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  • भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल

    भोपाल में सनसनी: BHEL कर्मचारी ने मौत से पहले अपनों को भेजा खुदकुशी का मैसेज, नाले में लहुलूहान मिली लाश से उठे कई गंभीर सवाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब शनिवार शाम से रहस्यमयी ढंग से लापता भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड BHEL के एक कर्मचारी का शव रविवार को एक नाले से बरामद किया गया। मृतक की पहचान सुनील प्रसाद के रूप में हुई है जो भेल में कार्यरत थे और जिनकी मौत ने पूरे इलाके सहित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था जहाँ मृतक के हाथ की नस कटी हुई थी और पुलिस को शव के ठीक पास से ही एक खून से सनी ब्लेड भी बरामद हुई है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और वह मामले की तह तक जाने के लिए हत्या व आत्महत्या दोनों ही एंगल्स को ध्यान में रखकर बेहद बारीकी से अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।

    इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और उलझी हुई नजर आती है। पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुनील प्रसाद शनिवार की शाम से ही अचानक लापता हो गए थे लेकिन घर से निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजा जिसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। इस आखिरी मैसेज में उन्होंने साफ तौर पर “खुदकुशी करने की बात” लिखी थी। इस संदेश को पढ़ते ही बदहवास परिजन अनहोनी की आशंका से घबरा गए और पूरी रात उन्हें हर संभावित जगह पर तलाशते रहे मगर उनका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार रविवार की सुबह उनकी यह तलाश बरखेड़ा पठानी के पास स्थित एक नाले पर जाकर थमी जहाँ सुनील प्रसाद का बेजान और लहूलुहान शव तैरता हुआ पाया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मुआयना शुरू किया। शुरुआती फॉरेंसिक जांच और पंचनामे में यह बात सामने आई है कि मृतक के हाथ की नस बेरहमी से कटी हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनील प्रसाद पिछले काफी समय से मानसिक मोर्चे पर एक बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे और गंभीर “अवसाद यानी डिप्रेशन” का शिकार थे। कयासों का बाजार गर्म है कि इसी मानसिक तनाव और अवसाद के चलते उन्होंने शायद यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में इतनी जल्दी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते हैं। पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की गहरी साजिश या सोची-समझी हत्या की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया है और हर सुराग को खंगाला जा रहा है।

    इस पूरी त्रासदी का सबसे दुखद पहलू यह है कि सुनील प्रसाद के घर में बहुत जल्द ही खुशियों की शहनाइयां गूंजने वाली थीं लेकिन इस वज्रपात ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। घर में आगामी नवंबर महीने में उनके इकलौते बेटे की शादी तय थी जिसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही थीं और हर कोई इस मांगलिक कार्य को लेकर बेहद उत्साहित था। इतना ही नहीं इसके ठीक अगले महीने यानी दिसंबर में सुनील प्रसाद भेल से अपनी लंबी और सम्मानीय सेवा के बाद सेवानिवृत्त (Retire) होने वाले थे। एक तरफ जहाँ घर में बहू के स्वागत का जश्न होना था और दूसरी तरफ रिटायरमेंट के बाद सुकून के दिन बिताने की योजनाएं थीं ठीक उससे पहले हुए इस खौफनाक हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा कि यह वाकई डिप्रेशन में की गई खुदकुशी है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी है।

  • सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी

    सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गएजब एक दुष्कर्म पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक SP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। देर रात तक चले इस हंगामे के दौरान महिला ने न्याय न मिलने पर अपना गला काटकर जान देने जैसी आत्मघाती चेतावनी भी दी।

    सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प

    पीड़िता का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब एसपी कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बच्चों समेत वहां से हटाने की कोशिश की। महिला ने रोते हुए चीख-चीख कर कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी सत्ताधारी दल का रसूखदार नेता रहा हैइसलिए पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है। पीड़िता ने बताया”आरोपी की जमानत जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों जगह से खारिज हो चुकी है। वह खुलेआम घूम रहा है और मुझे लगातार धमकियां दे रहा है। मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा हैलेकिन पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन का खेल खेल रहा है।

    अधिकारियों में मचा हड़कंप

    महिला द्वारा खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना था कि वह तब तक नहीं हटेगी जब तक कि आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही पीड़िता देर रात वहां से हटने को तैयार हुई।

    न्यायालय से नहीं मिली है राहत

    गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थीजिसे अदालतों ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सतना पुलिस की ‘सुस्ती’ अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
    इस घटना ने सतना में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एक पीड़िता को न्याय के लिए बच्चों के साथ सड़क पर रात गुजारनी पड़ रही हैतो यह सिस्टम की विफलता है। फिलहालपुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया हैलेकिन पीड़िता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं हुईतो वह फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। आरोपी सतीश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्षभाजपास्थान पुलिस अधीक्षक कार्यालयसतना। मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा।कानूनी स्थिति जिला कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज।

  • दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश  बर्बर पिटाई के बाद मौत  पड़ोसी गिरफ्तार

    दिल दहला देने वाला अपराध उज्जैन में 9 साल की मासूम से रेप की कोशिश बर्बर पिटाई के बाद मौत पड़ोसी गिरफ्तार


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां एक 9 साल की मासूम बच्ची को पड़ोसी की हैवानियत का शिकार होना पड़ा। उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को यह जघन्य अपराध हुआ।

    छुट्टी पर नानी के घर आई थी बच्ची

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल की छुट्टी होने के कारण पीड़ित बच्ची अपनी दो बड़ी बहनों के साथ अपनी नानी के घर आई हुई थी। रविवार के दिन नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं जबकि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    पड़ोसी ने रची झूठ की कहानी

    इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रियाज खान नामक युवक अपने घर से बच्ची को बेहोशी की हालत में उठाकर लाया। उसने परिवार वालों को गुमराह करने की कोशिश करते हुए यह झूठी कहानी सुनाई कि बच्ची छत से गिर गई है। लेकिन जब परिवार ने बच्ची को देखा तो वे हतप्रभ रह गए। बच्ची का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और उसके सिर नाक व आंख पर गहरी चोटें थीं जिनसे खून बह रहा था। परिवार तुरंत बच्ची को खाचरोद अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रतलाम रेफर कर दिया। रतलाम के अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

    चिल्लाने पर बोरी में भरकर पीटा

    पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोपी रियाज खान के अपराध की पूरी क्रूरता सामने आई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोसी रियाज उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले गया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।

    जब बच्ची चीखने-चिल्लाने लगी और हाथ-पैर पटकने लगी तो गुस्से में आकर आरोपी ने उसे धक्का दे दिया जिससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपी की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उसने बच्ची को एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी ने बच्ची को मरा समझकर उसे वहीं छोड़ दिया और घर से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद जब वह लौटा तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। इसके बाद उसने अपनी गलती छिपाने के लिए बच्ची को उसकी नानी के पास ले जाकर छत से गिरने का मनगढ़ंत किस्सा सुनाया।

    पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को लगी चोटें छत से गिरने से नहीं हुई हैं बल्कि किसी भारी वस्तु से पीटने के कारण लगी हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को रियाज खान के घर भेजकर सबूत जुटाए। सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने रियाज को संदिग्ध मानकर उससे पूछताछ शुरू की।
    पुलिस की सख्ती पर आरोपी टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रियाज ने स्वीकार किया कि घर में कोई नहीं थाऔर बच्ची को अकेला पाकर उसने गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने उसे धक्का दिया और बाद में बोरी में भरकर मोगरी से पीटा। पुलिस ने आरोपी रियाज खान को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है और लोग आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।