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  • BJP विधायक प्रीतम लोधी पर गिरेगी गाज! 3 दिन में जवाब तलब, खंडेलवाल ने भेजा नोटिस

    BJP विधायक प्रीतम लोधी पर गिरेगी गाज! 3 दिन में जवाब तलब, खंडेलवाल ने भेजा नोटिस



    मध्य प्रदेश शिवपुरी मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर संगठनात्मक अनुशासन का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने शिवपुरी जिले के पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से जारी किया गया है, जिसमें विधायक से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
    जारी पत्र में पार्टी ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में विधायक प्रीतम लोधी का आचरण “अत्यंत आपत्तिजनक” पाया गया है और यह पार्टी की अनुशासनात्मक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। भाजपा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जवाब तलब किया है और साफ संकेत दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    यह नोटिस 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी गई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व इस पूरे मामले को केवल औपचारिकता नहीं मान रहा, बल्कि इसे अनुशासन से जुड़ा गंभीर विषय मानकर आगे बढ़ रहा है।
    हालांकि, नोटिस में किसी विशेष बयान या घटना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे हाल के बयानों और सार्वजनिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाकर संगठन में अनुशासन और एकरूपता बनाए रखना चाहता है।
    भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी लंबे समय से सार्वजनिक मंचों पर दिए जा रहे विवादित बयानों और अनुशासनहीन गतिविधियों को लेकर सतर्क है। इसी क्रम में यह कार्रवाई एक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है कि पार्टी लाइन से बाहर जाकर बयानबाजी या आचरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    इस नोटिस के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, जबकि भाजपा के भीतर इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामान्य हिस्सा बताया जा रहा है।
    अब सभी की निगाहें विधायक प्रीतम लोधी के जवाब पर टिकी हैं। उनका स्पष्टीकरण यह तय करेगा कि मामला यहीं समाप्त हो जाता है या आगे किसी बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की दिशा में बढ़ता है।
  • भाजपा कोर कमेटी पर मंथन तेज मध्य प्रदेश से 22 नेताओं की सूची दिल्ली पहुंची बड़े फैसले जल्द

    भाजपा कोर कमेटी पर मंथन तेज मध्य प्रदेश से 22 नेताओं की सूची दिल्ली पहुंची बड़े फैसले जल्द


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है प्रदेश भाजपा की नई कोर कमेटी के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है और इसके लिए 22 वरिष्ठ नेताओं के नाम दिल्ली भेजे गए हैं जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा इस नई कोर कमेटी को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है

    राजधानी भोपाल में चल रही हलचल के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी इस बार अनुभवी और प्रभावशाली चेहरों को प्रमुख जिम्मेदारी देने की तैयारी में है सूत्रों के मुताबिक इस सूची में कई बड़े और कद्दावर नेताओं का कद और अधिक बढ़ सकता है जिनमें शिवराज सिंह चौहान ज्योतिरादित्य सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल प्रमुख रूप से शामिल हैं

    इसके अलावा संगठन और सरकार दोनों स्तरों के नेताओं को इस सूची में जगह दी गई है जिनमें वीडी शर्मा रीति पाठक और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हैं इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अनुभव और वर्तमान नेतृत्व के संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है

    दिल्ली भेजी गई सूची में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई अन्य नेताओं के नाम भी शामिल हैं जैसे वीरेंद्र खटीक दुर्गादास उइके सावित्री ठाकुर राजेंद्र शुक्ला गोपाल भार्गव नरोत्तम मिश्रा विजय शाह इंदर सिंह परमार राकेश सिंह और लाल सिंह आर्य

    साथ ही संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी जगह दी गई है जिनमें हेमंत खंडेलवाल अजय जमवाल महेंद्र सिंह और शिव प्रकाश जैसे नाम शामिल हैं इसके अलावा वरिष्ठ नेता सत्यनारायण जटिया और अन्य अनुभवी चेहरों को भी सूची में स्थान दिया गया है

    पार्टी सूत्रों का मानना है कि यह कोर कमेटी आने वाले समय में चुनावी रणनीति संगठन विस्तार और सरकार के साथ समन्वय में अहम भूमिका निभाएगी खास बात यह है कि 14 अप्रैल को इस नई कोर कमेटी की पहली बैठक प्रस्तावित है जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं

    कुल मिलाकर भाजपा मध्य प्रदेश में संगठन को और मजबूत करने और राजनीतिक पकड़ को बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर रणनीतिक बदलाव की तैयारी कर रही है अब सबकी नजर दिल्ली से आने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हुई है