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  • सीमित संसाधन भी नहीं रोक सके ध्रुव की उड़ान, किसान पुत्र ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर रचा इतिहास

    सीमित संसाधन भी नहीं रोक सके ध्रुव की उड़ान, किसान पुत्र ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर रचा इतिहास


    मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के एक छोटे से ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर कक्षा 10वीं के छात्र ध्रुव शुक्ला ने राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है। शिवपुरी में आयोजित प्रतियोगिता में ध्रुव ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपने जिले का नाम रोशन किया। उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं 4×100 मीटर रिले दौड़ में टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता। एक ही प्रतियोगिता में तीन पदक हासिल करने की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। ध्रुव की सफलता को उनकी मेहनत अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है।

    ध्रुव शुक्ला मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खर्रा में कक्षा 10वीं के छात्र हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है। उनके पिता रामदीन शुक्ला खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाले ध्रुव ने सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी इस उपलब्धि ने यह दिखाया है कि किसी खिलाड़ी की सफलता केवल महंगी सुविधाओं पर निर्भर नहीं करती बल्कि नियमित अभ्यास दृढ़ इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति लगन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    शिवपुरी में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ध्रुव ने अपनी गति और खेल कौशल का परिचय दिया। 100 मीटर और 200 मीटर जैसी प्रतिस्पर्धी दौड़ों में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी तैयारी और मेहनत को दर्शाता है। इसके बाद उन्होंने 4×100 मीटर रिले दौड़ में अपनी टीम के साथ भाग लेते हुए रजत पदक जीता। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के साथ टीम स्पर्धा में भी पदक हासिल करना उनके लिए खास उपलब्धि रही। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने अपने विद्यालय और क्षेत्र को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है।

    ध्रुव की इस सफलता में उनके कोच और विद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी सौरभ त्रिपाठी का महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है। उनके मार्गदर्शन में ध्रुव नियमित अभ्यास करते रहे और अपनी दौड़ की तकनीक अनुशासन तथा प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। सीमित सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण हासिल करते हुए ध्रुव ने प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। खिलाड़ी की मेहनत के साथ सही मार्गदर्शन भी खेल में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होता है और ध्रुव की उपलब्धि इसका उदाहरण है।

    ध्रुव शुक्ला की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में करियर बनाने का सपना देखते हैं। कई बार सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों के सामने चुनौती बनती है लेकिन निरंतर अभ्यास और मेहनत से आगे बढ़ने के रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। ध्रुव की उपलब्धि से यह संदेश मिलता है कि प्रतिभा को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो छोटे गांवों से भी खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।

    ध्रुव के तीन पदक जीतने पर विद्यालय के प्राचार्य शिक्षकगण जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता जताई है। सभी ने ध्रुव और उनके कोच सौरभ त्रिपाठी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अब ध्रुव के सामने अपनी इस सफलता को आगे बढ़ाने और आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। उनकी उपलब्धि ने मऊगंज जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की उम्मीद भी जगाई है।

  • शिवराज के बेटे कार्तिकेय को मिली बड़ी जिम्मेदारी, एमपी वॉलीबॉल संघ की कमान संभाली, गांव-गांव तक खेल पहुंचाने का लक्ष्य

    शिवराज के बेटे कार्तिकेय को मिली बड़ी जिम्मेदारी, एमपी वॉलीबॉल संघ की कमान संभाली, गांव-गांव तक खेल पहुंचाने का लक्ष्य


    भोपाल । मध्य प्रदेश में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने खेल प्रशासन के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्हें मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। रविवार को भोपाल में आयोजित चुनाव में प्रदेश के 33 जिला वॉलीबॉल संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्तिकेय को वर्ष 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना गया है। इस जिम्मेदारी के साथ अब प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उनसे कई उम्मीदें जुड़ गई हैं।
    अध्यक्ष चुने जाने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने प्रदेश में वॉलीबॉल को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस खेल के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई प्रतिभाओं को सामने लाना और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही खेल से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी काम करने की बात कही गई है।
    कार्तिकेय ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए संघ के पदाधिकारियों जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी ने जिस भरोसे के साथ उन्हें यह जिम्मेदारी दी है उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य वॉलीबॉल को प्रदेश के गांवों और युवाओं तक पहुंचाना है ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी इस खेल से जुड़ सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    चुनाव प्रक्रिया एडवोकेट दिलीप मालवीय की देखरेख में संपन्न हुई। नई कार्यकारिणी में अनवर खान को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया है। विधायक आशीष शर्मा और राम पांडे को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। सतीश जोशी महासचिव और विशाल शर्मा कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं डीआर सिंह और राजेश शुक्ला संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। कार्यकारिणी में आशीष सिंह भूपेन्द्र कांत राजेन्द्र चतुर्वेदी मेरिट खिलाड़ी श्वेता शर्मा और रीवा के कृष्णानंद को भी शामिल किया गया है।
    बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश के अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने और अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच मिल सकेगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं नए खिलाड़ियों को अनुभव देने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
    नई कार्यकारिणी के सामने अब प्रदेश में वॉलीबॉल के विस्तार और जिला संघों को मजबूत करने की चुनौती होगी। खेल नीति का प्रारूप तैयार करना सुविधाओं में सुधार करना और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिताओं के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। कार्तिकेय सिंह चौहान ने गांव-गांव तक वॉलीबॉल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अब इस लक्ष्य को जमीन पर उतारने के लिए संघ की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

  • खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, हर विधानसभा में CM Sports Complex, गांव-शहर में बढ़ेंगी खेल सुविधाएं

    खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात, हर विधानसभा में CM Sports Complex, गांव-शहर में बढ़ेंगी खेल सुविधाएं


    भोपाल । मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश की हर विधानसभा में CM Sports Complex विकसित किए जाएंगे। इन परिसरों में खिलाड़ियों के लिए अलग अलग खेलों के मैदान और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिटनेस सेंटर चेंजिंग रूम उपकरण कक्ष फायर सेफ्टी सिस्टम और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं के संचालन के लिए परिसर में हेलीपैड की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माणाधीन CM Sports Complex की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ साथ परिसर की उपयोगिता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की खास बात यह होगी कि एक ही परिसर में कई खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां बैडमिंटन एथलेटिक्स ट्रैक मार्शल आर्ट टेबल टेनिस खो खो कबड्डी वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए मैदान और आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। इससे बच्चों और युवाओं को अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा। अभी कई खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। विधानसभा स्तर पर आधुनिक खेल परिसरों के विकसित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपने आसपास ही अभ्यास का बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।

    परिसर में सिर्फ खेल मैदान ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों की जरूरत से जुड़ी दूसरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एडमिन ब्लॉक फिटनेस सेंटर उपकरण कक्ष चेंजिंग रूम इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं परिसर का हिस्सा होंगी। दिव्यांग खिलाड़ियों और अन्य दिव्यांगजनों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य खेल परिसर को अधिक सुविधाजनक और सभी के लिए उपयोगी बनाना है।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत खिलाड़ियों को बेहतर मैदान प्रशिक्षण उपकरण और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की है। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को खेलों के लिए बेहतर मंच मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ी आगे चलकर जिला संभाग राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंच सकेंगे।

    इन परिसरों में हेलीपैड का प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। सामान्य परिस्थितियों में इसका उपयोग खेल परिसर का हिस्सा रहते हुए किया जा सकता है जबकि आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार की कोशिश है कि ये परिसर केवल भवन और मैदान बनकर न रह जाएं बल्कि उनका नियमित और प्रभावी उपयोग हो। अधिकारियों को इसी उद्देश्य के साथ निर्माण की गुणवत्ता के साथ सुविधाओं की उपयोगिता और संचालन पर भी ध्यान देने को कहा गया है। यदि योजना के अनुसार इन परिसरों का प्रभावी संचालन होता है तो आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल अभ्यास और प्रशिक्षण के लिए एक नया मंच मिल सकता है।

  • शिवपुरी में कबड्डी का दमदार मुकाबला: नरवर की छात्राओं ने करेरा को दोनों मैचों में दी करारी शिकस्त

    शिवपुरी में कबड्डी का दमदार मुकाबला: नरवर की छात्राओं ने करेरा को दोनों मैचों में दी करारी शिकस्त


    शिवपुरी । शिवपुरी में आयोजित जिला स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता में मंगलवार को स्कूली खिलाड़ियों का उत्साह देखने को मिला। तात्या टोपे शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय के मैदान पर आयोजित प्रतियोगिता में जिले के अलग अलग विकासखंडों से बालक और बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी के साथ नेटबॉल हॉकी और फुटबॉल सहित कई खेलों के मुकाबले कराए जा रहे हैं। कबड्डी प्रतियोगिता में नरवर की जूनियर छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का दम दिखाया और करेरा की टीम को लगातार दो मुकाबलों में शिकस्त दी।

    कबड्डी के मैदान पर नरवर की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने तेजी से रेड लगाकर अंक जुटाए और दूसरी ओर मजबूत टैकल के जरिए करेरा की खिलाड़ियों को रोकने में सफलता हासिल की। पहले मुकाबले में नरवर की छात्राओं ने शानदार तालमेल के साथ खेलते हुए करेरा की टीम को 22-6 के बड़े अंतर से हराया। इस मुकाबले में नरवर की टीम ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और विपक्षी टीम को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।

    पहले मुकाबले में जीत के बाद नरवर की खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। दूसरे मुकाबले में भी टीम ने अपनी लय बरकरार रखी और शानदार रणनीति के साथ खेलते हुए करेरा को 18-7 से मात दी। लगातार दो जीत के बाद नरवर की छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मैदान पर मौजूद दर्शकों और साथी खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन के लिए उनका उत्साह बढ़ाया।

    मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए जोरदार संघर्ष देखने को मिला। रेडर अंक हासिल करने के लिए तेजी से विपक्षी पाले में पहुंचती नजर आईं तो डिफेंडर उन्हें रोकने के लिए पूरी ताकत लगाती रहीं। खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और आक्रामक रणनीति नरवर की जीत की बड़ी वजह बनी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

    जिला स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर देना है। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे होने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। ऐसे आयोजनों के जरिए ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलता है।

    प्रतियोगिता के सफल आयोजन में जिला खेल निरीक्षक चंद्रशेखर वेमेटे के साथ खेल शिक्षकों और सहयोगी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यादवेंद्र चौधरी अब्दुल रजाक खान भगवत शर्मा बसंत बृजमोहन जाट नीरज सरैया मनोज खत्री नीरजा भार्गव रेखा शर्मा घनश्याम और शुभी रानी सहित अन्य स्टाफ ने प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं को संभाला। मैदान पर खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच प्रतियोगिता का माहौल उत्साह और खेल भावना से भरपूर रहा।

  • भोपाल में राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप का शानदार समापन, NSS भोपाल बना विजेता; CM बोले- खेलों में लगातार आगे बढ़ रहा MP

    भोपाल में राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप का शानदार समापन, NSS भोपाल बना विजेता; CM बोले- खेलों में लगातार आगे बढ़ रहा MP


    भोपाल । भोपाल के बड़े तालाब पर छह दिनों तक चली राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप के तीसरे संस्करण का रविवार को भव्य समापन हुआ। बोट क्लब पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए और विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया जबकि नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अलग अलग वर्गों में कुल 110 रेस के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भोपाल में बड़े तालाब की लहरों पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने शहर को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के वाटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में पहचान दिलाई। भोपाल में इससे पहले भी राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप में देशभर के 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं।
    समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक एक स्टेडियम विकसित किया जाए। इन स्टेडियमों के साथ अलग अलग खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है ताकि गांव और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाना उनके लिए संतोष और खुशी की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत को प्रदेश की बढ़ती खेल उपलब्धियों का महत्वपूर्ण आधार बताया।

    मुख्यमंत्री के मुताबिक कुछ वर्ष पहले तक राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में मध्यप्रदेश की स्थिति 16वें या 17वें स्थान के आसपास थी लेकिन अब प्रदेश तीसरे स्थान तक पहुंच चुका है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत और खेल सुविधाओं के विस्तार को दिया। उनका कहना था कि ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की उपलब्धियों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है।

    डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। सरकार का जोर केवल खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं है बल्कि उनके प्रशिक्षण शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कोचों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों के करियर और भविष्य की चिंता करना भी जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत खेलों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

    प्रतियोगिता के दौरान बड़े तालाब की लहरों पर खिलाड़ियों ने संतुलन गति और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। अलग अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। राष्ट्रीय रैंकिंग से जुड़ी इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मजबूत करने में मददगार माना जा रहा है।

    NSS भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी माही वर्मा तुलसी पटले एकलव्य वायम वंशिका शिकारवार आर्यन पाटीदार प्रार्थना मोई अंकित सिसोदिया समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे। वहीं NYSC गोवा की उपविजेता टीम में शशांक जाधव हृदय जोशी मोह रिजवान शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल रहे। NSS भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक जीएल यादव के साथ राम मिलन नरेंद्र एस राजपूत और अनिल शर्मा ने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत है और सरकार इसका उपयोग खेल के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भोपाल में खेल संग्रहालय विकसित करने का आग्रह किया ताकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों को एक स्थान पर प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने बड़े तालाब में शिकारा संचालन को भी पर्यटन विकास से जोड़ने की बात कही।

    समारोह में मुख्यमंत्री ने जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता यामिनी मौर्य समेत विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव कुमार मीणा कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े को भी सम्मान मिला। जूनियर हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया।

    मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने में भोपाल की झीलों की अहम भूमिका है। राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में हुई थी जहां सेलिंग रोइंग कयाकिंग केनोइंग और स्लालम जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप जैसे आयोजन इस बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से विधानसभा स्तर तक खेल सुविधाएं बढ़ाने की योजना पर जोर दिए जाने से आने वाले समय में प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से भी नई खेल प्रतिभाओं के सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल की झील में देशभर के सेलिंग सितारों का दमखम, NSS भोपाल विजेता और NYSC गोवा उपविजेता

    भोपाल की झील में देशभर के सेलिंग सितारों का दमखम, NSS भोपाल विजेता और NYSC गोवा उपविजेता


    भोपाल । भोपाल की पहचान बड़े तालाब और उसकी खूबसूरत लहरों से भी जुड़ी है और अब यही झील देश के उभरते हुए सेलिंग खिलाड़ियों के लिए बड़े मंच के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रही है। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को भोपाल के बोट क्लब में होगा। सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शामिल होंगे। प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

    11 से 16 अगस्त तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की रेस के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी। यह रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि बेहतर रैंकिंग के आधार पर उन्हें आगे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर मिल सकते हैं।

    चैंपियनशिप में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल यानी NSS ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। NSS भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी माही वर्मा तुलसी पटले एकलव्य वायम वंशिका शिकारवार आर्यन पाटीदार प्रार्थना मोई अंकित सिसोदिया समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे। वहीं NYSC गोवा की टीम उपविजेता रही। गोवा की टीम में शशांक जाधव हृदय जोशी मोह रिजवान शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला ने हिस्सा लिया। NSS भोपाल के खिलाड़ियों को मुख्य प्रशिक्षक जीएल यादव के साथ राम मिलन नरेंद्र एस राजपूत और अनिल शर्मा का मार्गदर्शन मिला।

    प्रतियोगिता के दौरान अपर लेक की लहरों पर खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। अलग-अलग वर्गों में नाविकों ने हवा की दिशा और गति के साथ तालमेल बैठाते हुए अपनी तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन किया। सेलिंग में केवल गति ही निर्णायक नहीं होती बल्कि हवा को समझना नाव को सही दिशा में मोड़ना और बदलती परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी खिलाड़ी की सफलता में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह रही कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भोपाल में राष्ट्रीय स्तर की सेलिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले भी होता रहा है और बड़े तालाब को इस खेल के लिए अनुकूल माना जाता है।

    भोपाल धीरे-धीरे वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। शहर की प्राकृतिक झीलें सेलिंग के साथ रोइंग कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए भी अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में की गई थी। यहां सेलिंग रोइंग कयाकिंग केनोइंग और स्लालम जैसी विधाओं के लिए प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    अकादमी से प्रशिक्षण लेकर कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब तक अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीतने का दावा किया गया है। खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। ऐसे में राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन बनकर सामने आई है।

    समापन समारोह में विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों के सम्मान के साथ प्रतियोगिता की उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल की झीलों को वाटर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को भी नई मजबूती मिल सकती है। देशभर से आए खिलाड़ियों की भागीदारी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भोपाल की झीलें सिर्फ शहर की खूबसूरती नहीं बल्कि खेल प्रतिभाओं को उड़ान देने वाला मजबूत मैदान भी बन सकती हैं।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।