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  • बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज

    बेटियों से डरते हैं महेश भट्ट लेकिन बेटों से नहीं! सोनी राजदान ने बताया परिवार का अनोखा राज


    नई दिल्ली। अभिनेत्री सोनी राजदान ने अपने परिवार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी तीनों बेटियों आलिया भट्ट पूजा भट्ट और शाहीन भट्ट से एक खास तरह से डरते हैं। सोनी ने यह बात किसी गंभीर विवाद के संदर्भ में नहीं बल्कि परिवार के रोजमर्रा के रिश्तों और पिता बेटियों के बीच की बॉन्डिंग को लेकर कही। उनके मुताबिक महेश भट्ट अपनी बेटियों के सामने कई बार खुद बातचीत करने के बजाय सोनी को आगे कर देते हैं। सोनी ने इस पूरे किस्से को हल्के फुल्के अंदाज में साझा किया।

    सोनी राजदान इन दिनों फिल्म ओम का हरी को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने एक मां की भूमिका निभाई है जो पति और बेटे के बीच चल रहे मतभेद को सुलझाने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। सोनी का कहना है कि फिल्म में उनका किरदार वास्तविक जीवन में उनके व्यक्तित्व से काफी अलग है। हालांकि परिवार में मां की भूमिका को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं उससे उन्हें अपने वास्तविक जीवन के कई अनुभव भी याद आए।

    सोनी के मुताबिक किसी भी परिवार में मां अक्सर ऐसी भूमिका निभाती है जिसमें उसे अलग अलग लोगों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। कभी वह बातचीत सुलझाने वाली बनती है तो कभी परिवार के सदस्यों की परेशानियां सुनती है। जरूरत पड़ने पर वही सलाह देने वाली और समझाने वाली भी बन जाती है। सोनी ने कहा कि मां परिवार में कई भूमिकाएं निभाती है और कई बार उसे खुद पता भी नहीं चलता कि वह कब किस भूमिका में आ गई।

    उन्होंने फिल्म की कहानी से जुड़े पिता और बेटे के रिश्ते पर भी बात की। सोनी ने कहा कि पिता और बेटे के बीच मतभेद होना कोई असामान्य बात नहीं है। कई परिवारों में पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर दिखाई देता है। हालांकि उनका मानना है कि आज की नई पीढ़ी ऐसे रिश्तों और पारिवारिक परिस्थितियों को पहले की तुलना में अलग तरीके से समझने लगी है।

    इसी बातचीत के दौरान सोनी ने अपने परिवार का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कई बार महेश भट्ट उनसे कहते हैं कि बेटी को फोन कर दो। इस पर सोनी का जवाब होता है कि अगर बात करनी है तो वह खुद फोन कर सकते हैं क्योंकि उनके पास भी फोन है। सोनी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि बेटियों के साथ उनकी अपनी अलग तरह की बातचीत और नोकझोंक होती है। ऐसे में वह महेश की ओर से बेटियों से बात करने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं होतीं।

    सोनी ने इसी संदर्भ में कहा कि उनके पति तीनों बेटियों से डरते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डर किसी गंभीर अर्थ में नहीं है बल्कि एक प्यारे और मजेदार पारिवारिक रिश्ते का हिस्सा है। उनके मुताबिक पिता अक्सर बेटियों को लेकर ज्यादा सावधान रहते हैं जबकि बेटों के साथ उनका व्यवहार कुछ अलग हो सकता है। महेश भट्ट के मामले में भी उन्हें यही चीज दिखाई देती है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और वह तीनों के सामने एक अलग तरह की झिझक दिखाते हैं।

    सोनी राजदान की यह बात परिवार में पिता और बेटियों के रिश्ते की एक हल्की फुल्की तस्वीर सामने लाती है। वहीं उनके फिल्मी काम की बात करें तो ओम का हरी में वह एक ऐसे किरदार में नजर आ रही हैं जो परिवार के भीतर पैदा हुए मतभेदों को संभालने की कोशिश करता है। उनकी बातचीत से यह भी पता चलता है कि पर्दे पर निभाए गए पारिवारिक किरदारों के पीछे कलाकारों के अपने जीवन के अनुभव भी कई बार प्रेरणा बनते हैं।

  • बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी

    बॉलीवुड के चर्चित रिश्तों में शामिल महेश भट्ट की पहली शादी की कहानी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी फिल्मों से ज्यादा कई बार अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में उनकी बेटी पूजा भट्ट ने अपने पिता की पर्सनल लाइफ और रिश्तों को लेकर खुलकर बातचीत की, जिसके बाद एक बार फिर महेश भट्ट की पहली पत्नी लॉरेन ब्राइट उर्फ किरण भट्ट चर्चा में आ गई हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि महेश भट्ट की जिंदगी का पहला प्यार किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। इस रिश्ते में बेपनाह मोहब्बत, खून से लिखे खत, शादी और फिर दर्दनाक बिछड़ाव सब कुछ शामिल था।

    महेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की मुलाकात उस समय हुई थी जब दोनों बेहद कम उम्र के थे। बताया जाता है कि महेश महज 16 साल के थे और लॉरेन 14 साल की थीं। लॉरेन उस समय एक अनाथालय में रहती थीं, क्योंकि उनकी मां आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अच्छे स्कूल में नहीं भेज पाई थीं। महेश भट्ट ने पहली बार उन्हें स्कूल के बाहर देखा था और पहली नजर में ही दिल हार बैठे थे। हालांकि शुरुआती दौर में वे खुद को लॉरेन के लायक नहीं मानते थे, लेकिन वक्त के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    उनकी प्रेम कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह था कि दोनों एक-दूसरे को खत लिखकर अपने जज्बात जाहिर करते थे। कहा जाता है कि महेश भट्ट लॉरेन को अपने खून से खत लिखा करते थे। एक दर्जी उनके बीच डाकिए का काम करता था और खत पहुंचाता था। यह रिश्ता धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि महेश भट्ट ने महज 20 साल की उम्र में लॉरेन से शादी कर ली। शादी के बाद लॉरेन का नाम किरण भट्ट हो गया। इस रिश्ते से उनके दो बच्चे हुए- पूजा भट्ट और राहुल भट्ट।

    शादी के शुरुआती साल बेहद खूबसूरत रहे, लेकिन बाद में रिश्ते में दूरियां आने लगीं। इसी दौरान महेश भट्ट की जिंदगी में मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की एंट्री हुई। परवीन बाबी के साथ बढ़ती नजदीकियों ने उनकी शादीशुदा जिंदगी में हलचल मचा दी। धीरे-धीरे महेश भट्ट अपनी पत्नी और परिवार से दूर होते चले गए।

    परवीन बाबी से रिश्ता खत्म होने के बाद कुछ समय के लिए वे फिर परिवार के करीब आए, लेकिन तब तक बहुत कुछ बदल चुका था। इसी बीच उनकी मुलाकात अभिनेत्री सोनी राजदान से हुई। महेश भट्ट सोनी राजदान से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे पहली पत्नी को तलाक नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम अशरफ रखा और साल 1986 में सोनी राजदान से शादी कर ली।

    समय के साथ महेश भट्ट की जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन लॉरेन ब्राइट गुमनामी में चली गईं। साल 2003 में 66 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनकी मौत की असली वजह कभी सामने नहीं आ सकी। हालांकि बॉलीवुड में जब भी महेश भट्ट की जिंदगी के सबसे गहरे और शिद्दत भरे प्यार का जिक्र होता है, तो लॉरेन ब्राइट यानी किरण भट्ट का नाम जरूर लिया जाता है।