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  • मुख्य द्वार की दिशा बदल सकती है घर का माहौल! वास्तु में इन दिशाओं को माना गया है नकारात्मक

    मुख्य द्वार की दिशा बदल सकती है घर का माहौल! वास्तु में इन दिशाओं को माना गया है नकारात्मक


    नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार सिर्फ घर में आने जाने का रास्ता नहीं माना जाता बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे घर की ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान बताया गया है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार की दिशा का असर घर के वातावरण और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ सकता है। इसी वजह से घर बनाते समय मुख्य द्वार की दिशा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हाल ही में सामने आई वास्तु संबंधी जानकारी में कुछ दिशाओं को मुख्य द्वार के लिए नकारात्मक बताया गया है। हालांकि ये बातें वास्तु शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार साउथ वेस्ट यानी दक्षिण पश्चिम दिशा में बना मुख्य द्वार सबसे अधिक नकारात्मक माना जाता है। इस दिशा को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहां मुख्य द्वार होने से घर में रहने वाले लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में इसे आर्थिक समस्याओं और दुर्घटनाओं से भी जोड़ा गया है। वास्तु के अनुसार दक्षिण पश्चिम दिशा में बने मुख्य द्वार को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

    दक्षिण पूर्व यानी साउथ ईस्ट दिशा को भी मुख्य द्वार के लिए नकारात्मक दिशाओं में शामिल किया गया है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में मुख्य द्वार होने पर घर में आर्थिक परेशानियां और अचानक आने वाली समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे पहले भी वास्तु से जुड़ी रिपोर्टों में दक्षिण पूर्व दिशा के मुख्य द्वार को घर में सामान के खोने या चोरी जैसी घटनाओं से जोड़ा गया है। साथ ही पैसों की आवक प्रभावित होने की बात भी कही गई है।

    उत्तर पूर्व यानी नॉर्थ ईस्ट दिशा को लेकर भी कुछ विशेष मान्यताएं बताई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दिशा में मुख्य द्वार होने पर आर्थिक परेशानी के साथ अग्नि से जुड़ी समस्याओं की आशंका बताई जाती है। वास्तु के अनुसार व्यक्ति के गलत फैसलों के कारण धन का नुकसान होने की बात भी कही गई है। वहीं उत्तर पश्चिम यानी नॉर्थ वेस्ट दिशा के मुख्य द्वार को लेकर मान्यता है कि इससे व्यक्ति के विरोधियों की संख्या बढ़ सकती है और सहयोग करने वाले लोगों की संख्या कम हो सकती है।

    वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को लेकर दिशा के साथ उसकी स्थिति और आसपास के वातावरण को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए घर बनवाते समय केवल दरवाजे की खूबसूरती या सुविधा पर ध्यान देने के बजाय वास्तु मान्यताओं के अनुसार उसकी दिशा पर भी विचार करने की सलाह दी जाती है। हालांकि किसी भी घर में आर्थिक नुकसान या दुर्घटना जैसी वास्तविक समस्याओं का कारण केवल मुख्य द्वार की दिशा को मानना उचित नहीं है। ऐसी घटनाओं के पीछे कई व्यावहारिक और वास्तविक कारण हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर मुख्य द्वार को लेकर वास्तु में अलग अलग दिशाओं के अलग प्रभाव बताए गए हैं। इनमें दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व दिशा को विशेष रूप से नकारात्मक माना गया है। वहीं इन दावों को वास्तु संबंधी मान्यता के रूप में ही देखना चाहिए न कि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर।

  • घर का मुख्य द्वार: जहां छोटी-सी गलतियां रोक सकती हैं तरक्की, जानें वास्तु के जरूरी नियम

    घर का मुख्य द्वार: जहां छोटी-सी गलतियां रोक सकती हैं तरक्की, जानें वास्तु के जरूरी नियम


    नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। माना जाता है कि अगर घर के प्रवेश द्वार के आसपास गलत चीजें रखी जाएं तो इसका सीधा असर परिवार की तरक्की, सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसलिए वास्तु में मुख्य द्वार को साफ, खुला और रोशनी से भरपूर रखने की सलाह दी जाती है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य द्वार पर कभी भी कूड़ा, टूटा-फूटा सामान या बेकार चीजें नहीं रखनी चाहिए। कई घरों में पुराने जूते-चप्पल या खराब सामान दरवाजे के पास रख दिया जाता है, जिसे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। इससे घर में तनाव और आर्थिक बाधाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए ऐसे सामान को तुरंत हटा देना चाहिए।

    इसके अलावा, मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पलों का ढेर लगाना भी शुभ नहीं माना जाता है। इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। जूतों को हमेशा एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि घर का वातावरण साफ और संतुलित बना रहे।

    वास्तु के अनुसार, घर के प्रवेश द्वार पर सूखे या कांटेदार पौधे भी नहीं रखने चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है। इनके स्थान पर हरे-भरे और खुशबूदार पौधे जैसे तुलसी रखना शुभ माना जाता है। साथ ही, मुख्य दरवाजे पर पर्याप्त रोशनी होना भी जरूरी है, क्योंकि अंधेरा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर की सुख-समृद्धि पर असर डाल सकता है।