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  • न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग

    न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे को लेकर सियासत एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से असंतुष्ट कांग्रेस अब पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सामने ला रही है। इसी क्रम में बुधवार को इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे कार्यकर्ताओं के साथ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के घर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सामने आई बातों की जानकारी दी। रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

    पीड़ित परिवारों ने कांग्रेस नेताओं के सामने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि कई परिवारों ने अपना इकलौता कमाने वाला सदस्य खो दिया है। परिवार के जिस व्यक्ति पर घर की आर्थिक जिम्मेदारी थी उसकी मौत के बाद उनके सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया। परिजनों का कहना था कि हादसे के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन उनकी मदद के लिए आगे आएंगे लेकिन उनकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। कई परिवारों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें वह राहत नहीं मिल पाई जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि हादसे के बाद बीमार हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई थी लेकिन कुछ परिवारों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ा। यहां तक कि मृतक का शव अस्पताल से घर तक लाने में भी परिवारों को खर्च उठाना पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और ज्यादा परेशानी का कारण बना।

    कांग्रेस नेताओं के सामने परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि महापौर पार्षद विधायक नगर निगम आयुक्त या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों ने कहा कि हादसे में अपने लोगों को खोने के बाद वे अब न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि केवल जांच रिपोर्ट सामने आने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई भी जरूरी है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की स्थिति और उनकी भावनाओं को देखते हुए पार्टी एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी। कांग्रेस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित राहत दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

    चौकसे ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने भागीरथपुरा हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे से जुड़ी जो अनुशंसाएं की हैं उन्हें सरकार को तत्काल लागू करना चाहिए। उनका कहना है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे हैं और अब उन्हें जल्द सहायता मिलना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुना और आगे भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

    भागीरथपुरा हादसे के बाद अब न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और पीड़ित परिवारों को राहत का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस जहां रिपोर्ट को लेकर सवाल उठा रही है वहीं पीड़ित परिवार दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस के आंदोलन के साथ यह मामला एक बार फिर इंदौर की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।

  • सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर

    सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर


    इंदौर । स्वच्छता के मामले में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इंदौर में बुधवार को तस्वीर कुछ बदली नजर आई। एक तरफ विजय नगर चौराहे के पास आईडीए ग्राउंड में भाजपा का सेवा ज्योति संकल्प यात्रा कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी तरफ कार्यक्रम स्थल के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सफाई कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नियमित किया जाए और वेतन समेत दूसरी समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रदर्शन के बीच शहर के कुछ इलाकों में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सड़कों पर गीला तथा सूखा कचरा फैला दिखाई दिया।

    सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि जब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं तो उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिलने की मांग रखी। पुलिस ने कर्मचारियों को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी रस्सी और बैरिकेड के पीछे खड़े होकर करीब दो घंटे तक मंत्री का इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

    कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विधायक रमेश मेंदोला और अन्य जनप्रतिनिधि मशाल लेकर बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उनसे मिलने की कोशिश की। कुछ महिला सफाई कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक महिला सफाईकर्मी ने विधायक रमेश मेंदोला के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई। मौके पर धक्का मुक्की जैसी स्थिति भी बनी। जनप्रतिनिधियों ने सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित करने के बाद वहां से रवाना हुए।

    इसके बाद सांसद शंकर लालवानी जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और अपनी समस्याएं बताईं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग रखी। सांसद ने उनकी बात सुनी और कर्मचारियों से पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल तैयार करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधिमंडल की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। शहर में जगह जगह कचरा फैलने के सवाल पर सांसद ने भी कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए।

    सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे के मुताबिक कर्मचारी करीब 23 वर्षों से नियमितीकरण समेत दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन ज्ञापन और भूख हड़ताल जैसे तरीके अपना चुके हैं। उनका कहना है कि करीब 10 हजार रुपये के वेतन में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। बच्चों की पढ़ाई घर का खर्च और इलाज जैसी जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और गुरुवार से कचरा गाड़ियों को रोकने का फैसला लिया जा सकता है।

    प्रदर्शन में शामिल सफाई मित्रों ने भी अपनी परेशानियां बताईं। कृष्णा बाई डागर ने नियमित किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि कम वेतन में घर का खर्च चलाना मुश्किल है। माया पथरोड ने कहा कि सफाई कर्मचारी पूरे शहर को साफ रखने का काम करते हैं लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। रेखा बाई ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे काम के लिए निकलती हैं और दोपहर में घर लौटती हैं। उनके मुताबिक वे लड़ाई करने नहीं बल्कि अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। संगीता सोलंकी ने भी नियमितीकरण और वेतन बढ़ाने की मांग रखी।

    प्रदर्शन के दौरान एक अन्य विवाद भी सामने आया। आरोप है कि एक महिला ने सफाई मित्रों के सामने झाड़ू लगाने को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने महिला को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और महिला को थाने ले गई। इस घटनाक्रम के बाद थाने के बाहर भी कुछ देर हंगामे की स्थिति बनी रही।

    इस बीच इंदौर की सड़कों पर कचरा फैले होने के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आए। बुधवार सुबह इंडस्ट्री हाउस से जंजीरवाला चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग के कुछ हिस्सों में गीला और सूखा कचरा बिखरा दिखाई दिया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहने पर शहर की स्वच्छता व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। अब कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत से समाधान निकलने पर ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

  • जिस इंदौर की सफाई की मिसाल देश देता है वहां सड़कों पर बिखरा कचरा, सफाईकर्मियों की मांगों के बीच बढ़ी निगम की चिंता

    जिस इंदौर की सफाई की मिसाल देश देता है वहां सड़कों पर बिखरा कचरा, सफाईकर्मियों की मांगों के बीच बढ़ी निगम की चिंता


    इंदौर । देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान बना चुके इंदौर में मंगलवार शाम से सफाई व्यवस्था पर असर दिखाई देने लगा। नियमितीकरण समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मी लगातार आंदोलन कर रहे हैं और इसका सीधा असर शहर की सड़कों पर नजर आने लगा है। शहर के कई इलाकों में गीला और सूखा कचरा समय पर नहीं उठने के कारण सड़कों के किनारे और कई जगह सड़क पर ही जमा हो गया। एमआईजी थाने के सामने नेहरू नगर विकास नगर अमर टेकरी और रुस्तम का बगीचा समेत आसपास के क्षेत्रों में शाम होते होते कचरे के ढेर दिखाई देने लगे। देर रात तक कुछ स्थानों पर हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर गीला और सूखा कचरा बिखरा पड़ा था।

    कचरा सड़कों पर जमा होने से स्थानीय रहवासियों के साथ राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क के किनारे जमा कचरा इतना ज्यादा था कि लोगों को वाहन निकालने में दिक्कत हुई। इंदौर जैसे शहर में जहां स्वच्छता को लेकर देशभर में उदाहरण दिया जाता है वहां सड़कों पर फैली गंदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर प्रशासन को गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था बाधित होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

    सफाईकर्मी नियमितीकरण सहित दूसरी मांगों को लेकर लगातार दूसरे दिन नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दो से चार दिन के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो वे हड़ताल का फैसला ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था पर और व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

    मंगलवार शाम को कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से आंदोलन के असर के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे। नियमित रूप से घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा समय पर नहीं उठ पाया तो कई जगह लोग कचरा सड़क किनारे रखने को मजबूर हुए। कुछ इलाकों में यह कचरा धीरे धीरे बढ़ता गया और सड़क के आसपास गंदगी फैलने लगी। यदि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहती है तो नगर निगम के सामने शहर को साफ रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

    शहर में फैली गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मांगें अपनी जगह उचित हो सकती हैं लेकिन विरोध का ऐसा तरीका नहीं होना चाहिए जिससे आम लोगों को परेशानी हो। लोगों ने यह भी चिंता जताई कि खुले में कचरा पड़ा रहने से बदबू के साथ संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोगों ने सड़कों पर कचरा फैलने के पीछे इसे योजनाबद्ध तरीके से डाले जाने की आशंका भी जताई है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

    इंदौर की स्वच्छता पहचान के लिहाज से यह स्थिति नगर निगम के लिए बड़ी चिंता का विषय है। शहर लगातार आठ बार स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है। ऐसे में सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की बड़ी बाधा शहर की इस उपलब्धि और छवि दोनों के लिए चुनौती बन सकती है। अब नजर इस बात पर है कि नगर निगम और सफाईकर्मियों के बीच बातचीत से कब समाधान निकलता है और शहर की नियमित सफाई व्यवस्था कितनी जल्दी पटरी पर लौटती है।

  • पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल

    पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी के माधव चौक पर सोमवार सुबह उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला ने पोहा ठेले पर पहुंचकर जमकर विवाद किया। महिला का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह ठेला संचालक के साथ गाली गलौज करती और हाथ में चप्पल लेकर मारने की कोशिश करती नजर आ रही है। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचे यातायात थाने के सब इंस्पेक्टर से भी महिला उलझ गई। आरोप है कि महिला ने SI को भी चप्पल से मारने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पोहा ठेला संचालक पप्पू कुशवाह के अनुसार महिला सुबह उसके ठेले पर पहुंची थी और नशे की हालत में नजर आ रही थी। ठेले पर पहुंचने के बाद वह अचानक गाली गलौज करने लगी। महिला के व्यवहार से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। ठेला संचालक के मुताबिक महिला ने ठेले पर रखे सामान को भी फेंकने की कोशिश की। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद दूसरे ठेले वाले ने महिला को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह उससे भी उलझ गई।

    बताया जा रहा है कि महिला ने इसी दौरान अपनी चप्पल हाथ में ले ली और सामने मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी करने लगी। आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ लोगों ने महिला को शांत कराने की कोशिश की लेकिन उसका हंगामा जारी रहा। मामला बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही यातायात थाने के SI इंतजार हुसैन मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया।

    हालांकि पुलिस अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। महिला SI इंतजार हुसैन से भी उलझ गई और आरोप है कि उसने चप्पल से उन्हें मारने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन महिला का हंगामा जारी रहा। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    SI इंतजार हुसैन के अनुसार महिला को समझाने के बाद वह कोतवाली पहुंचे और वहां से महिला पुलिसकर्मी को साथ लेकर दोबारा मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक महिला वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की पहचान क्या है और आखिर किस वजह से उसने पोहा ठेले पर विवाद शुरू किया था। माधव चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुए इस हंगामे के बाद कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि महिला की स्थिति और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार

    मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार


    भोपाल । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11 साल की बच्ची की जान चली गई। अनन्या जाटव अपनी मां के साथ खेत पर भुट्टा तोड़ने की मजदूरी करने गई थी। दिनभर काम करने के बाद जब वह अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से घर लौट रही थी तभी रास्ते में अचानक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि घर लौटते समय अनन्या ट्रैक्टर पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरी। इसी दौरान ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस बीच ट्रैक्टर चालक मौके की गंभीरता को देखते हुए वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस बच्ची के साथ उसकी मां दिनभर खेत में मजदूरी कर घर लौट रही थी उसी बच्ची की रास्ते में दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया।

    जानकारी मिलने के बाद लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई और दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनन्या मजदूरी करने के बाद अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर पर चढ़ते वक्त वह नीचे गिर गई। गिरते ही वह वाहन के पहिए की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस अब फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और ट्रैक्टर पर उस समय कितने लोग सवार थे।

    हादसे की जांच के दौरान पुलिस ट्रैक्टर चालक की पहचान और वाहन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। चालक के मिलने के बाद दुर्घटना के संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बच्ची ट्रैक्टर पर किस तरह चढ़ने की कोशिश कर रही थी और उसी दौरान उसका संतुलन कैसे बिगड़ा। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता है क्योंकि मजदूर अक्सर खेतों से लौटने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे साधनों का इस्तेमाल करते हैं।

    अनन्या अपनी मां के साथ मजदूरी करके परिवार की मदद के लिए खेत पर गई थी लेकिन घर लौटने से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। एक छोटी सी बच्ची की अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र फरार चालक की तलाश और हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना है।

  • MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर

    MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े फेरबदल की तैयारी के बीच पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के ठीक दो दिन बाद मंगलवार देर रात गृह विभाग की ओर से तबादला आदेश जारी किया गया। परिहार को अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों ने उनका काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखी थीं। इसी घटना के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे और अब एसपी के तबादले को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।

    दरअसल 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पांढुर्णा पहुंचे थे। दौरा पूरा करने के बाद जब मुख्यमंत्री वापस लौट रहे थे तब किसानों ने रास्ते में उनका काफिला रोक लिया। किसानों के हाथों में सूखी और मुरझाई हुई फसलें थीं। किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ कृषि कर्ज माफ करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। अचानक सामने आई इस स्थिति के बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के काफिले को इस तरह रोके जाने की घटना को सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर माना गया। अब पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के तबादले के बाद इसे उसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

    गृह विभाग के आदेश के अनुसार प्रकाश सिंह परिहार को पांढुर्णा एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। वहीं सेनानी दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर में पदस्थ विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    पांढुर्णा एसपी के तबादले के साथ ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा भी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में करीब 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए जाने की तैयारी है।

    सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिस अधीक्षकों के नियमित रूप से कार्यालय नहीं जाने और कामकाज को लेकर शिकायतें भी सरकार तक पहुंची हैं। ऐसे अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखकर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम नहीं करने वाले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी तबादले की गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

    संभावित फेरबदल केवल कलेक्टर और एसपी स्तर तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रशासनिक बदलाव की सूची में एक या दो संभागायुक्तों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। यदि यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल होता है तो आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था का चेहरा बदल सकता है।

  • ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक

    ढाबला फंटा के पास तेज रफ्तार टक्कर ने छीनी युवक की जिंदगी, हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक


    उज्जैन । उज्जैन में गुरुवार रात जावरा-उज्जैन रोड पर हुए सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा भेरूगढ़ थाना क्षेत्र में ढाबला फंटा के पास रात करीब 11 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक चार पहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक घटनास्थल पर गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान खेड़ला निवासी कालू पिता हेमा जी बंजारा के रूप में हुई है। हादसे के समय कालू बाइक पर अकेले सवार थे। रात के समय जावरा-उज्जैन रोड पर हुई इस दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद भेरूगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही टक्कर मारने वाला चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर वहां से फरार हो चुका था।

    पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना में शामिल चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन को जब्त करने के बाद पुलिस अब उसके चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मानना है कि जब्त वाहन के आधार पर फरार चालक तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हादसा किस वजह से हुआ और टक्कर के समय वाहन की गति कितनी थी इन बिंदुओं को लेकर भी जांच की जा रही है।

    भेरूगढ़ थाना प्रभारी शैलेंद्र प्रताप राजावत के अनुसार दुर्घटना के समय बाइक पर सिर्फ कालू सवार थे। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हुए।

    हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। अब पुलिस दुर्घटना के कारणों के साथ ही फरार चालक की पहचान करने में जुटी है। मौके पर छोड़े गए चार पहिया वाहन को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। पुलिस वाहन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारी के जरिए चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    जावरा-उज्जैन रोड पर देर रात हुए इस हादसे ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह और फरार चालक की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।

  • महाकाल की नगरी में कुर्सी की रस्साकशी और प्रशासनिक किस्से

    महाकाल की नगरी में कुर्सी की रस्साकशी और प्रशासनिक किस्से


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों राजनीति और प्रशासनिक गलियारों की चर्चाएं लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। खास तौर पर एक नियुक्ति को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। चर्चा है कि पिछड़े वर्ग से जुड़े एक पद पर नियुक्ति का पत्र जारी होने के बाद ही विरोध के स्वर उठने लगे। इसके बाद महज 48 घंटे के भीतर नई सूची सामने आई और उसमें संबंधित नाम दिखाई नहीं दिया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और इसे प्रभावशाली नेताओं की आपत्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर अलग अलग दावे सामने आने की चर्चा है।

    उधर हिम्मतगढ़ की पहाड़ी से जुड़ा एक मामला भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि हाल में हुई लाखों रुपये की लूट के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में तेजी दिखाई। चर्चा तो यहां तक है कि वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर उसी इलाके में फिर एकत्र हो गए जहां पुलिस को उनकी मौजूदगी का सुराग मिल गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और आरोपियों की कथित लापरवाही दोनों पर तरह तरह की बातें कही जा रही हैं।

    नागपंचमी के दौरान शिवाजी भवन से जुड़ा एक प्रसंग भी चर्चा में रहा। धार्मिक आयोजन के बीच एक श्रद्धालु को रोके जाने की बात सामने आने के बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान को ही आधार माना जाना चाहिए।

    प्रशासनिक गलियारों में नामांतरण से जुड़े कथित लेनदेन की चर्चाओं ने भी माहौल गर्म किया हुआ है। एक अधिकारी पर प्रति बीघा रकम मांगने के आरोपों की चर्चा है। यदि इस तरह के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय हो सकता है। दूसरी ओर एक अधिकारी द्वारा कथित सिफारिश पर सख्त प्रतिक्रिया दिए जाने की चर्चा भी सामने आई है। बताया जाता है कि सिफारिश के जवाब में नोटिस जारी करने तक की बात कही गई। इससे यह संदेश गया कि प्रशासनिक कामकाज में दबाव और सिफारिश को लेकर अब सख्ती बरती जा रही है।

    नागपंचमी की भीड़ और आगामी सिंहस्थ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है। इसी क्रम में बड़ी संख्या में बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की सक्रियता चर्चा में रही। रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी किए जाने और संभावित भीड़ वाले क्षेत्रों में पहले से इंतजाम करने की कोशिश को प्रशासनिक तैयारी के तौर पर देखा गया।

    इसी बीच एक बड़े राजनीतिक चेहरे के अचानक उज्जैन दौरे और वीआईपी गेस्ट हाउस में बैठकों की खबर ने भी सियासी चर्चाओं को हवा दे दी। कार्यक्रम की सूचना को लेकर कुछ नेताओं के नाराज होने की बात कही गई लेकिन बाद में दौरा अचानक तय होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थिति सामान्य होने की चर्चा है। हेलीपैड से लेकर बैठकों तक नेताओं के बीच हल्के फुल्के तंज और राजनीतिक बातचीत का दौर भी चलता रहा।

    सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण और शहर के विकास से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे में उज्जैन का सियासी माहौल आने वाले दिनों में और गर्म रहने की संभावना है। बाबा की नगरी में फिलहाल राजनीति प्रशासन और सिंहस्थ की तैयारियां एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं और यही वजह है कि यहां हर छोटा बड़ा घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में नई कहानी को जन्म दे रहा है।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

    तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बुधवार दोपहर नगीन नगर इलाके में हुआ, जब बच्चा अपनी साइकिल से सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल बच्चे की पहचान हर्ष नामदेव के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि वहीं रुक गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

    एरोड्रम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने घायल बच्चे और उसके पिता कुंदन नामदेव के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हादसा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाइक चला रहे दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।