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  • लोहागढ़ ट्रेकिंग हादसा निकला हत्या की साजिश, मंगेतर और दोस्त गिरफ्तार

    लोहागढ़ ट्रेकिंग हादसा निकला हत्या की साजिश, मंगेतर और दोस्त गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र के पुणे जिले से सामने आए केतन अग्रवाल मौत मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआत में जिस घटना को एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह अब पुलिस जांच में कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आई है। लोनावला के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान 24 वर्षीय कारोबारी परिवार के युवक केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

    जानकारी के अनुसार 18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहागढ़ किले पर घूमने और ट्रेकिंग के लिए गया था। दोनों की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी और जल्द ही उनकी शादी होने वाली थी। घटना के दिन सुबह करीब साढ़े दस बजे सिया ने फोन कर सूचना दी कि केतन का पैर फिसल गया और वह किले से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, सुरक्षा कर्मी और दोनों परिवारों के सदस्य मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक तौर पर मामला दुर्घटना का प्रतीत हुआ और उसी आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस को मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए मजबूर कर दिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक के परिजनों, मित्रों और परिचितों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। जांच में पता चला कि केतन को ट्रेकिंग का अच्छा अनुभव था और वह पहले भी कई कठिन ट्रेक कर चुका था। ऐसे में अनुभवी ट्रेकर का अचानक संतुलन खोकर गिर जाना पुलिस को संदिग्ध लगा।

    इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जानकारियों की जांच के दौरान एक नया पहलू सामने आया। जांच में पता चला कि सिया गोयल का चेतन चौधरी नामक युवक से लंबे समय से संपर्क था। दोनों परिवारों का व्यवसाय एक ही क्षेत्र में होने के कारण उनकी पहचान काफी पुरानी बताई जा रही है।

    पुलिस का दावा है कि जांच में मिले साक्ष्यों से यह संकेत मिले कि केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना पहले से बनाई गई थी। आरोप है कि इसी योजना के तहत लोहागढ़ किले पर घटना को अंजाम दिया गया और उसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

    मामले में पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर सिया गोयल और चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों से विस्तृत जानकारी जुटाई गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए आगे की कानूनी और तकनीकी जांच जारी है।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शादी से पहले एक खुशहाल भविष्य के सपने देख रहे युवक की मौत के पीछे कथित रूप से उन्हीं लोगों का नाम सामने आया है जिन पर वह सबसे अधिक भरोसा करता था। फिलहाल पुलिस सभी साक्ष्यों को जुटाकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जल्द ही अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

  • आस्था के नाम पर अपराध पुणे में महिला से दुष्कर्म के आरोप में फर्जी बाबा अरेस्ट

    आस्था के नाम पर अपराध पुणे में महिला से दुष्कर्म के आरोप में फर्जी बाबा अरेस्ट


    नई दिल्ली:महाराष्ट्र में आस्था और विश्वास का दुरुपयोग कर महिलाओं के शोषण का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां पालघर निवासी ऋषिकेश वैद्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर एक महिला को अपने जाल में फंसाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

    पुलिस के अनुसार, यह मामला 2023 में शुरू हुआ जब पीड़िता की आरोपी से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई। धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया और खुद को दिव्य शक्तियों वाला बताते हुए उसे यह यकीन दिलाया कि वह महादेव का अवतार है। इतना ही नहीं वह पीड़िता को पार्वती कहकर संबोधित करता था और धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर उसे मानसिक रूप से प्रभावित करता रहा।

    जांच में सामने आया कि दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे पहुंचा जहां मांजरी इलाके के एक लॉज में उसने महिला को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं उसने इस दौरान आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींचीं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल करता रहा।

    इसके बाद मई 2024 में वसई के एक होटल में फिर से शोषण का प्रयास किया गया। पीड़िता जो कि 34 वर्षीय महिला है लंबे समय तक डर और ब्लैकमेल के कारण चुप रही लेकिन आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ऋषिकेश वैद्य का तरीका बेहद सुनियोजित था और वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को निशाना बनाता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह कई अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसा चुका हो सकता है।

    इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अशोक खरात से जुड़े मामलों ने सुर्खियां बटोरीं और कई पीड़िताएं सामने आने लगीं। उसी से प्रेरित होकर इस पीड़िता ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का साहस दिखाया। माणिकपुर पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई जिसे आगे की जांच के लिए हडपसर पुलिस को सौंपा गया।

    सीनियर इंस्पेक्टर हिरालाल जाधव के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब यह जांच की जा रही है कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है क्योंकि आरोपी धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देते हैं।

    यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि किस तरह स्वयंभू बाबा या फर्जी धार्मिक पहचान बनाकर कुछ लोग महिलाओं को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों का आगे आकर शिकायत करना और पुलिस की तत्परता ही सच को सामने लाने का सबसे बड़ा जरिया बनती है।