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  • डोनाल्ड ट्रंप और किंम जोंग उन के बीच इसी साल नवंबर में होने वाली है बड़ी मीटिंग

    डोनाल्ड ट्रंप और किंम जोंग उन के बीच इसी साल नवंबर में होने वाली है बड़ी मीटिंग


    नई दिल्ली।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन (North Korean leader Kim Jong Un) के बीच एक बार फिर आमने-सामने मुलाकात की तैयारी चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अपने अधिकारियों से इस साल नवंबर में किम के साथ बैठक कराने को लेकर चर्चा कर रहे हैं. यह मुलाकात ट्रंप की एशिया यात्रा के दौरान चीन के शेनझेन में होने वाली एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (Asia-Pacific Economic Cooperation) यानी APEC बैठक के आसपास हो सकती है।

    ट्रंप और किम की संभावित मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और नॉर्थ कोरिया के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चर्चा में है. खास बात यह है कि ट्रंप ने हाल ही में दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली संयुक्त सैन्य ड्रिल को सीमित करने का निर्देश दिया है।

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये सैन्य अभ्यास महंगे हैं और नॉर्थ कोरिया के लिए एक गलत और दुश्मनी के संकेत भेजते हैं. उन्होंने दक्षिण कोरिया की तरफ से ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की जंग में मदद नहीं करने पर भी नाराजगी जताई।


    ट्रंप ने बताया किम जोंग उन मिलने को तैयार, दिया रिस्पॉन्स

    राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को यह भी दावा किया कि किम जोंग उन ने उनके हालिया संपर्क का जवाब दिया है. जब उनसे पूछा गया कि किम ने उनकी बातचीत की अपील का जवाब क्यों नहीं दिया, तो ट्रंप ने कहा, “आपको कैसे पता कि उसने जवाब नहीं दिया?” इसके बाद उन्होंने कहा, “हां, उसने जवाब दिया है.”

    राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बातचीत को “बहुत सकारात्मक” बताया, हालांकि उन्होंने इसकी कोई जानकारी साझा नहीं की. नॉर्थ कोरिया की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. उधर, दक्षिण कोरिया ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास का मकसद नॉर्थ कोरिया पर हमला करना नहीं है.

    पहले कब-कब मिले ट्रंप-किम?
    अगर ट्रंप और किम जोंग उन की प्रस्तावित मुलाकात होती है, तो यह ट्रंप के पहले कार्यकाल के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक होगी. इससे पहले दोनों नेताओं के बीच तीन अहम मुलाकातें हो चुकी हैं:

    – जून 2018, सिंगापुर समिट: ट्रंप और किम की यह पहली ऐतिहासिक मुलाकात थी. किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और नॉर्थ कोरिया के नेता के बीच पहली बार आमने-सामने बातचीत हुई. दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने पर सहमति जताई.

    – फरवरी 2019, हनोई समिट: दोनों नेताओं की दूसरी औपचारिक बैठक वियतनाम के हनोई में हुई. हालांकि, परमाणु निरस्त्रीकरण और नॉर्थ कोरिया पर लगे प्रतिबंधों में राहत को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई.

    – जून 2019, DMZ मुलाकात: ट्रंप और किम ने कोरियाई सीमा पर स्थित डिमिलिटराइज्ड जोन यानी DMZ में अचानक मुलाकात की. इस दौरान ट्रंप नॉर्थ कोरिया की सीमा में कुछ कदम अंदर जाने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने. यह मुलाकात काफी प्रतीकात्मक रही और दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत कूटनीति की एक और मिसाल बनी.

  • दतिया हार के बाद भाजपा में समीक्षा शुरू, सीएम आवास पर हुई बड़ी बैठक, भीतरघात की होगी जांच

    दतिया हार के बाद भाजपा में समीक्षा शुरू, सीएम आवास पर हुई बड़ी बैठक, भीतरघात की होगी जांच


    भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक समीक्षा तेज कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल स्थित आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में चुनावी नतीजों, भीतरघात की शिकायतों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी ने पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का भी गठन किया है।

    सोमवार को आए उपचुनाव परिणामों में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह सहित करीब दो दर्जन वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने भी बैठक में पहुंचकर कथित भीतरघात से जुड़े ऑडियो साक्ष्य संगठन के समक्ष रखे।

    भीतरघात और फर्जी प्रचार की होगी जांच
    सूत्रों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के कारण कुछ स्थानीय पार्षदों और संगठन पदाधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित भ्रामक पोस्ट और फर्जी पत्रों की भी जांच होगी। ऐसे मामलों में शामिल लोगों की सूची तैयार कर उनके राजनीतिक संबंधों की पड़ताल की जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने टिकट नहीं मिलने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

    दो सदस्यीय जांच समिति गठित
    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनावी हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई है। समिति जमीनी स्तर पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।

    खंडेलवाल ने स्पष्ट कहा कि भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और संगठन के नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

    पार्टी के भीतर भी उठे सवाल
    चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के भीतर से भी आत्ममंथन की आवाजें सामने आई हैं। पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर “आत्ममंथन का समय…” लिखकर संगठन को संकेत दिया, जबकि टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्यकर्ताओं की जगह अधिकारी प्रभावी होने लगते हैं तो चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं।

    जनादेश स्वीकार, भविष्य की तैयारी
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और भाजपा जनादेश का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कमियों का आकलन करेगी और भविष्य में अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी।

    दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 66,757 (42.39%) और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 (38.57%) मत मिले। हार के बाद भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनावी रणनीति की समीक्षा का अभियान शुरू कर दिया है।