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  • दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को मतदान उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है। 3 बजे तक 61.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

    इस बीच कांग्रेस ने सिरोल क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई। पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्वाचन अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की।

    वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने की आशंका के चलते बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी की हताशा और निराशा को दर्शाता है।

    ठाकुरपुरा के बूथ संख्या-275 पर कुल 841 मतदाता हैं। यहां दोपहर 3:30 बजे तक करीब 82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पिछले विधानसभा चुनाव में इसी बूथ पर लगभग 98 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डबरा में दावा किया कि दतिया में प्रशासनिक दबाव और धनबल का इस्तेमाल किया गया, लेकिन इसके बावजूद जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बड़ी बढ़त के साथ चुनाव जीतेंगे और पार्टी को करीब 25 हजार वोटों से विजय मिलेगी।

    उधर, कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ता शिवपुरी सीमा पर सक्रिय हैं और दतिया की जनता प्रदेश की “सरकारी अराजकता” का लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए मतदान कर रही है।

    मतदान के दौरान मौसम ने भी करवट बदली। दतिया शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम की चुनौती के बावजूद मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया लगातार जारी रही।

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को लोकतंत्र का उत्साह पूरे जिले में देखने को मिला। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। दोपहर तक जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 32.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और सभी केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट और क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट में समस्या आई थी। हालांकि मॉक पोल के दौरान सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में खराब उपकरणों को तुरंत बदल दिया गया। इसके बाद सभी केंद्रों पर तय समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि तकनीकी खराबियों का समय रहते समाधान कर लिया गया था और कहीं भी मतदान प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चल रहा है तथा प्रशासन लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार करते हुए सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की समझाइश के बाद लगभग 50 ग्रामीणों ने मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और भाजपा के अहंकार का जवाब वोट के जरिए देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बसई क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को प्रवेश नहीं दिया गया जिसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारियों से की गई है।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ पहुंचकर पूजा अर्चना की और दतिया के विकास युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरपूर समर्थन भाजपा के साथ है और पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख बीस हजार चार सौ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी उपचुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।

  • नरेला की वोटर लिस्ट पर घमासान: 6–7 लोगों के घर में 30–40 वोटर! दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए सबूत

    नरेला की वोटर लिस्ट पर घमासान: 6–7 लोगों के घर में 30–40 वोटर! दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को दिए सबूत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की नरेला विधानसभा सीट की मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को दस्तावेज और शपथपत्र सौंपे हैं। उनका दावा है कि नरेला क्षेत्र के कुछ मकानों के पते पर असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं, जबकि वास्तव में वहां इतने लोग रहते ही नहीं हैं।

    शुक्रवार को Election Commission of India के मध्यप्रदेश कार्यालय पहुंचकर दिग्विजय सिंह ने अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद जारी हुई मतदाता सूची में कई जगह गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार कुछ घरों में जहां केवल 6 से 8 लोग रहते हैं, वहां मतदाता सूची में 30 से 40 तक नाम दर्ज कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

    दिग्विजय सिंह ने करोंद क्षेत्र की रतन कॉलोनी के तीन मकानों के उदाहरण देते हुए कहा कि इन मामलों में मकान मालिकों ने बाकायदा शपथपत्र देकर बताया है कि उनके पते पर दर्ज कई मतदाता वहां कभी रहे ही नहीं। मकान नंबर 21 के मालिक हमीर सिंह यादव ने बताया कि उनके घर में कुल 6 कमरे हैं और परिवार के केवल चार सदस्य ही मतदाता हैं, जबकि सूची में लगभग 40 लोगों के नाम दर्ज बताए गए हैं। इसी तरह मकान नंबर 10 के मालिक कमलेश कुमार गुप्ता के अनुसार उनके घर में करीब आठ मतदाता रहते हैं, लेकिन मतदाता सूची में 36 नाम दर्ज हैं। वहीं मकान नंबर 2 के मालिक पोखन लाल साहू ने बताया कि उनके घर में सात मतदाता हैं, जबकि सूची में 37 नाम दर्ज किए गए हैं।

    मकान मालिकों ने अपने शपथपत्र में स्पष्ट कहा है कि जिन लोगों के नाम उनके पते पर दर्ज हैं, वे वहां कभी नहीं रहे और उन्हें उन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) ने घर-घर जाकर सही तरीके से सत्यापन नहीं किया, जिसके कारण बड़ी संख्या में कथित फर्जी नाम मतदाता सूची में शामिल हो गए।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में नए नाम बिना उचित सत्यापन के जोड़ दिए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, फर्जी नामों को तुरंत हटाया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    चुनाव आयोग के अधिकारियों ने दिग्विजय सिंह से शिकायत और दस्तावेज प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है। इस दौरान उनके साथ रतन कुमार गुप्ता, पोखन लाल साहू, देव नारायण विश्वकर्मा सहित कांग्रेस के अन्य नेता और स्थानीय शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे। अब इस मामले में आयोग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में वास्तव में गड़बड़ी हुई है या नहीं।