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  • रवीना टंडन ने एक साल में दीं 8 हिट फिल्में, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित भी नहीं तोड़ पाईं यह रिकॉर्ड

    रवीना टंडन ने एक साल में दीं 8 हिट फिल्में, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित भी नहीं तोड़ पाईं यह रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रवीना टंडन उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। 1990 के दशक में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाओं से अपनी पहचान मजबूत की। उनके करियर से जुड़ा एक खास रिकॉर्ड भी चर्चा में रहा है। बताया जाता है कि 1994 में रवीना की कई सफल फिल्में रिलीज हुई थीं और एक ही साल में आठ ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हुआ।

    रवीना टंडन ने हिंदी सिनेमा में अपने सफर की शुरुआत 1991 में आई फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से की थी। इस फिल्म में सलमान खान उनके साथ नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला और रवीना को पहली ही फिल्म से पहचान मिल गई। अपने डेब्यू के लिए उन्होंने फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता। शुरुआती सफलता ने उनके फिल्मी करियर को आगे बढ़ने का अवसर दिया और वह जल्द ही प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।

    रवीना के करियर में 1994 का साल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान उनकी ‘मोहरा’, ‘लाडला’, ‘दिलवाले’, ‘आतिश’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी फिल्में रिलीज हुईं। इन फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग अंदाज के किरदार निभाए। कुछ फिल्मों में वह रोमांटिक भूमिकाओं में दिखाई दीं, तो कुछ में उनका अंदाज अधिक चुलबुला और प्रभावशाली रहा। लगातार फिल्मों के रिलीज होने और दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ने से उस दौर में रवीना की मौजूदगी हिंदी सिनेमा में मजबूत हुई।

    उनकी उपलब्धियों की चर्चा करते समय श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों का भी उल्लेख किया जाता है। दोनों अभिनेत्रियों ने अपने लंबे करियर में कई यादगार और सफल फिल्में दीं। हालांकि, रवीना के नाम एक साल में आठ ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का रिकॉर्ड होने का दावा किया जाता है। इस उपलब्धि ने उनके करियर को एक अलग पहचान दी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग फिल्मों की व्यावसायिक सफलता का आकलन समय, बाजार और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर अलग हो सकता है।

    रवीना ने अपने करियर की शुरुआत में फिल्मों को लेकर कई फैसले भी किए थे। वर्ष 2023 में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने बताया था कि मॉडलिंग करते समय उन्हें लगातार फिल्मों के प्रस्ताव मिल रहे थे, लेकिन उस समय अभिनय को लेकर उनकी विशेष रुचि नहीं थी। उन्होंने कुछ फिल्मों को करने से इनकार भी किया था।

    रवीना के मुताबिक, यश चोपड़ा की फिल्म ‘डर’ के लिए भी उनसे संपर्क किया गया था। बाद में इस फिल्म में शाहरुख खान, सनी देओल और जूही चावला ने काम किया। रवीना ने बताया था कि कुछ दृश्यों को लेकर सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके अलावा, करिश्मा कपूर की पहली फिल्म ‘प्रेम कैदी’ का प्रस्ताव भी उन्हें मिला था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं किया।

    अभिनेत्री ने अजय देवगन की पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ में काम करने से भी इनकार कर दिया था। बाद में यह फिल्म सफल रही और अजय देवगन को इससे पहचान मिली। रवीना के इन फैसलों से पता चलता है कि करियर की शुरुआत में उन्होंने अपनी सहजता और पसंद को महत्व दिया। समय के साथ उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।

  • वंतारा ने माधुरी की सेहत को बताया पहली प्राथमिकता, कोल्हापुर वापसी के बाद भी जारी रहेगी पशु चिकित्सा निगरानी व्यवस्था

    वंतारा ने माधुरी की सेहत को बताया पहली प्राथमिकता, कोल्हापुर वापसी के बाद भी जारी रहेगी पशु चिकित्सा निगरानी व्यवस्था

    नई दिल्ली । कोल्हापुर की ‘महादेवी’ के नाम से पहचानी जाने वाली हथिनी माधुरी अब हाई-पावर्ड कमेटी यानी HPC के आदेश के तहत वापस कोल्हापुर लौटेगी। 9 सितंबर 2026 को जारी आदेश में कमेटी ने माधुरी को लौटाने की अनुमति दी, लेकिन उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई शर्तें भी तय की हैं। वंतारा ने कहा है कि वह HPC के आदेश का पूरी तरह पालन करेगा और माधुरी की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।

    निर्धारित शर्तों के अनुसार, कोल्हापुर लौटने के बाद माधुरी का इस्तेमाल किसी जुलूस या अन्य काम के लिए नहीं किया जा सकेगा। उसकी 24 घंटे देखभाल सुनिश्चित करनी होगी और हर दो सप्ताह में उसका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। पशु चिकित्सा से जुड़ी जांच की रिपोर्ट संबंधित सक्षम अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    माधुरी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर वंतारा ने कहा कि उसकी सेहत फिलहाल स्थिर है, लेकिन पुरानी बीमारियां पूरी तरह ठीक नहीं हुई हैं। ऐसे में उसे लगातार पशु चिकित्सा देखभाल और नियमित निगरानी की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उसके कोल्हापुर लौटने के बाद भी चिकित्सा व्यवस्था और निगरानी जारी रखने की तैयारी की गई है।

    माधुरी को 30 जुलाई 2025 को HPC के निर्देश पर जामनगर स्थित वंतारा लाया गया था। इन निर्देशों को बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था। वंतारा के अनुसार, उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी। उसे सक्षम अधिकारियों के निर्देश के तहत देखभाल के लिए वहां लाया गया था।

    माधुरी से कोल्हापुर के लोगों की भावनाएं जुड़ी होने की बात भी वंतारा ने स्वीकार की है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, संबंधित पक्षों और समुदाय के लोगों के साथ बातचीत के बाद 6 अगस्त 2025 को वंतारा ने स्पष्ट किया था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करता है और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को HPC के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था।

    HPC ने सभी पक्षों की बात सुनने के साथ संबंधित रिपोर्ट भी मंगाई। कमेटी ने नंदनी स्थित उस सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया, जहां माधुरी को वापस रखा जाना है। इसके बाद 9 सितंबर 2026 को विस्तृत और तर्कपूर्ण आदेश जारी करते हुए उसे कोल्हापुर लौटाने की अनुमति दी गई।

    माधुरी की वापसी के लिए वंतारा ने रहने की स्थिति, पशु चिकित्सा सुविधाओं, मेडिकल उपकरण, दवाइयों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार करने में मदद की है। वंतारा के पशु चिकित्सक हर दो सप्ताह में कोल्हापुर जाकर माधुरी की मेडिकल जांच करेंगे। HPC के निर्देश के अनुसार इन जांचों की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।

    वंंतारा ने स्पष्ट किया है कि माधुरी के कोल्हापुर लौटने के साथ उसकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं होगी। संस्था का कहना है कि माधुरी की भलाई उसके स्थान पर निर्भर नहीं करती। उसकी सेहत, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि उसे लंबी, सुरक्षित और बेहतर जिंदगी मिल सके।