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  • भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव, सुबह 11:30 से शुरू होगी सेवा; छुट्टियों में रात 8:30 बजे तक दौड़ेगी ट्रेन

    भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव, सुबह 11:30 से शुरू होगी सेवा; छुट्टियों में रात 8:30 बजे तक दौड़ेगी ट्रेन


    भोपाल  भोपाल मेट्रो अब नई समय सारणी के साथ यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ गई है। सोमवार से भोपाल मेट्रो का नया शेड्यूल लागू हो गया है। इसके तहत यात्रियों को सप्ताह के सभी दिनों में हर 15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। नई व्यवस्था के मुताबिक सोमवार से शनिवार तक मेट्रो कुल 62 फेरे लगाएगी जबकि रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में ट्रेनों के 70 फेरे संचालित किए जाएंगे। मेट्रो के नए समय को इस तरह तय किया गया है कि यात्रियों को पूरे परिचालन समय के दौरान नियमित अंतराल पर ट्रेन मिल सके।

    नए शेड्यूल के अनुसार सुभाष नगर स्टेशन से पहली मेट्रो सुबह 11:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन एम्स की ओर जाएगी। वहीं एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे सुभाष नगर के लिए रवाना होगी। सोमवार से शनिवार तक मेट्रो सेवा सुबह 11:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। सुभाष नगर स्टेशन से इन दिनों आखिरी मेट्रो शाम 7 बजे रवाना होगी जबकि एम्स स्टेशन से अंतिम ट्रेन शाम 7:30 बजे चलेगी। इस अवधि में दोनों दिशाओं को मिलाकर कुल 62 फेरे लगाए जाएंगे।

    रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में यात्रियों को मेट्रो की सुविधा एक घंटे ज्यादा समय तक मिलेगी। इन दिनों सेवा सुबह 11:30 बजे शुरू होकर रात 8:30 बजे तक जारी रहेगी। सुभाष नगर से आखिरी मेट्रो रात 8 बजे रवाना होगी जबकि एम्स स्टेशन से अंतिम मेट्रो रात 8:30 बजे चलेगी। रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों पर दोनों दिशाओं में कुल 70 ट्रिप संचालित किए जाएंगे। इस तरह छुट्टी वाले दिनों में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और ज्यादा ट्रिप का फायदा मिलेगा।

    भोपाल मेट्रो का संचालन अब दोनों ट्रैक पर किया जा रहा है। नई समय सारणी में ट्रेनों के बीच 15 मिनट का समान अंतराल रखा गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर नियमित रूप से मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी माना जा रहा है। यात्री अपनी यात्रा की योजना नई टाइमिंग के अनुसार आसानी से बना सकेंगे।

    मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों के लिए स्टेशन पहुंचने और सुरक्षा जांच से जुड़ी व्यवस्था को भी स्पष्ट किया है। पहली मेट्रो के निर्धारित प्रस्थान समय से करीब 15 मिनट पहले यात्रियों के लिए स्टेशन खोले जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने सुरक्षा जांच पूरी करने और प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। टिकटिंग की सुविधा भी निर्धारित प्रवेश और निकास द्वार पर उपलब्ध रहेगी।

    सुभाष नगर स्टेशन पर गेट नंबर 3 केंद्रीय विद्यालय स्टेशन पर गेट नंबर 3 बोर्ड ऑफिस स्टेशन पर गेट नंबर 3 एमपी नगर स्टेशन पर गेट नंबर 3 रानी कमलापति स्टेशन पर गेट नंबर 2 डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर गेट नंबर 3 अलकापुरी स्टेशन पर गेट नंबर 3 और एम्स स्टेशन पर गेट नंबर 1 पर मैनुअल टिकटिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नई टाइमिंग और नियमित 15 मिनट के अंतराल से भोपाल मेट्रो सेवा के इस्तेमाल को आसान बनाने की कोशिश की गई है। अब यात्रियों को सप्ताह के अधिकांश दिनों में तय अंतराल पर ट्रेन मिलेगी जबकि रविवार और सार्वजनिक अवकाश पर अतिरिक्त परिचालन समय का लाभ भी मिलेगा।

  • 21 जून से इंदौर में नए ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो, एयरपोर्ट और आईटी हब तक मिलेगा सीधा कनेक्शन; 10 लाख लोगों को होगा फायदा

    21 जून से इंदौर में नए ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो, एयरपोर्ट और आईटी हब तक मिलेगा सीधा कनेक्शन; 10 लाख लोगों को होगा फायदा


    मध्‍य प्रदेश । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक शनि देव की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार शुभ फल प्राप्त होते हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाओं और परेशानियों से राहत मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपायों और पूजा-विधि का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अपनाने से शनि की कृपा प्राप्त हो सकती है।

    शनिवार की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश, भगवान शिव और शनि देव का स्मरण करें। शनि देव की पूजा में काले तिल, सरसों का तेल, नीले या काले रंग के फूल तथा उड़द की दाल का विशेष महत्व माना जाता है।

    पूजा के दौरान शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद काले तिल अर्पित करें और शनि मंत्रों का जाप करें। “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो शनि चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ भी करें। इससे मानसिक शांति मिलने के साथ-साथ नकारात्मक प्रभावों में कमी आने की मान्यता है।

    शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करने से शनि दोष का प्रभाव कम होने की मान्यता है। इसके अलावा पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और वृक्ष की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को जरूरतमंद लोगों को दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। काले तिल, कंबल, काली उड़द, लोहे के पात्र या भोजन का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। साथ ही गरीबों और असहाय लोगों की सहायता करना भी विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

    शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना से शनि देव के कष्टकारी प्रभावों से राहत मिलती है। इसलिए इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और मंदिर में जाकर दर्शन करना लाभकारी माना जाता है।

    धार्मिक विश्वासों के अनुसार नियमित रूप से शनिवार की पूजा और सद्कर्म करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि पूजा के साथ-साथ अच्छे कर्म, अनुशासित जीवनशैली और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है।