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  • MP: उज्जैन में शिप्रा और महाकाल महालोक में एकसाथ जले 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

    MP: उज्जैन में शिप्रा और महाकाल महालोक में एकसाथ जले 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में गुरुवार शाम शिप्रा नदी (Shipra River) के घाटों से लेकर महाकाल महालोक (Mahakal Mahalok) तक ऐसा दीपोत्सव हुआ, जिसमें एक साथ लाखों दीये प्रज्ज्वलित किए गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के जन्मदिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिप्रा तट और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ जलाए गए.

    आयोजकों के अनुसार, इतने बड़े स्तर पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. यह आयोजन ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत के तौर पर किया गया. उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह मौजूद रहे. सभी ने उज्जैनवासियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किए।

    कार्यक्रम के लिए शाम 7 बजे का समय तय किया गया था. सायरन बजते ही शिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों और महाकाल महालोक में एक साथ दीप प्रज्ज्वलन शुरू हुआ. इस दौरान 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स के साथ श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए. कुछ ही देर में शिप्रा के घाटों पर दूर तक दीयों की कतारें दिखाई देने लगीं. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट समेत अलग-अलग स्थान रोशनी से जगमगा उठे. महाकाल महालोक में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए. दीयों की रोशनी के बीच शिप्रा तट का नजारा काफी आकर्षक नजर आया. बड़ी संख्या में लोग इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन का हिस्सा बने. आयोजन में शामिल लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।


    रामघाट पर मुख्यमंत्री ने जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

    उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया. उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने शिप्रा आरती में हिस्सा लिया. मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीप प्रज्ज्वलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के दौरान राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखा गया. इसी भाव के साथ उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    उज्जैन में शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन को आयोजकों ने विश्व रिकॉर्ड बताया है. इससे पहले कार्यक्रम के लिए 25 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन अंतिम आयोजन में यह संख्या 33.27 लाख तक पहुंची. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भूमिका रही. घाटों पर पहले से दीयों को व्यवस्थित किया गया था. सायरन बजने के बाद सभी ने एक साथ दीप जलाना शुरू किया, जिससे कुछ ही समय में पूरा आयोजन क्षेत्र रोशनी से भर गया।

    यह दीपोत्सव सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं रहा. आयोजन के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक प्लेस पर भी एक साथ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. आयोजकों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के अलग-अलग स्थानों को दीपों से सजाया गया. उज्जैन इसका मुख्य केंद्र रहा, जहां शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए।


    घाटों से महाकाल महालोक तक रोशनी

    शाम होते ही उज्जैन के प्रमुख घाटों का दृश्य बदल गया. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर दीयों की कतारें नजर आईं. दूसरी तरफ महाकाल महालोक भी दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. हजारों श्रद्धालुओं और नागरिकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. उज्जैन में हुए इस दीपोत्सव के साथ आयोजकों के अनुसार विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 845 आइकॉनिक प्लेस समेत अलग-अलग स्थानों पर 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

  • महाकाल मंदिर में भक्तों को मिलेगा 24 घंटे लड्डू प्रसाद हरसिद्धि धर्मशाला में नया काउंटर स्थापित

    महाकाल मंदिर में भक्तों को मिलेगा 24 घंटे लड्डू प्रसाद हरसिद्धि धर्मशाला में नया काउंटर स्थापित


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अब भक्तों को भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद 24 घंटे मिल सकेगा। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस सुविधा को देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंदिर की समिति ने हरसिद्धि धर्मशाला के बाहर नया प्रसाद विक्रय काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है जो अब भक्तों को दिन और रात के किसी भी समय महाकाल के लड्डू प्रसाद की प्राप्ति का अवसर देगा।

    वर्तमान समय में महाकाल मंदिर के अंदर स्थित प्रसाद काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक ही लड्डू प्रसाद मिलता है। इसके बाद इन काउंटरों से प्रसाद विक्रय बंद हो जाता है। इस समय सीमा को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने एक नया काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है जिससे भक्तों को दिन-रात किसी भी समय लड्डू प्रसाद मिल सकेगा।

    काउंटर से बिकेंगे रागी और बेसन के लड्डू

    नए काउंटर पर दोनों प्रकार के लड्डू प्रसाद बिकेंगे जिनमें एक है रागी के लड्डू और दूसरा है बेसन के लड्डू। दोनों लड्डू की कीमत 400 रुपये प्रति किलो तय की गई है। रागी और बेसन के लड्डू महाकाल के भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और इनकी विशेष धार्मिक महत्वता भी है। यह प्रसाद भक्तों को न केवल धार्मिक आशीर्वाद प्रदान करता है बल्कि उनका अनुभव भी अद्वितीय बनाता है।

    काउंटर हरसिद्धि धर्मशाला के सामने स्थित होगा जहां भक्त यात्रा के दौरान या दर्शन के बाद इस प्रसाद का सेवन कर सकेंगे। मंदिर समिति के अधिकारियों का कहना है कि इस नए काउंटर से भक्तों की सुविधा में वृद्धि होगी और उन्हें महाकाल का प्रसाद प्राप्त करने में कोई रुकावट नहीं आएगी।

    24 घंटे प्रसाद विक्रय की व्यवस्था

    महाकाल मंदिर के सभी वर्तमान प्रसाद काउंटर मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय के अनुसार काम करते हैं। अर्थात जब मंदिर का पट बंद होता है तब प्रसाद विक्रय भी बंद हो जाता है। लेकिन अब नया काउंटर इस व्यवस्था से अलग होगा क्योंकि यह 24 घंटे चालू रहेगा और भक्त किसी भी समय यहां से प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे।

    इस पहल के साथ ही मंदिर प्रशासन का उद्देश्य भक्तों को सुविधा प्रदान करना और महाकाल के लड्डू प्रसाद का प्रसार अधिक से अधिक लोगों तक करना है। मंदिर प्रबंध समिति के एक अधिकारी ने बताया कि इस काउंटर का उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा और यह भक्तों के लिए एक और नई सेवा प्रदान करेगा।

    महाकाल महालोक और मंगलनाथ मंदिर में भी काउंटर

    महाकाल मंदिर परिसर के अलावा श्री महाकाल महालोक और मंगलनाथ मंदिर में भी लड्डू प्रसाद काउंटर खोले गए हैं। इन काउंटरों से भी लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है लेकिन ये काउंटर मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय के अनुसार काम करते हैं। इसलिए इस नए काउंटर के माध्यम से भक्तों को 24 घंटे प्रसाद मिल सकेगा जो एक स्वागत योग्य पहल है।

    महाकाल मंदिर समिति द्वारा उठाया गया यह कदम महाकाल के भक्तों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा क्योंकि अब वे किसी भी समय लड्डू प्रसाद का स्वाद ले सकेंगे। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा में वृद्धि करेगी बल्कि महाकाल मंदिर के प्रति श्रद्धा और विश्वास को भी मजबूत बनाएगी।