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  • आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज

    आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी ने आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की शुरुआत इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे हुई, जहां प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और हरीश चौधरी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हितों की अनदेखी और खरीदी व्यवस्था में खामियों के खिलाफ किया जा रहा है।

    7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असर

    कांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है।

    किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपील

    आंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

    चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है।
     कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है।

    11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ा

    कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।

  • एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी

    एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी


    भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने के अभियान के तहत नियुक्त 71 जिलाध्यक्षों के कामकाज की अब सख्त समीक्षा होने जा रही है। अगले हफ्ते होने वाली इस प्रक्रिया में उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और कमजोर पाए जाने पर कार्रवाई, यहां तक कि पद से हटाने का फैसला भी लिया जा सकता है।

    दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं की निगरानी

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार की समीक्षा को बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली से वरिष्ठ नेता वामसी रेड्डी भी भोपाल पहुंचकर पूरे रिव्यू प्रोसेस की निगरानी करेंगे, जिससे पारदर्शिता और सख्ती सुनिश्चित की जा सके।

    15 से 18 अप्रैल तक संभागवार समीक्षा बैठकें

    प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी 15 से 18 अप्रैल के बीच चार दिनों तक संभागवार बैठकें करेंगे। इन बैठकों में जिलाध्यक्षों को बुलाकर संगठन निर्माण, अब तक के काम, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    किसानों के मुद्दे पर 16 अप्रैल को प्रदर्शन

    16 अप्रैल को कांग्रेस, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होने वाले इस धरने में गेहूं खरीदी में देरी और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा।

    ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन और प्रशिक्षण

    17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने की रणनीति के साथ उनकी जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे।

    संगठन विस्तार लगभग पूरा

    कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में संगठन का ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है। अब तक 23 हजार में से करीब 21 हजार पंचायत कमेटियों का गठन किया जा चुका है। आने वाले समय में इन्हें सक्रिय कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।

  • किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन 9 अप्रैल को, कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव

    किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन 9 अप्रैल को, कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 9 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।

    प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़कर उनके साथ “क्रूर विश्वासघात” किया है।

    गेहूं खरीदी और बोनस पर आरोप

    कांग्रेस का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को गेहूं खरीदी के लिए 2,700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद केवल 40 रुपये बोनस दिया गया। पड़ोसी राज्य राजस्थान में किसानों को अधिक बोनस मिलने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की।

    खरीदी में देरी और बारदाने की कमी पर सवाल

    सरकार द्वारा खरीदी की तारीखें तीन बार बढ़ाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू करने के निर्णय पर भी आलोचना की गई। कांग्रेस ने बारदाने (जूट बैग) की कमी पर भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जरूरत 10 करोड़ बारदानों की थी, जबकि समय पर केवल 2.60 करोड़ के लिए आवेदन किया गया।

    ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग

    1 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से सीहोर, विदिशा समेत 17 जिलों में फसलें बर्बाद हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवजा दिया जाए।

    कांग्रेस की प्रमुख मांगें:-

    – ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा
    – गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए
    – खरीदी में देरी से डिफॉल्टर हुए किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए

    आंदोलन की चेतावनी

    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि खरीदी और बारदाने की व्यवस्था तुरंत नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के सामने उपवास की भी योजना है।

  • इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र

    इंदौर दूषित पानी कांड पर कांग्रेस में उठी संवेदनशीलता की आवाज: 35 मौतों के बाद होली मिलन टालने की मांग, राहुल गांधी को लिखा पत्र


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई 35 से अधिक लोगों की मौतों के बाद अब इस मामले की गूंज कांग्रेस संगठन के भीतर भी सुनाई देने लगी है। इस दुखद घटना के बाद जहां एक ओर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है वहीं कांग्रेस के अंदर से भी संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर भोपाल में प्रस्तावित होली मिलन समारोह को स्थगित कराने की मांग की है।

    राकेश सिंह यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और कई घरों में आज भी मातम पसरा हुआ है। ऐसे समय में जब पूरा शहर दुख और शोक के माहौल से गुजर रहा है तब किसी भी प्रकार का उत्सव मनाना जनता की भावनाओं के विपरीत संदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील समय में जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

    पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का गृहनगर इंदौर है और वहीं इस दुखद घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ऐसे समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का दायित्व बनता है कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होकर उनका दुख साझा करें। राकेश सिंह यादव ने लिखा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से गांधीवादी मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रही है इसलिए इस समय उत्सव मनाने के बजाय पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करना अधिक जरूरी है।

    उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निवास पर प्रस्तावित होली मिलन समारोह को लेकर जनमानस में भी सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर तब जब इसी घटना के विरोध में इंदौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस घटना के बाद होली जैसे उत्सव से दूरी बनाने का फैसला भी किया है ताकि पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की जा सके।

    राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि पार्टी की मानवीय परंपरा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए फिलहाल होली मिलन समारोह को स्थगित करने की सलाह दी जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से पीड़ित परिवारों को यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस उनके दुख में बराबर की भागीदार है और उनके साथ खड़ी है।

    इंदौर के इस जलकांड को लेकर पहले से ही प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर है। अब कांग्रेस के भीतर से उठी यह मांग राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह सीधे तौर पर संगठन की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मांग पर क्या फैसला लेता है।

  • कृषक कल्याण वर्ष पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला, बोले- सीएम पहलवान, लेकिन अफसरों के दांव में चित; 60% पद खाली, किसान बेहाल

    कृषक कल्याण वर्ष पर सियासी घमासान, जीतू पटवारी का मोहन सरकार पर हमला, बोले- सीएम पहलवान, लेकिन अफसरों के दांव में चित; 60% पद खाली, किसान बेहाल


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। Jitu Patwari ने प्रदेश सरकार के “कृषक कल्याण वर्ष” पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav पर तीखा हमला बोला। भोपाल स्थित Madhya Pradesh Congress Committee कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कहा कि सरकार एक तरफ किसानों के कल्याण की बात कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनके साथ इस दौरान Mukesh Nayak, Abhay Dubey और Sukhdev Panse भी मौजूद थे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि शुरुआती दिनों में डॉ. मोहन यादव पहलवानी करते थे और Ujjain में उन्हें पहलवान के नाम से जाना जाता था। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि जब कोई अधिकारी उनके सामने “पहलवानी का दांव” चलता है तो मुख्यमंत्री खुद ही चित हो जाते हैं। पटवारी ने कहा कि यह स्थिति एक-दो बार नहीं बल्कि लगभग हर महीने देखने को मिलती है, जिससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों को लेकर भाजपा की चुनावी गारंटियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किसानों से वादा किया गया था कि गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल, धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल और सोयाबीन 6000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि Ujjain Mandi में गेहूं का भाव करीब 1800 से 1900 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। पटवारी ने कहा कि यह स्थिति मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की मंडी की है, जिससे साफ है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

    पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर वीडियो भी जारी किया था, जिसमें मंडी में किसानों को कम दाम पर गेहूं बेचते देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ किसानों के हित की बात करती है, लेकिन बाजार में किसानों को उनकी उपज का सही दाम तक नहीं मिल पा रहा है।

    उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे पिछले 20 साल की नहीं बल्कि केवल पिछले एक साल की उपलब्धियों का हिसाब प्रदेश की जनता के सामने रखें। पटवारी के अनुसार अगर सरकार वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है तो उसे अपने कामकाज का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कृषि तंत्र की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि से जुड़े विभागों में भारी संख्या में पद खाली पड़े हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद रिक्त हैं, यानी लगभग 60 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके अलावा मत्स्य पालन विभाग में 1,290 में से 722 पद खाली हैं, जबकि उद्यानिकी विभाग में 3,079 में से 1,459 पद रिक्त पड़े हैं। पशुपालन और डेयरी विभाग में भी बड़ी संख्या में पद खाली होने से किसानों से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।

    पटवारी ने कहा कि जब कृषि से जुड़े विभागों में इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी ही नहीं हैं तो सरकार किसानों के कल्याण की बात किस आधार पर कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द इन रिक्त पदों को भरे और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि प्रदेश के किसान आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें।

  • सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?

    सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?


    भोपालभोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर और भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तरों पर पत्थरबाजी की, बैरिकेड तोड़े और हंगामा किया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

    बीजेपी कार्यकर्ता पत्थरबाज बन गए
    श्रीनेत ने कहा कि दोनों शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चार-चार बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश की। उनके मुताबिक पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड है, इसके बावजूद नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। उन्होंने सवाल उठाया, “जब साफ दिख रहा है कि पत्थर कौन चला रहा था, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि “संगठित गुंडागर्दी” करार दिया।

    दूषित पानी से मौतों पर सरकार घिरी
    कांग्रेस प्रवक्ता ने इंदौर में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग जान गंवा रहे थे, तब बीजेपी नेताओं की ओर से न तो संवेदना जताई गई और न ही जिम्मेदारी तय की गई।

    श्रीनेत ने कहा, “जब जनता मर रही थी, तब चुप्पी थी। आज राजनीतिक विरोध के नाम पर सड़क पर हिंसा की जा रही है। जनता सब देख रही है।”

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर निशाना
    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यह डील किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के हितों के खिलाफ है।

    उनके अनुसार, अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी रियायत, रूस से सस्ता तेल खरीदने में दूरी और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने जैसे फैसलों से भारतीय किसानों पर दबाव बढ़ेगा।

    24 फरवरी को किसान महापंचायत
    श्रीनेत ने बताया कि 24 फरवरी को भोपाल में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश लंबे समय से किसान आंदोलनों की भूमि रहा है और प्रदेश के किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं, इसलिए आंदोलन की शुरुआत यहीं से की जा रही है।

    युवा कांग्रेस के प्रदर्शन का बचाव
    दिल्ली में एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर श्रीनेत ने कहा कि यह समिट के खिलाफ नहीं, बल्कि “देशहित से समझौते” के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि युवा देश की आवाज हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा।