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  • अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी

    अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को सतना और कटनी में बारिश दर्ज की गई जबकि महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक मौसम बदला रहने के आसार हैं। दूसरी ओर धार और झाबुआ में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से सुबह के समय ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश आंधी और गरज चमक की संभावना जताई है। ऐसे में अक्टूबर के आखिरी दिनों में लोगों को एक साथ बारिश ठंड और गर्मी के बदलते मिजाज का सामना करना पड़ सकता है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को सीधी सिंगरौली अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल नर्मदापुरम भिंड दतिया रायसेन सीहोर विदिशा जबलपुर छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज चमक का दौर देखने को मिल सकता है।

    धार में तापमान में अचानक गिरावट ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। यहां न्यूनतम तापमान मंगलवार को 15.4 डिग्री सेल्सियस था जो बुधवार सुबह घटकर 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तरह केवल एक दिन में पारे में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। सुबह के समय तेज हवाओं और कम तापमान के कारण लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।

    विंध्य क्षेत्र में भी आसमान पर बादलों का डेरा है। सतना में बुधवार सुबह से बादल छाए रहे जबकि मैहर में कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। यहां करीब पांच से सात मिनट तक बारिश होने से बाजार में मौजूद लोगों को अपना सामान बचाना पड़ा। सब्जी मंडी में दुकानदार सामान को भीगने से बचाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 अक्टूबर के बीच विंध्य क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को सतना में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    झाबुआ में भी सुबह की ठंड बढ़ गई है। जिले में न्यूनतम तापमान 27 अक्टूबर को 17.6 डिग्री सेल्सियस था जो 28 अक्टूबर को गिरकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दोपहर में तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को हल्की बारिश गरज चमक बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है।

    मौसम में यह बदलाव करवा चौथ के त्योहार पर भी असर डाल सकता है। 29 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव बढ़ने की संभावना के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। बादल घने रहने पर चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है। लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और बारिश व तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश से गिरा तापमान, 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी रात की ठंडक

    मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश से गिरा तापमान, 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी रात की ठंडक


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 72 घंटे से आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। लगातार बदलते मौसम के कारण दिन के तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। वहीं अनुमान है कि 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ने लगेगी।
    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक रविवार को नीमच मंदसौर श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर निवाड़ी टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना मऊगंज सीधी सिंगरौली सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से इंदौर उज्जैन ग्वालियर चंबल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में मौसम प्रभावित हुआ है। शुक्रवार और शनिवार को भी इन क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी। बड़वानी जिले के सेंधवा सीहोर और पीथमपुर में भी पानी गिरा जबकि रीवा और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहे।
    मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है। 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट होने से ठंडक बढ़ सकती है। अक्टूबर में दिन के समय गर्मी रात में हल्की ठंडक और बीच-बीच में बारिश का मौसम देखने को मिलता है। इस बार भी प्रदेश में मौसम का यही मिला-जुला रूप दिखाई दे रहा है।
    गौर करने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही लौट चुका है। इसके बावजूद नए मौसमी सिस्टम सक्रिय होने से बारिश का दौर दोबारा शुरू हो गया है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता रहा है। इस बार भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी ही परिस्थितियां बन रही हैं। महीने की शुरुआत में कई जिलों में मौसम साफ हुआ था और तेज धूप निकली थी लेकिन बाद में आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया।
    प्रदेश में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी हिस्से के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बताया गया है। हालांकि कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। बालाघाट छिंदवाड़ा दमोह जबलपुर नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश की कमी सामने आई है। आलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल देवास धार हरदा इंदौर झाबुआ खंडवा मंदसौर मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम सीहोर शाजापुर उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल राजगढ़ बुरहानपुर खरगोन कटनी मंडला डिंडौरी ग्वालियर गुना दतिया पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी मैहर आगर-मालवा भिंड श्योपुर सिंगरौली सीधी सतना मऊगंज शहडोल उमरिया और अनूपपुर सहित 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा होने की जानकारी दी गई है।
    इस साल जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश के कारण आंकड़ों में सुधार हुआ लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से कई दिनों तक बारिश नहीं हुई। मानसून के अंतिम दौर में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम रही। मध्य प्रदेश में औसत मौसमी बारिश लगभग 37.3 इंच मानी जाती है।
    राजधानी भोपाल सहित इंदौर ग्वालियर जबलपुर और उज्जैन में अक्टूबर के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ग्वालियर में इस महीने दिन का तापमान कई बार 38 डिग्री के पार पहुंच चुका है जबकि इंदौर में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में रात की ठंडक बढ़ने लगती है। जबलपुर और उज्जैन में भी इस महीने बारिश के साथ तापमान में बदलाव का इतिहास रहा है। फिलहाल प्रदेश के कई जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बारिश और तेज हवाओं की संभावना वाले इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत है।

  • तीन दिन की गर्मी और उमस के बाद MP में फिर बारिश का दौर 12 जिलों में अलर्ट बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम

    तीन दिन की गर्मी और उमस के बाद MP में फिर बारिश का दौर 12 जिलों में अलर्ट बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। जबलपुर रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 12 सितंबर से इंदौर नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इससे पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को सतना रीवा मऊगंज सीधी मैहर शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला बालाघाट सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में कहीं धूप तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच मंदसौर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा समेत कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश में भारी बारिश का दौर थमा हुआ था। इसके चलते कई शहरों में तेज धूप निकलने लगी थी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। भोपाल समेत इंदौर उज्जैन ग्वालियर और जबलपुर में भी दिन के समय गर्मी का असर दिखाई दिया। हालांकि अब मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक करीब 795.3 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 862.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 2.6 इंच कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब 2 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 13 प्रतिशत बताई गई है।

    प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है। वहीं कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। अनूपपुर छतरपुर मैहर मऊगंज निवाड़ी पन्ना सतना शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया समेत कई जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। भोपाल बुरहानपुर दतिया गुना ग्वालियर खरगोन राजगढ़ श्योपुर और शिवपुरी जैसे जिलों में भी बारिश सामान्य से अधिक रही है।

    इस सीजन की शुरुआत में जून में बारिश की कमी ने प्रदेश के आंकड़ों को प्रभावित किया था। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया। हालांकि मानसून में कई बार ब्रेक आने के कारण जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब सितंबर में सक्रिय हो रहे नए सिस्टम से बारिश के आंकड़ों में और सुधार की उम्मीद है।

    भोपाल में भी सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। राजधानी में सितंबर महीने की औसत बारिश करीब 7 इंच मानी जाती है। पिछले कई वर्षों में सितंबर के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश भी दर्ज होती रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला फिर तेज हो सकता है।

  • MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक

    MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की देरी अब चिंता का कारण बनती जा रही है। सामान्य तौर पर 15 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून इस बार 6 दिन पीछे चल रहा है और मौसम विभाग ने इसके 25 जून तक पहुंचने की संभावना जताई है। मानसून के इंतजार के बीच प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना हुआ है। रविवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, शिवपुरी, रीवा, शहडोल, सतना, मुरैना, धार, झाबुआ और अलीराजपुर समेत 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। उज्जैन में 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल में 1.3 इंच पानी बरसा। इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। धार में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भोपाल में 33.4 और इंदौर में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है और इसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को ही प्रदेश में पहुंच गया था, लेकिन इस बार इसकी गति काफी धीमी है।

    मानसून की देरी का असर जून महीने की बारिश पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर पड़ा है, जहां जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम है।

    कम बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई के लिए कम से कम चार इंच बारिश आवश्यक है ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बन सके। कई किसानों ने मानसून आने की उम्मीद में पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी।

    फिलहाल प्रदेशभर के किसानों और आम लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों में मानसून सक्रिय होकर मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा, जिससे गर्मी और बारिश की अनिश्चितता के बीच राहत मिलने की संभावना बनेगी।

  • एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहत
    लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

    इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

    आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मौसम का अलर्ट, 47 जिलों में बारिश और 8 में ओलों की चेतावनी


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में इस बार नौतपा का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर नौतपा के दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहता है, वहीं इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

    राजधानी भोपाल में शनिवार रात करीब साढ़े बारह बजे से तड़के तीन बजे तक तेज आंधी का दौर चला। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज हवाओं के कारण भवनों और छतों पर लगे उपकरणों को भी नुकसान पहुंचा। रविवार सुबह शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ घंटों तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर मालवा, छतरपुर, कटनी, मैहर, उमरिया और शहडोल जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक टीकमगढ़, दतिया, नौगांव, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रीवा, सागर, सतना, रतलाम, धार, मंदसौर, खंडवा, बालाघाट, झाबुआ और श्योपुर समेत अनेक जिलों में बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम और अधिक ठंडा हो गया।

    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। छतरपुर जिले के नौगांव में तीन दिन के भीतर तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। 27 मई को जहां यहां का अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को यह घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। ग्वालियर में 35.6 डिग्री, जबलपुर में 38.2 डिग्री, इंदौर में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री और भोपाल में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    विशेष बात यह है कि मौसम विभाग ने प्रदेश में कहीं भी लू चलने की संभावना नहीं जताई है। मई माह में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगभग समाप्त हो गया है। नौतपा के दौरान आमतौर पर पड़ने वाली तेज गर्मी की जगह इस बार बादल, बारिश और ठंडी हवाओं ने ले ली है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण आगामी एक-दो दिनों तक प्रदेश में मौसम इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर पहुंचाई है, लेकिन तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सतर्कता बरतना भी जरूरी होगा।

  • MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा

    MP में कुदरत के दोहरे तेवर: कड़ाके की ठंड के बीच 28 जिलों में बारिश का अलर्ट, 4.9 डिग्री तक लुढ़का पारा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इस समय कुदरत के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कोहरे और शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया हैवहीं दूसरी तरफ अब बारिश की दस्तक ने ठंड की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर इस समय साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवातीय परिसंचरण और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिन यानी 27 और 28 जनवरी को प्रदेश के 28 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    मौसम के इस बदले मिजाज के कारण तापमान में 4.9 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग समेत कई इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजगढ़ में पारा गिरकर 6.6 डिग्री तक पहुंच गया है, जबकि दतिया, शिवपुरी और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थलों में भी रात का तापमान 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर मध्य प्रदेश में कंपकंपी बढ़ गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 30 जनवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से न केवल जनवरी के अंतिम दिन बल्कि फरवरी की शुरुआत भी बारिश और बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। बारिश होने के कारण रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड का अहसास और ज्यादा तीखा होगा।

    इन इलाकों में रहें सावधान आज यानी 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड, मुरैना और सागर जैसे संभागों में बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं कल 28 जनवरी को पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों जैसे जबलपुर, शहडोल, सीधी, रीवा और कटनी में पानी गिरने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।