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  • ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट में छिपा रोहित शेट्टी का बड़ा प्लान, 8 जनवरी को फिल्म रिलीज करने के पीछे गुजरात कनेक्शन

    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट में छिपा रोहित शेट्टी का बड़ा प्लान, 8 जनवरी को फिल्म रिलीज करने के पीछे गुजरात कनेक्शन

    नई दिल्ली । रोहित शेट्टी ने अपनी फिल्म ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। 8 जनवरी 2027 को रिलीज हो रही फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, कुणाल खेमू और शरमन जोशी जैसे एक्टर्स नजर आने वाले हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोहित शेट्टी अपनी इस कल्ट क्लासिक गोलमाल सीरीज की 5वीं फिल्म 8 जनवरी, नॉन फेस्टिवल के मौके पर क्यों रिलीज कर रहे हैं? डायरेक्टर ने इस रिलीज डेट के पीछे खास रणनीति बनाई है।

    गोलमाल 5 का गुजरात से कनेक्शन

    आमतौर पर कोई भी फिल्ममेकर अपनी फिल्म को किसी फेस्टिवल या हॉलिडे के मौके पर रिलीज करना पसंद करता है। इसकी बड़ी वजह इन फेस्टिवल और हॉलिडे के सेलिब्रेशन से फिल्म को होने वाला आर्थिक फायदा है। लेकिन रोहित शेट्टी ने 8 जनवरी 2027 के दिन अपनी फिल्म रिलीज करने की तैयारी कर ली है। पहली वजह 24 दिसंबर को रिलीज हो रही शाहरुख खान की ‘किंग’ को दो हफ्ते का समय देना है। दूसरी वजह गुजरात है।

    इसलिए 8 जनवरी को रिलीज हो रही फिल्म

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जनवरी 2027 तक ऑडियंस शाहरुख खान की ‘किंग’ और ‘एवेंजर्स डूम्सडे’ से उभर चुकी होगी। दूसरी बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि रोहित शेट्टी की फिल्में गुजरात में शानदार प्रदर्शन करती हैं। 8 जनवरी 2027 के अगले हफ्ते यानी 14 जनवरी को गुजरात में मकर संक्रांति का जश्न मनाया जाएगा। इसके साथ ही एक लॉन्ग वीकेंड आने वाला है। ऐसे में रोहित शेट्टी की फिल्म नॉन-फेस्टिवल तारीख पर रिलीज होकर भी फेस्टिवल का फायदा लेने की तैयारी में है।

    फिल्म के गुजरात में चलने की एक बड़ी वजह यह भी है कि गोलमाल का पहला पार्ट, जो साल 2006 में आया था, एक गुजराती नाटक पर आधारित था, जिसे नीरज वोरा ने लिखा था।

    गोलमाल 5 को मिलेंगे दो हफ्ते

    रोहित शेट्टी ने अपनी फिल्म ‘गोलमाल 5’ को 14 जनवरी को रिलीज नहीं किया। इसके पीछे की वजह अगले हफ्ते 21 जनवरी को संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की रिलीज बताई जा रही है। ऐसे में डायरेक्टर अपनी फिल्म के लिए साफ दो हफ्ते चाहते थे। 8 जनवरी से 21 जनवरी तक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चलने का पर्याप्त समय पा सकती है।

    गोलमाल फ्रेंचाइजी की फिल्में

    रोहित शेट्टी को इंडस्ट्री में पहचान फिल्म ‘गोलमाल’ ने दिलाई थी। यह कल्ट कॉमेडी फिल्म साल 2006 में रिलीज हुई थी। खुद डायरेक्टर ने बताया था कि उन्हें यह कहानी नीरज वोरा ने दी थी, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल होने के साथ ऑडियंस के लिए भी खास बन गई। इसके बाद साल 2008 में ‘गोलमाल रिटर्न्स’ रिलीज हुई। साल 2010 में ‘गोलमाल 3’ और साल 2017 में ‘गोलमाल अगेन’ आई।

    गोलमाल 5 की कहानी साउथ इंडिया पर बेस्ड होगी?

    अब ‘गोलमाल 5’ आ रही है। फिल्म की पुरानी कास्ट में अब अक्षय कुमार की भी एंट्री हो गई है। हालांकि, मेकर्स ने जो मोशन पोस्टर शेयर किया है, उसमें अक्षय नजर नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह फिल्म में विलेन बने होंगे। फिल्म के पोस्टर से एक और संकेत मिला है कि इस बार की कहानी साउथ इंडिया पर आधारित हो सकती है। शेयर किए गए पोस्टर पर एक बाइक नजर आ रही है और उस पर तमिलनाडु का नंबर है। फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों में अब उत्सुकता बनी हुई है।

  • सनातन धर्म में 5 प्रमुख स्नान 2026: तन-मन की शुद्धि और मोक्ष के लिए ये दिन न चूकें

    सनातन धर्म में 5 प्रमुख स्नान 2026: तन-मन की शुद्धि और मोक्ष के लिए ये दिन न चूकें


    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में नदियों और पवित्र जलाशयों में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विशेष तिथियों पर पवित्र जल में स्नान करने से तन और मन की शुद्धि होती है, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति भी संभव होती है। वर्ष 2026 में कई ऐसे शुभ अवसर हैं, जब श्रद्धालु आस्था के साथ पवित्र नदियों में स्नान करेंगे। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा, गंगा दशहरा और कार्तिक पूर्णिमा इस वर्ष के प्रमुख स्नान पर्व हैं।
    1. मकर संक्रांति स्नान 14 जनवरी
    मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है और इसे नए मौसम की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सूर्यदेव के उत्तरायण होने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पवित्र नदियों में स्नान करने से तन और मन दोनों शुद्ध होते हैं। इस अवसर पर दान-पुण्य करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। मकर संक्रांति के दिन स्नान करना केवल आध्यात्मिक लाभ ही नहीं देता, बल्कि यह नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का संकेत भी माना जाता है।
    2. मौनी अमावस्या स्नान 18 जनवरी
    माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन गंगा का जल विशेष रूप से पवित्र और अमृतमय हो जाता है। मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है। इस दिन मौन व्रत रखना और श्रद्धा के साथ स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। साथ ही, दान-पुण्य और सत्संग करने से आध्यात्मिक लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
    3. माघ पूर्णिमा स्नान 1 फरवरी
    माघ पूर्णिमा का दिन सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के साथ-साथ दान-पुण्य करना भी बहुत शुभ होता है। तिल, अनाज, वस्त्र, घी और कंबल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति कई गुना बढ़ जाती है। माघ पूर्णिमा के स्नान से व्यक्ति की आत्मा और शरीर दोनों शुद्ध होते हैं और इसे वर्ष का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसर माना जाता है। वर्ष 2026 में यह स्नान 1 फरवरी को पड़ेगा।
    4. गंगा दशहरा स्नान 25 मई
    गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस अवसर पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा दशहरा का स्नान श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन स्नान करने से आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 25 मई को मनाया जाएगा।
    5. कार्तिक पूर्णिमा स्नान 24 नवंबर
    कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों और जलाशयों में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन दीपदान और दान-पुण्य करने से आत्मिक शुद्धि होती है और पापों का नाश होता है। कार्तिक पूर्णिमा के स्नान से आध्यात्मिक लाभ के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 24 नवंबर को है और यह सभी भक्तों के लिए एक पवित्र अवसर है।

    सनातन धर्म में विशेष तिथियों पर पवित्र जल में स्नान करना न केवल तन-मन की शुद्धि करता है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति भी लाता है।

    वर्ष 2026 में मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा, गंगा दशहरा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे दिन सभी भक्तों के लिए पवित्र स्नान करने का सुनहरा अवसर प्रदान करेंगे। श्रद्धा और आस्था के साथ स्नान करने से न केवल धार्मिक लाभ मिलते हैं बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
  • जनवरी 2026 व्रत त्यौहार मकर संक्रांति से बसंत पंचमी तक जानें जनवरी में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार

    जनवरी 2026 व्रत त्यौहार मकर संक्रांति से बसंत पंचमी तक जानें जनवरी में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहार


    नई दिल्ली ।जनवरी 2026 हिंदू पंचांग के अनुसार एक विशेष महीना है क्योंकि इस महीने माघ माह की शुरुआत होती है जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह महीना विभिन्न व्रतों और त्योहारों से भरा होता है जिनका सामाजिक और धार्मिक जीवन में गहरा महत्व है। खासकर मकर संक्रांति से लेकर बसंत पंचमी तक इन दिनों का पालन लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ करते हैं।

    मकर संक्रांति 14 जनवरी

    मकर संक्रांति हिंदू कैलेंडर के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग तिल और गुड़ के साथ खिचड़ी बनाते हैं और दान पुण्य करते हैं। मकर संक्रांति का विशेष महत्व इस दिन सूर्य की उपासना और उत्तरायण के शुभारंभ के रूप में होता है।

    लोहड़ी 13 जनवरी

    लोहड़ी पंजाब और अन्य उत्तरी राज्यों में धूमधाम से मनाया जाने वाला पर्व है। इसे सर्दी के मौसम के अंत और फसल के कटने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन लोग आग जलाकर उस पर तिल गुड़ और मूंगफली डालते हैं और इसके साथ ही गाते-बजाते हैं।

    सकट चौथ 19 जनवरी

    सकट चौथ को विशेष रूप से महिलाएं व्रत रखकर संतान सुख और पारिवारिक सुख की कामना करती हैं। इस दिन महिलाएं व्रत करती हैं और घर-घर खास पकवान बनते हैं। व्रत का पालन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।

    मौनी अमावस्या 20 जनवरी

    मौनी अमावस्या को विशेष रूप से उपवास और मौन रहने का दिन माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और तर्पण करने की परंपरा है। भक्तगण इस दिन उपवास रखते हुए अपनी बुराईयों और पापों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

    बसंत पंचमी 25 जनवरी

    बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और यह विशेष रूप से सरस्वती पूजा के रूप में मनाई जाती है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है और नए ज्ञान की प्राप्ति के लिए लोग विशेष आयोजन करते हैं। पीले रंग की विशेषता के साथ यह दिन उल्लास और उत्सव का प्रतीक बन जाता है। जनवरी का महीना कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक अवसरों के साथ आता है। इस दौरान श्रद्धालु इन व्रतों और त्योहारों का पालन करके जीवन में सुख समृद्धि और पुण्य की कामना करते हैं।