉबिन लियू ने एक पोस्ट में कहा,वनप्लस इंडिया और उसके संचालन के बारे में फैल रही कुछ गलत जानकारियों को मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। हम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।- उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में आई अपुष्ट खबरें पूरी तरह झूठी हैं और सभी पक्षकारों से आग्रह किया कि वे आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि किए बिना कोई जानकारी साझा न करें।कंपनी की इस सफाई ऐसे समय में आई है जब भारत में स्मार्टफोन निर्माताओं को कड़ी सुरक्षा जांच और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। वनप्लस 2013 में स्वतंत्र ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ थालेकिन इसकी ओप्पो के साथ काफी करीबी साझेदारी है। दोनों कंपनियां बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रुप का हिस्सा हैं और निवेश तथा आपूर्ति श्रृंखला में भी दोनों के बीच निकटता है।

    वनप्लस भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मध्य-प्रीमियम सेगमेंट में सक्रिय है। 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी की वृद्धि सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत रही और बाजार हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई। इस सेगमेंट में सैमसंग शीर्ष पर हैउसके बाद ओप्पो और फिर वनप्लस का स्थान है।आईडीसी के अनुसार2025 की तीसरी तिमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयाजिसमें सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल बिक्री 48 मिलियन यूनिट तक पहुंची। इस अवधि में भारत से स्मार्टफोन की विदेशी शिपमेंट लगभग 79.03 बिलियन डॉलर रहीजिसमें एप्पल के आईफोन का हिस्सा लगभग 75 प्रतिशत यानी 22 बिलियन डॉलर से अधिक रहा।

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ने से भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन गया हैजहां घरेलू स्तर पर बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक फोन ‘मेड इन इंडिया’ हैंजिससे देश की विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में महत्व बढ़ गया है।वनप्लस इंडिया की स्थिति स्पष्ट है – कंपनी भारत में कामकाज जारी रखेगी और स्मार्टफोन बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मार्च 2026 में समाप्त होने वाली स्मार्टफोन पीएलआई योजना के बावजूद सरकार कथित तौर पर समर्थन बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही हैजिससे भारत में स्मार्टफोन उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत मिलते हैं।