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  • MP के सरकारी स्कूल में पढ़ाई छोड़ छात्रों को दिखाई गई 'धुरंधर' फिल्म, वीडियो वायरल, प्रिंसिपल को नोटिस

    MP के सरकारी स्कूल में पढ़ाई छोड़ छात्रों को दिखाई गई 'धुरंधर' फिल्म, वीडियो वायरल, प्रिंसिपल को नोटिस


    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के कठहा शासकीय विद्यालय में पढ़ाई के समय छात्रों को फिल्म दिखाने का मामला सामने आया है। कक्षा 11वीं के विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं को एलईडी टीवी पर ‘धुरंधर’ फिल्म दिखाई गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, फिल्म प्रदर्शन के दौरान विद्यालय में अतिथि शिक्षक हंसराज पटेल भी मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए कि अध्ययन-अध्यापन के समय छात्रों को फिल्म क्यों दिखाई गई और शैक्षणिक गतिविधियां क्यों बाधित की गईं।

    मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    घटना ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि कक्षा के समय फिल्म प्रदर्शन जैसे मामलों पर स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सलोनी शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) से विस्तृत प्रतिवेदन भी तलब किया गया है।

    डीईओ सलोनी शर्मा ने कहा, “कठहा स्थित स्कूल का वीडियो हमारे संज्ञान में आया है, जिसमें छात्र ‘धुरंधर’ फिल्म देखते दिखाई दे रहे हैं। मामले की तत्काल जांच कराई जा रही है। संबंधित बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है और विद्यालय की प्राचार्य से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

  • 'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास

    'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास


    मध्य प्रदेश का मैहर शहर सिर्फ एक आम धार्मिक जगह नहीं है, यह भक्ति, रहस्य और संगीत का एक अनोखा संगम है। त्रिकूट पर्वत पर बसा मां शारदा का यह धाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर साल लाखों भक्त यहां अपनी मुराद लेकर आते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इस पवित्र शहर के नाम और इतिहास के पीछे कितनी दिलचस्प कहानियां छिपी हैं।

    शक्तिपीठ की महिमा हो, अमर योद्धा आल्हा की भक्ति हो या फिर संगीत की दुनिया का मैहर घरानायह जगह हर किसी को अपनी ओर खींचती है।

    माई का हार से कैसे बना मैहर?
    मैहर नाम के पीछे भगवान शिव और माता सती से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। माना जाता है कि जब सती के वियोग में शिवजी तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए थे।

    उसी समय माता सती का हार यहां त्रिकूट पर्वत पर गिरा था। हार गिरने की वजह से इस जगह को पहले ‘माई का हार’ कहा गया। धीरे-धीरे समय बीतने के साथ यही नाम बदलकर ‘मैहर’ हो गया। आज यह धाम देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

    1063 सीढ़ियों पर बसा 1500 साल पुराना मंदिर

    पर्वत की चोटी पर स्थित यह मंदिर करीब 1500 साल पुराना बताया जाता है। इतिहासकार भी प्राचीन शिलालेखों के आधार पर इसकी प्राचीनता को मानते हैं।

    मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।

    हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से ऊपर पहुंच सकते हैं।

    9वीं शताब्दी में आदिगुरु शंकराचार्य ने यहां पहली बार विधिवत पूजा की थी। तांत्रिक साधना करने वालों के लिए भी यह जगह बेहद खास है।

    आज भी आल्हा करते हैं पहली पूजा
    मैहर की सबसे हैरान करने वाली बात अमर योद्धा आल्हा से जुड़ी है। स्थानीय लोगों और पुजारियों का कहना है कि आज भी आल्हा सबसे पहले मां शारदा की पूजा करते हैं।

    रोज सुबह जब मंदिर के दरवाजे खुलते हैं, तो माता के चरणों में ताजे फूल और चंदन चढ़ा हुआ मिलता है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक या लिखित सबूत नहीं है, लेकिन यहां आने वाले भक्तों की इस चमत्कार में अटूट श्रद्धा है। उनका मानना है कि आल्हा आज भी अदृश्य रूप में यहां आते हैं।

    संगीत की दुनिया में मैहर का नाम
    धार्मिक पहचान के अलावा मैहर को संगीत की नगरी भी कहा जाता है। मशहूर सरोद वादक उस्ताद अलाउद्दीन खां ने इसी शहर में ‘मैहर संगीत घराने’ की नींव रखी थी। उन्होंने और उनके शिष्यों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को दुनिया भर में फैलाया। इसलिए संगीत प्रेमियों के लिए मैहर किसी तीर्थ से कम नहीं है।

  • MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर

    MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर


    मैहर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर जिले (Maihar district) के अमरपाटन थाना (Amarpatan Police Station) क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां के ग्राम खरामसेड़ा (Village Kharamseda) के अहिरान टोला में शुक्रवार की रात कुएं में गिरे एक बैल की जान बचाने के चक्कर में तीन घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

    दरअसल बैल को बाहर निकालने की कोशिश में चार ग्रामीण एक-एक कर कुएं की गहराई में उतरे, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते चारों अचेत हो गए। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है।

    इस हादसे की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उस वक्त हुई, जब गांव के रामनिवास कुशवाहा के घर के पास बने करीब 35 फीट गहरे कुएं में अचानक एक बैल गिर गया। बैल को कुएं में तड़पता देख गांव के दो युवक उसे सुरक्षित बाहर निकालने की नीयत से रस्सी के सहारे गहराई में उतरे और कुएं की तली में पहुंचते ही ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण दोनों का दम घुटने लगा और कुछ ही देर में ऊपर खड़े लोगों को उनकी आवाज आना बंद हो गई। उन्हें अचेत होते देख, बाहर खड़े दो अन्य ग्रामीण भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए फौरन कुएं में कूद गए, लेकिन अफसोस वे भी उसी जहरीली हवा की चपेट में आकर वहीं निढाल हो गए।


    रस्सियों और कांटों के सहारे ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू

    चार लोगों के नीचे उतरने के बाद भी जब काफी देर तक जब कुएं के भीतर से कोई हलचल नहीं हुई और किसी की आवाज बाहर नहीं आई, तो कुएं के मुहाने पर खड़े ग्रामीणों के होश उड़ गए और किसी अनहोनी की आशंका से वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए खुद ही बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों, हुक और कांटों के सहारे चारों अचेत लोगों को भारी मशक्कत के बाद एक-एक कर कुएं से बाहर निकाला गया। इसी बीच डायल-112 पुलिस को भी सूचना दी गई। रात करीब 9 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया।


    अस्पताल पहुंचते ही तीन को मृत घोषित किया

    अमरपाटन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीन ग्रामीणों को मृत घोषित कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष) पिता रामदास यादव, वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) पिता जगदीश यादव और राहुल यादव (34 वर्ष) पिता मोतीलाल यादव के रूप में हुई है। ये तीनों मृतक अहिरान टोला, खरमसेड़ा के ही रहने वाले थे। वहीं, चौथे ग्रामीण रामचंद्र यादव की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में इलाज जारी है।


    कुएं में भरा था घुटनों तक पानी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार

    बताया जा रहा है कि कुआं लगभग 35 फीट गहरा है, जिसमें घुटनों तक पानी भरा हुआ था। लेकिन लंबे समय से बंद रहने या हवा का प्रवाह न होने के कारण कुएं के निचले हिस्से में जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसें जमा हो गई थीं। अमरपाटन एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि ‘रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था, जिसे बचाने के लिए चार लोग नीचे उतरे थे। समय पर वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक का इलाज जारी है। प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने का लग रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।’

  • मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का काला दिन: मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में मौतों का तांडव, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

    मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का काला दिन: मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में मौतों का तांडव, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़


     मध्य प्रदेश: में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार चिंता बढ़ा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए कई दर्दनाक हादसों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मैहर, रायसेन, सिंगरौली और दमोह में हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    मैहर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। यहां सड़क किनारे काटे जा रहे एक सीसम के पेड़ के अचानक गिर जाने से बाइक उसकी चपेट में आ गई। हादसे के समय बाइक पर चार युवक-युवतियां सवार थे, जो मां शारदा के दर्शन के लिए जा रहे थे। बताया गया कि रास्ता भटकने के कारण वे दूसरे मार्ग पर पहुंच गए थे। इसी दौरान ट्रैक्टर की मदद से खींचा जा रहा पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा और बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना में दो युवाओं की मौत हो गई, जबकि दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों का उपचार जारी है और पुलिस पेड़ कटाई के दौरान बरती गई कथित लापरवाही की जांच कर रही है।

    रायसेन में एक और गंभीर सड़क हादसा सामने आया। शहर के बायपास क्षेत्र में बिजली के पोल लेकर जा रहे ट्रैक्टर के पीछे चल रही कार अचानक पोलों से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लंबे पोल कार के अगले हिस्से को चीरते हुए पीछे तक निकल गए। हादसे में कार सवार पति-पत्नी और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद एक घायल को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।

    सिंगरौली जिले में भी दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। बरगवा क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे मौजूद बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा।

    इसी जिले के जियावन क्षेत्र में एक अन्य सड़क हादसे में तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। दुर्घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।

    उधर दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रदेश में एक ही दिन में सामने आए इन हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग लोगों से यातायात नियमों का पालन करने तथा निर्माण और कटाई जैसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की अपील कर रहे हैं। सभी मामलों में जांच जारी है और दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • मैहर स्टेशन पर नवरात्रि मेले के लिए 15 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत

    मैहर स्टेशन पर नवरात्रि मेले के लिए 15 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मैहर स्टेशन पर आगामी नवरात्रि मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 15 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था 19 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। हर ट्रेन मैहर स्टेशन पर पांच मिनट रुकेगी, जिससे मां शारदा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नवरात्रि के समय मां शारदा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यह अस्थायी ठहराव लगाया गया है। प्रमुख ट्रेनों में लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गोरखपुर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस–छपरा एक्सप्रेस, चेन्नई–छपरा एक्सप्रेस, वलसाड–मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस और कोल्हापुर–धनबाद एक्सप्रेस शामिल हैं।

    इसके अलावा, एलएलटी–रक्सौल एक्सप्रेस, दुर्ग–नवतनवा एक्सप्रेस, पुणे–गोरखपुर एक्सप्रेस, पूर्णा–पटना एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस–अयोध्या कैंट एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक टर्मिनस–रांची एक्सप्रेस भी मैहर में रुकेंगी। अन्य ट्रेनों में बांद्रा टर्मिनस–पटना एक्सप्रेस, पुणे–बनारस एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गुवाहाटी एक्सप्रेस और सूरत–छपरा एक्सप्रेस शामिल हैं।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेनों के समय और ठहराव की अद्यतन जानकारी रेलवे की अधिकृत एनटीईएस ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से अवश्य प्राप्त करें।

    इस निर्णय से नवरात्रि मेले के दौरान मैहर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा और राहत मिलने की उम्मीद है।

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  • मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ

    मैहर में नशे पर बड़ी कार्रवाई: 40 लाख का गांजा जब्त, भूंसे के नीचे छिपाकर रखा था चार क्विंटल मादक पदार्थ


    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए गांजे की भारी खेप बरामद की है। उचेहरा थाना क्षेत्र के सखौंहा खुर्द गांव में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने भूंसे के नीचे छिपाकर रखा गया करीब चार क्विंटल गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उचेहरा थाना पुलिस को लंबे समय से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात विशेष टीम गठित कर सखौंहा खुर्द गांव में छापा मारा गया। यह कार्रवाई गांव निवासी रामाधार चौधरी के घर पर की गई, जहां मादक पदार्थ छिपाए जाने की आशंका जताई गई थी।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर के एक हिस्से में रखे भूंसे को हटाकर तलाशी ली, तो उसके नीचे प्लास्टिक की 15 बोरियां रखी हुई मिलीं। जब बोरियों को खोलकर देखा गया, तो उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया। तौल करने पर कुल गांजे का वजन करीब चार क्विंटल निकला। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने मौके से आरोपी रामाधार चौधरी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गांजे के अवैध कारोबार में संलिप्त था और इसे आसपास के जिलों सहित अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी में था। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि गांव में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लंबे समय से छिपाकर रखा गया था, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उचेहरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी का संबंध किसी अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह से है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।