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  • फिल्मी करियर छोड़ने के फैसले पर यश चोपड़ा ने लगाई थी फटकार, भाग्यश्री बोलीं- आज भी नहीं है कोई पछतावा

    फिल्मी करियर छोड़ने के फैसले पर यश चोपड़ा ने लगाई थी फटकार, भाग्यश्री बोलीं- आज भी नहीं है कोई पछतावा


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री भाग्यश्री ने अपनी पहली ही फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से देशभर के दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली थी। सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता साबित हुई। ऐसे समय में जब उनका करियर तेजी से ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा था, भाग्यश्री ने अचानक फिल्मी दुनिया से दूरी बनाने का फैसला कर लिया। यह निर्णय उस दौर में उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में भाग्यश्री ने अपने करियर के उस अहम मोड़ को याद करते हुए बताया कि उस समय उनकी जिंदगी में प्यार और परिवार सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुके थे। उन्होंने कहा कि वह बहुत कम उम्र में प्रेम में थीं और शादी कर अपना परिवार बसाना चाहती थीं। अभिनेत्री के अनुसार जब ‘मैंने प्यार किया’ रिलीज हुई, तब वह शादीशुदा थीं और मां बनने वाली थीं। उस दौर में फिल्मों के निर्माण और रिलीज के बीच लंबा अंतर होता था, इसलिए दर्शकों को यह बात ज्यादा पता नहीं चल पाई थी।

    भाग्यश्री ने कहा कि 20 वर्ष की उम्र में उन्हें एक कठिन फैसला लेना पड़ा था। उनके सामने एक ओर उभरता हुआ फिल्मी करियर था और दूसरी ओर उनका व्यक्तिगत जीवन। उन्होंने परिवार और रिश्तों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया और उसी राह पर आगे बढ़ीं। हालांकि बाद में उन्होंने कुछ फिल्मों में काम किया, लेकिन वे फिल्में मुख्य रूप से उनके पति हिमालय दासानी के साथ थीं।

    अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि अपने पति के साथ फिल्मों में काम करने का फैसला पूरी तरह व्यावहारिक सोच के आधार पर लिया गया था। उन्हें लगा था कि साथ काम करना आसान और सहज रहेगा, लेकिन दर्शकों ने इस जोड़ी को उस तरह स्वीकार नहीं किया जैसा उन्होंने उम्मीद की थी। भाग्यश्री के अनुसार युवावस्था में लिए गए कई फैसलों की तरह यह भी एक ऐसा निर्णय था, जिसे बाद में अलग नजरिए से देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने इसे गलती कहने के बजाय एक अनुभव माना और कहा कि उस समय उन्होंने और उनके पति ने साथ काम करते हुए अच्छे पल बिताए।

    इंटरव्यू के दौरान भाग्यश्री ने एक दिलचस्प खुलासा भी किया। उन्होंने बताया कि उनके फिल्मी करियर से दूरी बनाने के फैसले से कई बड़े फिल्म निर्माता निराश हो गए थे। अभिनेत्री के अनुसार प्रसिद्ध निर्देशक यश चोपड़ा ने उन्हें इस फैसले के लिए डांटा था। वहीं दिग्गज फिल्मकार मनमोहन देसाई भी उनके साथ काम करना चाहते थे और उन्होंने उनसे फिल्म के लिए हामी भरने का आग्रह किया था।

    हालांकि इतने बड़े अवसर हाथ से निकल जाने के बावजूद भाग्यश्री को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में जो भी निर्णय लिए, उन्हें पूरी समझ और ईमानदारी के साथ लिया। उनका मानना है कि परिवार को प्राथमिकता देना उस समय उनके लिए सबसे सही विकल्प था। हां, एक इच्छा जरूर रह गई कि यदि उन्हें यश चोपड़ा और मनमोहन देसाई जैसे महान फिल्मकारों के साथ काम करने का अवसर मिलता तो वह अनुभव बेहद खास होता।

    भाग्यश्री ने कहा कि जीवन में कुछ अवसर छूट जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्यक्ति पीछे मुड़कर केवल अफसोस करता रहे। उनके अनुसार जीवन आगे बढ़ने का नाम है और हर निर्णय अपने साथ कुछ नई सीख लेकर आता है। यही वजह है कि आज भी वह अपने करियर और निजी जीवन से जुड़े फैसलों को लेकर संतुष्ट हैं और उन्हें अपने चुनावों पर गर्व है।

  • फिल्म जगत में वेतन के अंतर पर अभिनेत्री का बेबाक नज़रिया, बताया क्यों मेकर्स को देनी पड़ी थी उन्हें बड़ी रकम।

    फिल्म जगत में वेतन के अंतर पर अभिनेत्री का बेबाक नज़रिया, बताया क्यों मेकर्स को देनी पड़ी थी उन्हें बड़ी रकम।


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में साल 1989 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस फिल्म ने न केवल प्रेम कहानियों की परिभाषा बदली, बल्कि सलमान खान और भाग्यश्री के रूप में दो ऐसे सितारों को जन्म दिया जिनकी केमिस्ट्री आज भी मिसाल दी जाती है। इस फिल्म से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला तथ्य यह है कि उस दौर में भी फिल्म की मुख्य अभिनेत्री को नायक की तुलना में कहीं अधिक भुगतान किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जहां सलमान खान को इस सुपरहिट फिल्म के लिए केवल 25 हजार रुपये मिले थे, वहीं भाग्यश्री को 1 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस दी गई थी। सालों बाद अब अभिनेत्री ने इस आर्थिक अंतर के पीछे की छिपी हुई वजहों और फिल्म उद्योग के व्यापारिक ढांचे पर खुलकर बात की है।

    भाग्यश्री ने हाल ही में साझा किया कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार की फीस का निर्धारण केवल उसकी कला पर नहीं, बल्कि ‘सप्लाई और डिमांड’ यानी मांग और आपूर्ति के नियम पर आधारित होता है। उनके अनुसार, फिल्म निर्माण अंततः एक व्यवसाय है। जब वह इस फिल्म का हिस्सा बनीं, तब उनकी बाजार में स्थिति और निर्माता की जरूरतों ने उन्हें एक मजबूत मोलभाव करने की शक्ति दी थी। अभिनेत्री का तर्क है कि यदि किसी निर्माता को लगता है कि कोई विशिष्ट कलाकार ही उस भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ है और उसका कोई विकल्प मौजूद नहीं है, तो उसे उस कलाकार की शर्तों को मानना ही पड़ता है। यह पूरी तरह से एक बिजनेस स्ट्रैटेजी है जहां आपकी उपयोगिता ही आपकी कीमत तय करती है।

    सिनेमा जगत में वेतन समानता यानी पे-पैरिटी के गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए भाग्यश्री ने काफी यथार्थवादी रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को इंडस्ट्री में तब तक उचित पारिश्रमिक नहीं मिल सकता जब तक वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट नहीं होतीं। उन्होंने बाजार की अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि हमेशा कोई न कोई ऐसा कलाकार मौजूद रहता है जो कम कीमत पर काम करने या अपने काम की गुणवत्ता से समझौता करने को तैयार हो जाता है। ऐसे में जो कलाकार अपनी शर्तों पर अड़े रहते हैं, उन्हें कई बार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, काम केवल धन के लिए नहीं बल्कि रचनात्मक संतुष्टि के लिए भी किया जाता है, लेकिन पेशेवर जगत में अपनी वैल्यू पहचानना अनिवार्य है।

    भाग्यश्री द्वारा साझा किया गया यह अनुभव आज के दौर में भी प्रासंगिक है, जहां अक्सर पुरुष और महिला कलाकारों के बीच बढ़ते वेतन अंतर पर बहस होती रहती है। उस समय सलमान खान अपनी शुरुआती पारी खेल रहे थे और भाग्यश्री की यह पहली फिल्म थी, फिर भी एक अभिनेत्री का अभिनेता से चार गुना ज्यादा पैसा लेना उस दौर की स्थापित परंपराओं को तोड़ने जैसा था। फिल्म में ‘सुमन’ के उनके किरदार ने उन्हें रातों-रात लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचा दिया था। उनके द्वारा किया गया यह खुलासा यह समझने में मदद करता है कि फिल्म उद्योग में सितारों की चमक के पीछे जटिल व्यावसायिक निर्णय और मोलभाव की बड़ी भूमिका होती है।

  • 'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।

    'मैंने प्यार किया' के 37 साल बाद भी बरकरार है भाग्यश्री की मासूमियत का जादू।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री आज इंडस्ट्री की जानी मानी एक्ट्रेस हैं। अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल जीतने वाली भाग्यश्री ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से बॉलीवुड में डेब्यू में किया था।

    भाग्यश्री
    इस फिल्म ने भाग्यश्री और सलमान खान को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। फिल्म की कहानी ही नहीं, बल्कि इसके गाने भी काफी हिट रहे, जिसे आज भी काफी पसंद किया जाता है।

    भाग्यश्री की एक बहन मधुवंती

    लेकिन क्या आप जानते हैं भाग्यश्री की तरह ही उनकी बहन भी एक्ट्रेस रही हैं। हालांकि, उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं। जी हां, भाग्यश्री की एक बहन हैं, जिनका नाम मधुवंती पटवर्धन है।

    भाग्यश्री ने सलमान संग किया डेब्यू
    मधुवंती ने भी अपनी बहन भाग्यश्री की तरह ही बड़े सुपरस्टार के साथ डेब्यू किया था। हालांकि, जब भाग्यश्री ने सलमान के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े स्टार नहीं थे।

    दो आंखें बारह हाथ

    वहीं, मधुवंती ने जब 1997 में जब गोविंदा के साथ डेब्यू किया तब वो बड़े सुपरस्टार थे। मधुवंती ने गोविंदा के साथ ‘दो आंखें बारह हाथ’ साइन की थी तब उन्हें लगा कि ये उनके करियर के लिए सबसे अच्छा लॉन्च है।

    गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार

    ‘दो आंखें बारह हाथ’ को गोविंदा के भाई कीर्ति कुमार ने डायरेक्ट किया था। उस वक्त गोविंदा का अच्छा खासा काम चल रहा था। वहीं, ये उनके घर की फिल्म थी, तो जब भी उन्हें टाइम मिलता था वो इसके लिए काम करते।

    मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई
    हालांकि, कहानी कहा जा रही है, बाकी चीजों कैसी हैं, इस पर गोविंदा ने भी कभी ध्यान नहीं दिया। इसे अच्छा बनाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन कभी देरी की वजह से कभी पैसों की दिक्कत के चलते ये मूवी पूरी तरह से बर्बाद हो गई।

    बुरी तरह से पिट गई फिल्म
    ‘दो आंखें बारह हाथ’ फिल्म जब रिलीज हुई तब भी इसने जरा भी अच्छी छाप नहीं छोड़ी। मधुवंती को लगा था कि ये उनके करियर की लिए बेस्ट साबित होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये मूवी बुरी तरह से पिट गई।

    मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं

    फिल्म को रिलीज होने के काफी वक्त लगा, कहानी भी कुछ खास नहीं थी। वहीं, देखा जाए तो मधुवंती का रोल तो कुछ था ही नहीं। वहीं, जब गोविंदा किसी फिल्म में होते हैं तो सबकी नजरें सिर्फ गोविंदा पर ही होती थी।

    मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया

    ऐसे में मधुवंती अपनी एक्टिंग और डांसिंग से वो चार्म नहीं ला पाई कि वो ऑडियंस को लुभा पाए। यही वजह थी ये फिल्म औंधे मुंह गिरी और मधुवंती का करियर पूरी तरह से ठप पड़ गया।