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  • मध्यप्रदेश शासन का नया आदेश जारी, 5 IAS अधिकारियों की पदस्थापना बदली, मंत्रालय से लेकर जिलों तक नई जिम्मेदारियां

    मध्यप्रदेश शासन का नया आदेश जारी, 5 IAS अधिकारियों की पदस्थापना बदली, मंत्रालय से लेकर जिलों तक नई जिम्मेदारियां


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इस आदेश के तहत सागर देवास और सिवनी जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और मंत्रालय के सामान्य प्रशासन विभाग में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में इन पदस्थापनाओं को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी बताया गया है। इस फेरबदल के बाद संबंधित अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यभार संभालना होगा।

    आदेश के अनुसार वर्ष 2012 बैच की आईएएस अधिकारी प्रतिमा पाल को सागर कलेक्टर के पद से स्थानांतरित कर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम भोपाल का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। उनके स्थान पर वर्ष 2014 बैच के अधिकारी दिलीप कुमार यादव को सागर जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। दिलीप कुमार यादव इससे पहले मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम में प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें सागर जिले का प्रशासनिक नेतृत्व सौंपा गया है। जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन राजस्व संबंधी कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी उनके कार्यक्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

    इसी फेरबदल में देवास जिले की प्रशासनिक कमान भी बदली गई है। वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर के पद से स्थानांतरित कर देवास जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। नेहा मीना के सामने अब देवास जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी होगी। वहीं देवास में कलेक्टर के पद पर कार्यरत वर्ष 2015 बैच के अधिकारी ऋतुराज को मंत्रालय भोपाल में सामान्य प्रशासन विभाग का उप सचिव बनाया गया है। जिला प्रशासन से मंत्रालय में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव होगा।

    सिवनी जिले में भी नए कलेक्टर की नियुक्ति की गई है। वर्ष 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंजू अरुण कुमार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद से स्थानांतरित कर सिवनी जिले का कलेक्टर बनाया गया है। अब वे जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का संचालन करेंगी। उनके सामने ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। इस बदलाव के बाद सिवनी जिले में प्रशासनिक नेतृत्व की नई व्यवस्था लागू होगी।

    सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश पर मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित राज्य के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल में तीन जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं जबकि दो अधिकारियों को मंत्रालय और पर्यटन विकास निगम में नई पदस्थापना दी गई है। अब संबंधित अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने और अपने नए कार्यक्षेत्र में प्रशासनिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर नजर रहेगी।

  • मध्यप्रदेश में बदले अफसरों के विभाग और पद, 16 IAS का ट्रांसफर, सागर से मंत्रालय तक हुआ बड़ा बदलाव

    मध्यप्रदेश में बदले अफसरों के विभाग और पद, 16 IAS का ट्रांसफर, सागर से मंत्रालय तक हुआ बड़ा बदलाव


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सितंबर 2026 को 16 IAS अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक 11 अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है जबकि 5 IAS अधिकारियों को उनके मौजूदा पद पर बनाए रखते हुए अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव सागर संभाग के आयुक्त पद पर हुआ है जहां दिलीप कुमार को नया संभागायुक्त बनाया गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी अनिल सुचारी संभाल रहे थे जिन्हें अब मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है।

    दिलीप कुमार वर्ष 2008 बैच के IAS अधिकारी हैं और इससे पहले आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम भोपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें सागर संभाग का आयुक्त बनाया गया है। उनके सामने संभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ विकास कार्यों और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी होगी। वहीं वर्ष 2006 बैच के IAS अधिकारी अनिल सुचारी को मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके पद को सचिव मध्यप्रदेश शासन के समकक्ष घोषित किया गया है।

    तबादला सूची में अनुभा श्रीवास्तव की जिम्मेदारी भी बदली गई है। वर्ष 2009 बैच की IAS अधिकारी अनुभा श्रीवास्तव को प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर की जिम्मेदारी से हटाकर राजस्व विभाग मंत्रालय भोपाल में सचिव बनाया गया है। इसी बैच के सतेन्द्र सिंह को भी सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। वे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सचिव के रूप में काम करेंगे। इसके साथ ही उन्हें अनुसूचित जाति कल्याण और अनुसूचित जाति विकास से जुड़े कई अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं।

    नेहा मारव्या सिंह को अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है जबकि निधि निवेदिता को प्रमुख राजस्व आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। अनुराग वर्मा को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। वहीं मयंक अग्रवाल को विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उन्हें समग्र नर्मदा मिशन के मिशन संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग में भी बदलाव किया गया है। संदीप जीआर को विभाग में विकास आयुक्त सह आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। अवि प्रसाद को मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन का प्रबंध संचालक बनाया गया है। वहीं नेहा जैन को स्मार्ट सिटी उज्जैन का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है और उन्हें नगर निगम उज्जैन के अपर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

    इसके अलावा रघुराज एमआर तरुण राठी कुमार पुरुषोत्तम शीतला पटले और अनिशा श्रीवास्तव को उनके मौजूदा पदों पर बरकरार रखते हुए अलग अलग विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के राजस्व महिला एवं बाल विकास उद्योग श्रम आदिवासी कल्याण स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन से जुड़े विभागों में कामकाज की जिम्मेदारियां नए सिरे से तय हुई हैं।

  • बड़वानी से भोपाल तक IAS काजल जावला का सफर, 29 महीने के कार्यकाल में छोड़ी खास छाप; अब नई जिम्मेदारी के साथ नई पारी

    बड़वानी से भोपाल तक IAS काजल जावला का सफर, 29 महीने के कार्यकाल में छोड़ी खास छाप; अब नई जिम्मेदारी के साथ नई पारी


    बड़वानी। मध्यप्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बीच जिला पंचायत बड़वानी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी IAS काजल जावला का तबादला कर दिया गया है। करीब 29 महीने तक बड़वानी में जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्हें अपर मिशन संचालक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बड़वानी में उनका कार्यकाल योजनाओं के क्रियान्वयन से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर बदलाव और कई उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए जाना जाएगा। जल संरक्षण पंचायत विकास शिक्षा महिला आजीविका और ग्रामीण योजनाओं की लगातार निगरानी ने उनके कार्यकाल को अलग पहचान दी।
    काजल जावला की कार्यशैली में मैदानी स्तर पर योजनाओं की स्थिति की समीक्षा और अधिकारियों कर्मचारियों के साथ लगातार समन्वय प्रमुख रहा। उन्होंने सरकारी योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनके वास्तविक क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसी का असर कई योजनाओं के प्रदर्शन में दिखाई दिया। जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़वानी ने उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 में जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में 5666 जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए। इनमें खेत तालाब कंटूर ट्रेंच डगवेल रिचार्ज और सामुदायिक तालाब जैसे काम शामिल रहे।

    जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 में भी जिले ने उल्लेखनीय काम किया। जनसहयोग से 30155 कंटूर गड्ढे बनाए गए जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 41957 जल संरक्षण कार्य पूरे किए गए। इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया।

    महिलाओं की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने वाले एक बगिया मां के नाम अभियान में भी बड़वानी प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा। जिले में 732 बगिया स्वीकृत हुईं। कानपुरी बोरलाय और मतराला ग्राम पंचायतों को बेहतर प्रदर्शन के कारण प्रदेश की टॉप 10 पंचायतों में स्थान मिला। पंचायत स्तर की उपलब्धियों में भी जिले का प्रदर्शन मजबूत रहा। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स में मलफा और मोरतलाई ग्राम पंचायतों ने प्रदेश में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।

    आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले के 529 गांव चयनित हुए और सभी गांवों के विलेज एक्शन प्लान तैयार करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बड़वानी प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। इस उपलब्धि पर जिले को राष्ट्रपति स्तर पर सम्मान भी मिला। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में भी बड़वानी लगातार दूसरे स्थान पर रहा।

    शिक्षा के क्षेत्र में भी काजल जावला के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण काम हुए। कायाकल्प अभियान के तहत करीब 600 सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली। प्रधानमंत्री पोषण अभियान और मध्यान्ह भोजन योजना की निगरानी से खाद्यान्न उठाव और एसएमएस मॉनिटरिंग का प्रदर्शन 44 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंचा और लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही। जनसहयोग से पांच स्कूलों में सरस्वती प्रसादम अभियान भी संचालित हुआ जिसमें बच्चों को भोजन के अलावा फल दही मिठाई और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

    किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड कार्यक्रम के तहत चार सब्जी क्लस्टर विकसित किए गए जिससे करीब 450 किसान सब्जी उत्पादन से जुड़े। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 10 तालाबों का निर्माण कराया गया। पाटी विकासखंड में स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने और आजीविका कैफे तथा कियोस्क के जरिए महिला समूहों की आय बढ़ाने के प्रयास भी किए गए।

    जनता की शिकायतों के निराकरण में भी बड़वानी का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगातार मॉनिटरिंग की गई और जिला टॉप तीन में बना रहा। अब करीब 29 महीने बाद काजल जावला बड़वानी से विदा हो रही हैं। उनके तबादले के साथ जिम्मेदारी जरूर बदली है लेकिन जल संरक्षण पंचायत विकास शिक्षा और महिला आजीविका के क्षेत्र में किए गए काम उनके कार्यकाल की पहचान बने रहेंगे। अब भोपाल में नई जिम्मेदारी के साथ उनके प्रशासनिक अनुभव का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।