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  • पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीनी विवाद ने बुधवार रात हिंसक और खूनी रूप ले लिया। अमरपाटन थाना क्षेत्र के कहरी गांव में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश एक बार फिर भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। दोनों ओर से हुए हमले में 7 महिलाओं सहित कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

    पुलिस के अनुसार कहरी गांव में रहने वाले बंसल समाज के दो परिवारों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात विवादित जमीन पर पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। गांव में अचानक मची चीख-पुकार और हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो चुके थे।

    घटना के बाद घायल किसी तरह अमरपाटन थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल एंबुलेंस और शासकीय वाहन की व्यवस्था कर सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल भिजवाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हो गईं। एक साथ 14 गंभीर घायलों के पहुंचने पर अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे। मजबूरन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई घायलों का उपचार अस्पताल के बरामदे और फर्श पर करना पड़ा। घायल महिलाओं और पुरुषों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें वहीं पट्टियां बांधी गईं और ड्रिप तथा इंजेक्शन लगाए गए।

    मारपीट में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से सरिता बंसल, जितेंद्र, फूलचंद, साक्षी, आरती और प्रिया बंसल घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से समीर, बड्डी, सोमबाई, सुरेश, पार्वती, रमेश, मुकेश और तिजियाबाई बंसल को चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया है।

    थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद ही इस हिंसक घटना की मुख्य वजह है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में घायलों के बयान लिए जा रहे हैं और घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

  • मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत

    मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर में सोमवार देर शाम आयोजित “2 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने अपने दो साल के कार्यकाल का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। यह कार्यक्रम विधायक कार्यालय के पास स्थित एक निजी पैलेस में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विधायक कई बार भावुक नजर आए और मंच से अपनी बात रखते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।

    “काम ही बोलता है, पैसा आता-जाता रहता है”  विधायक
    अपने संबोधन में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी असली ताकत जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं का समर्थन है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “मैं बार-बार कहता हूं कि काम करिए, क्योंकि काम ही बोलता है। पैसा आता है और जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे साधारण परिवार से आते हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के सहयोग और जनता के आशीर्वाद से ही विधायक बने हैं। इस दौरान उन्होंने मंच से अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कई अनुभव साझा किए।

    विकास कार्यों पर चर्चा, सुझावों की अपील
    विधायक ने अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी भी दी और कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास अकेले संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे मैहर के विकास के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उन्होंने कहा कि जो भी सकारात्मक सुझाव आएंगे, उन पर पूरी ईमानदारी और गंभीरता से काम किया जाएगा।

    पारदर्शिता और सेवा पर जोर
    अपने संबोधन में विधायक ने पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज में कई बार नकारात्मक सोच विकास को रोकती है, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
    उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह
    इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों पर चर्चा हुई और आगामी योजनाओं को लेकर भी विचार साझा किए गए।

    मैहर विधायक का यह कार्यक्रम न केवल उनके दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड रहा, बल्कि उनके भावुक संबोधन ने राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव की एक अलग तस्वीर भी पेश की।

  • मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी

    मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम पंचायत देवरा मोलहाई में सोमवार देर शाम प्रशासन ने एक नाबालिग की शादी को समय रहते रोक दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बाल विवाह की तैयारी को रुकवा दिया। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम एसपी मिश्रा के निर्देशन में की गई। टीम की त्वरित सक्रियता के चलते एक संभावित बाल विवाह होने से पहले ही टल गया, जिससे प्रशासन की सतर्कता एक बार फिर सामने आई।

    अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, समझाइश से रुकी शाद
    मामले की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार संजीव पांडेय, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, एसआई भाग्यचंद कुशराम सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कम उम्र में विवाह न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।

    कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी, दुष्परिणामों पर किया जागरूक
    अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही टीम ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर भी विस्तार से समझाइश दी। लगातार समझाइश के बाद परिवार ने विवाह को रोकने पर सहमति व्यक्त की।

    पंचनामा कार्रवाई पूरी, परिजनों ने मानी बा
    महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीएम से चर्चा कर संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई भी पूरी की गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिवार ने शादी रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक बड़ा सामाजिक और कानूनी उल्लंघन होने से बच गया।

    प्रशासन की अपील: बाल विवाह की सूचना तुरंत दे
    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

    मैहर प्रशासन की यह कार्रवाई दिखाती है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से सामाजिक कुप्रथाओं को रोका जा सकता है। बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाना ही बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में स्कूल निर्माण कार्यों में 4 करोड़ 37 लाख रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 18 स्कूलों में साइकिल स्टैंड पार्किंग और मरम्मत जैसे लघु निर्माण कार्यों के नाम पर राशि जारी कर दी गई लेकिन मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। कागजों में काम पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया और पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए। मामले में तत्कालीन बीईओ 17 प्राचार्य 3 फर्म संचालकों और एक बाबू समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

    जानकारी के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से रामनगर की 22 स्कूलों के लिए निर्माण मद में राशि स्वीकृत हुई थी। संबंधित प्राचार्यों ने महाकाल ट्रेडर्स सतना रुद्र इंटरप्राइजेज मैहर और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर भोपाल को वर्क ऑर्डर जारी किए। आरोप है कि बिना निर्माण कराए ही फर्मों को अग्रिम भुगतान कर दिया गया और कागजों में कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया।

    घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुलखमा विद्यालय में बिना काम भुगतान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई। शिकायत के बाद कलेक्टर मैहर के निर्देश पर एसडीएम रामनगर शिव प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई। जांच में 18 स्कूलों में मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया जबकि करोड़ों रुपये का भुगतान हो चुका था। इसे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला गंभीर अपराध माना गया।

    एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी बीईओ राजेश द्विवेदी ने रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(2) 316(5) 61(2) और 318(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में महाकाल ट्रेडर्स के संचालक शुभम नायक रुद्र इंटरप्राइजेज के संचालक संजीव रजक और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालक लकी को भी शामिल किया गया है।

    जिन 18 स्कूलों में भुगतान हुआ उनमें शासकीय हाईस्कूल बडवार मनकहरी गोविंदपुर देवरा मोलहाई सुलखमा मड़वार समेत अन्य विद्यालय शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय को लगभग 22 से 28 लाख रुपये तक की राशि जारी की गई। जांच में पाया गया कि कहीं साइकिल स्टैंड नहीं बना तो कहीं मरम्मत कार्य का कोई चिन्ह तक नहीं मिला।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर रीवा और संयुक्त संचालक द्वारा संबंधित अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद रामनगर थाना पुलिस विस्तृत जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।यह मामला शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिन स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित होनी थीं वहां कागजों में निर्माण दिखाकर राशि निकाल ली गई। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासन की राशि की वसूली भी की जाएगी।