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  • कल का मौसम 13 मार्च 2026: दिल्ली में चुभती गर्मी, उत्तर भारत में बारिश की संभावना

    कल का मौसम 13 मार्च 2026: दिल्ली में चुभती गर्मी, उत्तर भारत में बारिश की संभावना

     
    नई दिल्ली । नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही मौसम तेजी से बदल रहा है। 13 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर रहेगा, वहीं उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का असर

    दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत से ही जून-जुलाई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 13 मार्च को राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ बीच-बीच में बादलों की हल्की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है।

    अगले दिनों दिल्ली का मौसम

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बदलाव देखने को मिलेगा। बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और 15 मार्च को छिटपुट बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के साथ दिनभर बादल छाए रहने से तापमान में कमी आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है।

    शहरवार 13 मार्च का तापमान

    शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
    दिल्ली 34°C 18°C
    मुंबई 38°C 23°C
    चेन्नई 34°C 22°C
    कोलकाता 32°C 24°C
    लखनऊ 36°C 19°C
    पटना 34°C 21°C
    रांची 33°C 19°C
    भोपाल 35°C 21°C
    जयपुर 34°C 21°C
    शिमला 22°C 10°C
    नैनीताल 27°C 15°C

    उत्तर भारत में मौसम का मिजाज

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। तेज हवाएं 40-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। बारिश और हवाओं के कारण तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है।

    अन्य राज्यों में मौसम

    गुजरात, राजस्थान पश्चिमी हिस्से मध्य प्रदेश: गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है।

    बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर: मौसम अपेक्षाकृत बदलता रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है।

    दक्षिण भारत कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सामान्यतः गर्म और शुष्क मौसम रहेगा। समुद्री तटीय इलाकों में हल्की हवाएं चल सकती हैं।

    कश्मीर में लगातार हिमपात और बारिश

    कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार दूसरे दिन हिमपात जारी रहा। घाटी के मैदानी हिस्सों में मध्यम बारिश हुई। केरन, माछिल कुपवाड़ा बांदीपोरा का गुरेज और गांदरबल जिले में सोनमर्गजोजिला क्षेत्र सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। श्रीनगर सहित घाटी में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट हिमपात और घाटी में बादलों और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।
  • आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

    आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल


    भोपाल । मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम कुल्पा की 13 महिलाओं ने पेश किया है। इन महिलाओं ने कृष्णा आजीविका स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन में आर्थिक बदलाव लाया है बल्कि पूरे गांव में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है।

    कुछ वर्ष पहले जब इन महिलाओं ने समूह की शुरुआत की थी तब उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। उन्होंने नियमित बैठकों मासिक बचत समय पर ऋण वापसी और सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा को अपनाकर समूह को मजबूत बनाया। इसी अनुशासन और एकजुटता ने धीरे धीरे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का रास्ता दिखाया।

    शुरुआती छह महीनों में ब्लॉक कार्यालय के मार्गदर्शन से समूह को 13 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई। इसी छोटी राशि से उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की। बाद में बैंक सखी के सहयोग से समूह को प्रथम सीसीएल के रूप में एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि को महिलाओं ने कृषि कार्य में निवेश किया और 12 महीनों के भीतर ब्याज सहित पूरा ऋण वापस कर दिया।

    समूह की सक्रियता और भरोसेमंद कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें द्वितीय सीसीएल के रूप में 2 लाख रुपये और तृतीय सीसीएल में 3 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से महिलाओं ने बकरी पालन जनरल स्टोर पान दुकान सब्जी उत्पादन ऑनलाइन सेवा केंद्र और ट्रैक्टर खरीद जैसे छोटे छोटे व्यवसाय शुरू किए। इन गतिविधियों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए।

    इसके बाद चतुर्थ सीसीएल के रूप में फिर 3 लाख रुपये की सहायता मिली जिससे महिलाओं ने अपने व्यवसायों का विस्तार किया। साथ ही ग्राम संगठन से 1 लाख 10 हजार रुपये की सीआईएफ राशि भी प्राप्त हुई जिसका उपयोग कृषि और बच्चों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया गया।

    आज इस समूह की कई महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वछला दशहरे की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये पुस्तकला वर्मा की लगभग 25 हजार रुपये रामबती दमाहे और इमला शेंडे की करीब 15 हजार रुपये तथा विमला नागपुरे की लगभग 8 हजार रुपये हो गई है। अन्य सदस्य भी बकरी पालन और कृषि कार्य से हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की आय कमा रही हैं।

    इस समूह की सबसे प्रेरणादायक कहानी नीरा दशहरे की है। उन्होंने समूह से मिले सहयोग और ऋण का उपयोग अपनी तीनों बेटियों की शिक्षा के लिए किया। आज उनकी तीनों बेटियां अच्छी नौकरी कर रही हैं और लगभग एक लाख रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।

    ग्राम कुल्पा की इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं बल्कि पूरे समाज में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई रोशनी भी फैला सकती हैं।

  • उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई-वे से किसानों और क्षेत्र का समग्र विकास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बड़ी सौगात

    उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई-वे से किसानों और क्षेत्र का समग्र विकास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बड़ी सौगात


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से जावरा तक बनने वाली ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाई वे परियोजना को जिले के किसानों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मंजूरी मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास की नई पहचान भी बनेगी। करीब 5017 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाई वे किसानों व्यापारियों और आम जनता के जीवन स्तर को सीधे लाभान्वित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दिशा में प्रदेश में सभी एकजुट हैं और जीवाईएएन पहल को आगे बढ़ाकर प्रदेश को देश के विकसित प्रदेशों में शामिल करने का लक्ष्य है।

    किसानों की बेहतरी और कृषि उत्पादों को बड़ी मंडियों तक पहुंचाने के लिए यह हाई वे एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने किसान प्रतिनिधि मंडल को संबोधित करते हुए बताया कि उज्जैन जावरा हाई वे परियोजना के अलावा प्रदेश में सड़कों और राजमार्गों का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है जिससे किसानों की पहुंच सुगम होगी। इस अवसर पर घट्टिया विधायक डॉ. सतीश मालवीय और नागदा विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और उन्हें विकास पुरूष बताया।

    डॉ. यादव ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन उड़द पर हर किसान को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। इसके साथ ही सरसों चना मसूर तुअर और अन्य दलहन व तिलहन की फसलों के लिए भावांतर भुगतान योजना और उत्पादन बढ़ाने के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को देश के कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उत्पादन और पोषण दोनों में वृद्धि होगी।

    मुख्यमंत्री ने किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता और उद्यमी बनाने की दिशा में भी कार्यरत योजनाओं का जिक्र किया। अगले तीन वर्षों में एक लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे सिंचाई और अतिरिक्त बिजली उत्पादन का विकल्प मिलेगा। कृषि आधारित उद्योगों और फूड पार्क की स्थापना से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य स्थानीय स्तर पर मिलेगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गरीब युवा किसान और महिला कल्याण के लिए मिशन मोड में कार्य जारी है। उज्जैन मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र में शामिल होने से नागदा खाचरौद और रतलाम सहित पूरे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। किसान प्रतिनिधिमंडल में मौजूद समाजसेवी और स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत किया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा


    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। समिट में वे उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा में शामिल होकर राज्य स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई के उपयोग से आर्थिक विकास को गति देने, डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने और अत्याधुनिक अवसंरचना विकसित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में एआई कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इकोसिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर चर्चा होगी। साथ ही एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर विकास और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप्स और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात करेंगे। वे एआई आधारित समाधानों पर काम कर रहे युवा उद्यमियों के नवाचारों की जानकारी लेकर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। इससे राज्य में तकनीकी नवाचार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

    समिट में मध्यप्रदेश का विशेष पवेलियन हॉल-4, प्रथम तल, बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में AI सशक्त भारत के लिए सक्षम शासन थीम पर स्थापित किया गया है। इस पवेलियन में 14 एआई स्टार्ट-अप, IIT Indore, आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन सहित शैक्षणिक संस्थान और चार प्रमुख शासकीय विभाग भाग ले रहे हैं। यहां शासन में लागू किए जा चुके एआई समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो पारदर्शिता बढ़ाने, समयबद्ध सेवा वितरण और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक हैं।

    मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग से मध्यप्रदेश आर्थिक प्रगति, निवेश आकर्षण और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

  • मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन

    मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन


    मंदसौर। मंदसौर वासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शहर को बड़ी सौगात दी है। गुरुवार को रामघाट पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत 11 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन फिल्टर प्लांट, वॉटर टैंक और डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नगर की बढ़ती आबादी को आगामी कई दशकों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सरकार का संकल्प हर परिवार की दहलीज तक शुद्ध पानी पहुँचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह नया फिल्टर प्लांट मंदसौर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूती प्रदान करेगा। श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री के विजन का उल्लेख करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 और ग्रामीण इलाकों में ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से जल क्रांति लाई जा रही है, जो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का आधार है।

    उप मुख्यमंत्री ने केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रहते हुए नागरिकों से भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिजली, स्वच्छता और जल जैसी मूलभूत सुविधाओं का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अपने शहर और संसाधनों को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के लिए सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।

    विकास की अन्य कड़ियाँ: 16 MLD क्षमता और सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नया फिल्टर प्लांट 16 एमएलडी क्षमता का होगा। इसके साथ ही शहर में तीन नई जल टंकियों का निर्माण और प्रसिद्ध तेलिया तालाब का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। वर्तमान में शहर की 60% जलापूर्ति चंबल नदी से हो रही है लेकिन भविष्य की जरूरतों के लिए 3300 करोड़ रुपये की मंदसौर बैराज परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही शहर को गंदगी से मुक्त करने के लिए सीवरेज प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुका है।

    सामाजिक सरोकार: जागरूकता रथ की रवानगी विकास कार्यों की घोषणाओं के बीच उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक उत्थान की ओर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए संचालित एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ संबंधित समुदायों को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित नागरिक मौजूद रहे।

  • डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन यानी प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाएं फिर से सक्रिय हुई हैं। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वय से पीएमजी की उपलब्धियों को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के चरण में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और समन्वय का प्रमाण है।इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास इसका उदाहरण है। वहीं धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी सहयोग से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणाम आधारित और जवाबदेह बनाया है, जहां हर परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने पुरानी प्रणाली को जड़ से बदल दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम विकसित हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास – तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से भू-गर्भ संपदा का दोहन अब देशहित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।

    रेलवे क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ है। डिजिटल और जवाबदेही आधारित इस मंच ने “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान” की भावना को साकार किया है।

    उन्होंने बताया कि पीएमजी पोर्टल पर निगरानी में चल रही 209 परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया है, जबकि प्रगति पोर्टल पर सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का निराकरण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के कारण मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो देश की समग्र प्रगति को गति दे रही हैं।