यह पूरा मामला वीडियो में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी शशांक सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया है।
हालांकि पुलिस जांच में युवक की मूल शिकायत को झूठा बताया गया है, लेकिन अधिकारी ने यह भी माना कि दरोगा का व्यवहार अनुशासन के खिलाफ था और इस तरह की कार्रवाई किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
पीड़ित युवक संदीप ने बताया कि वह 10 मई की शाम हरपालपुर (मध्य प्रदेश) से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने उसे रोककर मारपीट और लूटपाट की थी। न्याय की उम्मीद में वह थाने पहुंचा था, लेकिन वहां उसे उल्टा मार का सामना करना पड़ा।



