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  • NTA की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी….. पूरी प्रक्रिया की समीक्षा में जुटी सरकार

    NTA की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी….. पूरी प्रक्रिया की समीक्षा में जुटी सरकार


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) (National Testing Agency -NTA) की मौजूदा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए परीक्षाओं के आयोजन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की पहचान, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, परिणाम तैयार करने और शिकायतों के निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा (Review) की जा रही है।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) लगातार विशेषज्ञों के साथ बैठकें कर रहे हैं। मंत्रालय का जोर एनटीए के पूरे परीक्षा तंत्र को अधिक मजबूत, विश्वसनीय, तकनीक-सक्षम और पारदर्शी बनाने पर है। इसके लिए देश और दुनिया में अपनाई जा रही सफल व्यवस्थाओं यानी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का अध्ययन किया जा रहा है। कई महत्वपूर्ण बदलावों की तैयारी है। इनमें परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षित संचालन, परीक्षा केंद्रों की जवाबदेही, तकनीकी सुरक्षा, मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया को और मजबूत करना शामिल है।


    बेस्ट प्रैक्टिसेज होंगी साझा

    एनटीए में सुधार के लिए विभिन्न संस्थानों, परीक्षा विशेषज्ञों और तकनीकी विशेषज्ञों से बेस्ट प्रैक्टिसेज साझा करने को कहा जा रहा है। उद्देश्य विश्वसनीयता कायम रखना है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में एक संयुक्त सचिव, तीन निदेशक और एक संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की है।

    कार्मिक मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक, 2005 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) अधिकारी अंशुमान शर्मा को पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए एनटीए में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। मंत्रालय की ओर से 27 अगस्त को जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार, भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के अधिकारी सत्या एस., भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी रवि कुमार सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी. को निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं, 2016 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) के अधिकारी अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।

    मंत्रालय के सर्कुलर के अनुसार, नियुक्त अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर अपना नया पद संभालना होगा। हाल ही में सरकार ने एनटीए की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलावों की घोषणा की थी।


    कौन से बदलाव संभावित

    – प्रश्नपत्र सुरक्षा : प्रश्नपत्रों की डिजिटल एन्क्रिप्शन, सुरक्षित भंडारण और परीक्षा शुरू होने तक बहु-स्तरीय एक्सेस कंट्रोल।
    – अभ्यर्थी की पहचान : आधार/डिजिटल आईडी के साथ बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन जैसी बहु-स्तरीय पहचान व्यवस्था।
    – परीक्षा केंद्रों की निगरानी : सीसीटीवी की लाइव मॉनिटरिंग, एआई आधारित संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और केंद्रों की रियल टाइम निगरानी।
    – परीक्षा केंद्रों का चयन : केंद्रों की रैंकिंग और जोखिम के आधार पर उनकी नियमित ऑडिटिंग, ताकि संदिग्ध या कमजोर केंद्रों को हटाया जा सके।
    – चार-स्तरीय जांच : प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग, वितरण और परीक्षा संचालन तक अलग-अलग स्तरों पर स्वतंत्र सत्यापन।
    – तकनीकी सुरक्षा : सर्वर, परीक्षा सॉफ्टवेयर और डेटा के लिए साइबर सिक्योरिटी ऑडिट, लॉग मॉनिटरिंग और बैकअप व्यवस्था।

  • बीजेपी संगठन में जल्द बड़ा बदलाव, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं-महिलाओं को मिल सकती है जगह

    बीजेपी संगठन में जल्द बड़ा बदलाव, नितिन नवीन की नई टीम में युवाओं-महिलाओं को मिल सकती है जगह


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को पार्टी की नई टीम का ऐलान हो सकता है। जनवरी में नितिन नवीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और अब उनके नेतृत्व में संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक नई टीम में एक कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 9 राष्ट्रीय महामंत्रियों की नियुक्ति हो सकती है। इसके अलावा करीब 15 मंत्री भी बनाए जाने की चर्चा है। बीजेपी के संविधान में संशोधन के बाद संगठन में 33 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। ऐसे में नई टीम में महिलाओं और युवाओं को खास प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। प्रत्येक वर्ग में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से कम से कम तीन पदाधिकारी शामिल किए जा सकते हैं।

    पार्ल्यामेंट्री बोर्ड का भी होगा गठन
    बीजेपी की सबसे बड़ी निर्णायक संस्था पार्ल्यामेंट्री बोर्ड का भी नए सिरे से गठन होना है। इसमें अध्यक्ष समेत अधिकतम 11 सदस्य हो सकते हैं। इसके साथ ही केंद्रीय चुनाव समिति का भी गठन किया जाएगा। फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनाती श्रीनिवासन और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव इसके सदस्य हैं।

    राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी बदलाव
    पार्टी की रणनीति और महत्वपूर्ण फैसलों पर विचार करने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी गठन किया जाना है। इसमें अध्यक्ष के अलावा 120 सदस्य हो सकते हैं। इनमें 40 महिलाओं का होना जरूरी है। वहीं राष्ट्रीय परिषद में राज्य परिषदों के निर्वाचित सदस्य, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषद और विधानसभा के नेताओं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा 20 मनोनीत सदस्य शामिल होंगे।

    युवाओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
    नितिन नवीन पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उन्होंने अपनी नई टीम तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि उनकी टीम में युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी दी जा सकती है। संगठन में बदलाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    मौजूदा संगठन में कई बड़े चेहरे
    वर्तमान बीजेपी संगठन में चार सदस्यीय मार्गदर्शक मंडल है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं। वहीं संसदीय बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीए येदियुरप्पा, सर्वानंद सोनोवाल, के. लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया और बीएल संतोष शामिल हैं।

    मौजूदा संगठन में 11 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 7 राष्ट्रीय महासचिव, एक संयुक्त महासचिव, 11 राष्ट्रीय सचिव, सात मोर्चा अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, मीडिया सह-प्रभारी, कोषाध्यक्ष और सह-कोषाध्यक्ष समेत कई पद हैं। नई टीम में इन पदों पर बदलाव के साथ बीजेपी संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तस्वीर साफ हो सकती है।

  • कोर्ट Procedures में बड़े बदलाव की तैयारी… इमरजेंसी में आधी रात को भी SC जा सकेंगे फरियादी

    कोर्ट Procedures में बड़े बदलाव की तैयारी… इमरजेंसी में आधी रात को भी SC जा सकेंगे फरियादी


    नई दिल्ली।
    CJI यानी भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत (Chief Justice of India Surya Kant) ने अदालतों की कार्य प्रणाली (Court Procedures) में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी की है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा है कि मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोई भी व्यक्ति आधी रात को भी अदालतों का दरवाजा खटखटा सकेगा। साथ ही शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने काम में तेजी लाने के लिए SOP जारी की है, जिसमें वकीलों की दलील और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    सीजेआई सूर्य कांत ने कहा, ‘मेरी कोशिश है कि शीर्ष न्यायालय और उच्च न्यायालयों को जनता की अदालत बनाया जा सके, ताकि लीगल इमरजेंसी के समय वह किसी भी समय अदालत का दरवाजा खटखटा सके।’ उन्होंने कहा, ‘संवैधानिक अदालतें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की तरह काम करेंगी। लीगल इमरजेंसी के समय कोई भी नागरिक मामले को सुलझाने और व्यक्ति के अधिकारों और आजादी की सुरक्षा के लिए आधी रात को भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।’


    SOP में क्या है

    सीजेआई समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया है। इसमें मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया है, ‘वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा न्यायालय को ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ (एओआर) को पहले से उपलब्ध कराए गए उपस्थिति पर्ची जमा करने के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।’

    इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बहस करने वाले वकील, अपने एओआर या पीठ द्वारा नामित नोडल वकील (यदि कोई हो) के माध्यम से, सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले दूसरे पक्ष को एक प्रति देने के बाद संक्षिप्त नोट या लिखित प्रस्तुति दाखिल करेंगे। यह पांच पृष्ठ से अधिक का नहीं होगा।