Tag: Maharashtra News

  • नासिक TCS केस में 25 दिन की तलाश के बाद गिरफ्तार हुई थी निदा खान अब कोर्ट ने दी जमानत पुलिस के सामने लगानी होगी हाजिरी

    नासिक TCS केस में 25 दिन की तलाश के बाद गिरफ्तार हुई थी निदा खान अब कोर्ट ने दी जमानत पुलिस के सामने लगानी होगी हाजिरी


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के नासिक में TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी निदा खान को अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर राहत दी है। हालांकि जमानत के साथ अदालत ने शर्त रखी है कि निदा खान को नियमित रूप से संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी। यानी मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें समय समय पर पुलिस के सामने उपस्थित होकर जांच में सहयोग करना होगा। अदालत के इस आदेश के बाद फिलहाल आरोपी को राहत मिली है लेकिन मामले की कानूनी जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    यह मामला नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस नंबर 166/2026 से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि TCS कार्यालय में कुछ कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़े रीति रिवाज अपनाने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया जाता था। शिकायत में हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने जैसे आरोप भी लगाए गए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस केस में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

    शुरुआत में इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें तौसीफ बिलाल अत्तार दानिश एजाज शेख शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी और रजा रफीक मेमन के नाम शामिल थे। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने निदा खान का नाम भी मामले में जोड़ा और उन्हें आरोपी नंबर पांच बनाया। यानी शुरुआती एफआईआर में उनका नाम नहीं था बल्कि जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन्हें मामले में आरोपी बनाया।

    पुलिस के अनुसार निदा खान की गिरफ्तारी से पहले करीब 25 दिनों तक उनकी तलाश की गई। इसके बाद नासिक क्राइम ब्रांच और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की टीम ने उन्हें नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि वह कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में मौजूद थीं और वहां उनके चार रिश्तेदार भी मौजूद थे। गिरफ्तारी के बाद मामले में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस ने पूछताछ की।

    जमानत की सुनवाई के दौरान निदा खान की ओर से अदालत में कहा गया कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं। अदालत के सामने उनकी गर्भावस्था की बात भी रखी गई। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी। हालांकि राहत के साथ नियमित पुलिस हाजिरी की शर्त लगाई गई है। इससे साफ है कि जमानत मिलने के बावजूद जांच की प्रक्रिया में उनकी भूमिका और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जारी रहेगी।

    इस मामले की जांच फरवरी 2026 में शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई थी। शिकायत में एक निजी कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला के रमजान के दौरान रोजे रखने का भी जिक्र किया गया था। पुलिस ने मामले की पड़ताल के लिए महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कंपनी में भेजकर वहां की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। जांच के दौरान कुछ टीम लीडरों पर कर्मचारियों को परेशान करने और अपने पद का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने के आरोप भी सामने आए थे।

    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया था। अब निदा खान को भी अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में पुलिस की जांच जारी रहेगी और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी। फिलहाल निदा खान को कोर्ट की शर्तों का पालन करते हुए नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी और जांच में सहयोग करना होगा।

  • पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला

    पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लोहगांव इलाके में पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि उसका शिकार महज नौ महीने का मासूम बन गया। आरोप है कि घरेलू कलह के दौरान एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया। घटना के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार घटना लोहगांव के कलवाड़ बस्ती क्षेत्र की है। शिकायत बच्चे के पिता अल्ताफी नदीम शेख ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सानिया शेख के साथ मुंबई के कांदिवली निवासी रियाज इमाम हलालकर और हाजी मलंग शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से आपसी विवाद और घरेलू कलह से गुजर रहा था। इसी विवाद के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर नौ महीने के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया।

    घटना के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह लगातार उल्टियां करने लगा। जब उसकी मां बच्चे के पास पहुंची तो उसने देखा कि उसके होंठ आपस में चिपक गए हैं। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई और अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब बच्चे की मां ने आरोपी महिला से इस घटना के बारे में सवाल किया तो उसे धमकाया गया। कथित तौर पर कहा गया कि यदि इस मामले की जानकारी किसी को दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं अन्य दो आरोपियों पर भी आरोप है कि वे अस्पताल पहुंचे और परिवार पर कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर घरेलू विवाद किस वजह से इतना बढ़ा कि एक मासूम को निशाना बनाया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पारिवारिक विवादों का असर जब बच्चों तक पहुंचने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार की घरेलू कलह का सबसे अधिक मानसिक और शारीरिक असर बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को संयम बरतने और विवाद का कानूनी या सामाजिक समाधान तलाशने की जरूरत होती है।

    फिलहाल मासूम का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

  • धड़कन रुकने के बाद भी बची मासूम की जान, CPR से डॉक्टरों ने किया कमाल

    धड़कन रुकने के बाद भी बची मासूम की जान, CPR से डॉक्टरों ने किया कमाल


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र से एक ऐसी दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने डॉक्टरों की मेहनत और त्वरित इलाज की अहमियत को एक बार फिर साबित कर दिया है। मुंबई स्थित बीएमसी द्वारा संचालित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में चार महीने की एक नवजात बच्ची को कार्डियक अरेस्ट के बाद समय रहते बचा लिया गया।

    जानकारी के अनुसार बच्ची को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल से रेफर कर लाया गया था। जब उसे इमरजेंसी में लाया गया, उस समय उसकी धड़कन लगभग बंद थी और हालत बेहद नाजुक थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन शुरू किया।

    बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रंजन के अनुसार, बच्ची की स्थिति बेहद गंभीर थी और उसके शरीर में एसिड-बेस बैलेंस बिगड़ चुका था। जैसे ही टीम ने CPR शुरू किया, कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई। लगातार तीन से चार मिनट के प्रयास के बाद बच्ची की धड़कन वापस आ गई, जिससे मेडिकल टीम को राहत मिली।

    इलाज के दौरान बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और आवश्यक दवाएं दी गईं। डॉक्टरों ने बताया कि यह पूरा मामला “गोल्डन ऑवर” के भीतर किया गया हस्तक्षेप था, जिसकी वजह से बच्ची की जान बच सकी। अगर थोड़ी भी देरी होती तो मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था या स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    परिजनों के अनुसार, बच्ची पिछले कुछ दिनों से बुखार और दस्त से पीड़ित थी। धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती गई और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

    फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसमें सुधार जारी है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीम का आभार जताया, जिन्होंने समय रहते सही इलाज देकर मासूम की जान बचाई।

    यह मामला न केवल चिकित्सा विज्ञान की सफलता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
     महाराष्ट्र से एक ऐसी दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने डॉक्टरों की मेहनत और त्वरित इलाज की अहमियत को एक बार फिर साबित कर दिया है। मुंबई स्थित बीएमसी द्वारा संचालित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में चार महीने की एक नवजात बच्ची को कार्डियक अरेस्ट के बाद समय रहते बचा लिया गया।

    जानकारी के अनुसार बच्ची को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल से रेफर कर लाया गया था। जब उसे इमरजेंसी में लाया गया, उस समय उसकी धड़कन लगभग बंद थी और हालत बेहद नाजुक थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन शुरू किया।

    बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रंजन के अनुसार, बच्ची की स्थिति बेहद गंभीर थी और उसके शरीर में एसिड-बेस बैलेंस बिगड़ चुका था। जैसे ही टीम ने CPR शुरू किया, कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई। लगातार तीन से चार मिनट के प्रयास के बाद बच्ची की धड़कन वापस आ गई, जिससे मेडिकल टीम को राहत मिली।

    इलाज के दौरान बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और आवश्यक दवाएं दी गईं। डॉक्टरों ने बताया कि यह पूरा मामला “गोल्डन ऑवर” के भीतर किया गया हस्तक्षेप था, जिसकी वजह से बच्ची की जान बच सकी। अगर थोड़ी भी देरी होती तो मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था या स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    परिजनों के अनुसार, बच्ची पिछले कुछ दिनों से बुखार और दस्त से पीड़ित थी। धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती गई और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

    फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसमें सुधार जारी है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीम का आभार जताया, जिन्होंने समय रहते सही इलाज देकर मासूम की जान बचाई।

    यह मामला न केवल चिकित्सा विज्ञान की सफलता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
     महाराष्ट्र से एक ऐसी दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने डॉक्टरों की मेहनत और त्वरित इलाज की अहमियत को एक बार फिर साबित कर दिया है। मुंबई स्थित बीएमसी द्वारा संचालित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में चार महीने की एक नवजात बच्ची को कार्डियक अरेस्ट के बाद समय रहते बचा लिया गया।

    जानकारी के अनुसार बच्ची को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल से रेफर कर लाया गया था। जब उसे इमरजेंसी में लाया गया, उस समय उसकी धड़कन लगभग बंद थी और हालत बेहद नाजुक थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए तुरंत CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन शुरू किया।

    बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर रंजन के अनुसार, बच्ची की स्थिति बेहद गंभीर थी और उसके शरीर में एसिड-बेस बैलेंस बिगड़ चुका था। जैसे ही टीम ने CPR शुरू किया, कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई। लगातार तीन से चार मिनट के प्रयास के बाद बच्ची की धड़कन वापस आ गई, जिससे मेडिकल टीम को राहत मिली।

    इलाज के दौरान बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और आवश्यक दवाएं दी गईं। डॉक्टरों ने बताया कि यह पूरा मामला “गोल्डन ऑवर” के भीतर किया गया हस्तक्षेप था, जिसकी वजह से बच्ची की जान बच सकी। अगर थोड़ी भी देरी होती तो मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था या स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    परिजनों के अनुसार, बच्ची पिछले कुछ दिनों से बुखार और दस्त से पीड़ित थी। धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ती गई और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया।

    फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उसमें सुधार जारी है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल टीम का आभार जताया, जिन्होंने समय रहते सही इलाज देकर मासूम की जान बचाई। यह मामला न केवल चिकित्सा विज्ञान की सफलता को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

  • देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन

    देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए दी गई, जिसमें दोनों नेताओं की तस्वीर भी साझा की गई।

    PMO ने अपने पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से शिष्टाचार भेंट की। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी इस मुलाकात को महाराष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया और इसे प्रेरणादायक अनुभव कहा।

    मुलाकात के बाद सीएम फडणवीस ने ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

    फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री से हर मुलाकात उन्हें नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    हालांकि, राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा है। चर्चा है कि बैठक में महाराष्ट्र के विकास कार्यों के अलावा किसानों से जुड़े मुद्दों, विशेषकर प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति और सहकारी चीनी उद्योग से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।

    इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने नई दिल्ली में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी थी।

    यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में कई विकास परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता मानी जा रही है।

  • तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत

    तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द छोड़ गया। सोमवार की रात यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक में सवार होकर 100 से अधिक लोग एक सगाई समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। खुशियों से भरा यह सफर कुछ ही पलों में मौत और तबाही के मंजर में बदल गया, जब सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक टक्कर में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयानक था कि दोनों वाहन टक्कर के बाद सड़क पर बुरी तरह पलट गए और ट्रक में बैठे कई लोग नीचे दब गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। ट्रक में क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण टक्कर का असर और भी भयावह हो गया। कई महिलाएं और बच्चे भी इस हादसे की चपेट में आ गए, जिनमें से कुछ की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद पूरा हाईवे कुछ समय के लिए जाम में बदल गया। सड़क पर फैले मलबे और पलटे वाहनों के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से वाहनों को हटाने का काम शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में इस भीषण दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रक में सवार लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी, जिससे दुर्घटना के समय नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है।

    इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। खुशियों के माहौल में निकला यह सफर अचानक चीखों और दर्द की कहानी बन गया। जिन परिवारों ने एक साथ सगाई समारोह में शामिल होने की योजना बनाई थी, उन्हें अब अपनों के खोने का असहनीय दुख झेलना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, जबकि घायलों के इलाज की व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जा रही है। यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक कड़वी याद बनकर रहेगा।

  • गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी

    गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को चौंका दिया। तेज रफ्तार से जा रही एक वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि यह मामला शुरुआत में सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जब पुलिस ने हादसे का शिकार हुई वैन की जांच की तो अंदर से भारी मात्रा में चांदी बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    यह हादसा पालघर जिले के चारोटी ब्रिज के पास सुबह के समय हुआ। बताया जा रहा है कि वैन गुजरात की ओर जा रही थी और उसमें भारी मात्रा में चांदी की प्लेटें लदी हुई थीं। दुर्घटना के दौरान वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण वैन पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद पीछे से आ रहे एक ट्रक ने भी वैन को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

    स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वैन की तलाशी ली, तो उसमें करीब 600 किलोग्राम वजन की चांदी की 20 बड़ी प्लेटें बरामद हुईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार बरामद चांदी की कीमत लगभग 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातु मिलने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई।

    जांच में सामने आया कि यह चांदी गुजरात की एक कंपनी तक पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने सभी प्लेटों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ चांदी के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी और कीमती सामान ले जाने वाले वाहनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और सावधानी बेहद जरूरी होती है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे में मारे गए लोगों की पहचान तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। वहीं, इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और माल परिवहन नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?

    अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?


    मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीपी एमएलसी अमोल मितकरी ने इस घटना को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि बड़ी साजिश हो सकती है।

    मितकरी का विवादित दावा
    अकोला में जनसभा में मितकरी ने कहा, “जैसे LTTE ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, उसी तरह अजित पवार के मामले में भी साजिश रची गई। क्या विमान उड़ा रहे कैप्टेन सुमित कपूर आत्मघाती थे? अगर उनकी पत्नी कह रही हैं कि वे जिंदा हैं, तो इस हादसे में वास्तव में कौन मरा?”

    उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में इतनी शांति क्यों है जबकि घटना के आसपास कई सवाल हैं। मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं है और ब्लैक बॉक्स डेटा के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी जनता के सामने आना चाहिए।

    जांच और सीसीटीवी की मांग

    एमएलसी ने पूछा कि कैप्टेन साहिल मदान और कैप्टेन को विमान उड़ाना था, वे कहाँ हैं और उनके मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए और दृश्य साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए।

    बारामती में प्रदर्शन

    बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा होकर जांच की मांग की। लोगों ने पवार की स्मृतियों से जुड़ी तख्तियां भी रखीं। स्थानीय निवासी बोले कि हादसे को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को गहन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हादसे की सीबीआई जांच का अनुरोध कर चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ जाएगी।
  • अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग

    अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग


    नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी एसपी के नेता Rohit Pawar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादसे को लेकर कई सवाल उठाए और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में कथित सुरक्षा लापरवाही और निजी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    VSR वेंचर्स पर उठाए सवाल

    रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR Ventures कर रही थी। उनके अनुसार, इस कंपनी को “प्रभावशाली और ताकतवर लोगों का संरक्षण” प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों में चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रोहित पवार ने डीजीसीए के कुछ अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

    पीएम और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजेंगे। साथ ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की।

    तकनीकी पहलुओं पर भी संदेह
    हादसे की तकनीकी वजहों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान में कथित रूप से एक से अधिक धमाके हुए थे। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त ईंधन के डिब्बों को लेकर भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे जाने की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    हादसे का विवरण

    जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet 45 रजिस्ट्रेशन VT-SSK दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह चार्टर फ्लाइट मुंबई से बारामती जा रही थी। हादसे में अजित पवार समेत पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हो गई। विमान बारामती एयरस्ट्रिप से कुछ मीटर पहले सुबह लगभग 8:30 से 8:45 बजे के बीच क्रैश हुआ।

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आधिकारिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

  • महाराष्ट्र: NCP के अध्यक्ष पद को लेकर मतभेद! 'पटेल' का विरोध, इस नाम की चर्चा तेज

    महाराष्ट्र: NCP के अध्यक्ष पद को लेकर मतभेद! 'पटेल' का विरोध, इस नाम की चर्चा तेज


    नई दिल्ली । उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं. उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुना गया. इसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस के दिवंगत नेता अजित पवार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे. अब उनके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इस पर चर्चा शुरू हो गई है. पिछले दो दिनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रफुल्ल पटेल का नाम सामने आ रहा था. कुछ खबरों में दावा किया गया कि उनकी नियुक्ति हो चुकी है. लेकिन इसके बाद पार्टी में विवाद खड़ा हो गया और प्रफुल्ल पटेल को खुद इन खबरों का खंडन करना पड़ा.

    प्रफुल्ल पटेल के नाम की थी चर्चा

    प्रफुल्ल पटेल राष्ट्रवादी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं. अजित पवार के बाद उनके अध्यक्ष बनने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी के अंदर विरोध के बाद पटेल ने इस पर विराम लगाने की कोशिश की. इसके बावजूद पार्टी की कमान किसके हाथ जाएगी, इस पर नेताओं में मतभेद साफ नजर आ रहे हैं.

    राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ सुनेत्रा पवार होंगी- कोकाटे

    राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे ने इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाया. उन्होंने कहा, पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ और सिर्फ सुनेत्रा पवार ही होंगी. दूसरा-तीसरा कोई नहीं. दोनों राष्ट्रवादी एक साथ आ जाएं, तब भी अध्यक्ष पद सुनेत्रा वहिनी के पास ही रहेगाजब उनसे पूछा गया कि क्या उनके समर्थन में विधायकों और पदाधिकारियों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, हस्ताक्षर हों या न हों, अध्यक्ष पद पर सुनेत्रा पवार ही आएंगी. कोकाटे ने यह भी कहा कि सुनेत्रा पवार अजित पवार की राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगी और पार्टी की सर्वेसर्वा बनेंगी.

    पदाधिकारियों ने भी पत्र लिखकर मांग की

    अब केवल विधायक ही नहीं, बल्कि पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने भी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई है. एनसीपी के सांस्कृतिक सेल के अध्यक्ष बाबासाहेब पाटील के नेतृत्व में 30 से अधिक पदाधिकारियों ने पत्र लिखकर सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की. यह पत्र वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को भेजा गया है. पत्र में कहा गया, अजित पवार के निधन से पार्टी पर दुख का साया है. ऐसे कठिन समय में पार्टी को मजबूत, संयमी और सभी को साथ रखने वाला नेतृत्व चाहिए. सुनेत्रा पवार ने प्रतिकूल परिस्थितियों में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालकर अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है. उनके अनुभव, निष्ठा और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन को देखते हुए वे राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त हैं. इसलिए पार्टी के विभिन्न सेल के पदाधिकारी एकमत से मांग करते हैं कि सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जाए.

    पटेल के नाम पर विरोध?

    वहीं प्रफुल्ल पटेल ने अध्यक्ष पद की खबरों का खंडन करते हुए कहा, मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं. एनसीपी एक लोकतांत्रिक संस्था है. इतना बड़ा निर्णय वरिष्ठ नेतृत्व, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही लिया जाएगा. पार्टी की स्थापित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा

    प्रफुल्ल पटेल को करना चाहिए सुनेत्रा पवार का समर्थन

    इसके बाद सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष बनाने की मांग और तेज हो गई. पार्टी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद अजित दादा का था. उनके बाद यह जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को ही स्वीकार करनी चाहिए. प्रफुल्ल पटेल का विरोध नहीं है, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सुनेत्रा पवार का समर्थन करते हुए काम करना चाहिए.

    एनसीपी अध्यक्ष को लेकर विपक्ष ने क्या कहा?
    वहीं इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी टिप्पणी की.मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा, राष्ट्रवादी कांग्रेस मराठी मिट्टी से उभरा हुआ संघर्षशील कार्यकर्ताओं का पक्ष है. ऐसे पक्ष का अध्यक्ष मराठी चेहरा होना चाहिए. वहपाटील हो सकता है, लेकिनपटेल नहीं. उनके अलावा शिवसेना उद्धव गुट सांसद संजय राउत ने भी कहा कि पार्टी की कमान प्रफुल्ल पटेल के हाथ में नहीं जानी चाहिए.
  • शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना

    शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री पवार को विनम्र श्रद्धांजलि देकर बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की परम शांति की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री अजित पवार एक उदार छवि वाले महाराष्ट्र के जमीनी राजनेता थे। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों के दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दिया। वे गरीब, वंचित और पिछड़ों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में कहा कि महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट में लैंडिंग के प्रयास के दौरान हुआ विमान हादसा हृदय विदारक है। इसमें श्री अजित पवार सहित पांच व्यक्तियों के निधन की सूचना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री पवार उनके अच्छे मित्र थे। उनके निधन से मन व्यथित और पीड़ा से भरा हुआ है। श्री पवार का इस तरह से हम सबको छोड़कर चले जाना अविश्वनीय है। दु:ख की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार श्री अजित पवार के समर्थकों और शोकाकुल परिजन के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्लेन दुर्घटना में मृत सभी व्यक्तियों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।