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  • मैहर में मां शारदा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 11 बजे तक 71 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

    मैहर में मां शारदा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 11 बजे तक 71 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन


    मैहर । शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मैहर स्थित त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को भी सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। सुबह 11 बजे तक कुल 71 हजार 570 श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन कर चुके थे। नवरात्र के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के साथ ही दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में सबसे बड़ी संख्या पैदल मार्ग का इस्तेमाल करने वालों की रही। सुबह 11 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 68 हजार 500 श्रद्धालु पैदल मार्ग से मंदिर पहुंचे। वहीं 870 भक्त वैन मार्ग के जरिए दर्शन करने पहुंचे। इसके अलावा रोपवे की सुविधा का उपयोग करते हुए 2 हजार 200 श्रद्धालुओं ने मंदिर तक पहुंचकर मां के दर्शन किए। इन तीनों माध्यमों से पहुंचे भक्तों की कुल संख्या 71 हजार 570 दर्ज की गई। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर लगातार चहल पहल बनी हुई है।

    मां शारदा के दरबार में उमड़ रही भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेले में तैनात पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भक्तों को दर्शन के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इससे पहले रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत और डीआईजी हेमंत चौहान ने मैहर पहुंचकर मां शारदा के दर्शन किए थे। इस दौरान उन्होंने मेले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। अधिकारियों के निरीक्षण के बाद पुलिस इंतजामों को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।

    मेले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया है। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर रीवा से एक उप पुलिस अधीक्षक सहित 100 आरक्षकों को मेला ड्यूटी में तैनात किया गया है। अतिरिक्त बल की तैनाती का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखना और भीड़ के दबाव के बीच व्यवस्था को बनाए रखना है।

    शारदीय नवरात्र के दौरान मैहर में मां शारदा के दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना जारी है। सुबह 11 बजे तक 71 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना मेले में उमड़ रही आस्था और उत्साह को दर्शाता है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि नवरात्र के शेष दिनों में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल और बेहतर व्यवस्था के बीच मां शारदा के दर्शन कराए जा सकें।

  • नवरात्र में ट्रेन से दर्शन करने जा रहे हैं तो ध्यान दें, विंध्याचल में 12 ट्रेनों का दो मिनट का स्टॉपेज, मैहर में 30 की स्पीड लिमिट

    नवरात्र में ट्रेन से दर्शन करने जा रहे हैं तो ध्यान दें, विंध्याचल में 12 ट्रेनों का दो मिनट का स्टॉपेज, मैहर में 30 की स्पीड लिमिट


    भोपाल । शारदीय नवरात्र मेले के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए विंध्याचल स्टेशन पर 12 एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का निर्णय लिया गया है। यह सुविधा 26 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी। निर्धारित ट्रेनों को स्टेशन पर दो-दो मिनट का ठहराव दिया जाएगा। इससे मेले के दौरान विंध्याचल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सकती है। रेलवे ने मैहर स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की अधिकतम गति भी 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है।
    पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के अनुसार नवरात्र मेले में यात्रियों की अतिरिक्त आवाजाही को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। विंध्याचल स्टेशन पर ठहराव पाने वाली ट्रेनों में मुंबई से पाटलिपुत्र डिब्रूगढ़ गुवाहाटी भागलपुर दानापुर और बनारस सहित विभिन्न शहरों के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले श्रद्धालु निर्धारित समय पर विंध्याचल स्टेशन पर उतरकर आगे की यात्रा की योजना बना सकेंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का समय जरूर जांच लें।
    रेलवे की सूची के अनुसार लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पाटलिपुत्र जाने वाली ट्रेन संख्या 12141 रात 10:30 बजे से 10:32 बजे तक विंध्याचल स्टेशन पर रुकेगी। पाटलिपुत्र से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 12142 शाम 4:05 बजे से 4:07 बजे तक ठहरेगी। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से डिब्रूगढ़ जाने वाली ट्रेन संख्या 15945 और गुवाहाटी जाने वाली ट्रेन संख्या 15647 सुबह 5:50 बजे से 5:52 बजे तक स्टेशन पर रुकेंगी। वहीं डिब्रूगढ़ से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 15946 और गुवाहाटी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 15648 शाम 7:05 बजे से 7:07 बजे तक ठहरेंगी।
    भागलपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 12335 भी शाम 7:05 बजे से 7:07 बजे तक रुकेगी। इसके विपरीत दिशा में चलने वाली ट्रेन संख्या 12336 सुबह 5:50 बजे से 5:52 बजे तक विंध्याचल स्टेशन पर ठहराव लेगी। सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु से दानापुर जाने वाली ट्रेन संख्या 12295 रात 1:40 बजे से 1:42 बजे तक और दानापुर से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन संख्या 12296 रात 12:35 बजे से 12:37 बजे तक स्टेशन पर रुकेगी। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बनारस जाने वाली ट्रेन संख्या 12167 रात 10:15 बजे से 10:17 बजे तक जबकि बनारस से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 12168 दोपहर 12:10 बजे से 12:12 बजे तक ठहराव लेगी।
    दूसरी ओर मैहर स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। रेलवे ने नवरात्र मेले के दौरान सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। गति सीमा लागू होने से ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय का ध्यान रखना चाहिए।
    नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए रेल यात्रा करते हैं। ऐसे में अस्थायी ठहराव और गति सीमा जैसी व्यवस्थाएं यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यात्रा पर निकलने से पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से ट्रेन का समय ठहराव और संभावित बदलाव की पुष्टि करना बेहतर रहेगा। इससे अंतिम समय में होने वाली परेशानी से बचा जा सकेगा।

  • पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    पानी भरने की बात पर भड़की पुरानी रंजिश: मैहर में खूनी संघर्ष, 7 महिलाओं समेत 14 लोग गंभीर घायल

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीनी विवाद ने बुधवार रात हिंसक और खूनी रूप ले लिया। अमरपाटन थाना क्षेत्र के कहरी गांव में दो पड़ोसी परिवारों के बीच लंबे समय से चल रही रंजिश एक बार फिर भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। दोनों ओर से हुए हमले में 7 महिलाओं सहित कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

    पुलिस के अनुसार कहरी गांव में रहने वाले बंसल समाज के दो परिवारों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। बुधवार रात विवादित जमीन पर पानी भरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर देखते ही देखते मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। गांव में अचानक मची चीख-पुकार और हंगामे से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव का प्रयास किया लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो चुके थे।

    घटना के बाद घायल किसी तरह अमरपाटन थाने पहुंचे। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए तत्काल एंबुलेंस और शासकीय वाहन की व्यवस्था कर सभी को अमरपाटन सिविल अस्पताल भिजवाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हो गईं। एक साथ 14 गंभीर घायलों के पहुंचने पर अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं थे। मजबूरन डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई घायलों का उपचार अस्पताल के बरामदे और फर्श पर करना पड़ा। घायल महिलाओं और पुरुषों को जमीन पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। उन्हें वहीं पट्टियां बांधी गईं और ड्रिप तथा इंजेक्शन लगाए गए।

    मारपीट में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से सरिता बंसल, जितेंद्र, फूलचंद, साक्षी, आरती और प्रिया बंसल घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से समीर, बड्डी, सोमबाई, सुरेश, पार्वती, रमेश, मुकेश और तिजियाबाई बंसल को चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया है।

    थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद ही इस हिंसक घटना की मुख्य वजह है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में घायलों के बयान लिए जा रहे हैं और घटनास्थल से भी जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

  • मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत

    मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर में सोमवार देर शाम आयोजित “2 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने अपने दो साल के कार्यकाल का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। यह कार्यक्रम विधायक कार्यालय के पास स्थित एक निजी पैलेस में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विधायक कई बार भावुक नजर आए और मंच से अपनी बात रखते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।

    “काम ही बोलता है, पैसा आता-जाता रहता है”  विधायक
    अपने संबोधन में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी असली ताकत जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं का समर्थन है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “मैं बार-बार कहता हूं कि काम करिए, क्योंकि काम ही बोलता है। पैसा आता है और जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे साधारण परिवार से आते हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के सहयोग और जनता के आशीर्वाद से ही विधायक बने हैं। इस दौरान उन्होंने मंच से अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कई अनुभव साझा किए।

    विकास कार्यों पर चर्चा, सुझावों की अपील
    विधायक ने अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी भी दी और कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास अकेले संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे मैहर के विकास के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उन्होंने कहा कि जो भी सकारात्मक सुझाव आएंगे, उन पर पूरी ईमानदारी और गंभीरता से काम किया जाएगा।

    पारदर्शिता और सेवा पर जोर
    अपने संबोधन में विधायक ने पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज में कई बार नकारात्मक सोच विकास को रोकती है, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
    उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह
    इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों पर चर्चा हुई और आगामी योजनाओं को लेकर भी विचार साझा किए गए।

    मैहर विधायक का यह कार्यक्रम न केवल उनके दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड रहा, बल्कि उनके भावुक संबोधन ने राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव की एक अलग तस्वीर भी पेश की।

  • मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी

    मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम पंचायत देवरा मोलहाई में सोमवार देर शाम प्रशासन ने एक नाबालिग की शादी को समय रहते रोक दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बाल विवाह की तैयारी को रुकवा दिया। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम एसपी मिश्रा के निर्देशन में की गई। टीम की त्वरित सक्रियता के चलते एक संभावित बाल विवाह होने से पहले ही टल गया, जिससे प्रशासन की सतर्कता एक बार फिर सामने आई।

    अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, समझाइश से रुकी शाद
    मामले की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार संजीव पांडेय, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, एसआई भाग्यचंद कुशराम सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कम उम्र में विवाह न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।

    कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी, दुष्परिणामों पर किया जागरूक
    अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही टीम ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर भी विस्तार से समझाइश दी। लगातार समझाइश के बाद परिवार ने विवाह को रोकने पर सहमति व्यक्त की।

    पंचनामा कार्रवाई पूरी, परिजनों ने मानी बा
    महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीएम से चर्चा कर संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई भी पूरी की गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिवार ने शादी रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक बड़ा सामाजिक और कानूनी उल्लंघन होने से बच गया।

    प्रशासन की अपील: बाल विवाह की सूचना तुरंत दे
    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

    मैहर प्रशासन की यह कार्रवाई दिखाती है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से सामाजिक कुप्रथाओं को रोका जा सकता है। बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाना ही बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में स्कूल निर्माण कार्यों में 4 करोड़ 37 लाख रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 18 स्कूलों में साइकिल स्टैंड पार्किंग और मरम्मत जैसे लघु निर्माण कार्यों के नाम पर राशि जारी कर दी गई लेकिन मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। कागजों में काम पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया और पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए। मामले में तत्कालीन बीईओ 17 प्राचार्य 3 फर्म संचालकों और एक बाबू समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

    जानकारी के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से रामनगर की 22 स्कूलों के लिए निर्माण मद में राशि स्वीकृत हुई थी। संबंधित प्राचार्यों ने महाकाल ट्रेडर्स सतना रुद्र इंटरप्राइजेज मैहर और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर भोपाल को वर्क ऑर्डर जारी किए। आरोप है कि बिना निर्माण कराए ही फर्मों को अग्रिम भुगतान कर दिया गया और कागजों में कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया।

    घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुलखमा विद्यालय में बिना काम भुगतान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई। शिकायत के बाद कलेक्टर मैहर के निर्देश पर एसडीएम रामनगर शिव प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई। जांच में 18 स्कूलों में मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया जबकि करोड़ों रुपये का भुगतान हो चुका था। इसे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला गंभीर अपराध माना गया।

    एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी बीईओ राजेश द्विवेदी ने रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(2) 316(5) 61(2) और 318(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में महाकाल ट्रेडर्स के संचालक शुभम नायक रुद्र इंटरप्राइजेज के संचालक संजीव रजक और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालक लकी को भी शामिल किया गया है।

    जिन 18 स्कूलों में भुगतान हुआ उनमें शासकीय हाईस्कूल बडवार मनकहरी गोविंदपुर देवरा मोलहाई सुलखमा मड़वार समेत अन्य विद्यालय शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय को लगभग 22 से 28 लाख रुपये तक की राशि जारी की गई। जांच में पाया गया कि कहीं साइकिल स्टैंड नहीं बना तो कहीं मरम्मत कार्य का कोई चिन्ह तक नहीं मिला।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर रीवा और संयुक्त संचालक द्वारा संबंधित अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद रामनगर थाना पुलिस विस्तृत जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।यह मामला शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिन स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित होनी थीं वहां कागजों में निर्माण दिखाकर राशि निकाल ली गई। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासन की राशि की वसूली भी की जाएगी।