Tag: Maihar Sharda Temple

  • मैहर में देवी भक्ति का अनूठा नजारा, नृत्य-नाटिका और देवी गीतों ने मोहा मन, SP के भजन पर गूंजे जयकारे

    मैहर में देवी भक्ति का अनूठा नजारा, नृत्य-नाटिका और देवी गीतों ने मोहा मन, SP के भजन पर गूंजे जयकारे


    मैहर । मध्यप्रदेश के मैहर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां शारदा देवी मंदिर परिसर में शक्तिपर्व का आयोजन किया गया। बुधवार शाम मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में भक्ति संगीत और देवी आराधना का अनूठा संगम देखने को मिला। देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने देवी गीतों और नृत्य-नाटिका के माध्यम से मां आदिशक्ति की महिमा का गुणगान किया। भजनों की मधुर धुनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के दौरान ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा जिस पर मौजूद दर्शक उत्साह से झूम उठे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने मां शारदा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मंच पर देवी आराधना से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों ने भाग लिया तथा भक्ति संगीत का आनंद लिया। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और कला को भी मंच प्रदान किया।

    शक्तिपर्व में लोक भक्ति गायन की प्रस्तुति देने के लिए रीवा से रीता तिवारी अपने साथियों के साथ पहुंचीं। उन्होंने देवी गीतों के जरिए मां शक्ति की आराधना की। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भक्ति के रंग में रंग दिया। वहीं मुंबई से आए अरविंद कुमार पटेल और उनके साथियों ने मां आदिशक्ति पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन किया। कलाकारों ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से देवी शक्ति की महिमा को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके अलावा रवि त्रिपाठी और उनके साथियों ने भी भक्ति गायन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में प्रस्तुत ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गीत को दर्शकों ने खास तौर पर पसंद किया और उत्साह के साथ कलाकारों का स्वागत किया।

    इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह का भजन गायन रहा। उन्होंने ‘अंगना पधारो महारानी मोरी शारदा भवानी’ भजन प्रस्तुत किया। मां शारदा की स्तुति में गाए गए इस भजन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पुलिस अधीक्षक की इस प्रस्तुति से आयोजन का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। धार्मिक गीतों और संगीत के बीच उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम के यादगार पलों में शामिल रही।

    शक्तिपर्व में पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के साथ अपर कलेक्टर रोशन राय और नायब तहसीलदार शिवभूषण सिंह सहित अन्य अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नवरात्रि के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति गायन और नृत्य-नाटिका के जरिए मां शारदा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। मैहर में हुए इस आयोजन ने धार्मिक उत्सव को सांस्कृतिक रंगों से सजाया और दर्शकों को संगीत तथा देवी आराधना से जुड़ने का अवसर दिया।

  • मां दुर्गा की भक्ति में डूबा मध्य प्रदेश, कहीं चांदी से सजा माता का गर्भगृह तो कहीं तड़के 3 बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें

    मां दुर्गा की भक्ति में डूबा मध्य प्रदेश, कहीं चांदी से सजा माता का गर्भगृह तो कहीं तड़के 3 बजे से दर्शन के लिए लगी कतारें


    सतना। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होते ही मध्य प्रदेश में माता रानी की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। रविवार 11 अक्टूबर को नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में माता के जयकारे गूंजते रहे और भक्तों ने दर्शन पूजन कर परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आगर मालवा के मां बगलामुखी मंदिर से लेकर उज्जैन के हरसिद्धि और गढ़ कालिका मंदिर तथा मैहर के मां शारदा धाम तक भक्तों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। कई मंदिरों में तड़के ही पूजा अर्चना शुरू हो गई थी जबकि श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
    आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में मंगला आरती के साथ दर्शन की शुरुआत हुई। सुबह चार बजे से 11 बजे तक यहां 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है।
    नवरात्र के दौरान भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी भी की जा रही है। जिले के पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के अनुसार मंदिर परिसर में पुलिस चौकी शुरू की जा रही है। यहां तैनात पुलिसकर्मी मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
    धार्मिक नगरी उज्जैन में भी नवरात्र के पहले दिन विशेष उत्साह देखने को मिला। यहां प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर और गढ़ कालिका मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं नीमच जिले के भादवा माता मंदिर में घट स्थापना से पहले महाआरती की गई। मालवा की वैष्णो देवी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में नवरात्र के अवसर पर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
    सतना जिले के मैहर स्थित मां शारदा धाम में भी शारदीय नवरात्र मेले का आगाज हो गया। रविवार तड़के तीन बजे मंदिर के पट खुलते ही परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए पहुंचने लगी। मैहर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मां शारदा के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है।
    बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित मां बड़ी बिजासन माता मंदिर में नवरात्र को खास बनाने के लिए गर्भगृह की दीवारों को करीब 90 किलो चांदी से सजाया गया है। मंदिर की इस सजावट को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। भोपाल के कर्फ्यू वाली मंदिर में भी सुबह से भक्त पूजा अर्चना में जुटे रहे। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शक्तिपीठ में नवरात्र के पहले दिन घट पूजन और स्थापना की गई।
    मंदसौर के नालछा माता मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यह मंदिर जिले के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है। मंदिर की विशेष मान्यता है कि यहां भेरू और भवानी एक ही गादी पर विराजमान हैं। मंदिर के पुजारी गोविंद नागदा के अनुसार मान्यता है कि माता सुबह बाल्यावस्था दोपहर में युवावस्था और शाम को वृद्धावस्था के स्वरूप में दर्शन देती हैं।
    राजगढ़ के प्रसिद्ध जालपा माता मंदिर में भी सुबह की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। घने जंगल के बीच ऊंची टेकरी पर स्थित इस मंदिर में कई भक्त करीब एक किलोमीटर की पहाड़ी चढ़कर दर्शन करने पहुंचे। मंदिर विवाह की तारीख तय करने की पारंपरिक पाती प्रथा के लिए भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार शुभ मुहूर्त नहीं मिलने पर परिवार ज्वार या गेहूं के दाने लेकर यहां पहुंचते हैं और पुजारी पारंपरिक तरीके से विवाह की तारीख बताते हैं।
    रीवा के करीब 450 वर्ष पुराने रानी तालाब कालिका मंदिर में सुबह साढ़े तीन बजे पट खोल दिए गए। चार बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के 25 जवान तैनात किए गए हैं। नवरात्र के पहले दिन प्रदेशभर के मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने धार्मिक उत्साह और मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

  • मां शारदा मंदिर में शस्त्र पूजा का वीडियो वायरल, प्रशासन और मंदिर सुरक्षा पर दबाव

    मां शारदा मंदिर में शस्त्र पूजा का वीडियो वायरल, प्रशासन और मंदिर सुरक्षा पर दबाव


    मैहर स्थित मां शारदा मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि बाहुबली नेता और उत्तर प्रदेश के विधायक राजा भैया ने मंदिर के गर्भगृह में शस्त्र पूजा की। यह घटना मंदिर प्रशासन के नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाने वाली मानी जा रही है। मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसे धार्मिक और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से संवेदनशील माना जाता है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गर्भगृह में विधिपूर्वक पूजा के दौरान राजा भैया ने शस्त्रों के साथ आराधना की। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर सख्त प्रतिबंध है। बावजूद इसके नियमों की अनदेखी की गई। यह मामला प्रशासन, सुरक्षा और धार्मिक नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

    स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि सामान्य भक्तों के लिए जहां सख्त नियम लागू होते हैं वहीं प्रभावशाली नेताओं के लिए अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। राजा भैया की बाहुबली छवि के कारण उन्हें विशेष अनुमति दी गई और इससे नियमों में भेदभाव का आरोप लग रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर किसी आम भक्त ने ऐसा किया होता तो क्या प्रशासन की कार्रवाई इतनी ढीली होती।

    मां शारदा मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और नवरात्र जैसे पर्वों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में गर्भगृह तक शस्त्र ले जाने की घटना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। श्रद्धालुओं ने चिंता जताई है कि नियमों का इस तरह उल्लंघन होने पर किसी बड़ी अनहोनी की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    बताया जा रहा है कि पूजा पूरी तरह से विधिपूर्वक मंदिर के पुजारी द्वारा कराई गई। हालांकि मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई यूजर्स ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया है और मामले की जांच की मांग की है।

    मंदिर प्रशासक दिव्या सिंह पटेल और एसडीएम मैहर से संपर्क किया गया लेकिन वे इस मामले पर कोई टिप्पणी देने के लिए तैयार नहीं हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है और लोग प्रशासन की भूमिका और मंदिर सुरक्षा के स्तर पर सवाल उठा रहे हैं। इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा नियमों के पालन की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है।