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  • राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: अप्रैल 2027 तक 3 राशियों की बदलेगी किस्मत, बन रहे लाभ के योग

    राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: अप्रैल 2027 तक 3 राशियों की बदलेगी किस्मत, बन रहे लाभ के योग


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहु को मायावी और रहस्यमयी ग्रह माना जाता है। राहु ने 1 अगस्त को मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश किया है और अप्रैल 2027 तक इसी नक्षत्र में संचरण करेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र को धन, समृद्धि, संगीत और प्रसिद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

    ज्योतिष के अनुसार, मंगल के नक्षत्र में राहु का यह लंबा प्रवास कई राशियों के जीवन में सकारात्मक और बड़े बदलाव ला सकता है। इनमें मेष, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

    मेष राशि: अटकी योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर मेष राशि वालों के लिए शुभ माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में साहस और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है। लंबे समय से अटकी योजनाओं को गति मिलने के साथ नया कारोबार शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी है।

    मकर राशि: तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे
    धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध मकर और कुंभ राशि से माना जाता है। मकर राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर ला सकता है। समाज और कार्यस्थल पर प्रभाव बढ़ेगा। पदोन्नति और नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग बन सकते हैं। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी होने की संभावना है। निवेश से भी बड़ा फायदा मिलने के संकेत हैं।

    कुंभ राशि: आय के कई स्रोत बन सकते हैं
    कुंभ राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2027 तक का समय आर्थिक मामलों में बड़ा बदलाव ला सकता है। आय के एक से अधिक स्रोत बनने के योग हैं। विदेश से जुड़े कारोबार या विदेशी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेंगे, जो करियर में आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकते हैं।

    राहु के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय
    – शनिवार को किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सरसों का तेल या काले तिल का दान करें।
    – राहु के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए भगवान काल भैरव या भगवान शिव की आराधना करें।
    – नियमित रूप से ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र का जाप करें।