इन जिलों में भी बरसे बादल
27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय
फरवरी में चौथी बार बदला मौसम
तापमान का हाल

इन जिलों में भी बरसे बादल
27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय
फरवरी में चौथी बार बदला मौसम
तापमान का हाल

पिछले तीन दिन से प्रदेश में आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। कुछ जिलों में ओलों की बूंदें भी गिरी हैं। शुक्रवार को भोपाल रतलाम मंदसौर शाजापुर धार इंदौर रायसेन उज्जैन सागर छतरपुर समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई।
मौसम के इस तेवर से कुछ जिलों में तेज आंधी और झोंकों के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है। खासकर रतलाम शाजापुर और उज्जैन में गेहूं की फसलें आड़ी हो गई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी तीन दिनों में प्रदेश के लगभग 25 जिलों में आंधी-बारिश के कारण फसलों को और नुकसान हो सकता है।
किसानों की फसलों पर असर के चलते सरकार ने भी सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। राजस्व अमला प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है और संभावित राहत कार्यों की तैयारी में जुट गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दो दिन ऐसा रहेगा:
22 फरवरी: इस दिन किसी विशेष बारिश का अलर्ट नहीं है लेकिन बादल छाए रह सकते हैं।
23 फरवरी: दक्षिणी हिस्सों में नए सिस्टम के प्रभाव से बारिश होने की संभावना है।
24 फरवरी: दक्षिण-पूर्वी जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।
भोपाल और जबलपुर में सुबह हल्की बारिश दर्ज की गई है। रीवा सतना अनूपपुर शहडोल और उमरिया सहित पांच जिलों में भी मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। विशेषज्ञ लोगों से सतर्क रहने और घर से अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
सरकारी विभाग ने किसानों और ग्रामीणों से कहा है कि वे मौसम के हालात पर नजर रखें और फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। तेज आंधी और बारिश के चलते सड़क मार्ग और बिजली नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं इसलिए लोग सतर्क रहें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले चार दिनों में आंधी-बारिश का दौर राज्य में कई जगह प्रभावित रहेगा। विशेषकर दक्षिण-पूर्वी जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इनसे सटे जिलों में बादल छाए रहने की स्थिति बनेगी।
फरवरी में तीसरी बार बरसात की संभावना
अगर अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो फरवरी महीने में यह तीसरा मौका होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी आई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे भी कराया था।
नया सिस्टम करेगा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन उसका असर पहाड़ी राज्यों तक सीमित है, जहां बर्फबारी हो रही है। मध्य प्रदेश में केवल हल्के बादल नजर आ रहे हैं। 16 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव एमपी पर भी पड़ेगा।
अभी रात में हल्की सर्दी
प्रदेश में फिलहाल हल्की ठंड का असर बना हुआ है। रात और सुबह के समय सर्दी महसूस की जा रही है। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हो रहा है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है।
शनिवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में पारा 10 डिग्री से अधिक रहा। पांच प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा—भोपाल 14.2 डिग्री, इंदौर 13.6 डिग्री, ग्वालियर 12.8 डिग्री, उज्जैन 15.7 डिग्री और जबलपुर 14.6 डिग्री सेल्सियस। वहीं कटनी के करौंदी, सतना के चित्रकूट, शहडोल के कल्याणपुर, छतरपुर के नौगांव और रीवा में तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
अगले दो दिन का पूर्वानुमान
16 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
17 फरवरी: हल्के कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इस दिन भी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी रहेगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर बदलते मिजाज का अंदाज दिखाया है। पश्चिमी विक्षोक्ष और ट्रफ के असर से बुधवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादल छाए रहे, जिससे दिन का तापमान गिरावट पर आ गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होंगे। हालांकि फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन बादल बनी रहने की संभावना है। सिस्टम के असर के कारण फिलहाल बादल छाए हैं। आने वाले दिनों में दिन और रात का तापमान बढ़ने का रुझान रहेगा।
सर्दी का असर और आगे का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और कई राज्यों में हल्की बारिश भी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मध्य प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट का दौर भी आ सकता है, लेकिन ठंड ज्यादा तेज नहीं होगी। रात का तापमान ज्यादातर शहरों में 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
अगले दो दिन का पूर्वानुमान
13 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छाए रह सकते हैं।
14 फरवरी – हल्का से मध्यम कोहरा कुछ जिलों में बने रह सकता है। बारिश की संभावना नहीं है।
न्यूनतम तापमान की जानकारी
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-रविवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे गिर गया। यहां न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य स्थानों पर तापमान इस प्रकार रहा:
पचमढ़ी: 7.4 डिग्री
कटनी (करौंदी): 8.4 डिग्री
अमरकंटक (अनूपपुर): 9.1 डिग्री
मंदसौर: 9.1 डिग्री
खजुराहो: 9.2 डिग्री
दतिया: 9.9 डिग्री
बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान
ग्वालियर: 13 डिग्री
उज्जैन-जबलपुर: 13.5 डिग्री
भोपाल-इंदौर: 13.6 डिग्री

मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा।
अगले दो दिन का मौसम
5 फरवरी-ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोक नगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास और आसपास के जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। 6 फरवरी-अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
मुरैना में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया, जिससे दृश्यता लगभग 50 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई; न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में पिछले पांच साल में इतना घना कोहरा कम ही देखा गया। एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट रही। मौसम सुहावना होने के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग ठंडक का आनंद ले रहे हैं।
भोपाल में हल्का कोहरा देखा गया, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ठंडक बनी हुई है। सुबह और शाम को ठंडक अधिक महसूस हो रही है। ग्वालियर में मंगलवार की ओलावृष्टि के बाद बुधवार को घने कोहरे ने शहर को ढक लिया। सुबह 7 बजे तक सड़कें सुनसान रहीं और वाहन चालकों को हाई बीम लाइट जलाकर चलना पड़ा। रीवा में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक गिर गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना है।
पिछले दिन मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ जगह ओले और आकाशीय बिजली गिरी, तो कुछ जगह बारिश और आंधी रही।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी सिस्टम के कारण 10 फरवरी तक राज्य के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में बारिश हुई।
सोमवार को जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
बारिश, कोहरा और तापमान का हाल
शाम के समय नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों में जमीन पर सफेद चादर जैसी परत जम गई। बारिश के कारण गेहूं की फसलें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। हालांकि प्रदेश के बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।
गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।
गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई।
श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन तीन दिन बाद प्रदेश में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं ज्यादा असर दिखाएंगी, जिससे रात का तापमान और नीचे जाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।पिछली रात प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। छतरपुर जिले का खजुराहो लगातार दूसरी रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, राजगढ़, दतिया, नौगांव, रीवा, मंडला, पचमढ़ी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में भी पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा, जिससे ठंड का असर और गहरा गया।
प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 7.2, इंदौर में 6.9, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। गिरते तापमान के चलते शहरों और गांवों में अलाव जलते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर दोनों की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें रोजाना घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ने से भोपाल सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।इस बार की सर्दी कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिसंबर ने 25 साल का इतिहास बदल दिया और जनवरी की शुरुआत भी असाधारण रूप से ठंडी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में ठंड, कोहरा और शीतलहर तीनों का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है, जिससे यह सर्दी लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।

शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक पूरा शहर कोहरे की मोटी चादर में लिपटा रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पिछले आठ दिनों से सुबह देर तक और शाम को जल्दी घना कोहरा छा रहा है। दृश्यता घटकर 60 से 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री कम रहने के कारण दिन को ‘कोल्ड सीवियर डे’ घोषित किया गया। इससे पहले साल 2019 में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री तक गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण घना कोहरा बना हुआ है। वहीं कश्मीर की ओर से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बर्फीली हवाएं हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक ला रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।
ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए हैं, ताकि राहगीरों और बेसहारा लोगों व जानवरों को कुछ राहत मिल सके।
कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली पंजाब मेल करीब 4 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे और मंगला एक्सप्रेस करीब 5 घंटे लेट रही। वहीं भोपाल से आने वाली मंगला एक्सप्रेस भी साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची, जबकि केरल और समता एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।
हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स 2 से 3 घंटे तक देरी से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई और दिल्ली फ्लाइट्स और एयर इंडिया की बेंगलुरु फ्लाइट कोहरे के कारण देर से आईं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर ग्वालियर में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, रीवा के अलावा छतरपुर के खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर रही। भोपाल, ग्वालियर, दतिया और सीधी में दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रतलाम, दमोह और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। अशोकनगर, पचमढ़ी, टीकमगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह कोहरे की चादर छाई रही। कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।
प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां पारा 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री और नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना कम है। लेकिन 17 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते ठंड फिर से तेज हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। यह जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। यही तेज ऊंची हवाएं उत्तर भारत और मध्य भारत में ठंड बढ़ाने का काम कर रही हैं। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब जेट स्ट्रीम सक्रिय होती है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है।इस बार नवंबर में ही सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर और जनवरी में 20 से 22 दिन तक कोल्ड वेव चल सकती है। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में ठंड का असली दौर अब शुरू हो चुका है। कोहरा, गिरता तापमान और आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के संकेत बताते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में लोगों को ठिठुरन के लिए तैयार रहना होगा।