Tag: Madhav Tiger Reserve

  • माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं

    माधव टाइगर रिजर्व मार्ग पर मचा हड़कंप बाइक सवार ने समझा टाइगर वन विभाग बोला पगमार्क बाघ के नहीं


    नई दिल्ली। शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले नरवर सतनवाड़ा मार्ग पर मंगलवार रात एक जंगली जानवर को देखकर बाइक सवार घबरा गया और सड़क पर गिरकर घायल हो गया। घटना टपकेश्वर मंदिर और एरावन गांव के बीच रात करीब आठ बजे हुई। बाइक सवार का कहना है कि अचानक सड़क पर टाइगर जैसा जानवर दिखाई देने से वह घबरा गया और बाइक का संतुलन बिगड़ गया। हादसे के बाद राहगीरों ने घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

    घायल बाइक सवार की पहचान नरवर तहसील के चकरमपुर गांव निवासी विकास कुशवाहा के रूप में हुई है। बताया गया कि विकास नरवर से मणिखेड़ा डैम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क पर एक जंगली जानवर दिखाई दिया। अंधेरा होने के कारण उन्होंने उसे टाइगर समझ लिया। जानवर को देखकर अचानक घबराने के चलते बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें चोट आई जिसके बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने मदद की और अस्पताल पहुंचाया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। भाजपा नेता बशर अली ने सतनवाड़ा रेंज के रेंजर माधव सिंह सिकरवार को मामले की सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर बाइक सवार के सामने कौन सा जंगली जानवर आया था। इसके लिए मौके पर मिले पगमार्क की भी जांच की गई।

    वन विभाग की जांच में सामने आया कि घटनास्थल पर पगमार्क जरूर मिले हैं लेकिन वे टाइगर के नहीं हैं। रेंजर माधव सिंह सिकरवार के मुताबिक मौके पर मिले निशान बाघ के पगमार्क नहीं हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कोई दूसरा जंगली जानवर सड़क पार कर रहा था। उसी को देखकर बाइक सवार घबरा गया होगा। माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने भी फिलहाल इस स्थान पर टाइगर की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग की टीम आगे भी इलाके का निरीक्षण करेगी।

    हालांकि इस पूरे इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है। वन विभाग के अनुसार नरवर सतनवाड़ा मार्ग के आसपास तेंदुए की आवाजाही रहती है। कई बार राहगीरों को सड़क के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी भी सामने आती रही है। हालांकि अब तक तेंदुए द्वारा किसी राहगीर पर हमला किए जाने की सूचना नहीं मिली है। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि बाइक सवार के सामने तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर आया हो।

    माधव टाइगर रिजर्व से जुड़े इस इलाके में पहले भी वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चिंता सामने आती रही है। सिंध नदी किनारे 25 अप्रैल को 50 वर्षीय सरवन आदिवासी का शव टुकड़ों में मिलने के बाद इलाके में दहशत बढ़ गई थी। उस समय मादा टाइगर MT-6 की लोकेशन भी आसपास मिली थी और उसकी कॉलर आईडी सक्रिय पाई गई थी। एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है। ऐसे में रात के समय इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • शहर के करीब तेंदुए की मूवमेंट से मचा हड़कंप, सिंधिया छत्री पर बैठा दिखा Leopard; वन विभाग सतर्क

    शहर के करीब तेंदुए की मूवमेंट से मचा हड़कंप, सिंधिया छत्री पर बैठा दिखा Leopard; वन विभाग सतर्क


    शिवपुरी शिवपुरी में एक बार फिर तेंदुए की मूवमेंट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को बाजा हाउस के पास स्थित सिंधिया छत्री की दीवार पर एक तेंदुआ बैठा हुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें तेंदुआ कुछ देर तक छत्री की दीवार पर बैठा नजर आता है और इसके बाद जंगल की ओर भाग जाता है। शहर के रिहायशी इलाके के इतने करीब तेंदुआ दिखाई देने से स्थानीय लोगों के साथ सुबह की सैर करने वालों में भी डर का माहौल है।

    बताया जा रहा है कि सुबह के समय दो बत्ती चौराहे से लेकर बाजा हाउस तक बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते हैं। इसी रास्ते के नजदीक तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। आमतौर पर इस इलाके में सुबह के समय लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में वन्यजीव के दिखाई देने के बाद लोग सतर्क हो गए हैं और कई लोगों ने सुबह अकेले निकलने से भी परहेज करना शुरू कर दिया है।

    बाजा हाउस और सिंधिया छत्री का क्षेत्र माधव टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। जंगल से नजदीकी होने के कारण इस इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही पहले भी सामने आती रही है। हालांकि इस बार तेंदुआ शहर के ज्यादा आबादी वाले और रिहायशी इलाके के करीब दिखाई दिया है। यही वजह है कि स्थानीय लोगों में इसे लेकर ज्यादा चिंता देखी जा रही है। तेंदुए के दिखाई देने का वीडियो सामने आने के बाद आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

    शिवपुरी में तेंदुए की मौजूदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नॉन कोल्हू की पुलिया और झांसी लिंक रोड के आसपास भी तेंदुए को देखे जाने की सूचना सामने आ चुकी है। इन इलाकों में कई बार तेंदुए की मूवमेंट दर्ज होने के बाद वन विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की थी। जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता रहा है।

    वन विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों से कहा गया है कि यदि तेंदुआ या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे तो उसके करीब जाने की कोशिश बिल्कुल न करें। वन्यजीव को देखने के लिए भीड़ लगाने से भी बचना चाहिए। कई बार लोग मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए जानवर के काफी करीब पहुंच जाते हैं जिससे वन्यजीव खुद को खतरे में महसूस कर सकता है और हमला करने की स्थिति बन सकती है।

    विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि तेंदुए को घेरने पकड़ने या उसका रास्ता रोकने का प्रयास न करें। वन्यजीव दिखाई देने की स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखना और संबंधित विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है। सिंधिया छत्री के आसपास तेंदुआ नजर आने के बाद स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    खासकर सुबह और देर शाम के समय जंगल से सटे इलाकों में अकेले जाने से बचने और बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न भेजने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल तेंदुआ सिंधिया छत्री की दीवार से जंगल की ओर चला गया लेकिन रिहायशी इलाके के करीब उसकी मौजूदगी ने लोगों को सतर्क कर दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की गतिविधियों और तेंदुए की अगली मूवमेंट पर बनी हुई है।

  • शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती मौजूदगी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है। यहां दिसंबर 2025 में लाई गई मादा बाघिन MT-6 पर एरावन गांव के 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत का आरोप है। मृतक सिंध नदी के किनारे नहाने गया था जहां उसका शव टुकड़ों में मिला और उसके कपड़े किनारे पड़े पाए गए।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को सतनवाड़ा नरवर मार्ग पर करीब 5 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा जहां पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

    जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन बाघिन MT-6 की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में पाई गई थी जहां शव मिला था। पार्क प्रबंधन के अनुसार उसके कॉलर आईडी से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमले की वास्तविक स्थिति क्या थी।

    एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है जहां जंगल से घिरे होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य मानी जाती है। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है क्योंकि लोग अभी भी नदी और जंगल क्षेत्र में बेधड़क जाते हैं।

    ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो बाघिन MT-6 को यहां से स्थानांतरित किया जाए या फिर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। उनका कहना है कि यदि बाघिन के व्यवहार को आदमखोर माना जाता है तो उसे आबादी के पास नहीं रखा जा सकता।

    वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया लेकिन ग्रामीणों को ठोस सुरक्षा आश्वासन नहीं दिया जा सका। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होने की बात कही है।

    विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वन विभाग को इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने मृतक के परिजनों को जल्द मुआवजा देने की भी मांग की है। फिलहाल एरावन और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

  • शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर हनुमान जयंती के अवसर पर मेले की धूम

    शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर हनुमान जयंती के अवसर पर मेले की धूम


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे घने जंगलों में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आज विशाल मेला लगा। यह मेला प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती के दिन आयोजित किया जाता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के शहरों से भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इसमे शामिल होती है।

    मंदिर शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर स्थित है और इसकी पीछे की ओर सीधे माधव टाइगर रिजर्व का घना जंगल फैला हुआ है। इस प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल पर मेले का आयोजन हर साल प्राचीन परंपराओं के अनुसार होता आया है। स्थानीय ग्रामीण इस अवसर को बड़े उत्साह से मनाते हैं और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी इस पर्व में शामिल होते हैं।

    हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर फूल, फल और अन्य धार्मिक सामग्री अर्पित की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगी रही। मेले में पूजा-पाठ के अलावा भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए।

    मेला केवल धार्मिक महत्व का ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास के ग्रामीण इस मेले में अपनी स्थानीय हस्तकला, खाद्य और अन्य सामान की दुकानें लगाते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद की गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

    इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर और मेले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में नियंत्रण बनाए रखने के लिए ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मेला प्राचीन काल से चल रहा है और इसे लेकर विशेष श्रद्धा भाव रखा जाता है। श्रद्धालु हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने परिवार के सुख-शांति के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह मेला जिले का एक प्रमुख पर्व बन गया है।

    भक्तों ने बताया कि जंगल की पृष्ठभूमि में स्थित यह मंदिर और मेला का माहौल अत्यंत रमणीय और आध्यात्मिक अनुभव देता है। साथ ही यह आयोजन लोगों को एकजुट होने और धार्मिक चेतना बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।

    इस प्रकार शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर लगने वाला यह विशाल मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण बन गया है।